चीख-चीखकर सुनाई पुनर्जन्म की दर्दभरी दास्तां, अंधविश्वास या हकीकत? पानीगांव के तीन दिवसीय बलदेव छठ मेले में उमड़ी हजारों की भीड़, सुरक्षा को लेकर पुलिस रही सतर्क.. मथुरा। थाना जमुनापार क्षेत्र के पानीगांव में 17 सितंबर से चल रहे तीन दिवसीय बलदेव छठ मेले में कंठमाला और विषवेल के निशुल्क उपचार के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। मेले में वायगीरों द्वारा मंत्र और झाड़-फूंक के माध्यम से उपचार किए जाने की मान्यता के बीच कई लोगों ने थाली की थाप पर कथित रूप से अपने पुनर्जन्म से जुड़ी दर्दभरी दास्तां सुनाई। वायगीरों का दावा है कि कंठमाला और विषवेल गंभीर रोग हैं, जिनका उपचार मंत्रों के माध्यम से किया जाता है। हालांकि, इन दावों की चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई है। मेले में सर्पदंश से पीड़ित लोगों के लिए भी झाड़-फूंक और मंत्रों के माध्यम से उपचार किए जाने की प्रक्रिया देखी गई। मेले के दौरान कुछ लोगों ने कथित तौर पर पिछले जन्म की घटनाओं और रिश्तों से जुड़ी बातें भी बताईं। वायगीरों द्वारा उन्हें गंगा स्नान करने सहित विभिन्न धार्मिक उपाय बताए गए। वहीं, मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। पानीगांव चौकी प्रभारी विजय गोस्वामी ने पुलिस टीम के साथ मेले की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। समय-समय पर पुलिस द्वारा गश्त भी की गई। पुलिस की सक्रियता के चलते मेले में किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। बताते चलें कि पानीगांव का तीन दिवसीय बलदेव छठ मेला दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पीड़ित पहुंचते हैं। तीन दिवसीय मेले का समापन रविवार की सुबह होगा।
चीख-चीखकर सुनाई पुनर्जन्म की दर्दभरी दास्तां, अंधविश्वास या हकीकत? पानीगांव के तीन दिवसीय बलदेव छठ मेले में उमड़ी हजारों की भीड़, सुरक्षा को लेकर पुलिस रही सतर्क.. मथुरा। थाना जमुनापार क्षेत्र के पानीगांव में 17 सितंबर से चल रहे तीन दिवसीय बलदेव छठ मेले में कंठमाला और विषवेल के निशुल्क उपचार के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। मेले में वायगीरों द्वारा मंत्र और झाड़-फूंक के माध्यम से उपचार किए जाने की मान्यता के बीच कई लोगों ने थाली की थाप पर कथित रूप से अपने पुनर्जन्म से
जुड़ी दर्दभरी दास्तां सुनाई। वायगीरों का दावा है कि कंठमाला और विषवेल गंभीर रोग हैं, जिनका उपचार मंत्रों के माध्यम से किया जाता है। हालांकि, इन दावों की चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई है। मेले में सर्पदंश से पीड़ित लोगों के लिए भी झाड़-फूंक और मंत्रों के माध्यम से उपचार किए जाने की प्रक्रिया देखी गई। मेले के दौरान कुछ लोगों ने कथित तौर पर पिछले जन्म की घटनाओं और रिश्तों से जुड़ी बातें भी बताईं। वायगीरों द्वारा उन्हें गंगा स्नान करने सहित विभिन्न धार्मिक उपाय बताए गए। वहीं, मेले में
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। पानीगांव चौकी प्रभारी विजय गोस्वामी ने पुलिस टीम के साथ मेले की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। समय-समय पर पुलिस द्वारा गश्त भी की गई। पुलिस की सक्रियता के चलते मेले में किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। बताते चलें कि पानीगांव का तीन दिवसीय बलदेव छठ मेला दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पीड़ित पहुंचते हैं। तीन दिवसीय मेले का समापन रविवार की सुबह होगा।
- गांधी जी को कौन जानता था । उनका नाम इतना कैसे हुआ सब जानते है। किसी को बताने की जरूरत नहीं है सबको पता है गांधी जी को कौन जानता था । उनका नाम इतना कैसे हुआ सब जानते है। किसी को बताने की जरूरत नहीं है सबको पता है1
- छाता की जनता मांग रही शुगर मिल गन्ना मंत्री दे रहे एथेनॉल प्लांट आखिरकार क्या है इसका समाधान छाता की जनता मांग रही शुगर मिल गन्ना मंत्री दे रहे एथेनॉल प्लांट आखिरकार क्या है इसका समाधान1
- मथुरा में जलभराव से त्रस्त जनता का फूटा गुस्सा! वार्ड 33 पाली खेड़ा में धरना, विधायक-मंत्री और अधिकारियों के खिलाफ उठी आवाज़ 🚨 जनता बोली—2027 में देंगे जवाब! 🔥 फेसबुक1
