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ग्रेटर नोएडा: मरीजों की जान बचाने के लिए नोएडा पुलिस का विशेष ऑपरेशन 'फास्ट' शुरू होने जा रहा है। 1 नवंबर से एंबुलेंस को ट्रैफिक में बिना रुकावट रास्ता दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। हार्ट अटैक, स्ट्रोक और सड़क हादसों के मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मिलेगी मदद। #NoidaPolice #OperationFAST #AmbulanceService #GreaterNoida #TrafficPolice ग्रेटर नोएडा: मरीजों की जान बचाने के लिए नोएडा पुलिस का विशेष ऑपरेशन 'फास्ट' शुरू होने जा रहा है। 1 नवंबर से एंबुलेंस को ट्रैफिक में बिना रुकावट रास्ता दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। हार्ट अटैक, स्ट्रोक और सड़क हादसों के मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मिलेगी मदद। #NoidaPolice #OperationFAST #AmbulanceService #GreaterNoida #TrafficPolice
मोहम्मद आसिफ सैफी
ग्रेटर नोएडा: मरीजों की जान बचाने के लिए नोएडा पुलिस का विशेष ऑपरेशन 'फास्ट' शुरू होने जा रहा है। 1 नवंबर से एंबुलेंस को ट्रैफिक में बिना रुकावट रास्ता दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। हार्ट अटैक, स्ट्रोक और सड़क हादसों के मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मिलेगी मदद। #NoidaPolice #OperationFAST #AmbulanceService #GreaterNoida #TrafficPolice ग्रेटर नोएडा: मरीजों की जान बचाने के लिए नोएडा पुलिस का विशेष ऑपरेशन 'फास्ट' शुरू होने जा रहा है। 1 नवंबर से एंबुलेंस को ट्रैफिक में बिना रुकावट रास्ता दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। हार्ट अटैक, स्ट्रोक और सड़क हादसों के मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मिलेगी मदद। #NoidaPolice #OperationFAST #AmbulanceService #GreaterNoida #TrafficPolice
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- ग्रेटर नोएडा: मरीजों की जान बचाने के लिए नोएडा पुलिस का विशेष ऑपरेशन 'फास्ट' शुरू होने जा रहा है। 1 नवंबर से एंबुलेंस को ट्रैफिक में बिना रुकावट रास्ता दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। हार्ट अटैक, स्ट्रोक और सड़क हादसों के मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मिलेगी मदद। #NoidaPolice #OperationFAST #AmbulanceService #GreaterNoida #TrafficPolice ग्रेटर नोएडा: मरीजों की जान बचाने के लिए नोएडा पुलिस का विशेष ऑपरेशन 'फास्ट' शुरू होने जा रहा है। 1 नवंबर से एंबुलेंस को ट्रैफिक में बिना रुकावट रास्ता दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। हार्ट अटैक, स्ट्रोक और सड़क हादसों के मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मिलेगी मदद। #NoidaPolice #OperationFAST #AmbulanceService #GreaterNoida #TrafficPolice1
- गौतमबुद्धनगर में आपातकालीन एम्बुलेंस, ट्रॉमा मरीजों एवं सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए समर्पित ट्रैफिक क्लियरेंस प्रणाली गौतमबुद्धनगर में आपातकालीन एम्बुलेंस, ट्रॉमा मरीजों एवं सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए समर्पित ट्रैफिक क्लियरेंस प्रणाली नोएडा संवाददाता, पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में कमिश्ररेट गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा नवाचार को लगातार अपनी कार्य प्रणाली में अनुसुत करने की दिशा में पुलिस उपायुक्त मुख्यालय शैव्या गोयल द्वारा रिसर्च के उपरांत प्रस्तावित स्कीम को शुक्रवार को प्रस्तुत किया गया। इसके अन्तर्गत आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा बहुमूल्य