Shuru
Apke Nagar Ki App…
मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, सड़क पर एक्सीडेंट हुआ तो फ्री होगा इलाज! नए पीएम ऑफिस 'सेवा तीर्थ' से मोदी सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत दी है. अब सड़क हादसे में घायल होने पर अस्पताल में पैसे नहीं जमा कराने होंगे; सरकार 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देगी. इसके अलावा, 6 करोड़ लखपति दीदियों और किसानों के लिए भी सरकारी खजाना खोल दिया गया है.
Mohit Badtiya
मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, सड़क पर एक्सीडेंट हुआ तो फ्री होगा इलाज! नए पीएम ऑफिस 'सेवा तीर्थ' से मोदी सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत दी है. अब सड़क हादसे में घायल होने पर अस्पताल में पैसे नहीं जमा कराने होंगे; सरकार 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देगी. इसके अलावा, 6 करोड़ लखपति दीदियों और किसानों के लिए भी सरकारी खजाना खोल दिया गया है.
- Vinod SenDamoh, Madhya PradeshSar ji private aspataalon mein abhi logon ka free ilaaj Lene Ki kripa karva dega16 hrs ago
- DrNandaKishore Pattanaikबेमेतरा, बेमेतरा, छत्तीसगढ़🙏11 hrs ago
More news from New Delhi and nearby areas
- क्या गजब का नियम लाया हैं कोर्ट ने दिया पत्नियों को पति को धोखा देने का हक। अब पत्नियाँ किसी के साथ भी लिवइन के रह सकती हैं अगर उससे बच्चा भी को जाए तो भी वो बच्चा इसके पहले पति का ही कहलाएगा।1
- Post by SANDEEP RAJPUT1
- तहसील में जमानत प्रक्रिया पर उठे सवाल बिना अधिकारी और पेशकार के प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा जमानत कराए जाने का आरोप शाहाबाद (हरदोई)। तहसील शाहाबाद में जमानत प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यहां बिना संबंधित अधिकारी और पेशकार की मौजूदगी के प्राइवेट कर्मचारी ही जमानत संबंधी कार्य निपटा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, फौजदारी अहलमद का चार्ज राजेंद्र बाबू के पास है, लेकिन व्यवहारिक रूप से अधिकतर कार्य प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जमानत से जुड़े दस्तावेजों की जांच-पड़ताल और प्रक्रिया पूरी कराने का काम भी बाहरी कर्मचारियों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।स्थानीय logo और वादकारियों का कहना है कि न्यायालयीन कार्यों में अधिकृत कर्मचारियों की अनुपस्थिति से न केवल प्रक्रिया की वैधता प्रभावित होती है, बल्कि आमजन को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि जमानत जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में नियमानुसार अधिकारी और अधिकृत स्टाफ की उपस्थिति आवश्यक है। इस संबंध में जब संबंधित अधिकारियों से जानकारी करने का प्रयास किया गया तो स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।1
- Post by MOHD Ahsan. 95406238261
- दिल्ली संगम विहार देवली खानपुर रोड पर एमसीडी के द्वारा ऑनलाइन ब्लैंकेट ऑफिस के सामने एमसीडी के बड़े अधिकारियों के कहने पर कर्मचारियों ने कूड़ा रोड पर फेंक दिया जहां पर दिल्ली में बीजेपी की सरकार निगम में बीजेपी की सरकार सांसद बीजेपी का वहां पर ऐसा निंदनीय कार्य जहां पर भारत स्वच्छता की बात करता है दिल्ली सरकार लगातार यह वादे करती है कि हम दिल्ली को स्वच्छ बना कर रहेंगे वहीं पर भाजपा शासित राज्य में इस तरीके का कारनामा देखने को मिला इससे साफ जाहिर होता है कि बीजेपी जनता के लिए नहीं चंद लालाओं के लिए काम कर रही है। जनता कहीं ना कहीं अपने आप को ठगा महसूस कर रही है। ऐसी निंदनीय स्थिति देखकर परिस्थितियों आप समझ सकते हैं उम्मीद करता हूं कि ऐसा कभी ना हो इस वीडियो को प्रशासनिक लोगों तक पहुंचाया जाए ताकि ऐसी हरकत ऐसे कर्मचारी ना कर सके और उनके ऊपर एक्शन लिया जाए1
- Post by राष्ट्रीय स्वयं सेवक1
- Post by Pavan Nat1
- #उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की खबर अत्यंत निंदनीय और चिंताजनक है। अन्नदाता पर इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है और यह प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। भारतीय किसान यूनियन स्वराज उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करती है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा एवं न्याय प्रदान किया जाए। किसानों की आवाज को दबाने के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए। यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगा।1