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भाजपानेत्री एवं समाजसेविका ने चतुर्भुज मंदिर प्रांगण के नारायण घाट की सफाई गोवर्धन तहसील के ग्राम पंचायत पैठा स्थित श्री चतुर्भुज महाराज मंदिर के सामने नारायण सरोवर स्थित है जिसके नारायण घाट पर बहुत ज्यादा गंदगी और काई लगी हुई थी समाजसेविका और भाजपा नेत्री पूनम सिंह गांव पैठा पहुंची सबसे पहले श्री चतुर्भुज महाराज के दर्शन किए और फिर मंदिर के सामने स्थित नारायण सरोवर के नारायण घाट की सफाई स्वयं अपने साथियों के साथ मिलकर कराई और एक स्वच्छता का संदेश दिया समाजसेविका पूनम सिंह कहना है कि हमारे ब्रज और यहां के मंदिर और कुण्डों को साफ और स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी हम बृजवासियों की है इसलिए मैं ब्रज के गोवर्धन क्षेत्र में स्थित तालाबों और कुंडों एवं परिक्रमा मार्ग की साफ सफाई के लिए कार्य कर रही हूं एनसीआर में पुण्य फल भी प्राप्त होते हैं और हमारा ब्रज सुंदर भी दिखता है

11 hrs ago
user_Raju kashyap
Raju kashyap
Building society गोवर्धन, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

भाजपानेत्री एवं समाजसेविका ने चतुर्भुज मंदिर प्रांगण के नारायण घाट की सफाई गोवर्धन तहसील के ग्राम पंचायत पैठा स्थित श्री चतुर्भुज महाराज मंदिर के सामने नारायण सरोवर स्थित है जिसके नारायण घाट पर बहुत ज्यादा गंदगी और काई लगी हुई थी समाजसेविका और भाजपा नेत्री पूनम सिंह गांव पैठा पहुंची सबसे पहले श्री चतुर्भुज महाराज के दर्शन किए और फिर मंदिर के सामने स्थित नारायण सरोवर के नारायण घाट की सफाई स्वयं अपने साथियों के साथ मिलकर कराई और एक स्वच्छता का संदेश दिया समाजसेविका पूनम सिंह कहना है कि हमारे ब्रज और यहां के मंदिर और कुण्डों को साफ और स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी हम बृजवासियों की है इसलिए मैं ब्रज के गोवर्धन क्षेत्र में स्थित तालाबों और कुंडों एवं परिक्रमा मार्ग की साफ सफाई के लिए कार्य कर रही हूं एनसीआर में पुण्य फल भी प्राप्त होते हैं और हमारा ब्रज सुंदर भी दिखता है

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • मथुरा ​रावल धाम में धूमधाम से मनाया गया राधाष्टमी का पर्व महाअभिषेक के साथ दर्शनों के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ​मथुरा रावल राधा रानी के प्राकट्य स्थल रावल में राधाष्टमी का पर्व बेहद हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है इस अवसर पर तड़के से ही मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया ​मंदिर के पुजारी ने कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि सुबह 4:30 बजे राधा रानी के जन्म के दर्शन हुए जिसके बाद उनका भव्य महाअभिषेक किया गया पंचामृत दूध दही शहद घृत आदि से अभिषेक संपन्न होने के बाद राधा रानी का अलौकिक श्रृंगार किया गया और सुबह 9 बजे से श्रद्धालु निरंतर दर्शन कर रहे हैं ​रावल धाम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए पुजारी जी ने बताया यह राधा रानी का प्राकट्य स्थल है जहाँ वे यमुना जी से कमल के फूल पर प्रकट हुई थीं यहाँ राधा रानी के बाल स्वरूप की पूजा होती है इसलिए उन्हें लाडली लाल कहा जाता है इसके पश्चात वे किशोरावस्था में बरसाना गईं राधाष्टमी के इस पावन अवसर पर रावल में देश विदेश और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं लोहबन से दर्शन करने आई श्रद्धालु चंचल रावत ने बताया कि मंदिर परिसर में बहुत सुंदर सजावट की गई है और श्रद्धालुओं के लिए जगह जगह भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं ​इस बार भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं मंदिर परिसर के आसपास 5 से 6 पार्किंग स्थल होल्डिंग एरिया और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है पुलिस प्रशासन के सहयोग से श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के सुगम दर्शन कर रहे हैं