जीवन बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आपरेशन फास्ट विकसित किया गया है। इस प्रणाली का उद्देश्य गंभीर रूप से बीमार मरीजों, ट्रॉमा मरीजों एवं सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को ले जा रही एम्बुलेंस को सुरक्षित, त्वरित निर्बाध एवं प्राथमिकता के आधार पर आवागमन सुनिश्चित कराना है। चिकित्सा आपात स्थितियों के दौरान गंभीर चोट, हृदयाघात, स्ट्रोक तथा अन्य जानलेवा परिस्थितियों में पीड़ित के जीवन के लिये प्रत्येक मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम में 24 घंटे संचालित समर्पित एम्बुलेंस ट्रैफिक सुविधा सैल स्थापित किया जा रहा है जिसके लिए एक विशेष समन्वय हेल्पलाइन नंबर (9218891716) निर्धारित किया गया जिसे सर्वसम्बन्धित/विभिन्न चिकित्सालयों को उपलब्ध करा दिया गया है। जब भी किसी मरीज या सड़क दुर्घटना पीड़ित को ले जा रही एम्बुलेंस को ट्रैफिक सहायता की आवश्यकता होगी, तब एम्बुलेंस डिस्पैचर, अस्पताल का कंट्रोल रूम अथवा एम्बुलेंस कर्मी उसकी वर्तमान स्थिति, गंतव्य एवं प्रस्तावित मार्ग की सूचना इस समर्पित कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराएंगे।सूचना प्राप्त होते ही कंट्रोल रूम, संबंधित मार्ग पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से तत्काल समन्वय स्थापित करेगा, जिससे प्रमुख चौराहों पर अग्रिम ट्रैफिक क्लियरेंस, आवश्यकतानुसार अस्थायी सिग्नल प्रबंधन, विपरीत दिशा के यातायात का नियमन तथा वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।यह व्यवस्था रोलिंग ट्रैफिक क्लियरेंस मैकेनिज्म पर आधारित होगी जिसमें एम्बुलेंस के आगे बढ़ने के साथ-साथ क्रमवार चौराहों पर यातायात नियंत्रित किया जाएगा। इससे एम्बुलेंस को प्राथमिकता मिलेगी, जबकि आम नागरिकों को कोई असुविधा भी नहीं होगी। आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का उपयोग कर वाहन चालकों को भी एम्बुलेंस के आगमन की पूर्व सूचना दी जाएगी।इस प्रस्तावित व्यवस्था की व्यवहारिकता का परीक्षण करने के लिए गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा एक "ट्रायल रन" आयोजित किया गया था। व्यस्त ट्रैफिक अवधि में एक खाली एम्बुलेंस ने चिल्ला बॉर्डर से मैक्स हॉस्पिटल तथा फोर्टिस हॉस्पिटल तक लगभग 12 किलोमीटर की दूरी प्रत्येक मार्ग पर लगभग 10 मिनट में तय की थी। यह उपलब्धि सुव्यवस्थित ट्रैफिक समन्वय के माध्यम से सामान्य यातायात को बाधित किए बिना प्राप्त की गई। इस सफल परीक्षण ने यह सिद्ध किया कि प्रभावी एवं सक्रिय ट्रैफिक समन्वय के माध्यम से अत्यधिक भीड़भाड़ के समय भी एम्बुलेंस की यात्रा अवधि में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।इस पहल का प्रमुख उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों एवं गंभीर ट्रॉमा मरीजों तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुँचाना है। सिर में गंभीर चोट, अत्यधिक रक्तस्राव, अनेक फ्रैक्चर तथा अन्य गंभीर परिस्थितियों में मरीज को शीघ्र अस्पताल पहुँचाना उसके जीवन की रक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।दुर्घटनास्थल से अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर तक एम्बुलेंस की त्वरित आवाजाही सुनिश्चित कर यह प्रणाली उपचार में होने वाली अनावश्यक देरी को कम करने तथा सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को घटाने में सहायक होगी।यह पहल जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट की व्यापक अवधारणा के अनुरूप भी है। जिसका उद्देश्य समय पर आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराकर रोकी जा सकने वाली मौतों में कमी लाना है।इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रमुख सरकारी एवं निजी अस्पतालों, एम्बुलेंस सेवा प्रदाताओं तथा आपातकालीन डिस्पैच केंद्रों को समन्वय प्रणाली से जोड़ा गया है। अस्पतालों एवं एम्बुलेंस में नियुक्त ऑपरेटरों से अनुरोध किया गया है कि वे आपातकालीन एम्बुलेंस की आवाजाही की अग्रिम सूचना उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त जिले के प्रमुख अस्पतालों को जोड़ने वाले प्राथमिक मार्गों की भी पहचान कर ली गई है।इस प्रस्तावित व्यवस्था को इस प्रकार तैयार किया गया है कि गंभीर मरीजों को शीघ्र चिकित्सा सहायता मिल सके तथा साथ ही अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुविधा एवं सुरक्षा भी प्रभावित न हो। इसके लिए वास्तविक समय में समन्वय, अस्थायी ट्रैफिक नियमन तथा विभिन्न चौराहों के बीच अग्रिम संचार व्यवस्था अपनाई जाएगी।नागरिकों से भी अपील की जाएगी कि वे एम्बुलेंस को प्राथमिकता देते हुए तत्काल रास्ता दें चौराहों को अवरुद्ध न करें तथा आपातकालीन परिस्थितियों में ट्रैफिक पुलिस का सहयोग करें। इस हेतु शहर में विभिन्न स्थानों पर स्थापित पीए सिस्टम के माध्यम से भी आमजन हेतु उद्घोषणा की जायेगी कि कृपया आ रही ऐम्बुलेंस को प्राथमिकता देते हुए पास दे।इस पहल का मूल उद्देश्य स्पष्ट है कि कोई भी गंभीर मरीज या सड़क दुर्घटना पीड़ित, केवल ट्रैफिक जाम के कारण जीवनरक्षक उपचार से वंचित न रहे। तकनीक आधारित एवं समन्वित ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से गौतमबुद्धनगर पुलिस जनसुरक्षा, नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग तथा रोकी जा सकने वाली जनहानि को कम करने की अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।2
- गांगरोल सड़क हादसे में मौत के बाद भड़का गुस्सा, फतेहपुर जादौन चौकी के पास फ्लाईओवर पर परिजनों और ग्रामीणों का जोरदार हंगामा व धरना-प्रदर्शन बुलंदशहर: गांगरोल सड़क हादसे में मौत के बाद भड़का गुस्सा, फतेहपुर जादौन चौकी के पास फ्लाईओवर पर परिजनों और ग्रामीणों का जोरदार हंगामा व धरना-प्रदर्शन बुलंदशहर: चोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांगरोल गांव के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। मुआवजे और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने फतेहपुर जादौन पुलिस चौकी के पास फ्लाईओवर पर जाम लगाकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पुलिस छावनी में बदला इलाका घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती से इलाका छावनी में तब्दील हो गया। प्रदर्शन के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। परिजनों की प्रमुख मांगें मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए। हादसे के लिए जिम्मेदार वाहन चालक की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो। क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए स्पीड ब्रेकर और पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों द्वारा आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराने और उचित कार्रवाई का आश्वासन देने का प्रयास किया जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक जाम खुलवाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बातचीत जारी थी।3
