तोल कांटे पर ‘खुली लूट’! बुरहानपुर मंडी में किसानों से अवैध वसूली, जिम्मेदार मौन। तोल कांटे पर ‘खुली लूट’! बुरहानपुर मंडी में किसानों से अवैध वसूली, जिम्मेदार मौन। ₹20 की जगह ₹30 वसूली… किसान परेशान, अधिकारी कर रहे इनकार। बुरहानपुर जिले की रेणुका कृषि उपज मंडी में किसानों के साथ खुली लूट का मामला सामने आया है। यहां नियम के अनुसार तोल कांटे पर प्रति ट्रॉली ₹20 शुल्क निर्धारित है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। किसानों से ₹30 तक वसूले जा रहे हैं, यानी हर ट्रॉली पर ₹10 अतिरिक्त लेकर उनकी जेब पर सीधा वार किया जा रहा है। दिनभर में सैकड़ों ट्रॉलियों की आवक के चलते यह अवैध वसूली हजारों रुपए तक पहुंच रही है। जब हमारी टीम मौके पर पहुंची, तो मंडी की अव्यवस्थाएं साफ दिखाई दीं। तोल कांटे पर लंबी कतारें लगी थीं और किसान घंटों इंतजार करने को मजबूर थे। इस बीच उनसे तय शुल्क से ज्यादा राशि वसूली जा रही थी। नियमों के मुताबिक ₹20 प्रति ट्रॉली लिया जाना चाहिए, लेकिन अधिकांश किसानों से ₹30 लिए जाने की बात सामने आई। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान किसान अनीस और मोहम्मद ने खुलकर बताया कि उनसे ₹30 वसूले गए। उन्होंने यह भी कहा कि कई किसानों को सही शुल्क की जानकारी ही नहीं है, जिससे वे अनजाने में इस अवैध वसूली का शिकार हो रहे हैं। यह स्थिति किसानों की आर्थिक हालत पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। वहीं, जब इस पूरे मामले को लेकर मंडी सचिव भूपेंद्र सिंह सोलंकी से सवाल किया गया, तो उन्होंने इस तरह की किसी भी अतिरिक्त वसूली से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि मंडी में निर्धारित शुल्क ही लिया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत और किसानों के बयान इससे बिल्कुल उलट तस्वीर पेश कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर कोई अवैध वसूली नहीं हो रही, तो किसानों से ₹30 क्यों लिए जा रहे हैं? और अगर यह वसूली हो रही है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी? फिलहाल किसान ठगे जा रहे हैं और सिस्टम खामोश नजर आ रहा है। ऐसे में प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
तोल कांटे पर ‘खुली लूट’! बुरहानपुर मंडी में किसानों से अवैध वसूली, जिम्मेदार मौन। तोल कांटे पर ‘खुली लूट’! बुरहानपुर मंडी में किसानों से अवैध वसूली, जिम्मेदार मौन। ₹20 की जगह ₹30 वसूली… किसान परेशान, अधिकारी कर रहे इनकार। बुरहानपुर जिले की रेणुका कृषि उपज मंडी में किसानों के साथ खुली लूट का मामला सामने आया है। यहां नियम के अनुसार तोल कांटे पर प्रति ट्रॉली ₹20 शुल्क निर्धारित है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। किसानों से ₹30 तक वसूले जा रहे हैं, यानी हर ट्रॉली पर ₹10 अतिरिक्त लेकर उनकी जेब पर सीधा वार किया जा रहा है। दिनभर में सैकड़ों ट्रॉलियों की आवक के चलते यह अवैध वसूली हजारों रुपए तक पहुंच रही है। जब हमारी टीम मौके पर पहुंची, तो मंडी की अव्यवस्थाएं साफ दिखाई दीं। तोल कांटे पर लंबी कतारें लगी थीं और किसान घंटों इंतजार करने को मजबूर थे। इस बीच उनसे तय शुल्क से ज्यादा राशि वसूली जा रही थी। नियमों के मुताबिक ₹20 प्रति ट्रॉली लिया जाना चाहिए, लेकिन अधिकांश किसानों से ₹30 लिए जाने की बात सामने आई। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान किसान अनीस और मोहम्मद ने खुलकर बताया कि उनसे ₹30 वसूले गए। उन्होंने यह भी कहा कि कई किसानों को सही शुल्क की जानकारी ही नहीं है, जिससे वे अनजाने में इस अवैध वसूली का शिकार हो रहे हैं। यह स्थिति किसानों की आर्थिक हालत पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। वहीं, जब इस पूरे मामले को लेकर मंडी सचिव भूपेंद्र सिंह सोलंकी से सवाल किया गया, तो उन्होंने इस तरह की किसी भी अतिरिक्त वसूली से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि मंडी में निर्धारित शुल्क ही लिया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत और किसानों के बयान इससे बिल्कुल उलट तस्वीर पेश कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर कोई अवैध वसूली नहीं हो रही, तो किसानों से ₹30 क्यों लिए जा रहे हैं? और अगर यह वसूली हो रही है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी? फिलहाल किसान ठगे जा रहे हैं और सिस्टम खामोश नजर आ रहा है। ऐसे में प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
- तोल कांटे पर ‘खुली लूट’! बुरहानपुर मंडी में किसानों से अवैध वसूली, जिम्मेदार मौन। ₹20 की जगह ₹30 वसूली… किसान परेशान, अधिकारी कर रहे इनकार। बुरहानपुर जिले की रेणुका कृषि उपज मंडी में किसानों के साथ खुली लूट का मामला सामने आया है। यहां नियम के अनुसार तोल कांटे पर प्रति ट्रॉली ₹20 शुल्क निर्धारित है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। किसानों से ₹30 तक वसूले जा रहे हैं, यानी हर ट्रॉली पर ₹10 अतिरिक्त लेकर उनकी जेब पर सीधा वार किया जा रहा है। दिनभर में सैकड़ों ट्रॉलियों की आवक के चलते यह अवैध वसूली हजारों रुपए तक पहुंच रही है। जब हमारी टीम मौके पर पहुंची, तो मंडी की अव्यवस्थाएं साफ दिखाई दीं। तोल कांटे पर लंबी कतारें लगी थीं और किसान घंटों इंतजार करने को मजबूर थे। इस बीच उनसे तय शुल्क से ज्यादा राशि वसूली जा रही थी। नियमों के मुताबिक ₹20 प्रति ट्रॉली लिया जाना चाहिए, लेकिन अधिकांश किसानों से ₹30 लिए जाने की बात सामने आई। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान किसान अनीस और मोहम्मद ने खुलकर बताया कि उनसे ₹30 वसूले गए। उन्होंने यह भी कहा कि कई किसानों को सही शुल्क की जानकारी ही नहीं है, जिससे वे अनजाने में इस अवैध वसूली का शिकार हो रहे हैं। यह स्थिति किसानों की आर्थिक हालत पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। वहीं, जब इस पूरे मामले को लेकर मंडी सचिव भूपेंद्र सिंह सोलंकी से सवाल किया गया, तो उन्होंने इस तरह की किसी भी अतिरिक्त वसूली से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि मंडी में निर्धारित शुल्क ही लिया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत और किसानों के बयान इससे बिल्कुल उलट तस्वीर पेश कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर कोई अवैध वसूली नहीं हो रही, तो किसानों से ₹30 क्यों लिए जा रहे हैं? और अगर यह वसूली हो रही है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी? फिलहाल किसान ठगे जा रहे हैं और सिस्टम खामोश नजर आ रहा है। ऐसे में प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- जावर।। ग्रामीण पत्रकार संघ खंडवा की बैठक रविवार को जावर में सम्पन्न हुई। बैठक में ग्रामीण पत्रकारों की सुरक्षा, संगठन की मजबूती और उनके हितों की रक्षा के लिए गहन विमर्श किया गया। इसमें निष्पक्ष पत्रकारिता, विधानसभा स्तर पर संगठन के विस्तार और समस्याओं के निराकरण पर जोर दिया गया। बैठक संरक्षक अनिल सारसर और अध्यक्षता संदीप सोनी एवं संचालन अनवर मंसूरी ने किया। समन्वयक पत्रकार अनवर मंसूरी ने कहा कि पत्रकार का चरित्र उसकी विश्वसनीयता की नींव होता है। यदि पत्रकार ईमानदार, नैतिक और जिम्मेदार है, तो उसकी खबरें समाज में भरोसा पैदा करती हैं। पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं बल्कि समाज का दर्पण है। दर्पण की स्पष्टता तभी बनी रहती है, जब उसमें चरित्र और निष्पक्षता की चमक हो। आज के दौर में, जब सोशल मीडिया और तेज सूचना प्रवाह के कारण गलत खबरें तेजी से फैलती हैं, तब चरित्र और निष्पक्षता का महत्व और भी बढ़ जाता है। एक सच्चा पत्रकार वही है जो दबाव, लालच और भय से ऊपर उठकर समाज के हित में सत्य को प्रस्तुत करे। पत्रकार हितों के लिए संगठन सदैव प्रयत्नशील है। ग्रामीण क्षेत्रों में चुनौतियों के बीच निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर पत्रकार परिवार पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने पत्रकारों को एकजुट होकर अपना हक मांगने और संगठन को विधानसभा स्तर पर मजबूत करने का आह्वान किया। ग्रामीण पत्रकार निश्चित रूप से आम जनमानस की आवाज हैं लेकिन अपने दायित्वों के निर्वहन में उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का सुनिश्चित होना बेहद आवश्यक है। बड़ी संख्या में पत्रकारों ने बैठक में अपनी बात रखी। अन्य वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता कर रहे हैं लेकिन उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पा रही हैं। जिसके लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार संदीप सोनी, अजय चंद्रे, अनवर मंसूरी, रोमी सलूजा, राहुल नायक, आनंद दराडे, रामकसेरा ,समीर शर्मा, धर्मेंद्र लववंशी, सुनील चौहान, मंगल धुर्वे, राजेश सावनेर, अमित मालवीय, मुस्ताक मंसूरी, प्रताप सिंह यादव, अर्जुन पवार, ललित राणा, जय कनारे, सादिक खान, इमरान मंसूरी, विशाल पटेल, अखिलेश चौरे, जावेद मंसूरी, शोभाराम निसोद, आनंद बुंदेला, भवानी प्रसाद शर्मा, सहित तमाम पत्रकार मौजूद रहे।1
- Post by ललित दुबे ( पत्रकार )1
- शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने कहा कि माँ हिंगलाज ने भगवान परशुराम के अहंकार तत्व को समाप्त कर उन्हें जीव मात्र की रक्षा का ज्ञान दिया,और उनमें जो बुद्धि का पुनर्जन्म हुआ उसकी बधाई।1
- मोदीजी प्याज वाली झालमुई खाते हैं, दिमाग नहीं !! नड्डा बोले बंगाल को अरबों दिए, यूपी में कांग्रेस के साथ सरकार बनाएंगे अखिलेश, कंगना ने किया इमरजेंसी इंदिरा की कापी में रोड-शो, ममता का एक धुरंधर छः भाजपाइयों पर भारी और देखिए लाईव गोलीबारी राजपथ न्यूज़ पर....1
- Post by Ramchandra Kasde1
- सनावद/इंदौर इच्छापुर हाईवे पर दादा दरबार अस्पताल के समीप शादी समारोह से अपने घर जा रहे दो बाईक सवार दंपतियौ को अंधगति से आ रहे आयशर वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया जिसमें बाईको पर सवार पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गये और उनकी दो बेटियाँ 3 वर्षीय भूमिका पिता अमर मोरटक्का माफी को उपचार हेतु इंदौर ले जाते समय मौत हो गई वहीं 5 वर्षीय सृष्टि पिता योगेश पटेल ने घटना स्थल पर ही अपना दम तोड़ दिया । घायलों का उपचार निजी और शासकीय अस्पताल मे जारी है घायल योगेश पटेल का अपनी पत्नि दया बाईं और बालिका और सृष्टि के साथ बाईक से अपने ग्राम ऐखंड निवासी और दूसरा बाईक सवार मोरटक्का माफी का बताया जा रहा है प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन चालक घटनास्थल से भागने की कोशिश में बाईक सवार को 100 फिट दूर तक घसीटते हुऐ ले गया था इस दोरान दोनों और काफी लम्बा देखने को मिला। घटना की सूचना मिलते ही बड़वाह थाना प्रभारी बलराम सिंह राठौर ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल बडवाह पहुंचाया और शव को पीएम के लिये अस्पताल भेज कर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है1
- खंडवा जिले के हरसूद थाना क्षेत्र में मजदूरी के विवाद में हुई हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना 8 अप्रैल 2026 की है, जब ग्राम बेडियाव में आरोपी गौरीशंकर यदुवंशी ने मजदूरी के गेहूं को लेकर विवाद में ब्रजलाल (40) को जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए चाकू मारकर घायल कर दिया था। गंभीर हालत में ब्रजलाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 17 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने पहले से दर्ज प्रकरण में हत्या की धारा बढ़ाते हुए कार्रवाई तेज की। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजेश रघुवंशी के मार्गदर्शन में एसडीओपी हरसूद लोकेन्द्र सिंह ठाकुर के नेतृत्व में टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को 20 अप्रैल को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल खंडवा भेज दिया गया। सराहनीय भूमिका: एसडीओपी लोकेन्द्र सिंह ठाकुर, थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार राठौर, उपनिरीक्षक रमेश मोरे, चन्द्रशेखर काडे सहित पुलिस टीम के अन्य जवानों की अहम भूमिका रही।2