बरेली से एक प्रेम कहानी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी… नवाबगंज क्षेत्र में दो साल पहले शुरू हुआ एक रिश्ता अब विवाद की आग में जल रहा है। पूरनपुर में कपड़े की दुकान चलाने वाले युवक की मुलाकात मेराज नाम की युवती से हुई। मुलाकातें बढ़ीं… बातें बढ़ीं… और फिर दोनों के बीच गहरा प्रेम पनप गया। साथ जीने-मरने की कसमें खाई गईं… भविष्य के सपने बुने गए… लेकिन वक्त के साथ कहानी बदल गई। आरोप है कि युवक ने शादी से कदम पीछे खींचने शुरू कर दिए। और यहीं से शुरू हुआ दर्द, नाराज़गी और टूटते भरोसे का सिलसिला। देर रात… जब खामोशी पसरी हुई थी… युवती अपने प्रेमी के घर पहुंच गई। उसकी एक ही मांग थी—शादी। विरोध हुआ… बहस हुई… और देखते ही देखते माहौल गरमा गया। चीख-पुकार, रोना-धोना और आरोपों का दौर चलता रहा। परिवार वालों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन युवती अपने फैसले पर अड़ी रही। आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंच गया। नवाबगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों को समझाने और शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश में जुटी है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है— वादे जब टूटते हैं, तो उनका दर्द सिर्फ दिल नहीं… कई ज़िंदगियां हिला देता है।
बरेली से एक प्रेम कहानी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी… नवाबगंज क्षेत्र में दो साल पहले शुरू हुआ एक रिश्ता अब विवाद की आग में जल रहा है। पूरनपुर में कपड़े की दुकान चलाने वाले युवक की मुलाकात मेराज नाम की युवती से हुई। मुलाकातें बढ़ीं… बातें बढ़ीं… और फिर दोनों के बीच गहरा प्रेम पनप गया। साथ जीने-मरने की कसमें खाई गईं… भविष्य के सपने बुने गए… लेकिन वक्त के साथ कहानी बदल गई। आरोप है कि युवक ने शादी से कदम पीछे खींचने शुरू कर दिए। और यहीं से शुरू हुआ दर्द, नाराज़गी और टूटते भरोसे का सिलसिला। देर रात… जब खामोशी पसरी हुई थी… युवती अपने प्रेमी के घर पहुंच गई। उसकी एक ही मांग थी—शादी। विरोध हुआ… बहस हुई… और देखते ही देखते माहौल गरमा गया। चीख-पुकार, रोना-धोना और आरोपों का दौर चलता रहा। परिवार वालों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन युवती अपने फैसले पर अड़ी रही। आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंच गया। नवाबगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों को समझाने और शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश में जुटी है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है— वादे जब टूटते हैं, तो उनका दर्द सिर्फ दिल नहीं… कई ज़िंदगियां हिला देता है।
- cricket ka junoon1
- बरेली। भोजीपुरा विकासखंड क्षेत्र ग्राम चौपारा शुमाली में ग्राम पंचायत ने नहीं बनाई तो ग्रामीणों ने खुद सुधारी गांव की सड़क बता दें शुक्रवार को ग्राम चौपारा शुमाली गांव में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत द्वारा मरम्मत न कराए जाने पर खुद ही गांव की सड़क की मरम्मत कर ली। दरअसल गांव की अधितर सड़कें व गलियां खस्ताहाल हैं। बारिश के दिनों में सड़कों के हालात बेहद खराब हो जाते हैं, जिनसे निकलना भी मुश्किल हो जाता है। कुछ गलियां तो अभी भी कच्ची पड़ी हुई हैं। ग्रामीणों ने प्रधान एवं अन्य अधिकारियों के यहां सड़कों एवं गलियों को बनवाने को काफी गुहार लगाई, जिस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। ग्राम प्रधान बदलते रहे, लेकिन गांव के रास्तों की तस्वीर नहीं बदली। शुक्रवार को ग्रामीणों ने खुद ही एकत्र होकर सड़क की मरम्मत करने की ठान ली और ट्रैक्टर ट्राली लेकर निकल पड़े। गांव के समीप ही पड़ने वाले ईंट भट्टे से ईंटें एवं रोड़े भरकर लाए और सड़क की मरम्मत की और उसको निकलने लायक बना दिया।1
- बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली में शिया समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान की राजधानी Islamabad में शिया मस्जिद पर हुए आतंकी हमले के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। समुदाय के प्रतिनिधियों ने स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर भारत सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाने की मांग की। ज्ञापन में 6 फरवरी 2026 को इस्लामाबाद स्थित खदीजा तुल कुबरा शिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान हुए आत्मघाती बम धमाके का उल्लेख किया गया, जिसमें 31 से अधिक लोगों की मौत और 170 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन Islamic State (आईएसआईएस) ने ली है। समुदाय के नेताओं ने कहा कि पाकिस्तान में शिया मुसलमानों पर हो रहे लगातार हमले मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि: पाकिस्तान में शिया समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक पहल की जाए। इस मुद्दे को United Nations सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाया जाए। आतंकवाद और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर ठोस कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनका यह कदम मानवता, शांति और न्याय के समर्थन में है तथा आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता की अपील है। गौरतलब है कि बरेली के साथ-साथ मेरठ, बदायूं, मुरादाबाद और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में भी शिया समुदाय द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जहां पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग उठाई जा रही है। समुदाय के लोगों ने उम्मीद जताई कि भारत सरकार इस गंभीर मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करेगी।1
- बरेली में अब सड़कों पर बारात से जाम लगने पर जिला अधिकारी ने सख्त रोक अपनाया है बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने दो तो कहा अगर सड़कों पर बारात के दौरान आतिशबाजी की गई और जाम लगा तो दूल्हा के परिजन शादी हॉल के मालिक और बैंड बाजे वाले पर मुकदमा दर्ज हो सकता है जिला अधिकारी अविनाश सिंह के इस आदेश के बाद बरेली में हड़कंप मच गया है1
- बरेली शहर झुमका चौराहा जहां महादेव के वाहन नंदी जी की भी प्रतिमा लगाई गई है और इस बार एक नए रूप में यह झुमका चौराहा देखने को मिलेगा तेजी से हो रहा है कार्य1
- स्टेडियम रोड पर एक भक्ति जोकि पगल बताया जरहा है उसने गाड़िया रोक कर किया रहगिरो को किया परेशान,😭❤️😭1
- #राज्यमंत्री एवं पूर्व महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया का मनाया जन्मदिन बरेली में जगह-जगह भोजन और फल वितरण, गूंजा एकता का संदेश बरेली में राज्यमंत्री एवं पूर्व महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया का जन्मदिन इस बार पूरे उत्साह, सेवा भाव और सामाजिक समर्पण के साथ मनाया गया। सुबह#1
- Parivar ki Insaaf guhar1
- नवाबगंज क्षेत्र में दो साल पहले शुरू हुआ एक रिश्ता अब विवाद की आग में जल रहा है। पूरनपुर में कपड़े की दुकान चलाने वाले युवक की मुलाकात मेराज नाम की युवती से हुई। मुलाकातें बढ़ीं… बातें बढ़ीं… और फिर दोनों के बीच गहरा प्रेम पनप गया। साथ जीने-मरने की कसमें खाई गईं… भविष्य के सपने बुने गए… लेकिन वक्त के साथ कहानी बदल गई। आरोप है कि युवक ने शादी से कदम पीछे खींचने शुरू कर दिए। और यहीं से शुरू हुआ दर्द, नाराज़गी और टूटते भरोसे का सिलसिला। देर रात… जब खामोशी पसरी हुई थी… युवती अपने प्रेमी के घर पहुंच गई। उसकी एक ही मांग थी—शादी। विरोध हुआ… बहस हुई… और देखते ही देखते माहौल गरमा गया। चीख-पुकार, रोना-धोना और आरोपों का दौर चलता रहा। परिवार वालों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन युवती अपने फैसले पर अड़ी रही। आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंच गया। नवाबगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों को समझाने और शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश में जुटी है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है— वादे जब टूटते हैं, तो उनका दर्द सिर्फ दिल नहीं… कई ज़िंदगियां हिला देता है।1