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तहसील में जमानत प्रक्रिया पर उठे सवाल बिना अधिकारी और पेशकार के प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा जमानत कराए जाने का आरोप शाहाबाद (हरदोई)। तहसील शाहाबाद में जमानत प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यहां बिना संबंधित अधिकारी और पेशकार की मौजूदगी के प्राइवेट कर्मचारी ही जमानत संबंधी कार्य निपटा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, फौजदारी अहलमद का चार्ज राजेंद्र बाबू के पास है, लेकिन व्यवहारिक रूप से अधिकतर कार्य प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जमानत से जुड़े दस्तावेजों की जांच-पड़ताल और प्रक्रिया पूरी कराने का काम भी बाहरी कर्मचारियों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।स्थानीय logo और वादकारियों का कहना है कि न्यायालयीन कार्यों में अधिकृत कर्मचारियों की अनुपस्थिति से न केवल प्रक्रिया की वैधता प्रभावित होती है, बल्कि आमजन को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि जमानत जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में नियमानुसार अधिकारी और अधिकृत स्टाफ की उपस्थिति आवश्यक है। इस संबंध में जब संबंधित अधिकारियों से जानकारी करने का प्रयास किया गया तो स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।

13 hrs ago
user_Crime 7 india news 📰📰📰📰📰
Crime 7 india news 📰📰📰📰📰
Newspaper advertising department सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
13 hrs ago

तहसील में जमानत प्रक्रिया पर उठे सवाल बिना अधिकारी और पेशकार के प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा जमानत कराए जाने का आरोप शाहाबाद (हरदोई)। तहसील शाहाबाद में जमानत प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यहां बिना संबंधित अधिकारी और पेशकार की मौजूदगी के प्राइवेट कर्मचारी ही जमानत संबंधी कार्य निपटा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, फौजदारी अहलमद का चार्ज राजेंद्र बाबू के पास है, लेकिन व्यवहारिक रूप से अधिकतर कार्य प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जमानत से जुड़े दस्तावेजों की जांच-पड़ताल और प्रक्रिया पूरी कराने का काम भी बाहरी कर्मचारियों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।स्थानीय logo और वादकारियों का कहना है कि न्यायालयीन कार्यों में अधिकृत कर्मचारियों की अनुपस्थिति से न केवल प्रक्रिया की वैधता प्रभावित होती है, बल्कि आमजन को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि जमानत जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में नियमानुसार अधिकारी और अधिकृत स्टाफ की उपस्थिति आवश्यक है। इस संबंध में जब संबंधित अधिकारियों से जानकारी करने का प्रयास किया गया तो स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।

