नर्मदापुरम जिले के पिपरिया स्थित शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं ने लंबे समय से बंद पड़े गर्ल्स हॉस्टल को पुनः शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग आयुक्त के नाम एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पिपरिया के माध्यम से सौंपा, जिसे एसडीएम की बैठक में व्यस्तता के कारण उनके कार्यालय में जमा कराया गया। ज्ञापन में छात्राओं ने बताया कि महाविद्यालय में दूरदराज के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्राएँ अध्ययन के लिए आती हैं, और छात्रावास बंद होने के कारण उन्हें प्रतिदिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। छात्राओं के अनुसार, यह स्थिति न केवल उनके समय और आर्थिक संसाधनों की हानि का कारण बन रही है, बल्कि उन्हें सुरक्षा संबंधी गंभीर परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है, जिसका सीधा और प्रतिकूल प्रभाव उनकी नियमित पढ़ाई और उच्च शिक्षा पर पड़ रहा है। छात्रा वीणा उइके ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा समाज की सबसे बड़ी शक्ति है और बेटियों को सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गर्ल्स हॉस्टल के फिर से संचालित होने से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में अत्यधिक सुविधा मिलेगी। छात्राओं ने शासन और उच्च शिक्षा विभाग से मांग की है कि छात्रहित और बेटियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाविद्यालय के बंद पड़े गर्ल्स हॉस्टल को जल्द से जल्द प्रारंभ किया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित आवास की सुविधा मिल सके और उनकी शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रह पाए।
नर्मदापुरम जिले के पिपरिया स्थित शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं ने लंबे समय से बंद पड़े गर्ल्स हॉस्टल को पुनः शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग आयुक्त के नाम एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पिपरिया के माध्यम से सौंपा, जिसे एसडीएम की बैठक में व्यस्तता के कारण उनके कार्यालय में जमा कराया गया। ज्ञापन
में छात्राओं ने बताया कि महाविद्यालय में दूरदराज के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्राएँ अध्ययन के लिए आती हैं, और छात्रावास बंद होने के कारण उन्हें प्रतिदिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। छात्राओं के अनुसार, यह स्थिति न केवल उनके समय और आर्थिक संसाधनों की हानि का कारण बन रही है, बल्कि उन्हें सुरक्षा संबंधी गंभीर परेशानियों का भी सामना
करना पड़ रहा है, जिसका सीधा और प्रतिकूल प्रभाव उनकी नियमित पढ़ाई और उच्च शिक्षा पर पड़ रहा है। छात्रा वीणा उइके ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा समाज की सबसे बड़ी शक्ति है और बेटियों को सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गर्ल्स हॉस्टल के फिर से संचालित होने से ग्रामीण और आदिवासी
क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में अत्यधिक सुविधा मिलेगी। छात्राओं ने शासन और उच्च शिक्षा विभाग से मांग की है कि छात्रहित और बेटियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाविद्यालय के बंद पड़े गर्ल्स हॉस्टल को जल्द से जल्द प्रारंभ किया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित आवास की सुविधा मिल सके और उनकी शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रह पाए।
- नर्मदापुरम जिले के पिपरिया स्थित शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं ने लंबे समय से बंद पड़े गर्ल्स हॉस्टल को पुनः शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग आयुक्त के नाम एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पिपरिया के माध्यम से सौंपा, जिसे एसडीएम की बैठक में व्यस्तता के कारण उनके कार्यालय में जमा कराया गया। ज्ञापन में छात्राओं ने बताया कि महाविद्यालय में दूरदराज के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्राएँ अध्ययन के लिए आती हैं, और छात्रावास बंद होने के कारण उन्हें प्रतिदिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। छात्राओं के अनुसार, यह स्थिति न केवल उनके समय और आर्थिक संसाधनों की हानि का कारण बन रही है, बल्कि उन्हें सुरक्षा संबंधी गंभीर परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है, जिसका सीधा और प्रतिकूल प्रभाव उनकी नियमित पढ़ाई और उच्च शिक्षा पर पड़ रहा है। छात्रा वीणा उइके ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा समाज की सबसे बड़ी शक्ति है और बेटियों को सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गर्ल्स हॉस्टल के फिर से संचालित होने से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में अत्यधिक सुविधा मिलेगी। छात्राओं ने शासन और उच्च शिक्षा विभाग से मांग की है कि छात्रहित और बेटियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाविद्यालय के बंद पड़े गर्ल्स हॉस्टल को जल्द से जल्द प्रारंभ किया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित आवास की सुविधा मिल सके और उनकी शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रह पाए।4