- चोला फ्लाईओवर फतेहपुर जानो गेट पर ग्रामीणों व महिलाओं ने लगाया जाम, सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद पुलिस कार्रवाई न होने से फूटा गुस्सा चोला फ्लाईओवर फतेहपुर जानो गेट पर ग्रामीणों व महिलाओं ने लगाया जाम, सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद पुलिस कार्रवाई न होने से फूटा गुस्सा बुलंदशहर/चोला: चोला रेलवे स्टेशन के पास स्थित फ्लाईओवर के फतेहपुर जानो गेट पर शुक्रवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब सैकड़ों ग्रामीणों और महिलाओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए सिकंदराबाद-बुलंदशहर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क पर धरने पर बैठी महिलाओं और ग्रामीणों की मांग है कि सड़क हादसे में हुई युवक की मौत के दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पीछे से टक्कर मारने और पुलिस पर लापरवाही का आरोप शिकायतकर्ता राजू ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि बीती कल (बृहस्पतिवार) उनके बेटे गोलू और उसके साथी अंकित को किसी अज्ञात वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी थी। इस दर्दनाक हादसे में अंकित की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि गोलू गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित राजू का कहना है कि घटना की लिखित शिकायत देने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस की इस हीला-हवाली और उदासीन रवैये से नाराज होकर ग्रामीणों और महिलाओं को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। यातायात हुआ ठप, मौके पर पुलिस बल तैनात जाम के चलते बुलंदशहर मार्ग पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उग्र ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास जारी है। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।1
- मानसा, पंजाब: मानसा के भम्मे कलां निवासी 32 वर्षीय दलजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु (परिजनों के अनुसार नशे की ओवरडोज) के बाद, उनके शव को नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के 'इंसाफ मोर्चा' धरना स्थल ले जाने का प्रयास कर रहे परिजनों और ग्रामीणों को रोकने के लिए पंजाब पुलिस ने भारी बैरीकेडिंग की। पुलिस द्वारा एम्बुलेंस से शव को कब्जे में लेने के दौरान हुई धक्का-मुक्की में एक सिख प्रदर्शनकारी को सड़क पर घसीटे जाने से उसकी दस्तार (पगड़ी) नीचे गिर गई, और पुलिस ने विरोध कर रहे परिजनों तथा प्रदर्शनकारियों को हिरासत (detained) में ले लिया। मानसा, पंजाब: मानसा के भम्मे कलां निवासी 32 वर्षीय दलजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु (परिजनों के अनुसार नशे की ओवरडोज) के बाद, उनके शव को नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के 'इंसाफ मोर्चा' धरना स्थल ले जाने का प्रयास कर रहे परिजनों और ग्रामीणों को रोकने के लिए पंजाब पुलिस ने भारी बैरीकेडिंग की। पुलिस द्वारा एम्बुलेंस से शव को कब्जे में लेने के दौरान हुई धक्का-मुक्की में एक सिख प्रदर्शनकारी को सड़क पर घसीटे जाने से उसकी दस्तार (पगड़ी) नीचे गिर गई, और पुलिस ने विरोध कर रहे परिजनों तथा प्रदर्शनकारियों को हिरासत (detained) में ले लिया।1
- बुलंदशहर: बॉर्डर से फौजी भाई का छलका दर्द, दबंगों द्वारा भाई को अधमरा किए जाने पर सीएम योगी से लगाई न्याय की गुहार बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ देश की सीमा पर देश की रक्षा में तैनात एक फौजी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में फौजी भाई अपने गृह जनपद के दबंगों द्वारा अपने भाई के साथ की गई बर्बर मारपीट और पुलिस की लचर कार्यशैली के खिलाफ इंसाफ की गुहार लगाता नजर आ रहा है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला बुलंदशहर जनपद के सलेमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँव 'बनवारीपुर घूँघरावली' का है। आरोप है कि गाँव के कुछ दबंगों ने फौजी के भाई के साथ लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। पीड़ित