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  • न्यूज़: दिल्ली में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुल्तान पुरी थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। SHO रविंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक महिला आरोपी को 201 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद प्रतिबंधित मादक पदार्थ को विधिवत जब्त कर लिया है तथा उसके खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई एक बार फिर साफ संदेश देती है कि नशे के कारोबार में शामिल अपराधियों के प्रति पुलिस की नीति पूरी तरह स्पष्ट है — जीरो टॉलरेंस।
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    न्यूज़:
दिल्ली में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुल्तान पुरी थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। SHO रविंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक महिला आरोपी को 201 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद प्रतिबंधित मादक पदार्थ को विधिवत जब्त कर लिया है तथा उसके खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई एक बार फिर साफ संदेश देती है कि नशे के कारोबार में शामिल अपराधियों के प्रति पुलिस की नीति पूरी तरह स्पष्ट है — जीरो टॉलरेंस।
    user_पानीपत क्रांति न्यूज़ पानीपत क्रांति न्यूज़
    पानीपत क्रांति न्यूज़ पानीपत क्रांति न्यूज़
    Court reporter Saraswati Vihar, North West Delhi•
    14 min ago
  • राजधानी दिल्ली में देखने को मिला कल का संगम अद्भुत कला बेमिसाल
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    राजधानी दिल्ली में देखने को मिला कल का संगम अद्भुत कला बेमिसाल
    user_Vinod Rastogi
    Vinod Rastogi
    चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • Post by Monu Patel
    2
    Post by Monu Patel
    user_Monu Patel
    Monu Patel
    Chanakya Puri, New Delhi•
    1 hr ago
  • 3 फरवरी को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 22 वर्षीय साहिल धनशेरा की जान चली गई। आरोप है कि Scorpio N (UP57BM3057) एक 19 वर्षीय युवक चला रहा था, जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था लापरवाही की इस घटना ने एक मां से उसका बेटा छीन लिया। अब साहिल की मां प्रशासन से अपने बेटे के लिए न्याय की गुहार लगा रही हैं। एक मां का दर्द… इंसाफ का इंतजार। #JusticeForSahil #ShuruApp #सड़क_हादसा #इंसाफ_की_मांग #RoadSafety #RozanaTimes
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    3 फरवरी को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 22 वर्षीय साहिल धनशेरा की जान चली गई।
आरोप है कि Scorpio N (UP57BM3057) एक 19 वर्षीय युवक चला रहा था, 
जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था लापरवाही की इस घटना ने एक मां से उसका बेटा छीन लिया।
अब साहिल की मां प्रशासन से अपने बेटे के लिए न्याय की गुहार लगा रही हैं।
एक मां का दर्द… इंसाफ का इंतजार।
#JusticeForSahil #ShuruApp #सड़क_हादसा #इंसाफ_की_मांग #RoadSafety #RozanaTimes
    user_Rtn.1 News
    Rtn.1 News
    Local News Reporter यमुना विहार, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • एआई कॉन्फ्रेंस में अनंत अंबानी ने मोदी जी को समझाया, मुख्यमंत्री बिष्ट शंकराचार्य को समझें-अखिलेश, किसानों की रोज़ी से कांग्रेस को समझौता मंजूर नहीं, डोटासरा मार देंगे घोटा, बीजेपी विधायक होने से दुखी विधायकजी और तीन अपराधी मंत्रियों को नहीं बोलने देंगे कांग्रेसी मप्र में.... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ को....
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    एआई कॉन्फ्रेंस में अनंत अंबानी ने मोदी जी को समझाया, मुख्यमंत्री बिष्ट शंकराचार्य को समझें-अखिलेश, किसानों की रोज़ी से कांग्रेस को समझौता मंजूर नहीं, डोटासरा मार देंगे घोटा, बीजेपी विधायक होने से दुखी विधायकजी और तीन अपराधी मंत्रियों को नहीं बोलने देंगे कांग्रेसी मप्र में.... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ को....
    user_Rajpath News
    Rajpath News
    पत्रकार Chanakya Puri, New Delhi•
    2 hrs ago
  • क्या गजब का नियम लाया हैं कोर्ट ने दिया पत्नियों को पति को धोखा देने का हक। अब पत्नियाँ किसी के साथ भी लिवइन के रह सकती हैं अगर उससे बच्चा भी को जाए तो भी वो बच्चा इसके पहले पति का ही कहलाएगा।
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    क्या गजब का नियम लाया हैं कोर्ट ने दिया पत्नियों को पति को धोखा देने का हक।
अब पत्नियाँ किसी के साथ भी लिवइन के रह सकती हैं अगर उससे बच्चा भी को जाए तो भी वो बच्चा इसके पहले पति का ही कहलाएगा।
    user_Mohit Badtiya
    Mohit Badtiya
    Shahdara, New Delhi•
    2 hrs ago
  • तहसील में जमानत प्रक्रिया पर उठे सवाल बिना अधिकारी और पेशकार के प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा जमानत कराए जाने का आरोप शाहाबाद (हरदोई)। तहसील शाहाबाद में जमानत प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यहां बिना संबंधित अधिकारी और पेशकार की मौजूदगी के प्राइवेट कर्मचारी ही जमानत संबंधी कार्य निपटा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, फौजदारी अहलमद का चार्ज राजेंद्र बाबू के पास है, लेकिन व्यवहारिक रूप से अधिकतर कार्य प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जमानत से जुड़े दस्तावेजों की जांच-पड़ताल और प्रक्रिया पूरी कराने का काम भी बाहरी कर्मचारियों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।स्थानीय logo और वादकारियों का कहना है कि न्यायालयीन कार्यों में अधिकृत कर्मचारियों की अनुपस्थिति से न केवल प्रक्रिया की वैधता प्रभावित होती है, बल्कि आमजन को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि जमानत जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में नियमानुसार अधिकारी और अधिकृत स्टाफ की उपस्थिति आवश्यक है। इस संबंध में जब संबंधित अधिकारियों से जानकारी करने का प्रयास किया गया तो स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
    1
    तहसील में जमानत प्रक्रिया पर उठे सवाल 
बिना अधिकारी और पेशकार के प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा  जमानत कराए जाने का आरोप
शाहाबाद (हरदोई)। तहसील शाहाबाद में जमानत प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यहां बिना संबंधित अधिकारी और पेशकार की मौजूदगी के प्राइवेट कर्मचारी ही जमानत संबंधी कार्य निपटा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, फौजदारी अहलमद का चार्ज राजेंद्र बाबू के पास है, लेकिन व्यवहारिक रूप से अधिकतर कार्य प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जमानत से जुड़े दस्तावेजों की जांच-पड़ताल और प्रक्रिया पूरी कराने का काम भी बाहरी कर्मचारियों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।स्थानीय logo और वादकारियों का कहना है कि न्यायालयीन कार्यों में अधिकृत कर्मचारियों की अनुपस्थिति से न केवल प्रक्रिया की वैधता प्रभावित होती है, बल्कि आमजन को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि जमानत जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में नियमानुसार अधिकारी और अधिकृत स्टाफ की उपस्थिति आवश्यक है।
इस संबंध में जब संबंधित अधिकारियों से जानकारी करने का प्रयास किया गया तो स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
    user_Crime 7 india news 📰📰📰📰📰
    Crime 7 india news 📰📰📰📰📰
    Newspaper advertising department सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    13 hrs ago
  • Post by Monu Patel
    2
    Post by Monu Patel
    user_Monu Patel
    Monu Patel
    Chanakya Puri, New Delhi•
    1 hr ago
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