जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम हिंगुटा के ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे एसडीएम हेमंत पटेल से शिकायत की है, जिसमें उन्होंने गांव की सार्वजनिक भूमि और सार्वजनिक कुएं पर अवैध कब्जे के कथित प्रयास का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन से ग्राम सभा की संपत्ति को सुरक्षित कराने के लिए हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि गांव में ग्राम सभा की सार्वजनिक भूमि पर एक सार्वजनिक कुआं स्थित है, जिसका उपयोग वर्षों से ग्रामीण पानी भरने के साथ-साथ सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए करते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि गांव का ही एक व्यक्ति इस भूमि और सार्वजनिक कुएं पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है, जिसके लिए उसने जमीन पर पिलर खड़े कर मकान निर्माण की तैयारी भी शुरू कर दी है। जब ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जताई, तो उनकी बात नहीं सुनी गई, जिससे गांव में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह महत्वपूर्ण संपत्ति अतिक्रमित हो जाएगी और आम जनता सामुदायिक उपयोग के लिए उपलब्ध स्थान से वंचित हो जाएगी। ग्रामीणों ने एसडीएम से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सार्वजनिक भूमि और कुएं को अतिक्रमण से मुक्त कराने, तथा संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि भविष्य में ऐसे प्रयासों को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए जाएं। एसडीएम हेमंत पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शिकायत की जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शिकायत सौंपते समय रणजीत सिंह, लालाराम, भूपेंद्र, अजीत सिंह, प्रभुदयाल, कैलाश, गजराज सिंह, हेमेंद्र कुमार, माखन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम हिंगुटा के ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे एसडीएम हेमंत पटेल से शिकायत की है, जिसमें उन्होंने गांव की सार्वजनिक भूमि और सार्वजनिक कुएं पर अवैध कब्जे के कथित प्रयास का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन से ग्राम सभा की संपत्ति को सुरक्षित कराने के लिए हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि गांव में ग्राम सभा की सार्वजनिक भूमि पर एक सार्वजनिक कुआं स्थित है, जिसका उपयोग वर्षों से ग्रामीण पानी भरने के साथ-साथ सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए करते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि गांव का ही एक व्यक्ति इस भूमि और सार्वजनिक कुएं पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है, जिसके लिए उसने जमीन पर पिलर खड़े कर मकान निर्माण की तैयारी भी शुरू कर दी है। जब ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जताई, तो उनकी बात नहीं सुनी गई, जिससे गांव में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह महत्वपूर्ण संपत्ति अतिक्रमित हो जाएगी और आम जनता सामुदायिक उपयोग के लिए उपलब्ध स्थान से वंचित हो जाएगी। ग्रामीणों ने एसडीएम से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सार्वजनिक भूमि और कुएं को अतिक्रमण से मुक्त कराने, तथा संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि भविष्य में ऐसे प्रयासों को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए जाएं। एसडीएम हेमंत पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शिकायत की जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शिकायत सौंपते समय रणजीत सिंह, लालाराम, भूपेंद्र, अजीत सिंह, प्रभुदयाल, कैलाश, गजराज सिंह, हेमेंद्र कुमार, माखन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
- जालौन के माधौगढ़ में एक बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रत्याशी के घर से लाइसेंसी रिवाल्वर चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में घर में काम करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और चोरी की गई रिवाल्वर के साथ-साथ कारतूस भी बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, बसपा प्रत्याशी के घर से लाइसेंसी रिवाल्वर गायब होने के बाद जब जाँच शुरू हुई, तो संदेह की सुई घर में कार्यरत मुरारी द्विवेदी की ओर घूमी। गहन पूछताछ के बाद आरोपी मुरारी द्विवेदी की निशानदेही पर चोरी की गई रिवाल्वर और कारतूस बरामद कर लिए गए। आरोपी ने चोरी के बाद रिवाल्वर को एक लाल थैले में रखकर झाड़ियों में छिपा दिया था, जबकि कारतूसों को अलग जगह रखा था। थानाध्यक्ष अभिलाष कुमार मिश्र के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। यह घटना सुरक्षा और विश्वास दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि जिस व्यक्ति पर घर की जिम्मेदारियों का भरोसा किया गया था, उसी पर चोरी का आरोप लगा है। फिलहाल, आरोपी के कथित इरादों और संभावित योजनाओं को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जाँच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि आरोपी का उद्देश्य केवल चोरी था या इसके पीछे कोई अन्य बड़ी वजह भी थी।1