का अस्पताल में गंभीर हालत में इलाज जारी है। देश की सरहद पर तैनात जिस जवान की जिम्मेदारी देश की सुरक्षा करना है, वह आज अपने ही परिवार के लिए न्याय की भीख मांगने को मजबूर है। वायरल वीडियो में फौजी भाई ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फौजी का आरोप है कि स्थानीय पुलिस इस गंभीर मामले में केवल 'खानापूर्ति' की कार्रवाई कर रही है, जिससे दबंगों के हौसले बुलंद हैं और पीड़ित परिवार गहरे सदमे व दहशत में है। वीडियो के माध्यम से भावुक फौजी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि इस मामले में त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उसके भाई को न्याय मिल सके और दोषियों को उनके किए की सजा मिल सके।1
- *पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर* 🟥🟦🟥🟦 *पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की आपातकालीन एम्बुलेंस, ट्रॉमा मरीजों एवं सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए समर्पित ट्रैफिक क्लियरेंस प्रणाली* 🟥🟦🟥🟦 *पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में कमिश्ररेट गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा नवाचार को लगातार अपनी कार्य प्रणाली में अनुसुत करने की दिशा में पुलिस उपायुक्त मुख्यालय श्रीमती शैव्या गोयल द्वारा रिसर्च के उपरांत प्रस्तावित स्कीम को आज प्रस्तुत किया जा रहा है । इसके अन्तर्गत आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा बहुमूल्य जीवन बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए OPERATION FAST(FAST AMBULANCE SEAMLESS TRANSITION) विकसित किया गया है। इस प्रणाली का उद्देश्य गंभीर रूप से बीमार मरीजों, ट्रॉमा मरीजों एवं सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को ले जा रही एम्बुलेंस को सुरक्षित, त्वरित निर्बाध एवं प्राथमिकता के आधार पर आवागमन सुनिश्चित कराना है। चिकित्सा आपात स्थितियों के दौरान गंभीर चोट, हृदयाघात, स्ट्रोक तथा अन्य जानलेवा परिस्थितियों में पीडित के जीवन के लिये प्रत्येक मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।* *24×7 समर्पित एम्बुलेंस ट्रैफिक सुविधा प्रणाली-* *प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम में 24 घंटे संचालित समर्पित एम्बुलेंस ट्रैफिक सुविधा सैल स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए एक विशेष समन्वय हेल्पलाइन नंबर (9218981716) निर्धारित किया गया जिसे सर्वसम्बन्धित/विभिन्न चिकित्सालयों को उपलब्ध करा दिया गया है। जब भी किसी मरीज या सड़क दुर्घटना पीड़ित को ले जा रही एम्बुलेंस को ट्रैफिक सहायता की आवश्यकता होगी, तब एम्बुलेंस डिस्पैचर, अस्पताल का कंट्रोल रूम अथवा एम्बुलेंस कर्मी उसकी वर्तमान स्थिति, गंतव्य एवं प्रस्तावित मार्ग की सूचना इस समर्पित कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराएंगे।* *सूचना प्राप्त होते ही कंट्रोल रूम, संबंधित मार्ग पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से तत्काल समन्वय स्थापित करेगा, जिससे प्रमुख चौराहों पर अग्रिम ट्रैफिक क्लियरेंस, आवश्यकतानुसार अस्थायी सिग्नल प्रबंधन, विपरीत दिशा के यातायात का नियमन तथा वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।* *यह व्यवस्था रोलिंग ट्रैफिक क्लियरेंस मैकेनिज्म पर आधारित होगी, जिसमें एम्बुलेंस के आगे बढ़ने के साथ-साथ क्रमवार चौराहों पर यातायात नियंत्रित किया जाएगा। इससे एम्बुलेंस को प्राथमिकता मिलेगी, जबकि आम नागरिकों को कोई असुविधा भी नहीं होगी। आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का उपयोग कर वाहन चालकों को भी एम्बुलेंस के आगमन की पूर्व सूचना दी जाएगी।