राष्ट्रीय स्वर्णकार सरकार दल भारत नें प्रेस से मिलिए कार्यक्रम को संबोधित किया इटावा / प्रदीप सोनी संयोजक राष्ट्रीय स्वर्णकार सरकार दल भारत ने प्रेस से मिलिये कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा- आज से पूर्व के विगत वर्षों से निस्तर अभिभावक - सरकार के ढुलमुल नीति के कारण स्कूलों क आर्थिक बोझ तले आधिक अनैतिक लोको घुटन महसूस कर रहे हैं। वहीं स्कूल - वहीं बच्चा जिसकी प्रवेश फीस हरवलास में आने के बाद हर वर्ष वसूली जा रही - ये वो यहीं नहीं एला अब वे कितावें पढ़ने पर मजबूर किया जा रहा जिसकी अधिकतम कीमत 30 रु० से ज्यादा नहीं होनी चाहिये 200 200 से से 400/रु.पर जो निश्चित 40 से पुस्तक पर खरीदने को वाध्य किया जा रहा। 75% तक के कमीशन पर विद्यालय चला रहे अवतक स्कूल ड्रेस सूज SOK भी निश्चित कमीशन लेकर विद्यालय बाध्य कर रहे। श्री सोनी ने आगे कहा वजीफा, सिक्योरिटी फीस के नाम से अलग बरिया विद्यालयों ने अपना रखा है। जो कभी वापिस नहीं किया जाता कोई बच्चा बिना नोकरी नहीं होता। उन्होंने खान सर का उदाहरण देते हुये कहा- आज अमा शासन NCERT की पुस्तकें लागू करवाये क्योंकि जोड़, घराना भाग, गुणा, आज जन्म जन्मात्तर से नहीं बदला और कोई नया वखिर्तन होता है तो उसी में जोड़ दे। सरकारी स्कूलों में क्यों नहीं चढ़ोत ? शासन को चाहिये उप स्कूलों का स्तर सुधासे के लिये BSA. ABSA आदि समय से मानीटरिंग करे जिससे अभिभावक और बच्चों का भरोसा न टूटे। स्कूलों के व्यवसायी करन पर रोक लगें अन्यथा इरावा ही नहीं पूरे देश के अभिभावकों का जनाकोश केलने को तैयार रहे ये कारंवा निरन्तर बढ़ेगा अगला अभिभावक आन्दोलन शीध नगर पालिका से शुरू किया जायेगा-चेतावनी कार्यक्रम में प्रजेन्द्र यादव, श्याम सिंह वर्मा, मुकेश वाथम, 1. आलोक दीक्षित
राष्ट्रीय स्वर्णकार सरकार दल भारत नें प्रेस से मिलिए कार्यक्रम को संबोधित किया इटावा / प्रदीप सोनी संयोजक राष्ट्रीय स्वर्णकार सरकार दल भारत ने प्रेस से मिलिये कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा- आज से पूर्व के विगत वर्षों से निस्तर अभिभावक - सरकार के ढुलमुल नीति के कारण स्कूलों क आर्थिक बोझ तले आधिक अनैतिक लोको घुटन महसूस कर रहे हैं। वहीं स्कूल - वहीं बच्चा जिसकी प्रवेश फीस हरवलास में आने के बाद हर वर्ष वसूली जा रही - ये वो यहीं नहीं एला अब वे कितावें पढ़ने पर मजबूर किया जा रहा जिसकी अधिकतम कीमत 30 रु० से ज्यादा नहीं होनी चाहिये 200 200 से से 400/रु.पर जो निश्चित 40 से पुस्तक पर खरीदने को वाध्य किया जा रहा। 75% तक के कमीशन पर विद्यालय चला रहे अवतक स्कूल ड्रेस सूज SOK भी निश्चित कमीशन लेकर विद्यालय बाध्य कर रहे। श्री सोनी ने आगे कहा वजीफा, सिक्योरिटी फीस के नाम से अलग बरिया विद्यालयों ने अपना रखा है। जो कभी वापिस नहीं किया जाता कोई बच्चा बिना नोकरी नहीं होता। उन्होंने खान सर का उदाहरण देते हुये कहा- आज अमा शासन NCERT की पुस्तकें लागू करवाये क्योंकि जोड़, घराना भाग, गुणा, आज जन्म जन्मात्तर से नहीं बदला और कोई नया वखिर्तन होता है तो उसी में जोड़ दे। सरकारी स्कूलों में क्यों नहीं चढ़ोत ? शासन को चाहिये उप स्कूलों का स्तर सुधासे के लिये BSA. ABSA आदि समय से मानीटरिंग करे जिससे अभिभावक और बच्चों का भरोसा न टूटे। स्कूलों के व्यवसायी करन पर रोक लगें अन्यथा इरावा ही नहीं पूरे देश के अभिभावकों का जनाकोश केलने को तैयार रहे ये कारंवा निरन्तर बढ़ेगा अगला अभिभावक आन्दोलन शीध नगर पालिका से शुरू किया जायेगा-चेतावनी कार्यक्रम में प्रजेन्द्र यादव, श्याम सिंह वर्मा, मुकेश वाथम, 1. आलोक दीक्षित
- सोशल मीडिया पर वायरल व्हाट्सअप कॉल का संज्ञान लेते हुए क्षेत्राधिकारी चकरनगर की आख्या पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा द्वारा थाना भरेह पर तैनात आरक्षी सर्वेश कुमार को निलंबित किया गया है तथा जांच क्षेत्राधिकारी नगर को दी गई है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण इटावा द्वारा दी गयी बाइट।1
- Post by कुमार सुनील1
- Post by Rohit Kumar3
- Post by Urvashi singh1
- Post by Kanhaiya lal1
- Post by LBK supar fast live News TV1
- Post by मोनू ब्लॉक उपाध्यक्ष Baghel2
- लखना (इटावा)। विकासखंड महेवा के अंतर्गत ग्राम ईकरी स्थित बंबा पुलिया से मड़ौली होते हुए लखना तक जाने वाले मार्ग के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई है। लंबे समय से इस सड़क के निर्माण की मांग कर रहे क्षेत्रीय ग्रामीणों में अब खुशी का माहौल है। इस मार्ग के निर्माण से ईकरी, मड़ौली और लखना सहित आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। पहले इस रास्ते की खराब स्थिति के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, खासकर बरसात के मौसम में समस्या और बढ़ जाती थी। निर्माण कार्य शुरू होने की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने प्रसन्नता जताई। ग्रामीण राघवेन्द्र दुबे, सौरभ शुक्ला, मनोज कुशवाहा सहित अन्य लोगों ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और किसानों, छात्रों तथा आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य समय से और गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके।4