- जालौन नगर और तहसील क्षेत्र में इन दिनों SDM रिंकू सिंह राही के संभावित तबादले को लेकर जोरों पर चर्चा है, जिसने आम जनता, व्यापारियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के बीच बहस छेड़ दी है। कई लोग उनकी कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्हें जालौन में ही बनाए रखने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ वर्गों द्वारा उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए गए हैं। जनता का कहना है कि रिंकू सिंह राही ने जालौन में अतिक्रमण, राजस्व मामलों, जनसुनवाई और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में उनकी कई पहलें चर्चा में रहीं, जिनमें बुजुर्गों को स्कूल में प्रवेश दिलाकर साक्षरता अभियान चलाना और फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना शामिल है। एक व्यापारी ने कहा, "जो अधिकारी जनता की सुनता है, उसका तबादला नहीं होना चाहिए," जबकि एक युवा ने टिप्पणी की, "राही साहब ने काम करने की कोशिश की है, ऐसे अधिकारियों की जरूरत है।" हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि प्रशासन में अनुशासन आवश्यक है, लेकिन सभी वर्गों को साथ लेकर चलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हाल के दिनों में शिक्षक संगठनों द्वारा उनके खिलाफ शिकायतें भी सामने आई हैं। फ़िलहाल, इस संभावित तबादले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जालौन की जनता के बीच यह सवाल बना हुआ है कि क्या एक सक्रिय और चर्चित अधिकारी को हटाना प्रशासनिक व्यवस्था की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, या ऐसे अधिकारी को और समय मिलना चाहिए।1
- जनपद जालौन के माधौगढ़ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संभावित विधानसभा प्रत्याशी और चर्चित नेता आशीष पांडे की चोरी हुई लाइसेंसी रिवॉल्वर के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर चोरी हुई रिवॉल्वर के साथ कारतूस भी बरामद किए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि आशीष पांडे का ही एक भरोसेमंद परिचित निकला, जिस पर विश्वास किया जाता था। पुलिस के अनुसार, कुछ समय पूर्व आशीष पांडे की लाइसेंसी रिवॉल्वर संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की, जिसमें तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पड़ताल को आगे बढ़ाया। इसी दौरान पुलिस का शक मुरारी द्विवेदी पर गहराया, जिसने कड़ी पूछताछ में चोरी की वारदात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी हुई लाइसेंसी रिवॉल्वर और कारतूस बरामद कर लिए। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी मुरारी द्विवेदी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बन गया है कि जिस व्यक्ति पर विश्वास किया गया, उसी ने भरोसा तोड़ते हुए वारदात को अंजाम दिया। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है, वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना बताती है कि अपराधी हमेशा बाहर से नहीं आते, बल्कि कई बार अपने ही विश्वास को चोट पहुँचा देते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी की जा रही है और सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। रिवॉल्वर और कारतूस की बरामदगी से पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है, जिससे किसी संभावित दुरुपयोग की आशंका भी समाप्त हो गई है। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्यवाही जारी है।2
- जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित पीएल कमला हॉस्पिटल में एक प्रसूता की मौत के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का गंभीर आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मृत प्रसूता के शव को जबरन एम्बुलेंस में डालकर कहीं और रेफर कर दिया। मृतिका के परिजनों ने डॉक्टरों पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है, जिसे उन्होंने प्रसूता की मौत का कारण बताया। यह पूरा मामला जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के पीएल कमला हॉस्पिटल से जुड़ा हुआ है।4