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    मथुरा ​रावल धाम में धूमधाम से मनाया गया राधाष्टमी का पर्व महाअभिषेक के साथ दर्शनों के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
​मथुरा रावल राधा रानी के प्राकट्य स्थल रावल में राधाष्टमी का पर्व बेहद हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है इस अवसर पर तड़के से ही मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया ​मंदिर के पुजारी ने कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि सुबह 4:30 बजे राधा रानी के जन्म के दर्शन हुए जिसके बाद उनका भव्य महाअभिषेक किया गया पंचामृत दूध दही शहद घृत आदि से अभिषेक संपन्न होने के बाद राधा रानी का अलौकिक श्रृंगार किया गया और सुबह 9 बजे से श्रद्धालु निरंतर दर्शन कर रहे हैं ​रावल धाम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए पुजारी जी ने बताया यह राधा रानी का प्राकट्य स्थल है जहाँ वे यमुना जी से कमल के फूल पर प्रकट हुई थीं यहाँ राधा रानी के बाल स्वरूप की पूजा होती है इसलिए उन्हें लाडली लाल कहा जाता है इसके पश्चात वे किशोरावस्था में बरसाना गईं राधाष्टमी के इस पावन अवसर पर रावल में देश विदेश और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं लोहबन से दर्शन करने आई श्रद्धालु चंचल रावत ने बताया कि मंदिर परिसर में बहुत सुंदर सजावट की गई है और श्रद्धालुओं के लिए जगह जगह भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं ​इस बार भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं मंदिर परिसर के आसपास 5 से 6 पार्किंग स्थल होल्डिंग एरिया और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है पुलिस प्रशासन के सहयोग से श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के सुगम दर्शन कर रहे हैं
    user_नितिन कर्दम
    नितिन कर्दम
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • चीख-चीखकर सुनाई पुनर्जन्म की दर्दभरी दास्तां, अंधविश्वास या हकीकत? पानीगांव के तीन दिवसीय बलदेव छठ मेले में उमड़ी हजारों की भीड़, सुरक्षा को लेकर पुलिस रही सतर्क.. मथुरा। थाना जमुनापार क्षेत्र के पानीगांव में 17 सितंबर से चल रहे तीन दिवसीय बलदेव छठ मेले में कंठमाला और विषवेल के निशुल्क उपचार के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। मेले में वायगीरों द्वारा मंत्र और झाड़-फूंक के माध्यम से उपचार किए जाने की मान्यता के बीच कई लोगों ने थाली की थाप पर कथित रूप से अपने पुनर्जन्म से जुड़ी दर्दभरी दास्तां सुनाई। वायगीरों का दावा है कि कंठमाला और विषवेल गंभीर रोग हैं, जिनका उपचार मंत्रों के माध्यम से किया जाता है। हालांकि, इन दावों की चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई है। मेले में सर्पदंश से पीड़ित लोगों के लिए भी झाड़-फूंक और मंत्रों के माध्यम से उपचार किए जाने की प्रक्रिया देखी गई। मेले के दौरान कुछ लोगों ने कथित तौर पर पिछले जन्म की घटनाओं और रिश्तों से जुड़ी बातें भी बताईं। वायगीरों द्वारा उन्हें गंगा स्नान करने सहित विभिन्न धार्मिक उपाय बताए गए। वहीं, मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। पानीगांव चौकी प्रभारी विजय गोस्वामी ने पुलिस टीम के साथ मेले की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। समय-समय पर पुलिस द्वारा गश्त भी की गई। पुलिस की सक्रियता के चलते मेले में किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। बताते चलें कि पानीगांव का तीन दिवसीय बलदेव छठ मेला दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पीड़ित पहुंचते हैं। तीन दिवसीय मेले का समापन रविवार की सुबह होगा।
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    चीख-चीखकर सुनाई पुनर्जन्म की दर्दभरी दास्तां, अंधविश्वास या हकीकत?
पानीगांव के तीन दिवसीय बलदेव छठ मेले में उमड़ी हजारों की भीड़, सुरक्षा को लेकर पुलिस रही सतर्क..
