फतेहपुर में साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (सीजेए) की ऑनलाइन राष्ट्रीय बैठक में पत्रकारों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय महासचिव शीबू खान के संचालन में हुई इस बैठक में संगठन के विस्तार और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एक साझा और मजबूत रणनीति तैयार की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 15 अगस्त को देश भर के सभी जिलों में जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक राष्ट्रव्यापी ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके अलावा, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पत्रकार अपनी मांगों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इस ज्ञापन के जरिए पत्रकारों के लिए कई महत्वपूर्ण मांगे उठाई जाएंगी। इसमें मीडिया को संवैधानिक रूप से लोकतंत्र का चौथा स्तंभ घोषित करने, मीडिया आयोग का गठन करने, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने और पत्रकार सम्मान निधि शुरू करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही प्रत्येक जनपद और तहसील स्तर पर पत्रकार भवन के निर्माण, पत्रकारों के लिए मानदेय एवं पेंशन व्यवस्था, टोल टैक्स से छूट, और पात्र पत्रकारों को सरकारी योजनाओं का प्राथमिकता से लाभ देने की मांग की जाएगी। संगठन पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए मुफ्त या रियायती दरों पर दुर्घटना एवं स्वास्थ्य बीमा, सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं देने की भी पुरजोर वकालत कर रहा है। बैठक को संबोधित करते हुए संस्थापिका पुष्पा पांड्या ने पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और पत्रकारिता के संरक्षण को समय की मुख्य आवश्यकता बताया और संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने पर बल दिया। बैठक में संरक्षक पीयूष त्रिपाठी, सलाहकार मंजू सुराणा एवं आशीष तिवारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नवनीत रावत, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी अश्वनी श्रीवास्तव, फतेहपुर जिलाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष मोहम्मद जफर सिद्दीकी सहित कई पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रदेश स्तर पर जल्द ही "पत्रकार सम्मान यात्रा" निकाले जाने की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई और संगठन में नए सदस्यों को जोड़ने का संकल्प लिया गया।
फतेहपुर में साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (सीजेए) की ऑनलाइन राष्ट्रीय बैठक में पत्रकारों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय महासचिव शीबू खान के संचालन में हुई इस बैठक में संगठन के विस्तार और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एक साझा और मजबूत रणनीति तैयार की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 15 अगस्त को देश भर के सभी जिलों में जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक राष्ट्रव्यापी ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके अलावा, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पत्रकार अपनी मांगों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इस ज्ञापन के जरिए पत्रकारों के लिए कई महत्वपूर्ण मांगे उठाई जाएंगी। इसमें मीडिया को संवैधानिक रूप से लोकतंत्र का चौथा स्तंभ घोषित करने, मीडिया आयोग का गठन करने, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने और पत्रकार सम्मान निधि शुरू करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही प्रत्येक जनपद और तहसील स्तर पर पत्रकार भवन के निर्माण, पत्रकारों के लिए मानदेय एवं पेंशन व्यवस्था, टोल टैक्स से छूट, और पात्र पत्रकारों को सरकारी योजनाओं का प्राथमिकता से लाभ देने की मांग की जाएगी। संगठन पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए मुफ्त या रियायती दरों पर दुर्घटना एवं स्वास्थ्य बीमा, सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं देने की भी पुरजोर वकालत कर रहा है। बैठक को संबोधित करते हुए संस्थापिका पुष्पा पांड्या ने पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और पत्रकारिता के संरक्षण को समय की मुख्य आवश्यकता बताया और संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने पर बल दिया। बैठक में संरक्षक पीयूष त्रिपाठी, सलाहकार मंजू सुराणा एवं आशीष तिवारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नवनीत रावत, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी अश्वनी श्रीवास्तव, फतेहपुर जिलाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष मोहम्मद जफर सिद्दीकी सहित कई पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रदेश स्तर पर जल्द ही "पत्रकार सम्मान यात्रा" निकाले जाने की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई और संगठन में नए सदस्यों को जोड़ने का संकल्प लिया गया।
