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इटारसी की न्यास कॉलोनी में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर नागरिकों का गुस्सा प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा है, जहाँ लोगों ने "पहले रोड, फिर वोट!" का बैनर लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया है। यह आक्रोश मुख्य रूप से सड़कों, पानी और सफाई की खस्ताहाल व्यवस्था के कारण उपजा है। विशेष रूप से, जल आवर्धन योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें, करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद, आज तक सुधारी नहीं गई हैं। सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट सिद्धार्थ महेश आर्य के नेतृत्व में कॉलोनी के निवासियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि "जनता की एक ही पुकार, सड़क, पानी और नाली का हो तत्काल सुधार!" बदहाल व्यवस्था से परेशान होकर जनता अब आर-पार के मूड में आ गई है।
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इटारसी की न्यास कॉलोनी में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर नागरिकों का गुस्सा प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा है, जहाँ लोगों ने "पहले रोड, फिर वोट!" का बैनर लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया है। यह आक्रोश मुख्य रूप से सड़कों, पानी और सफाई की खस्ताहाल व्यवस्था के कारण उपजा है। विशेष रूप से, जल आवर्धन योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें, करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद, आज तक सुधारी नहीं गई हैं। सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट सिद्धार्थ महेश आर्य के नेतृत्व में कॉलोनी के निवासियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि "जनता की एक ही पुकार, सड़क, पानी और नाली का हो तत्काल सुधार!" बदहाल व्यवस्था से परेशान होकर जनता अब आर-पार के मूड में आ गई है।
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- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मोहन नागर को बधाई दी है।1
- नर्मदापुरम जिले के पिपरिया स्थित शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं ने लंबे समय से बंद पड़े गर्ल्स हॉस्टल को पुनः शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग आयुक्त के नाम एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पिपरिया के माध्यम से सौंपा, जिसे एसडीएम की बैठक में व्यस्तता के कारण उनके कार्यालय में जमा कराया गया। ज्ञापन में छात्राओं ने बताया कि महाविद्यालय में दूरदराज के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्राएँ अध्ययन के लिए आती हैं, और छात्रावास बंद होने के कारण उन्हें प्रतिदिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। छात्राओं के अनुसार, यह स्थिति न केवल उनके समय और आर्थिक संसाधनों की हानि का कारण बन रही है, बल्कि उन्हें सुरक्षा संबंधी गंभीर परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है, जिसका सीधा और प्रतिकूल प्रभाव उनकी नियमित पढ़ाई और उच्च शिक्षा पर पड़ रहा है। छात्रा वीणा उइके ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा समाज की सबसे बड़ी शक्ति है और बेटियों को सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गर्ल्स हॉस्टल के फिर से संचालित होने से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में अत्यधिक सुविधा मिलेगी। छात्राओं ने शासन और उच्च शिक्षा विभाग से मांग की है कि छात्रहित और बेटियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाविद्यालय के बंद पड़े गर्ल्स हॉस्टल को जल्द से जल्द प्रारंभ किया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित आवास की सुविधा मिल सके और उनकी शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रह पाए।4
- मध्य प्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सानव्वर पटेल ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया है।1
- आज भोपाल में धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री, जिन्हें बागेश्वर धाम सरकार के नाम से जाना जाता है, द्वारा कैंसर हेलर सेंटर का शुभारंभ किया गया।4
- रीवा के सामाजिक न्याय विभाग में अधीक्षक के पद पर कार्यरत डीके वर्मा सेवानिवृत्त हो गए हैं। इस संबंध में उमेश बारी की एक विशेष रिपोर्ट s24x7न्यूज के लिए जारी की गई है।1
- भोपाल के मानस भवन में कवि रवींद्र कुलश्रेष्ठ 'दादा जी' की स्मृति में 14वें कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। लायंस क्लब के अध्यक्ष सुयश कुलश्रेष्ठ द्वारा यह आयोजन प्रतिवर्ष 'दादा जी' की याद में किया जाता है।4
- रायसेन जिला मुख्यालय के ग्राम सालेरा के ग्रामीण लंबे समय से जर्जर और गड्ढों से भरी सड़क तथा स्वीकृति के बाद भी उसके निर्माण न होने की समस्या से जूझ रहे हैं। इसी से परेशान होकर मंगलवार को ग्रामीणों ने एक बार फिर जनसुनवाई में पहुंचकर एसडीएम मनीष शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। रायसेन के वार्ड क्रमांक-4 स्थित ऑक्सीजन पार्क के पास से ग्राम सालेरा तक लगभग 10 किलोमीटर लंबी इस सड़क की हालत अत्यधिक खराब होने के कारण ग्रामीणों ने पहले ऑक्सीजन पार्क के पास शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया और फिर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहाँ उन्होंने कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा को भी एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने से पहले ग्रामीणों के इस धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और वर्षों से खराब पड़ी सड़क के शीघ्र निर्माण की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क लगभग 50 से 60 गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जिसकी बदहाल स्थिति के कारण प्रतिदिन स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं, किसानों, मरीजों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बरसात के मौसम में सड़क पर बने गड्ढों के कारण आवागमन और भी जोखिम भरा हो जाता है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को आवेदन एवं ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे नाराज होकर उन्हें धरना प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस मामले में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा का कहना है कि इस सड़क के निर्माण के लिए तीन बार टेंडर निकाले गए हैं, लेकिन अभी तक कोई कंपनी सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि एक बार फिर इस सड़क का टेंडर निकाला जा रहा है और जैसे ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी, सड़क का काम शुरू हो जाएगा। फिलहाल ऑक्सीजन पार्क के पास ग्रामीणों का शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन जारी है।4
- भोपाल में बिल गेट पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है, जिसके परिणामस्वरूप वहाँ तत्काल हंगामा हो गया है। यह मामला भोपाल से सामने आया है, जहाँ लोगों का आक्रोश स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।1