मथुरा। थाना जमुनापार क्षेत्र के पानीगांव में 17 सितंबर से चल रहे तीन दिवसीय बलदेव छठ मेले में कंठमाला और विषवेल के निशुल्क उपचार के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। मेले में वायगीरों द्वारा मंत्र और झाड़-फूंक के माध्यम से उपचार किए जाने की मान्यता के बीच कई लोगों ने थाली की थाप पर कथित रूप से अपने पुनर्जन्म से जुड़ी दर्दभरी दास्तां सुनाई।
वायगीरों का दावा है कि कंठमाला और विषवेल गंभीर रोग हैं, जिनका उपचार मंत्रों के माध्यम से किया जाता है। हालांकि, इन दावों की चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई है। मेले में सर्पदंश से पीड़ित लोगों के लिए भी झाड़-फूंक और मंत्रों के माध्यम से उपचार किए जाने की प्रक्रिया देखी गई।
मेले के दौरान कुछ लोगों ने कथित तौर पर पिछले जन्म की घटनाओं और रिश्तों से जुड़ी बातें भी बताईं। वायगीरों द्वारा उन्हें गंगा स्नान करने सहित विभिन्न धार्मिक उपाय बताए गए।
वहीं, मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। पानीगांव चौकी प्रभारी विजय गोस्वामी ने पुलिस टीम के साथ मेले की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। समय-समय पर पुलिस द्वारा गश्त भी की गई। पुलिस की सक्रियता के चलते मेले में किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
बताते चलें कि पानीगांव का तीन दिवसीय बलदेव छठ मेला दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पीड़ित पहुंचते हैं। तीन दिवसीय मेले का समापन रविवार की सुबह होगा।
    user_Murli Thakur Reporter
    Murli Thakur Reporter
    Court reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • स्थानीय ट्रेक्टर वाले की दबंगई,राहगीर मोटरसाइकिल वाले दंपति को पीटा: स्थानीय ट्रेक्टर वाले की दबंगई, राहगीर मोटरसाइकिल वाले दंपति को पीटा मथुरा जिले के कोसी कलां से शाहपुर मार्ग पर गोपाल बाग चौकी के अंतर्गत राहगीर सुंदर निवासी खरौट अपनी पत्नी और बच्चे के साथ अपनी मोटरसाइकिल से अपने गांव जा रहा था तभी रास्ते में खडा ट्रेक्टर ट्राली के मालिकों ने मोटरसाइकिल सवार के साथ मारपीट कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब ट्रैक्टर चालक ने और उसके चार छः साथियों ने मिलकर जब हद हो गई तब दबंगों ने बच्चे और महिला को भी नहीं छोड़ा। मथुरा जिले के कोसी कलां में शाहपुर मार्ग पर गोपाल बाग चौकी के अंतर्गत राहगीर सुंदर (निवासी खरौट), उनकी पत्नी और बच्चे के साथ हुई यह मारपीट और अभद्रता की घटना बेहद गंभीर और निंदनीय है। किसी भी नागरिक, विशेषकर महिला और बच्चे पर इस प्रकार का हमला कानूनी रूप से एक संगीन अपराध है। किसी ने मारपीट की वीडियो बना ली। जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएं। सबसे बडी बात ये है कि घटना गोपाल बाग से महज 100 मीटर की दूरी पर लेकिन पुलिस तमाशबीन बनी रही।
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    स्थानीय ट्रेक्टर वाले की दबंगई,राहगीर मोटरसाइकिल वाले दंपति को पीटा: स्थानीय ट्रेक्टर वाले की दबंगई, राहगीर मोटरसाइकिल वाले दंपति को पीटा
मथुरा जिले के कोसी कलां से शाहपुर मार्ग पर गोपाल बाग चौकी के अंतर्गत राहगीर सुंदर निवासी खरौट अपनी पत्नी और बच्चे के साथ अपनी मोटरसाइकिल से अपने गांव जा रहा था तभी रास्ते में खडा ट्रेक्टर ट्राली के मालिकों ने मोटरसाइकिल सवार के साथ मारपीट कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब ट्रैक्टर चालक ने और उसके चार छः साथियों ने मिलकर जब हद हो गई तब दबंगों ने बच्चे और महिला को भी नहीं छोड़ा।
मथुरा जिले के कोसी कलां में शाहपुर मार्ग पर गोपाल बाग चौकी के अंतर्गत राहगीर सुंदर (निवासी खरौट), उनकी पत्नी और बच्चे के साथ हुई यह मारपीट और अभद्रता की घटना बेहद गंभीर और निंदनीय है। किसी भी नागरिक, विशेषकर महिला और बच्चे पर इस प्रकार का हमला कानूनी रूप से एक संगीन अपराध है। किसी ने मारपीट की वीडियो बना ली। जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएं। सबसे बडी बात ये है कि घटना गोपाल बाग से महज 100 मीटर की दूरी पर लेकिन पुलिस तमाशबीन बनी रही।