- मथुरा के राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में किशोरों को मिले 5 कंप्यूटर न्यायाधीश ने की न्यायपालिका की नई पहल मथुरा किशोर न्याय प्रणाली के तहत आवासित बालकों के कल्याण पुनर्वास और उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर मथुरा में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश विकास कुमार ने सम्प्रेक्षण गृह का औपचारिक भ्रमण कर बालकों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ने के लिए DONER & GYROS के सहयोग से 5 डेस्कटॉप कंप्यूटर सिस्टम भेंट किए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश विकास कुमार ने कहा कि सम्प्रेक्षण गृह में रह रहे बालकों को सकारात्मक दिशा देना न्यायपालिका और शासन की साझा प्राथमिकता है कंप्यूटर प्रशिक्षण से किशोर आधुनिक ज्ञान विज्ञान से जुड़ेंगे जिससे रिहाई के बाद उनके सामाजिक पुनर्वास और आत्मनिर्भर बनने की राह आसान होगी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता सिंह ने विधिक प्रावधानों और बालकों के सर्वांगीण विकास पर विचार रखते हुए कंप्यूटर के नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने पर जोर दिया इस दौरान न्यायिक अधिकारियों ने सम्प्रेक्षण गृह के परिसर आवास भोजनालय और स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चन्द्र ने आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि इन कंप्यूटरों के माध्यम से जल्द ही बालकों के लिए सुव्यवस्थित कंप्यूटर कक्षाएं शुरू की जाएंगी कार्यक्रम में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे सूर्यभान कुमार वर्मा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट परविन्दर सिंह सम्प्रेक्षण गृह के प्रभारी प्रभाकर सिंह सहित न्यायालय व प्रोबेशन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे1
- मथुरा रावल धाम में धूमधाम से मनाया गया राधाष्टमी का पर्व महाअभिषेक के साथ दर्शनों के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ मथुरा रावल राधा रानी के प्राकट्य स्थल रावल में राधाष्टमी का पर्व बेहद हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है इस अवसर पर तड़के से ही मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया मंदिर के पुजारी ने कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि सुबह 4:30 बजे राधा रानी के जन्म के दर्शन हुए जिसके बाद उनका भव्य महाअभिषेक किया गया पंचामृत दूध दही शहद घृत आदि से अभिषेक संपन्न होने के बाद राधा रानी का अलौकिक श्रृंगार किया गया और सुबह 9 बजे से श्रद्धालु निरंतर दर्शन कर रहे हैं रावल धाम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए पुजारी जी ने बताया यह राधा रानी का प्राकट्य स्थल है जहाँ वे यमुना जी से कमल के फूल पर प्रकट हुई थीं यहाँ राधा रानी के बाल स्वरूप की पूजा होती है इसलिए उन्हें लाडली लाल कहा जाता है इसके पश्चात वे किशोरावस्था में बरसाना गईं राधाष्टमी के इस पावन अवसर पर रावल में देश विदेश और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं लोहबन से दर्शन करने आई श्रद्धालु चंचल रावत ने बताया कि मंदिर परिसर में बहुत सुंदर सजावट की गई है और श्रद्धालुओं के लिए जगह जगह भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं इस बार भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं मंदिर परिसर के आसपास 5 से 6 पार्किंग स्थल होल्डिंग एरिया और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है पुलिस प्रशासन के सहयोग से श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के सुगम दर्शन कर रहे हैं4
- चीख-चीखकर सुनाई पुनर्जन्म की दर्दभरी दास्तां, अंधविश्वास या हकीकत? पानीगांव के तीन दिवसीय बलदेव छठ मेले में उमड़ी हजारों की भीड़, सुरक्षा को लेकर पुलिस रही सतर्क.. मथुरा। थाना जमुनापार क्षेत्र के पानीगांव में 17 सितंबर से चल रहे तीन दिवसीय बलदेव छठ मेले में कंठमाला और विषवेल के निशुल्क उपचार के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। मेले में वायगीरों द्वारा मंत्र और झाड़-फूंक के माध्यम से उपचार किए जाने की मान्यता के बीच कई लोगों ने थाली की थाप पर कथित रूप से अपने पुनर्जन्म से जुड़ी दर्दभरी दास्तां सुनाई। वायगीरों का दावा है कि कंठमाला और विषवेल गंभीर रोग हैं, जिनका उपचार मंत्रों के माध्यम से किया जाता है। हालांकि, इन दावों की चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई है। मेले में सर्पदंश से पीड़ित लोगों के लिए भी झाड़-फूंक और मंत्रों के माध्यम से उपचार किए जाने की प्रक्रिया देखी गई। मेले के दौरान कुछ लोगों ने कथित तौर पर पिछले जन्म की घटनाओं और रिश्तों से जुड़ी बातें भी बताईं। वायगीरों द्वारा उन्हें गंगा स्नान करने सहित विभिन्न धार्मिक उपाय बताए गए। वहीं, मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। पानीगांव चौकी प्रभारी विजय गोस्वामी ने पुलिस टीम के साथ मेले की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। समय-समय पर पुलिस द्वारा गश्त भी की गई। पुलिस की सक्रियता के चलते मेले में किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। बताते चलें कि पानीगांव का तीन दिवसीय बलदेव छठ मेला दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पीड़ित पहुंचते हैं। तीन दिवसीय मेले का समापन रविवार की सुबह होगा।3
- वृंदावन- संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को स्वामी हरिदास जी के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन किया। अपने संबोधन में राज्यपाल रामेन डेका ने स्वामी हरिदास जी को नमन करते हुए कहा कि सबसे पहले तो ब्रज की इस पवित्र धरा को नमन जहां भगवान श्री कृष्ण राधारानी के साथ स्वयं विचरण करते थे। जहां भक्ति स्वयं नृत्य करती है। जहां भक्ति के वशीभूत बड़े बड़े संतों ने वृंदावन को अपनी साधना का केंद्र बनाया। यह कृष्ण की भूमि है। यह संतों की भूमि है। और इस पवित्र भूमि पर आयोजित होने वाले स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव में शामिल होना उनका परम सौभाग्य है। स्वामी हरिदास जी महाराज ब्रज की समृद्ध भक्ति परम्परा की वो दिव्य विभूति थे। जिन्होंने रास रचाते श्री कृष्ण का अलौकिक साक्षात्कार किया। केवल श्री राधाकृष्ण की अद्भुत छवि का दर्शन ही नहीं किया बल्कि उन्हें अपनी स्वर साधना से एकाकार रूप में धरा पर प्रकट भी किया। जिनके दर्शन हमें ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज के रूप में होते हैं। स्वामी हरिदास जी ऐसे संत थे। जिन्होंने भारतीय संगीत को विशिष्ट पहचान दी। आज पूरे देश के महान संगीतज्ञ स्वामी हरिदास जी को भावांजलि अर्पित करना अपना सौभाग्य समझते हैं। आज संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास समिति और गोपी गोस्वामी जी की वजह से उन्हें भी स्वामी हरिदास जी को नमन करने का मौका मिला है। विधायक श्री कांत शर्मा ने कहा कि स्वामी हरिदास जी की सुर साधना से प्रकटित ठाकुर बांके बिहारी जी भौतिक जगत के लिए अनुपम उपहार है। यह ब्रज की पावन धरा है। यहां पर किसी भी रूप में आने का मौका मिले ये राधारानी की कृपा से सम्भव है। इस अवसर पर ब्रज विभूति संत मौनी बाबा महाराज, संत कमंडल वाले बाबा, नामदेव शर्मा, पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, महेश अग्रवाल, सुनील नागर, जगदीश मूलचंदानी, एस पी सिटी राजीव सिंह, अभय वशिष्ठ, अनूप शर्मा, निखिल भारद्वाज, अनुपम शर्मा, अतुल श्रीवास्तव, आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।1
- मथुरा टोंटी फैक्ट्री में संदिग्ध परिस्थितियों में कर्मचारी की मौत परिजनों ने फैक्ट्री मालिक पर लगाए गंभीर आरोप मथुरा फैक्ट्री में संदिग्ध परिस्थितियों में एक कर्मचारी की मौत का मामला सामने आया है मृतक के भाई धरमपाल निवासी कामनी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनके भाई गोल्डलाइन नामक फैक्ट्री में टोटियों की टेस्टिंग का काम करते थे मृतक के भाई के अनुसार खाना खाने के लगभग 15 मिनट बाद उनके भाई की तबीयत बिगड़ी और फैक्ट्री में ही उनकी मौत हो गई परिजनों का आरोप है कि मौत फैक्ट्री के अंदर ही हो गई थी लेकिन फैक्ट्री मालिक ने आनन फानन में शव को वहां से बाहर भिजवा दिया और जबरन अस्पताल ले जाने की औपचारिकता की फिलहाल मृतक के परिजन न्याय और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं4