logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

*इंद्रावती एनीकेट की मरम्मत के लिए किसानों को खुद उठाना पड़ा फावड़ा* *राज्य सरकार एवं प्रशासन की उदासीनता से नाराज़ किसान खुद कर रहे एनीकेट की मरम्मत* इंद्रावती नदी पर स्थित भोंड एनीकेट की जर्जर स्थिति को लेकर क्षेत्र के किसान लंबे समय से मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की लगातार उदासीनता से नाराज़ होकर अब किसानों ने स्वयं ही एनीकेट की मरम्मत करने का निर्णय लिया है। इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में प्रभावित किसान फावड़ा, तगाड़ी और ट्रैक्टर लेकर एनीकेट स्थल पहुंचे और श्रमदान के माध्यम से बोरी बंधन कर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। जनपद पंचायत सदस्य हेमराज बघेल ने बताया इंद्रावती नदी पर बने एनीकेट की हालत लंबे समय से खराब है, जिसके कारण सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इससे खेती-किसानी पर गंभीर संकट मंडरा रहा है और पिछले वर्षों में कई किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। किसानों ने कई बार जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को आवेदन और निवेदन पत्र देकर एनीकेट की मरम्मत कराने की मांग की, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। किसानों का आरोप है कि पहले भी उन्होंने बोरी बंधन कर अस्थायी रूप से एनीकेट को बचाने की कोशिश की थी और प्रशासन से आग्रह किया था कि जल्द से जल्द स्थायी मरम्मत कराई जाए। इसके बावजूद प्रशासन ने किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया। इसी कारण इस बार किसानों ने फिर से खुद ही एनीकेट की मरम्मत करने का निर्णय लिया। किसानों ने बताया कि इस काम के लिए किसी प्रकार का सरकारी बजट या सहायता उपलब्ध नहीं है, बल्कि किसान स्वयं आपस में चंदा इकट्ठा कर बोरी बंधन का कार्य कर रहे हैं। इंद्रावती नदी के प्रभावित किसानों ने बताया कि पिछले साल भी उन्होंने अपनी आंखों के सामने कई किसानों की फसलें बर्बाद होते हुए देखी हैं। इस साल किसानों को उम्मीद थी कि सरकार और प्रशासन समय रहते एनीकेट की मरम्मत करा देंगे, ताकि सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके। लेकिन जब सरकार और प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हुई, तो किसानों की उम्मीदें टूट गईं और उन्होंने खुद ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया ।नारायणपाल के निवासी मनीराम बघेल ने बताया कि इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नियुक्त होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि अब इंद्रावती नदी से प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान होगा। लेकिन किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण का यह पद सिर्फ नाम मात्र का बनकर रह गया है और जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं दे रहा है। इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शरद अवस्थी की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी लक्ष्मण बघेल ने कहा कि सरकार खुद को किसानों की हितैषी बताती है और सुशासन का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यदि किसान खुद चंदा करके एनीकेट की मरम्मत करने को मजबूर हैं, तो यह सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि सुशासन के दौर में किसान खुद अपने संसाधनों से नदी पर बने एनीकेट की मरम्मत कर रहे हैं।किसानों ने यह भी बताया कि तीन महीने पहले भी उन्होंने चंदा इकट्ठा कर एनीकेट की मरम्मत की थी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण फिर से वही स्थिति बन गई है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग द्वारा पक्की मरम्मत कराई जाती, तो बार-बार इस तरह के अस्थायी उपाय करने की जरूरत नहीं पड़ती। शासन और प्रशासन से गुहार लगाते-लगाते वे थक चुके हैं। अब किसानों ने प्रशासन से उम्मीद छोड़ दी है और अपनी मेहनत और सहयोग से ही एनीकेट को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही एनीकेट की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई, तो आने वाले समय में खेती पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है और इसका जिम्मेदार पूरी तरह शासन और प्रशासन होगा। इस दौरान इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के सचिव सुभाष कश्यप, मीडिया प्रभारी लक्ष्मण बघेल, मनी बघेल, बलदेव बघेल, समदू बघेल, डमरू बघेल, युवराज ठाकुर, चंदन ठाकुर, मंबोध बघेल, जग्गू ठाकुर, नेपाल ठाकुर, दिनेश मौर्य, दया बघेल, मनीष ठाकुर, झापू ठाकुर, हिमान ठाकुर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार सच में किसानों के हित की बात करती है, तो इंद्रावती नदी पर बने एनीकेट की स्थायी मरम्मत जल्द से जल्द कराई जानी चाहिए, ताकि क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके और उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें। *इंद्रावती एनीकेट की मरम्मत के लिए किसानों को खुद उठाना पड़ा फावड़ा* *राज्य सरकार एवं प्रशासन की उदासीनता से नाराज़ किसान खुद कर रहे एनीकेट की मरम्मत* इंद्रावती नदी पर स्थित भोंड एनीकेट की जर्जर स्थिति को