    user_जगदीश यदुवंशी
    जगदीश यदुवंशी
    Teacher छाता, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • इस वीडियो को देखकर आप क्या कहना चाहेंगे अवश्य बताएं आपकी क्या राय है जनता का भरोसा उठ जाता है ऐसे बयानों को सुनकर ओर सच्चाई को देखकर
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    इस वीडियो को देखकर आप क्या कहना चाहेंगे अवश्य बताएं आपकी क्या राय है 
जनता का भरोसा उठ जाता है ऐसे बयानों को सुनकर ओर सच्चाई को देखकर
    user_कर्मयोगी एंटरप्राइसेस
    कर्मयोगी एंटरप्राइसेस
    Electrician मांट, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • वृंदावन- संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को स्वामी हरिदास जी के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन किया। अपने संबोधन में राज्यपाल रामेन डेका ने स्वामी हरिदास जी को नमन करते हुए कहा कि सबसे पहले तो ब्रज की इस पवित्र धरा को नमन जहां भगवान श्री कृष्ण राधारानी के साथ स्वयं विचरण करते थे। जहां भक्ति स्वयं नृत्य करती है। जहां भक्ति के वशीभूत बड़े बड़े संतों ने वृंदावन को अपनी साधना का केंद्र बनाया। यह कृष्ण की भूमि है। यह संतों की भूमि है। और इस पवित्र भूमि पर आयोजित होने वाले स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव में शामिल होना उनका परम सौभाग्य है। स्वामी हरिदास जी महाराज ब्रज की समृद्ध भक्ति परम्परा की वो दिव्य विभूति थे। जिन्होंने रास रचाते श्री कृष्ण का अलौकिक साक्षात्कार किया। केवल श्री राधाकृष्ण की अद्भुत छवि का दर्शन ही नहीं किया बल्कि उन्हें अपनी स्वर साधना से एकाकार रूप में धरा पर प्रकट भी किया। जिनके दर्शन हमें ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज के रूप में होते हैं। स्वामी हरिदास जी ऐसे संत थे। जिन्होंने भारतीय संगीत को विशिष्ट पहचान दी। आज पूरे देश के महान संगीतज्ञ स्वामी हरिदास जी को भावांजलि अर्पित करना अपना सौभाग्य समझते हैं। आज संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास समिति और गोपी गोस्वामी जी की वजह से उन्हें भी स्वामी हरिदास जी को नमन करने का मौका मिला है। विधायक श्री कांत शर्मा ने कहा कि स्वामी हरिदास जी की सुर साधना से प्रकटित ठाकुर बांके बिहारी जी भौतिक जगत के लिए अनुपम उपहार है। यह ब्रज की पावन धरा है। यहां पर किसी भी रूप में आने का मौका मिले ये राधारानी की कृपा से सम्भव है। इस अवसर पर ब्रज विभूति संत मौनी बाबा महाराज, संत कमंडल वाले बाबा, नामदेव शर्मा, पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, महेश अग्रवाल, सुनील नागर, जगदीश मूलचंदानी, एस पी सिटी राजीव सिंह, अभय वशिष्ठ, अनूप शर्मा, निखिल भारद्वाज, अनुपम शर्मा, अतुल श्रीवास्तव, आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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    वृंदावन- संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को स्वामी हरिदास जी के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका 
ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन किया। अपने संबोधन में राज्यपाल रामेन डेका ने स्वामी हरिदास जी को नमन करते हुए कहा कि सबसे पहले तो ब्रज की इस पवित्र धरा को नमन जहां भगवान श्री कृष्ण राधारानी के साथ स्वयं विचरण करते थे। जहां भक्ति स्वयं नृत्य करती है। जहां भक्ति के वशीभूत बड़े बड़े संतों ने वृंदावन को अपनी साधना का केंद्र बनाया। यह कृष्ण की भूमि है। यह संतों की भूमि है। और इस पवित्र भूमि पर आयोजित होने वाले स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव में शामिल होना उनका परम सौभाग्य है। स्वामी हरिदास जी महाराज ब्रज की समृद्ध भक्ति परम्परा की वो दिव्य विभूति थे। जिन्होंने रास रचाते श्री कृष्ण का अलौकिक साक्षात्कार किया। केवल श्री राधाकृष्ण की अद्भुत छवि का दर्शन ही नहीं किया बल्कि उन्हें अपनी स्वर साधना से एकाकार रूप में धरा पर