- फतेहपुर के राधानगर थाने के बाहर किन्नरों ने जमकर हंगामा किया। किसी बात को लेकर पुलिस से नाराज करीब आधा दर्जन किन्नरों ने थाने के सामने अपने कपड़े उतारकर प्रदर्शन किया और बीच सड़क पर लेट-लेटकर अपना विरोध जताया। इस जोरदार हंगामे के बाद अब पुलिस पूरे मामले की जांच-पड़ताल में जुट गई है।1
- फतेहपुर के गाजीपुर कस्बे में 12 जुलाई दिन रविवार को शासन की मंशा के अनुरूप चलाए जा रहे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत लगभग तीन बीघा ग्राम समाज की भूमि पर 600 मोरिंगा (सहजन) के पौधों का रोपण किया गया। इस भूमि का चयन मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीणा द्वारा पौधरोपण के लिए किया गया था। इस कार्यक्रम में ग्राम विकास अधिकारी अनूप सिंह, ग्राम प्रधान विक्रम प्रताप सिंह और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके साथ ही कार्यक्रम में रोजगार सेवक चंचल पांडे और प्रखंड प्रेरक विवेक पांडे भी मौजूद रहे। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी अनूप सिंह ने मोरिंगा को एक अत्यंत उपयोगी और औषधीय पौधा बताते हुए कहा कि इसके तैयार होने पर इसके फल, पत्तियां और अन्य भाग स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होंगे और लोगों को पोषण मिलेगा। ग्राम प्रधान विक्रम प्रताप सिंह ने समूह की महिलाओं से इन पौधों की नियमित देखभाल करने तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं सहित सभी उपस्थित लोगों ने इन पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया।4
- फतेहपुर में रेलवे स्टेशन के पास स्थित चौधरी गार्डन में विकास इंसाफ़ पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राजकुमार लोधी, नीरज सिंह, निर्मल यादव और सगम लाल आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए।1
- फतेहपुर में एक पीड़ित महिला अपनी शिकायत लेकर सीधे डीएम की चौखट पर पहुंची है। महिला ने वहां पहुंचकर अपने लिए न्याय की गुहार लगाई है।1
- फतेहपुर में बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव ने मीडिया के सामने आकर एक बड़ा बयान दिया है। इस दौरान उन्होंने पूरे सम्मान और जोश के साथ 'जय मूलनिवासी, जय भारत, जय भीम, जय संविधान' का नारा बुलंद किया।2
- फतेहपुर के ललौली में दबंगों ने एक महिला और उसके माता-पिता के साथ मारपीट की है। इस घटना के बाद पीड़ित महिला ने न्याय के लिए SP से गुहार लगाई है।1
- फतेहपुर के खागा कोतवाली अंतर्गत बुदवन स्थित प्रजापति एग्रो फॉर्म में एक विशालकाय अजगर निकलने से हड़कंप मचा हुआ है। यह विशालकाय अजगर पिछले तीन दिनों से वहां स्थित एक तालाब में फंसा हुआ है। इस मामले में वन विभाग की टीम कल मौके पर पहुंची तो थी, लेकिन बिना रेस्क्यू किए ही वापस लौट गई। इसके कारण विशालकाय अजगर अभी भी तालाब में पड़े जाल में ही फंसा हुआ है।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शहीद डिप्टी कलेक्टर हिकमतुल्ला सेवा संस्थान के तत्वावधान में रविवार को 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी शहीद डिप्टी कलेक्टर हिकमतुल्ला खान का शहादत दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारियों और नागरिकों ने पत्थरकटा स्थित हिकमतुल्ला पार्क में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद सभी लोग कोतवाली थाना परिसर स्थित शहीद हिकमतुल्ला द्वार पहुंचे, जहां 12 जुलाई 1857 को अंग्रेजों ने उन्हें फांसी दी थी, और वहां भी माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष एड. मोहिउद्दीन ने कहा कि शहीद हिकमतुल्ला खान ने डिप्टी कलेक्टर पद पर रहते हुए भी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था। उन्होंने फतेहपुर जेल का ताला तोड़कर कैदियों को मुक्त कराया था, जिससे घबराकर अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें गिरफ्तार कर 12 जुलाई 1857 को कोतवाली परिसर में सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी थी। वक्ताओं ने उनके इस योगदान को इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज बताते हुए कहा कि उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शहीद के आदर्शों पर चलने और देशभक्ति की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि देने वालों में मुख्य रूप से अध्यक्ष मोहिउद्दीन, कैप्टन गुलशाद अहमद, फजलुर्रहमान, अमर सिंह, शमशाद, प्रमोद सिंह, राकेश श्रीवास्तव और जिलाध्यक्ष मोईनुद्दीन उपस्थित रहे।1