लेकर क्षेत्र के किसान लंबे समय से मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की लगातार उदासीनता से नाराज़ होकर अब किसानों ने स्वयं ही एनीकेट की मरम्मत करने का निर्णय लिया है। इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में प्रभावित किसान फावड़ा, तगाड़ी और ट्रैक्टर लेकर एनीकेट स्थल पहुंचे और श्रमदान के माध्यम से बोरी बंधन कर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। जनपद पंचायत सदस्य हेमराज बघेल ने बताया इंद्रावती नदी पर बने एनीकेट की हालत लंबे समय से खराब है, जिसके कारण सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इससे खेती-किसानी पर गंभीर संकट मंडरा रहा है और पिछले वर्षों में कई किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। किसानों ने कई बार जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को आवेदन और निवेदन पत्र देकर एनीकेट की मरम्मत कराने की मांग की, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। किसानों का आरोप है कि पहले भी उन्होंने बोरी बंधन कर अस्थायी रूप से एनीकेट को बचाने की कोशिश की थी और प्रशासन से आग्रह किया था कि जल्द से जल्द स्थायी मरम्मत कराई जाए। इसके बावजूद प्रशासन ने किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया। इसी कारण इस बार किसानों ने फिर से खुद ही एनीकेट की मरम्मत करने का निर्णय लिया। किसानों ने बताया कि इस काम के लिए किसी प्रकार का सरकारी बजट या सहायता उपलब्ध नहीं है, बल्कि किसान स्वयं आपस में चंदा इकट्ठा कर बोरी बंधन का कार्य कर रहे हैं। इंद्रावती नदी के प्रभावित किसानों ने बताया कि पिछले साल भी उन्होंने अपनी आंखों के सामने कई किसानों की फसलें बर्बाद होते हुए देखी हैं। इस साल किसानों को उम्मीद थी कि सरकार और प्रशासन समय रहते एनीकेट की मरम्मत करा देंगे, ताकि सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके। लेकिन जब सरकार और प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हुई, तो किसानों की उम्मीदें टूट गईं और उन्होंने खुद ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया ।नारायणपाल के निवासी मनीराम बघेल ने बताया कि इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नियुक्त होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि अब इंद्रावती नदी से प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान होगा। लेकिन किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण का यह पद सिर्फ नाम मात्र का बनकर रह गया है और जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं दे रहा है। इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शरद अवस्थी की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी लक्ष्मण बघेल ने कहा कि सरकार खुद को किसानों की हितैषी बताती है और सुशासन का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यदि किसान खुद चंदा करके एनीकेट की मरम्मत करने को मजबूर हैं, तो यह सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि सुशासन के दौर में किसान खुद अपने संसाधनों से नदी पर बने एनीकेट की मरम्मत कर रहे हैं।किसानों ने यह भी बताया कि तीन महीने पहले भी उन्होंने चंदा इकट्ठा कर एनीकेट की मरम्मत की थी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण फिर से वही स्थिति बन गई है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग द्वारा पक्की मरम्मत कराई जाती, तो बार-बार इस तरह के अस्थायी उपाय करने की जरूरत नहीं पड़ती। शासन और प्रशासन से गुहार लगाते-लगाते वे थक चुके हैं। अब किसानों ने प्रशासन से उम्मीद छोड़ दी है और अपनी मेहनत और सहयोग से ही एनीकेट को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही एनीकेट की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई, तो आने वाले समय में खेती पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है और इसका जिम्मेदार पूरी तरह शासन और प्रशासन होगा। इस दौरान इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के सचिव सुभाष कश्यप, मीडिया प्रभारी लक्ष्मण बघेल, मनी बघेल, बलदेव बघेल, समदू बघेल, डमरू बघेल, युवराज ठाकुर, चंदन ठाकुर, मंबोध बघेल, जग्गू ठाकुर, नेपाल ठाकुर, दिनेश मौर्य, दया बघेल, मनीष ठाकुर, झापू ठाकुर, हिमान ठाकुर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार सच में किसानों के हित की बात करती है, तो इंद्रावती नदी पर बने एनीकेट की स्थायी मरम्मत जल्द से जल्द कराई जानी चाहिए, ताकि क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके और उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें।

4 hrs ago
user_तुलसीराम ठाकुर
तुलसीराम ठाकुर
Farmer बस्तर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
4 hrs ago
03dc96ab-2f5d-487f-912c-21a5257aee7d

*इंद्रावती एनीकेट की मरम्मत के लिए किसानों को खुद उठाना पड़ा फावड़ा* *राज्य सरकार एवं प्रशासन की उदासीनता से नाराज़ किसान खुद कर रहे एनीकेट की मरम्मत* इंद्रावती नदी पर स्थित भोंड एनीकेट की जर्जर स्थिति को लेकर क्षेत्र के किसान लंबे समय से मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की लगातार उदासीनता से नाराज़ होकर अब किसानों ने स्वयं ही एनीकेट की मरम्मत करने का निर्णय लिया है। इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में प्रभावित किसान फावड़ा, तगाड़ी और ट्रैक्टर लेकर एनीकेट स्थल पहुंचे और श्रमदान के माध्यम से बोरी बंधन कर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। जनपद पंचायत सदस्य हेमराज बघेल ने बताया इंद्रावती नदी पर बने एनीकेट की हालत लंबे समय से खराब है, जिसके कारण सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इससे खेती-किसानी पर गंभीर संकट मंडरा रहा है और पिछले वर्षों में कई किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। किसानों ने कई बार जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को आवेदन और निवेदन पत्र देकर एनीकेट की मरम्मत कराने की मांग की, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। किसानों का आरोप है कि पहले भी उन्होंने बोरी बंधन कर अस्थायी रूप से एनीकेट को बचाने की कोशिश की थी और प्रशासन से आग्रह किया था कि जल्द से जल्द स्थायी मरम्मत कराई जाए। इसके बावजूद प्रशासन ने किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया। इसी कारण इस बार किसानों ने फिर से खुद ही एनीकेट की मरम्मत करने का निर्णय लिया। किसानों ने बताया कि इस काम के लिए किसी प्रकार का सरकारी बजट या सहायता उपलब्ध नहीं है, बल्कि किसान स्वयं आपस में चंदा इकट्ठा कर बोरी बंधन का कार्य कर रहे हैं। इंद्रावती नदी के प्रभावित किसानों ने बताया कि पिछले साल भी उन्होंने अपनी आंखों के सामने कई किसानों की फसलें बर्बाद होते हुए देखी हैं। इस साल किसानों को उम्मीद थी कि सरकार और प्रशासन समय रहते एनीकेट की मरम्मत करा देंगे, ताकि सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके। लेकिन जब सरकार और प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हुई, तो किसानों की उम्मीदें टूट गईं और उन्होंने खुद ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया ।नारायणपाल के निवासी मनीराम बघेल ने बताया कि इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नियुक्त होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि अब इंद्रावती नदी से प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान होगा। लेकिन किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण का यह पद सिर्फ नाम मात्र का बनकर रह गया है और जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं दे रहा है। इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शरद अवस्थी की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी लक्ष्मण बघेल ने कहा कि सरकार खुद को किसानों की हितैषी बताती है और सुशासन का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यदि किसान खुद चंदा करके एनीकेट की मरम्मत करने को मजबूर हैं, तो यह सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा

6a42ae2c-87dc-4875-ba11-1ef67be338d0

करता है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि सुशासन के दौर में किसान खुद अपने संसाधनों से नदी पर बने एनीकेट की मरम्मत कर रहे हैं।किसानों ने यह भी बताया कि तीन महीने पहले भी उन्होंने चंदा इकट्ठा कर एनीकेट की मरम्मत की थी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण फिर से वही स्थिति बन गई है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग द्वारा पक्की मरम्मत कराई जाती, तो बार-बार इस तरह के अस्थायी उपाय करने की जरूरत नहीं पड़ती। शासन और प्रशासन से गुहार लगाते-लगाते वे थक चुके हैं। अब किसानों ने प्रशासन से उम्मीद छोड़ दी है और अपनी मेहनत और सहयोग से ही एनीकेट को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही एनीकेट की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई, तो आने वाले समय में खेती पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है और इसका जिम्मेदार पूरी तरह शासन और प्रशासन होगा। इस दौरान इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के सचिव सुभाष कश्यप, मीडिया प्रभारी लक्ष्मण बघेल, मनी बघेल, बलदेव बघेल, समदू बघेल, डमरू बघेल, युवराज ठाकुर, चंदन ठाकुर, मंबोध बघेल, जग्गू ठाकुर, नेपाल ठाकुर, दिनेश मौर्य, दया बघेल, मनीष ठाकुर, झापू ठाकुर, हिमान ठाकुर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार सच में किसानों के हित की बात करती है, तो इंद्रावती नदी पर बने एनीकेट की स्थायी मरम्मत जल्द से जल्द कराई जानी चाहिए, ताकि क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके और उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें। *इंद्रावती एनीकेट की मरम्मत के लिए किसानों को खुद उठाना पड़ा फावड़ा* *राज्य सरकार एवं प्रशासन की उदासीनता से नाराज़ किसान खुद कर रहे एनीकेट की मरम्मत* इंद्रावती नदी पर स्थित भोंड एनीकेट की जर्जर स्थिति को लेकर क्षेत्र के किसान लंबे समय से मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की लगातार उदासीनता से नाराज़ होकर अब किसानों ने स्वयं ही एनीकेट की मरम्मत करने का निर्णय लिया है। इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में प्रभावित किसान फावड़ा, तगाड़ी और ट्रैक्टर लेकर एनीकेट स्थल पहुंचे और श्रमदान के माध्यम से बोरी बंधन कर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। जनपद पंचायत सदस्य हेमराज बघेल ने बताया इंद्रावती नदी पर बने एनीकेट की हालत लंबे समय से खराब है, जिसके कारण सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इससे खेती-किसानी पर गंभीर संकट मंडरा रहा है और पिछले वर्षों में कई किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। किसानों ने कई बार जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को आवेदन और निवेदन पत्र देकर एनीकेट की मरम्मत कराने की मांग की, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। किसानों का आरोप है कि पहले भी उन्होंने बोरी बंधन कर अस्थायी रूप से एनीकेट को बचाने की कोशिश की थी और प्रशासन से आग्रह किया था कि जल्द से जल्द स्थायी मरम्मत कराई जाए। इसके बावजूद प्रशासन ने किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया। इसी कारण इस बार

566aef9d-db77-43cf-a9f2-68ea16824121

किसानों ने फिर से खुद ही एनीकेट की मरम्मत करने का निर्णय लिया। किसानों ने बताया कि इस काम के लिए किसी प्रकार का सरकारी बजट या सहायता उपलब्ध नहीं है, बल्कि किसान स्वयं आपस में चंदा इकट्ठा कर बोरी बंधन का कार्य कर रहे हैं। इंद्रावती नदी के प्रभावित किसानों ने बताया कि पिछले साल भी उन्होंने अपनी आंखों के सामने कई किसानों की फसलें बर्बाद होते हुए देखी हैं। इस साल किसानों को उम्मीद थी कि सरकार और प्रशासन समय रहते एनीकेट की मरम्मत करा देंगे, ताकि सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके। लेकिन जब सरकार और प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हुई, तो किसानों की उम्मीदें टूट गईं और उन्होंने खुद ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया ।नारायणपाल के निवासी मनीराम बघेल ने बताया कि इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नियुक्त होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि अब इंद्रावती नदी से प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान होगा। लेकिन किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण का यह पद सिर्फ नाम मात्र का बनकर रह गया है और जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं दे रहा है। इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शरद अवस्थी की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी लक्ष्मण बघेल ने कहा कि सरकार खुद को किसानों की हितैषी बताती है और सुशासन का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यदि किसान खुद चंदा करके एनीकेट की मरम्मत करने को मजबूर हैं, तो यह सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि सुशासन के दौर में किसान खुद अपने संसाधनों से नदी पर बने एनीकेट की मरम्मत कर रहे हैं।किसानों ने यह भी बताया कि तीन महीने पहले भी उन्होंने चंदा इकट्ठा कर एनीकेट की मरम्मत की थी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण फिर से वही स्थिति बन गई है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग द्वारा पक्की मरम्मत कराई जाती, तो बार-बार इस तरह के अस्थायी उपाय करने की जरूरत नहीं पड़ती। शासन और प्रशासन से गुहार लगाते-लगाते वे थक चुके हैं। अब किसानों ने प्रशासन से उम्मीद छोड़ दी है और अपनी मेहनत और सहयोग से ही एनीकेट को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही एनीकेट की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई, तो आने वाले समय में खेती पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है और इसका जिम्मेदार पूरी तरह शासन और प्रशासन होगा। इस दौरान इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति के सचिव सुभाष कश्यप, मीडिया प्रभारी लक्ष्मण बघेल, मनी बघेल, बलदेव बघेल, समदू बघेल, डमरू बघेल, युवराज ठाकुर, चंदन ठाकुर, मंबोध बघेल, जग्गू ठाकुर, नेपाल ठाकुर, दिनेश मौर्य, दया बघेल, मनीष ठाकुर, झापू ठाकुर, हिमान ठाकुर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार सच में किसानों के हित की बात करती है, तो इंद्रावती नदी पर बने एनीकेट की स्थायी मरम्मत जल्द से जल्द कराई जानी चाहिए, ताकि क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके और उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • जगदलपुर कांग्रेस पार्टी द्वारा रोजा इफ्तार का कार्यक्रम आज कांग्रेस भवन में रखा गया इस दौरान पूर्व विधायक जैन, शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य व अन्य कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद रहे
    1
    जगदलपुर कांग्रेस पार्टी द्वारा रोजा इफ्तार का कार्यक्रम आज कांग्रेस भवन में रखा गया 
इस दौरान पूर्व विधायक जैन, शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य व अन्य कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद रहे
    user_SAMYAK NAHATA
    SAMYAK NAHATA
    Local News Reporter जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • जगदलपुर के आज हथियार और तीन करोड़ से अधिक रकम और 101 से अधिक हथियार माओवादी के डंप से बरबाद की है.
    1
    जगदलपुर के आज हथियार और तीन करोड़ से अधिक रकम और 101 से अधिक हथियार माओवादी के डंप से बरबाद की है.
    user_Thamir Kashyap
    Thamir Kashyap
    बस्तर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • राष्ट्रपति जैसे पद का अपमान करने वाली ममता बनर्जी का भाजपा अजजा मोर्चा के द्वारा पुतला फूंका गया। भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के द्वारा कोण्डागांव जिला मुख्यालय के बस स्टैंड में पुतला जलाया गया ।
    1
    राष्ट्रपति जैसे पद का अपमान करने वाली ममता बनर्जी का भाजपा अजजा मोर्चा के द्वारा पुतला फूंका गया।
भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के द्वारा कोण्डागांव जिला मुख्यालय के बस स्टैंड में पुतला जलाया गया ।
    user_ESHENDRA PATEL
    ESHENDRA PATEL
    पत्रकार कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel
    1
    अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel
    user_सतभक्ति संदेश
    सतभक्ति संदेश
    Fraternal organization केसकाल, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • Post by SAHIL Bhagat
    1
    Post by SAHIL Bhagat
    user_SAHIL Bhagat
    SAHIL Bhagat
    Local News Reporter राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • धमधा मे सड़क हादसा, टमाटर से भरी ट्रक की चपेट में आने से एक की मौत हेमंत उमरे/ धमधा में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। सड़क हादसे में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार धमधा से दुर्ग मार्ग पर एच पी पेट्रोल पंप के आगे खान ढाबा के पास सड़क हादसा हुआ। टमाटर से भरें ट्रक क्रमांक CG 04-H0504 जो जाताघर्रा से टमाटर लेकर आ रहा था जिसकी चपेट में आने से घायल हो गया।घायल व्यक्ति को तत्काल 108 एम्बुलेंस की मदद से धमधा के सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नरसिंह यादव, निवासी ग्राम सहगांव के रूप में हुई है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम धमधा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस मामले में धमधा थाना प्रभारी रामनारायण ध्रुव ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
    1
    धमधा मे सड़क हादसा, टमाटर से भरी ट्रक की चपेट में आने से एक की मौत
हेमंत उमरे/ धमधा में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। सड़क हादसे में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार धमधा से दुर्ग मार्ग पर एच पी पेट्रोल पंप के आगे खान ढाबा के पास सड़क हादसा हुआ। टमाटर से भरें ट्रक क्रमांक CG 04-H0504 जो जाताघर्रा से टमाटर लेकर आ रहा था जिसकी चपेट में आने से घायल हो गया।घायल व्यक्ति को तत्काल 108 एम्बुलेंस की मदद से धमधा के सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान नरसिंह यादव, निवासी ग्राम सहगांव के रूप में हुई है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम धमधा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
इस मामले में धमधा थाना प्रभारी रामनारायण ध्रुव ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
    user_हेमंत उमरे
    हेमंत उमरे
    पत्रकार दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • Post by Kuldeep sharma Kuldeep sharma
    1
    Post by Kuldeep sharma Kuldeep sharma
    user_Kuldeep sharma Kuldeep sharma
    Kuldeep sharma Kuldeep sharma
    औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • फरसगांव में किसानों ने किया चक्का जाम आवागमन हुई बंधित
    1
    फरसगांव में किसानों ने किया चक्का जाम आवागमन हुई बंधित
    user_SAMYAK NAHATA
    SAMYAK NAHATA
    Local News Reporter जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.