प्रकट भी किया। जिनके दर्शन हमें ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज के रूप में होते हैं। स्वामी हरिदास जी ऐसे संत थे। जिन्होंने भारतीय संगीत को विशिष्ट पहचान दी। आज पूरे देश के महान संगीतज्ञ स्वामी हरिदास जी को भावांजलि अर्पित करना अपना सौभाग्य समझते हैं। आज संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास समिति और गोपी गोस्वामी जी की वजह से उन्हें भी स्वामी हरिदास जी को नमन करने का मौका मिला है। विधायक श्री कांत शर्मा ने कहा कि स्वामी हरिदास जी की सुर साधना से प्रकटित ठाकुर बांके बिहारी जी भौतिक जगत के लिए अनुपम उपहार है। यह ब्रज की पावन धरा है। यहां पर किसी भी रूप में आने का मौका मिले ये राधारानी की कृपा से सम्भव है। इस अवसर पर ब्रज विभूति संत मौनी बाबा महाराज, संत कमंडल वाले बाबा, नामदेव शर्मा, पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, महेश अग्रवाल, सुनील नागर, जगदीश मूलचंदानी, एस पी सिटी राजीव सिंह, अभय वशिष्ठ, अनूप शर्मा, निखिल भारद्वाज, अनुपम शर्मा, अतुल श्रीवास्तव, आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
    user_Manish Sharma Anb News
    Manish Sharma Anb News
    Local News Reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • .राधा अष्टमी पर्व पर बरसाना में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामत 7 जोन में बंटा पूरा क्षेत्र वीओ..बरसाना में राधा अष्टमी पर्व को धूमधाम और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। लाखों श्रद्धालुओं को देखते हुए सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन के कड़े प्रबंध किए गए हैं। गुरुवार की रात आठ बजे एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को 7 जोन में विभाजित कर पुलिस अधिकारियों और मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है वही भीड़ नियंत्रण के लिए वन-वे,पीए सिस्टम, होल्डिंग एरिया और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नो-एंट्री पॉइंट, पार्किंग स्थल और ट्रैफिक प्लान जारी कर सहयोग की अपील की गई है और सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त पुलिस बल, पीएसी, खुफिया विभाग और कुंडों पर फ्लड पीएसी तैनात रहेगी। बैरिकेडिंग के जरिए श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कर दर्शन कराए जाएंगे। जेबकतरों और अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में पुलिस, एसओजी और स्वाट टीमें तैनात की गई हैं। और पहले से ही अपराधियों को चिह्नित कर पाबंद किया गया है। बाइट जिला अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह बाइट एसएसपी श्लोक कुमार
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    .राधा अष्टमी पर्व पर बरसाना में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामत 7 जोन में बंटा पूरा क्षेत्र

वीओ..बरसाना में राधा अष्टमी पर्व को धूमधाम और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। लाखों श्रद्धालुओं  को देखते हुए सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन के कड़े प्रबंध किए गए हैं। गुरुवार की रात आठ बजे एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को 7 जोन में विभाजित कर पुलिस अधिकारियों और मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है वही भीड़ नियंत्रण के लिए वन-वे,पीए सिस्टम, होल्डिंग एरिया और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नो-एंट्री पॉइंट, पार्किंग स्थल और ट्रैफिक प्लान जारी कर सहयोग की अपील की गई है और सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त पुलिस बल, पीएसी, खुफिया विभाग और कुंडों पर फ्लड पीएसी तैनात रहेगी। बैरिकेडिंग के जरिए श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कर दर्शन कराए जाएंगे। जेबकतरों और अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में पुलिस, एसओजी और स्वाट टीमें तैनात की गई हैं। और पहले से ही अपराधियों को चिह्नित कर पाबंद किया गया है।

बाइट जिला अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह

बाइट एसएसपी श्लोक कुमार
    user_RPR NEWS TV
    RPR NEWS TV
    Court reporter Mathura, Uttar Pradesh•
    20 hrs ago
  • बरसाना में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ लाडली का अभिषेक* बरसाना।* कहा जाता है कि राधाजी का जन्म श्री कृष्ण से प्रेम भाव को मजबूत करने के लिए हुआ था। एक प्राण दो देह कहे जाने वाले राधा कृष्ण की भूमि मथुरा, राधा के जन्मोत्सव पर राधा के रंग में रंग गई। ब्रज की अधिष्ठात्री देवी और श्रीकृष्ण की आल्हादिनी शक्ति वृषभानुसुता श्री राधिका रानी के जन्म के अवसर पर उनकी एक झलक पाने को देश-दुनिया के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने बरसाना में आस्था के उल्लास का ऐसा समां बांधा कि समूचा बरसाना राधा नाम की मस्ती में झूम उठा। राधा रानी की जय, महारानी की जय के जयकारों से लाडलीजी मंदिर प्रांगण गुंजायमान हो उठा। अपनी आराध्या की एक झलक पाने व उनके जन्मोत्सव के पलों का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शुक्रवार से ही बरसाना पहुंचने लगे थे। सूर्य की तपिश भी श्रद्धालुओं की आस्था के आगे कमजोर नज़र आई। बुधवार को श्रद्धालुओं की संख्या चरम पर पहुंच गई। कस्बे के बाहर तीन किमी दूर बनी पार्किंगों में अपने वाहन छोड़ पैदल पहुंचे श्रद्धालुओं की चाहत और आस्था देखते ही बन रही थी। रात्रि में मंदिर में जुगल जोड़ी सरकार के शयन के बाद पूरे कस्बे में भजन संध्याओं में राधे-राधे के स्वर गूंजने लगे। मंदिर के सेवायतों द्वारा दूध, दही, शहद, घी, बूरा, केसर, गुलाब जल, गौघृत आदि से पंचामृत बनाकर अभिषेक कराया गया। राधाजी का जन्म मूल नक्षत्र में हुआ था, इसलिए 27 कुओं के जल, 27 पेड़ों की पत्ती, 27 स्थान की मिट्टी और औषधियों के साथ परंपरागत मंत्रोच्चार के मध्य सेवायत गोस्वामीजनों द्वारा रात्रि दो बजे से चार बजे तक मूल शांति कराई गई। मूल शांति की विधि के बाद लाड़लीजी के अभिषेक की विधि शुरू हुई। अभिषेक के बाद राधा रानी ने पीले रंग की जड़ित पोशाक धारण की। इसके साथ ही कस्बे के गोपाल जी मंदिर, रस मंदिर, मान मंदिर, रंगीली महल, दानगढ़, कुशल बिहारी मंदिर, अष्टसखी मंदिर सहित सभी मंदिरों में राधा रानी का जन्मोत्सव बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया गया। बरसाना में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ लाडली जी का दिव्य अभिषेक किया गया, जिसके साक्षी बनने के लिए देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु बरसाना पहुंचे।* मंदिर के सेवायतों ने 27 कुओं के जल, 27 पेड़ों की पत्तियों और पंचामृत से राधा रानी का महाभिषेक कराया, क्योंकि राधा रानी का जन्म मूल नक्षत्र में हुआ था इसलिए पहले मूल शांति कराई
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    बरसाना में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ लाडली का अभिषेक*

बरसाना।* कहा जाता है कि राधाजी का जन्म श्री कृष्ण से प्रेम भाव को मजबूत करने के लिए हुआ था। एक प्राण दो देह कहे जाने वाले राधा कृष्ण की भूमि मथुरा, राधा के जन्मोत्सव पर राधा के रंग में रंग गई।
ब्रज की अधिष्ठात्री देवी और श्रीकृष्ण की आल्हादिनी शक्ति वृषभानुसुता श्री राधिका रानी के जन्म के अवसर पर उनकी एक झलक पाने को देश-दुनिया के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने बरसाना में आस्था के उल्लास का ऐसा समां बांधा कि समूचा बरसाना राधा नाम की मस्ती में झूम उठा।
राधा रानी की जय, महारानी की जय के जयकारों से लाडलीजी मंदिर प्रांगण गुंजायमान हो उठा। अपनी आराध्या की एक झलक पाने व उनके जन्मोत्सव के पलों का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शुक्रवार से ही बरसाना पहुंचने लगे थे।
सूर्य की तपिश भी श्रद्धालुओं की आस्था के आगे कमजोर नज़र आई। बुधवार को श्रद्धालुओं की संख्या चरम पर पहुंच गई। कस्बे के बाहर तीन किमी दूर बनी पार्किंगों में अपने वाहन छोड़ पैदल पहुंचे श्रद्धालुओं की चाहत और आस्था देखते ही बन रही थी।