- जालौन के माधौगढ़ थाना पुलिस ने बसपा प्रत्याशी आशीष पांडे के घर से चोरी हुई लाइसेंसी रिवॉल्वर के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी मुरारी द्विवेदी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 32 बोर का एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है। यह घटना 25 मई 2026 को कस्बा माधौगढ़ स्थित बसपा प्रत्याशी के आवास पर हुई थी, जहां से उनके प्राइवेट गनर जयवीर सिंह कुशवाहा की लाइसेंसी रिवॉल्वर चोरी हो गई थी। इस चोरी के संबंध में माधौगढ़ थाने में मुकदमा संख्या 56/2026 धारा 305 (क) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी मुरारी द्विवेदी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि देश और समाज के लिए खतरा बनने वाले तत्वों के विरुद्ध आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई करनी पड़ती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा, "देश और समाज के लिए खतरा बनने वालों के लिए जरूर पड़ने पर हिंसा अपनानी पड़ती है।" उन्होंने यह भी बताया कि सरकार अपराध, अराजकता और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है। उनका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करना है, क्योंकि समाज में शांति, सुरक्षा और विकास के लिए कानून का शासन आवश्यक है। मुख्यमंत्री के इस बयान पर विभिन्न वर्गों में चर्चा जारी है। समर्थकों का मानना है कि समाज की सुरक्षा के लिए कठोर कानून व्यवस्था आवश्यक है, जबकि आलोचक इन बयानों पर अपने-अपने अलग दृष्टिकोण रखते हैं।1
- कोंच में भाजपा नगर अध्यक्ष अंजू अग्रवाल ने अपने जन्मदिन के अवसर पर मरीजों को फल वितरित किए।1
- जालौन जनपद के अकबरपुर इटौरा में भीषण पेयजल संकट व्याप्त है, जहां एक ओर स्थानीय लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर जलापूर्ति पाइपलाइनें कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। यह स्थिति जल संरक्षण के दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक बड़ा अंतर उजागर करती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में कई दिनों से पेयजल आपूर्ति अनियमित है और कई मोहल्लों में नलों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुँच पा रहा, जिसके कारण लोगों को दूर स्थित हैंडपंपों और निजी जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच पानी की बढ़ती आवश्यकता ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल निगम की पाइपलाइन कई जगह से फटी हुई है, जिससे पानी सड़कों और नालियों में लगातार बह रहा है। इस बर्बादी के चलते आपूर्ति का दबाव कम हो जाता है, जिससे अंतिम छोर के परिवारों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुँच पाता। क्षेत्रवासी यह भी मानते हैं कि फटी पाइपलाइनों से बहता पानी न केवल अमूल्य प्राकृतिक संसाधन की बर्बादी है, बल्कि इससे सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं और आसपास गंदगी फैलने का खतरा बढ़ रहा है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी पाइपलाइन की समय पर मरम्मत नहीं कराई जाती, जिससे यह समस्या लगातार बनी हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की तत्काल मरम्मत कराने तथा नियमित एवं सुचारु जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि जल संरक्षण के इस दौर में पानी की हर बूँद अमूल्य है। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि 'जल ही जीवन है' का संदेश तभी सार्थक होगा जब जल संरक्षण के साथ-साथ जलापूर्ति व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाएगा, और प्रशासन व आम नागरिकों दोनों को जल संसाधनों की सुरक्षा के प्रति गंभीरता दिखानी होगी।2
- कालपी तहसील का उपनिबंधक कार्यालय अब सरकारी दफ्तर कम और गुंडागर्दी का अड्डा ज्यादा नज़र आ रहा है, जहाँ एक बैनामा कराने आए युवक के साथ सरेआम लात-घूंसे चले, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। उरई से आए युवक ने केवल अपनी फाइल के पहले होने के बावजूद पीछे कर दिए जाने का सवाल पूछा था। आरोप है कि इस मामूली फाइल नंबर के विवाद ने ऐसा विकराल रूप ले लिया कि रजिस्ट्रार ऑफिस के अंदर ही कानून की धज्जियां उड़ गईं। वायरल वीडियो के अनुसार, बैनामा लेखक और बाबुओं ने युवक के सवाल पर जवाब देने की बजाय उससे गाली-गलौज, धमकी और फिर खुलेआम लात-घूंसे चलाने शुरू कर दिए। यह बवाल सरकारी दफ्तर के अंदर शुरू हुआ और बाहर सड़क तक आ गया, जहाँ दबंगई जारी रही। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि बैनामा लेखक और बाबुओं ने मिलकर युवक को पीटा, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान कोई भी जिम्मेदार सिस्टम नज़र नहीं आया। इस वायरल वीडियो ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे कि क्या कालपी तहसील में अब बिना 'सेटिंग' के काम नहीं होता और क्या फाइलों की हेराफेरी पर सवाल उठाना गुनाह हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन इस गुंडागर्दी पर कोई एक्शन लेगा या फिर सबकुछ 'मैनेज' कर लिया जाएगा। यदि तहसील जैसे संवेदनशील सरकारी दफ्तर में ही आम आदमी सुरक्षित नहीं है, तो न्याय की उम्मीद कहाँ से की जाए। अब यह देखना बाकी है कि इस वीडियो के बाद कोई कार्रवाई होगी या फिर सिस्टम इसे भी ‘निगल’ जाएगा।1