- सोहागपुर, नर्मदापुरम जिले के पावन रेवाबनखेड़ी घाट पर पूर्णिमा के शुभ अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। क्षेत्र की शान माने जाने वाले और ग्राम भौंखेड़ी निवासी, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधानसभा प्रत्याशी रहे, प्रतिष्ठित कृषक माननीय श्री पुष्पराज सिंह जी पटेल 'पुष्पराज भैया' द्वारा आयोजित इस भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माँ नर्मदा के तट पर बैठकर प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। यह सेवा यहीं समाप्त नहीं हुई, बल्कि भंडारे के पश्चात पुष्पराज भैया ने अपने 'राम रहीम रोटी बैंक' के माध्यम से जरूरतमंद, बेघर, बेसहारा भाई-बहनों और माँ नर्मदा की परिक्रमा कर रहे परिक्रमावासियों तक भी स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ भोजन प्रसाद पहुँचाकर मानवता की एक अनुपम मिसाल पेश की। इस कार्य ने इस बात को सिद्ध किया कि "#अन्नदान महादान है #और #नर सेवा ही नारायण सेवा है#।" राम रहीम रोटी बैंक परिवार ने पुष्पराज भैया और समस्त पटेल परिवार के इस निस्वार्थ सेवाभाव के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनके यश, कीर्ति और सम्मान में दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि होने की प्रार्थना की है।1
- रायसेन के सलामतपुर में एक 17 वर्षीय नाबालिग को बंधक बनाकर दुष्कर्म करने की एक शर्मनाक वारदात सामने आई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने नाबालिग को छत पर बुलाया और एक बंद कमरे में उसके साथ दरिंदगी की। इस गंभीर मामले में थाना प्रभारी श्यामराज सिंह की कड़क टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी गोलू सहरिया को चंद घंटों के भीतर ही धरदबोचा। पुलिस ने BNS और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है। पुलिस की इस सख्त और त्वरित कार्रवाई ने क्षेत्र में अपराधियों के बीच खौफ पैदा कर दिया है।1
- इटारसी नगर पालिका की नवनियुक्त सीएमओ सुश्री सुरेखा जाटव जी ने पदभार ग्रहण करते ही शहर हित में कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने तत्काल प्रभाव से शहर की सफाई व्यवस्था का जमीनी स्तर पर अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान, सीएमओ ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक एवं उचित दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को साफ-सुथरा माहौल प्रदान करना उनकी पहली प्राथमिकता है। सुश्री सुरेखा जाटव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि "शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। सफाई कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" नवागत सीएमओ के इस एक्शन से नगर पालिका अमले में हड़कंप का माहौल है, जबकि नागरिकों ने उनकी इस तत्परता और कठोरता की सराहना की है।1
- नर्मदापुरम पुलिस ने जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और नागरिकों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान की शुरुआत की है। इस पहल के तहत, पुलिस अधीक्षक कार्यालय से पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा ने एक साइबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसका मुख्य लक्ष्य लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके बताना है। डिजिटल तकनीक के व्यापक उपयोग के साथ-साथ ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंक फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और ओटीपी धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे हर उम्र के लोग इसका शिकार बन रहे हैं। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए, लोगों को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत यह जागरूकता रथ प्रतिदिन जिले के सभी अनुभागों, थाना क्षेत्रों, शहरों और ग्रामीण इलाकों में भ्रमण करेगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाना है। पुलिस द्वारा सार्वजनिक सभाओं, बाजारों, स्कूल-कॉलेजों, बैंक शाखाओं और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, बुजुर्गों, व्यापारियों और डिजिटल बैंकिंग का उपयोग करने वाले नागरिकों को सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल करने के तरीके और ऑनलाइन धोखाधड़ी की नई तकनीकों से बचने के आसान और प्रभावी उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।1
- छिंदवाड़ा में जल संकट का छठवां दिन है, जहाँ नगर निगम की तमाम व्यवस्थाएं विफल साबित हुई हैं। बारिश की कमी के कारण स्थिति और भी बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। यदि वर्षा नहीं हुई तो ग्रामीण वार्डों में माचागोरा से भी एक दिन के अंतराल पर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसी बीच, कमिश्नर और महापौर ने कनहरगांव डैम का दौरा कर मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- छिंदवाड़ा जिले के तामिया में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण क्षेत्र के सभी नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। इस मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।1