रात्रि में मंदिर में जुगल जोड़ी सरकार के शयन के बाद पूरे कस्बे में भजन संध्याओं में राधे-राधे के स्वर गूंजने लगे। मंदिर के सेवायतों द्वारा दूध, दही, शहद, घी, बूरा, केसर, गुलाब जल, गौघृत आदि से पंचामृत बनाकर अभिषेक कराया गया।
राधाजी का जन्म मूल नक्षत्र में हुआ था, इसलिए 27 कुओं के जल, 27 पेड़ों की पत्ती, 27 स्थान की मिट्टी और औषधियों के साथ परंपरागत मंत्रोच्चार के मध्य सेवायत गोस्वामीजनों द्वारा रात्रि दो बजे से चार बजे तक मूल शांति कराई गई। मूल शांति की विधि के बाद लाड़लीजी के अभिषेक की विधि शुरू हुई। अभिषेक के बाद राधा रानी ने पीले रंग की जड़ित पोशाक धारण की।
इसके साथ ही कस्बे के गोपाल जी मंदिर, रस मंदिर, मान मंदिर, रंगीली महल, दानगढ़, कुशल बिहारी मंदिर, अष्टसखी मंदिर सहित सभी मंदिरों में राधा रानी का जन्मोत्सव बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया गया।
बरसाना में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ लाडली जी का दिव्य अभिषेक किया गया, जिसके साक्षी बनने के लिए देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु बरसाना पहुंचे।* मंदिर के सेवायतों ने 27 कुओं के जल, 27 पेड़ों की पत्तियों और पंचामृत से राधा रानी का महाभिषेक कराया, क्योंकि राधा रानी का जन्म मूल नक्षत्र में हुआ था इसलिए पहले मूल शांति कराई
    user_Raju kashyap
    Raju kashyap
    Building society गोवर्धन, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • मथुरा टोंटी फैक्ट्री में संदिग्ध परिस्थितियों में कर्मचारी की मौत परिजनों ने फैक्ट्री मालिक पर लगाए गंभीर आरोप ​मथुरा फैक्ट्री में संदिग्ध परिस्थितियों में एक कर्मचारी की मौत का मामला सामने आया है मृतक के भाई धरमपाल निवासी कामनी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनके भाई गोल्डलाइन नामक फैक्ट्री में टोटियों की टेस्टिंग का काम करते थे ​मृतक के भाई के अनुसार खाना खाने के लगभग 15 मिनट बाद उनके भाई की तबीयत बिगड़ी और फैक्ट्री में ही उनकी मौत हो गई परिजनों का आरोप है कि मौत फैक्ट्री के अंदर ही हो गई थी लेकिन फैक्ट्री मालिक ने आनन फानन में शव को वहां से बाहर भिजवा दिया और जबरन अस्पताल ले जाने की औपचारिकता की ​फिलहाल मृतक के परिजन न्याय और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं
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    मथुरा टोंटी फैक्ट्री में संदिग्ध परिस्थितियों में कर्मचारी की मौत परिजनों ने फैक्ट्री मालिक पर लगाए गंभीर आरोप
​मथुरा फैक्ट्री में संदिग्ध परिस्थितियों में एक कर्मचारी की मौत का मामला सामने आया है मृतक के भाई धरमपाल निवासी कामनी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनके भाई गोल्डलाइन नामक फैक्ट्री में टोटियों की टेस्टिंग का काम करते थे ​मृतक के भाई के अनुसार खाना खाने के लगभग 15 मिनट बाद उनके भाई की तबीयत बिगड़ी और फैक्ट्री में ही उनकी मौत हो गई परिजनों का आरोप है कि मौत फैक्ट्री के अंदर ही हो गई थी लेकिन फैक्ट्री मालिक ने आनन फानन में शव को वहां से बाहर भिजवा दिया और जबरन अस्पताल ले जाने की औपचारिकता की ​फिलहाल मृतक के परिजन न्याय और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं
    user_नितिन कर्दम
    नितिन कर्दम
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • वृंदावन। श्री राधा प्रसाद धाम, गोपाल खार स्थित श्री स्वामी हरिदासीय राधा प्रसाद सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित 546वें श्री स्वामी हरिदास जी महाराज आविर्भाव महोत्सव के छठवें दिन शुक्रवार को धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों की भव्य श्रृंखला आयोजित की गई। दिन का शुभारंभ स्वामी हरिदास जी महाराज के दिव्य रत्नाभिषेक से हुआ, जिसमें हीरा, मोती, पन्ना, मूंगा, माणिक्य सहित विभिन्न बहुमूल्य रत्नों से ठाकुर स्वरूप का विशेष अभिषेक किया गया। रत्नों की आभा के मध्य संपन्न हुए इस अलौकिक अभिषेक