* *सफल ट्रायल से मिली सकारात्मक सफलता-* *इस प्रस्तावित व्यवस्था की व्यवहारिकता का परीक्षण करने के लिए गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा एक "ट्रायल रन" आयोजित किया गया था। व्यस्त ट्रैफिक अवधि में एक खाली एम्बुलेंस ने चिल्ला बॉर्डर से मैक्स हॉस्पिटल तथा फोर्टिस हॉस्पिटल तक लगभग 12 किलोमीटर की दूरी प्रत्येक मार्ग पर लगभग 10 मिनट में तय की थी। यह उपलब्धि सुव्यवस्थित ट्रैफिक समन्वय के माध्यम से सामान्य यातायात को बाधित किए बिना प्राप्त की गई।* *इस सफल परीक्षण ने यह सिद्ध किया कि प्रभावी एवं सक्रिय ट्रैफिक समन्वय के माध्यम से अत्यधिक भीड़भाड़ के समय भी एम्बुलेंस की यात्रा अवधि में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।* *सड़क दुर्घटना पीड़ितों एवं ट्रॉमा मरीजों पर विशेष ध्यान-* *इस पहल का प्रमुख उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों एवं गंभीर ट्रॉमा मरीजों तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुँचाना है। सिर में गंभीर चोट, अत्यधिक रक्तस्राव, अनेक फ्रैक्चर तथा अन्य गंभीर परिस्थितियों में मरीज को शीघ्र अस्पताल पहुँचाना उसके जीवन की रक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।* *दुर्घटनास्थल से अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर तक एम्बुलेंस की त्वरित आवाजाही सुनिश्चित कर यह प्रणाली उपचार में होने वाली अनावश्यक देरी को कम करने तथा सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को घटाने में सहायक होगी।* *यह पहल जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट की व्यापक अवधारणा के अनुरूप भी है, जिसका उद्देश्य समय पर आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराकर रोकी जा सकने वाली मौतों में कमी लाना है।* *अस्पतालों एवं एम्बुलेंस संचालकों के साथ समन्वय-* *इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रमुख सरकारी एवं निजी अस्पतालों, एम्बुलेंस सेवा प्रदाताओं तथा आपातकालीन डिस्पैच केंद्रों को समन्वय प्रणाली से जोड़ा गया है। अस्पतालों एवं एम्बुलेंस में नियुक्त ऑपरेटरों से अनुरोध किया गया है कि वे आपातकालीन एम्बुलेंस की आवाजाही की अग्रिम सूचना उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त जिले के प्रमुख अस्पतालों को जोड़ने वाले प्राथमिक मार्गों की भी पहचान कर ली गई है।* *नागरिक हित सर्वोपरि, न्यूनतम असुविधा- इस प्रस्तावित व्यवस्था को इस प्रकार तैयार किया गया है कि गंभीर मरीजों को शीघ्र चिकित्सा सहायता मिल सके तथा साथ ही अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुविधा एवं सुरक्षा भी प्रभावित न हो। इसके लिए वास्तविक समय (Real-time) में समन्वय, अस्थायी ट्रैफिक नियमन तथा विभिन्न चौराहों के बीच अग्रिम संचार व्यवस्था अपनाई जाएगी।* *नागरिकों से भी अपील की जाएगी कि वे एम्बुलेंस को प्राथमिकता देते हुए तत्काल रास्ता दें, चौराहों को अवरुद्ध न करें तथा आपातकालीन परिस्थितियों में ट्रैफिक पुलिस का सहयोग करें। इस हेतु शहर में विभिन्न स्थानों पर स्थापित पी0ए० सिस्टम के माध्यम से भी आमजन हेतु उद्घोषणा की जायेगी कि कृपया आ रही ऐम्बुलेंस को प्राथमिकता देते हुए पास दे।* *इस पहल का मूल उद्देश्य स्पष्ट है कि कोई भी गंभीर मरीज या सड़क दुर्घटना पीड़ित, केवल ट्रैफिक जाम के कारण जीवनरक्षक उपचार से वंचित न रहे। तकनीक आधारित एवं समन्वित ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से गौतमबुद्धनगर पुलिस जनसुरक्षा, नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग तथा रोकी जा सकने वाली जनहानि को कम करने की अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।