के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। अभिषेक के उपरांत आयोजित विद्वत गोष्ठी में संत-महंतों, विद्वानों एवं रसिक भक्तों ने स्वामी हरिदास जी महाराज की साधना, भक्ति परंपरा, संगीत साधना तथा ब्रज संस्कृति के संरक्षण में उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि स्वामी हरिदास जी की साधना केवल आध्यात्मिक जगत तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को भी नई दिशा प्रदान की। इसी क्रम में श्री स्वामी हरिदास पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर श्री स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज द्वारा रचित ‘ श्री हरिदास वंश यश सागर’ नामक ग्रंथ का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने ग्रंथ का विमोचन करते हुए इसे स्वामी हरिदास जी की गौरवशाली परंपरा और ब्रज की आध्यात्मिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण ग्रंथ बताया। इस अवसर पर उपस्थित संतों एवं गणमान्य अतिथियों ने भी ग्रंथ के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए उपयोगी बताया। सायंकाल आयोजित भजन संध्या में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भजन गायिका कैलाश प्रियंका ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। राधा-कृष्ण एवं स्वामी हरिदास जी की महिमा से ओत-प्रोत भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे। पूरे परिसर में जयघोष, भजन और संकीर्तन के बीच महोत्सव का छठवां दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।
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    वृंदावन। श्री राधा प्रसाद धाम, गोपाल खार स्थित श्री स्वामी हरिदासीय राधा प्रसाद सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित 546वें श्री स्वामी हरिदास जी महाराज आविर्भाव महोत्सव के छठवें दिन शुक्रवार को धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों की भव्य श्रृंखला आयोजित की गई। दिन का शुभारंभ स्वामी हरिदास जी महाराज के दिव्य रत्नाभिषेक से हुआ, जिसमें हीरा, मोती, पन्ना, मूंगा, माणिक्य सहित विभिन्न बहुमूल्य रत्नों से ठाकुर स्वरूप का विशेष अभिषेक किया गया। रत्नों की आभा के मध्य संपन्न हुए इस अलौकिक अभिषेक के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
अभिषेक के उपरांत आयोजित विद्वत गोष्ठी में संत-महंतों, विद्वानों एवं रसिक भक्तों ने स्वामी हरिदास जी महाराज की साधना, भक्ति परंपरा, संगीत साधना तथा ब्रज संस्कृति के संरक्षण में उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि स्वामी हरिदास जी की साधना केवल आध्यात्मिक जगत तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को भी नई दिशा प्रदान की।
इसी क्रम में श्री स्वामी हरिदास पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर श्री स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज द्वारा रचित ‘ श्री हरिदास वंश यश सागर’ नामक ग्रंथ का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने ग्रंथ का विमोचन करते हुए इसे स्वामी हरिदास जी की गौरवशाली परंपरा और ब्रज की आध्यात्मिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण ग्रंथ बताया। इस अवसर पर उपस्थित संतों एवं गणमान्य अतिथियों ने भी ग्रंथ के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए उपयोगी बताया।
सायंकाल आयोजित भजन संध्या में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भजन गायिका कैलाश प्रियंका ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। राधा-कृष्ण एवं स्वामी हरिदास जी की महिमा से ओत-प्रोत भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे। पूरे परिसर में जयघोष, भजन और संकीर्तन के बीच महोत्सव का छठवां दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।
    user_Manish Sharma Anb News
    Manish Sharma Anb News
    Local News Reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
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