* *मीडिया सेल* *पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर* *पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर* 🟥🟦🟥🟦 *पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की आपातकालीन एम्बुलेंस, ट्रॉमा मरीजों एवं सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए समर्पित ट्रैफिक क्लियरेंस प्रणाली* 🟥🟦🟥🟦 *पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में कमिश्ररेट गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा नवाचार को लगातार अपनी कार्य प्रणाली में अनुसुत करने की दिशा में पुलिस उपायुक्त मुख्यालय श्रीमती शैव्या गोयल द्वारा रिसर्च के उपरांत प्रस्तावित स्कीम को आज प्रस्तुत किया जा रहा है । इसके अन्तर्गत आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा बहुमूल्य जीवन बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए OPERATION FAST(FAST AMBULANCE SEAMLESS TRANSITION) विकसित किया गया है। इस प्रणाली का उद्देश्य गंभीर रूप से बीमार मरीजों, ट्रॉमा मरीजों एवं सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को ले जा रही एम्बुलेंस को सुरक्षित, त्वरित निर्बाध एवं प्राथमिकता के आधार पर आवागमन सुनिश्चित कराना है। चिकित्सा आपात स्थितियों के दौरान गंभीर चोट, हृदयाघात, स्ट्रोक तथा अन्य जानलेवा परिस्थितियों में पीडित के जीवन के लिये प्रत्येक मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।* *24×7 समर्पित एम्बुलेंस ट्रैफिक सुविधा प्रणाली-* *प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम में 24 घंटे संचालित समर्पित एम्बुलेंस ट्रैफिक सुविधा सैल स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए एक विशेष समन्वय हेल्पलाइन नंबर (9218981716) निर्धारित किया गया जिसे सर्वसम्बन्धित/विभिन्न चिकित्सालयों को उपलब्ध करा दिया गया है। जब भी किसी मरीज या सड़क दुर्घटना पीड़ित को ले जा रही एम्बुलेंस को ट्रैफिक सहायता की आवश्यकता होगी, तब एम्बुलेंस डिस्पैचर, अस्पताल का कंट्रोल रूम अथवा एम्बुलेंस कर्मी उसकी वर्तमान स्थिति, गंतव्य एवं प्रस्तावित मार्ग की सूचना इस समर्पित कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराएंगे।* *सूचना प्राप्त होते ही कंट्रोल रूम, संबंधित मार्ग पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से तत्काल समन्वय स्थापित करेगा, जिससे प्रमुख चौराहों पर अग्रिम ट्रैफिक क्लियरेंस, आवश्यकतानुसार अस्थायी सिग्नल प्रबंधन, विपरीत दिशा के यातायात का नियमन तथा वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।* *यह व्यवस्था रोलिंग ट्रैफिक क्लियरेंस मैकेनिज्म पर आधारित होगी, जिसमें एम्बुलेंस के आगे बढ़ने के साथ-साथ क्रमवार चौराहों पर यातायात नियंत्रित किया जाएगा। इससे एम्बुलेंस को प्राथमिकता मिलेगी, जबकि आम नागरिकों को कोई असुविधा भी नहीं होगी। आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का उपयोग कर वाहन चालकों को भी एम्बुलेंस के आगमन की पूर्व सूचना दी जाएगी।* *सफल ट्रायल से मिली सकारात्मक सफलता-* *इस प्रस्तावित व्यवस्था की व्यवहारिकता का परीक्षण करने के लिए गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा एक "ट्रायल रन" आयोजित किया गया था। व्यस्त ट्रैफिक अवधि में एक खाली एम्बुलेंस ने चिल्ला बॉर्डर से मैक्स हॉस्पिटल तथा फोर्टिस हॉस्पिटल तक लगभग 12 किलोमीटर की दूरी प्रत्येक मार्ग पर लगभग 10 मिनट में तय की थी। यह उपलब्धि सुव्यवस्थित ट्रैफिक समन्वय के माध्यम से सामान्य यातायात को बाधित किए बिना प्राप्त की गई।* *इस सफल परीक्षण ने यह सिद्ध किया कि प्रभावी एवं सक्रिय ट्रैफिक समन्वय के माध्यम से अत्यधिक भीड़भाड़ के समय भी एम्बुलेंस की यात्रा अवधि में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।* *सड़क दुर्घटना पीड़ितों एवं ट्रॉमा मरीजों पर विशेष ध्यान-* *इस पहल का प्रमुख उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों एवं गंभीर ट्रॉमा मरीजों तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुँचाना है। सिर में गंभीर चोट, अत्यधिक रक्तस्राव, अनेक फ्रैक्चर तथा अन्य गंभीर परिस्थितियों में मरीज को शीघ्र अस्पताल पहुँचाना उसके जीवन की रक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।* *दुर्घटनास्थल से अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर तक एम्बुलेंस की त्वरित आवाजाही सुनिश्चित कर यह प्रणाली उपचार में होने वाली अनावश्यक देरी को कम करने तथा सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को घटाने में सहायक होगी।* *यह पहल जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट की व्यापक अवधारणा के अनुरूप भी है, जिसका उद्देश्य समय पर आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराकर रोकी जा सकने वाली मौतों में कमी लाना है।* *अस्पतालों एवं एम्बुलेंस संचालकों के साथ समन्वय-* *इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रमुख सरकारी एवं निजी अस्पतालों, एम्बुलेंस सेवा प्रदाताओं तथा आपातकालीन डिस्पैच केंद्रों को समन्वय प्रणाली से जोड़ा गया है। अस्पतालों एवं एम्बुलेंस में नियुक्त ऑपरेटरों से अनुरोध किया गया है कि वे आपातकालीन एम्बुलेंस की आवाजाही की अग्रिम सूचना उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त जिले के प्रमुख अस्पतालों को जोड़ने वाले प्राथमिक मार्गों की भी पहचान कर ली गई है।* *नागरिक हित सर्वोपरि, न्यूनतम असुविधा- इस प्रस्तावित व्यवस्था को इस प्रकार तैयार किया गया है कि गंभीर मरीजों को शीघ्र चिकित्सा सहायता मिल सके तथा साथ ही अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुविधा एवं सुरक्षा भी प्रभावित न हो। इसके लिए वास्तविक समय (Real-time) में समन्वय, अस्थायी ट्रैफिक नियमन तथा विभिन्न चौराहों के बीच अग्रिम संचार व्यवस्था अपनाई जाएगी।* *नागरिकों से भी अपील की जाएगी कि वे एम्बुलेंस को प्राथमिकता देते हुए तत्काल रास्ता दें, चौराहों को अवरुद्ध न करें तथा आपातकालीन परिस्थितियों में ट्रैफिक पुलिस का सहयोग करें। इस हेतु शहर में विभिन्न स्थानों पर स्थापित पी0ए० सिस्टम के माध्यम से भी आमजन हेतु उद्घोषणा की जायेगी कि कृपया आ रही ऐम्बुलेंस को प्राथमिकता देते हुए पास दे।* *इस पहल का मूल उद्देश्य स्पष्ट है कि कोई भी गंभीर मरीज या सड़क दुर्घटना पीड़ित, केवल ट्रैफिक जाम के कारण जीवनरक्षक उपचार से वंचित न रहे। तकनीक आधारित एवं समन्वित ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से गौतमबुद्धनगर पुलिस जनसुरक्षा, नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग तथा रोकी जा सकने वाली जनहानि को कम करने की अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।* *मीडिया सेल* *पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर*1
- जिला बुलंदशहर के गंगरेल में तेज रफ्तार कार की जोरदार टक्कर से युवक की मौत चोला स्टेशन फ्लाई ओवर पर तेज रफ्तार कार की टक्कर से गैंगरौल निवासी अंकित की मौत गाड़ी चालक मौके से फरार ग्रामीण जनता ने बॉडी को रोड पर रख कर अपराधी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की ओर वहां पर co सिकंदराबाद sp ओर Dm बुलंदशहर आदि उच्च अधिकारी मौके पर मौजूद रहे ओर ग्रामीण को सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया2