छतरपुर, मध्य प्रदेश के गढ़ी मलहरा थाना क्षेत्र में एक गंभीर आपराधिक मामले के फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस और आरोपियों के परिजनों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई, जिसमें एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, अपराध क्रमांक 128/26 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत तुलाराम अहिरवार सहित कुल आठ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। यह मामला सेशन ट्रायल से संबंधित था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को लगातार थाने में उपस्थित होने के लिए सूचित किया जा रहा था। आरोपियों द्वारा पहले 15 दिन का समय मांगा गया था और बाद में परिवार में शोक होने के कारण तेरहवीं संस्कार तक का समय भी पुलिस से लिया गया था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन तेरहवीं के बाद सभी आरोपी दिल्ली चले गए और फरार हो गए। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य आरोपी तुलाराम अहिरवार अपने घर पर मौजूद मिला, जिसे हिरासत में लेने पुलिस पहुंची। पुलिस के अनुसार, आरोपी को थाने लाने के दौरान उसके परिजनों द्वारा अनावश्यक रूप से माहौल खराब करने का प्रयास किया गया। पुलिस का आरोप है कि कुछ लोग हाथों में लाठियां लेकर पुलिस टीम की घेराबंदी करते दिखाई दिए, जिसके चलते पुलिस को अपने बचाव में हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान, आरोपी के भाई रामू अहिरवार ने प्रधान आरक्षक बृजेश यादव पर हमला करने की नीयत से ईंट उठाई और उसे रोकने के दौरान प्रधान आरक्षक को लात मार दी। घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है। छतरपुर के एसपी रजत सकलेचा ने इस संबंध में अपनी बात रखी है।
छतरपुर, मध्य प्रदेश के गढ़ी मलहरा थाना क्षेत्र में एक गंभीर आपराधिक मामले के फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस और आरोपियों के परिजनों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई, जिसमें एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, अपराध क्रमांक 128/26 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत तुलाराम अहिरवार सहित कुल आठ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। यह
मामला सेशन ट्रायल से संबंधित था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को लगातार थाने में उपस्थित होने के लिए सूचित किया जा रहा था। आरोपियों द्वारा पहले 15 दिन का समय मांगा गया था और बाद में परिवार में शोक होने के कारण तेरहवीं संस्कार तक का समय भी पुलिस से लिया गया था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन तेरहवीं के
बाद सभी आरोपी दिल्ली चले गए और फरार हो गए। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य आरोपी तुलाराम अहिरवार अपने घर पर मौजूद मिला, जिसे हिरासत में लेने पुलिस पहुंची। पुलिस के अनुसार, आरोपी को थाने लाने के दौरान उसके परिजनों द्वारा अनावश्यक रूप से माहौल खराब करने का प्रयास किया गया। पुलिस का आरोप है कि कुछ लोग हाथों में लाठियां लेकर पुलिस टीम की घेराबंदी करते दिखाई दिए, जिसके चलते
पुलिस को अपने बचाव में हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान, आरोपी के भाई रामू अहिरवार ने प्रधान आरक्षक बृजेश यादव पर हमला करने की नीयत से ईंट उठाई और उसे रोकने के दौरान प्रधान आरक्षक को लात मार दी। घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है। छतरपुर के एसपी रजत सकलेचा ने इस संबंध में अपनी बात रखी है।
- छतरपुर में प्रेम विवाह करने वाले एक दंपती ने बुधवार, 12 जून को दोपहर करीब 3:30 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। महिला मोना ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि कुछ लोग उनके घर पहुंचकर गाली-गलौज कर रहे हैं और उन्हें घर खाली करने का दबाव बना रहे हैं। महिला के अनुसार, उसने और उसके पति जगदेव ने बालिग होने के बाद आपसी सहमति से कोर्ट मैरिज और हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया है। दंपती का आरोप है कि दायल, बिरहा, रविन्द्र, मनीष और शनि नामक पांच लोग उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। दंपती ने एसपी से उन्हें सुरक्षा प्रदान करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने दंपती के आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि, इन आरोपों की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।1
- टीकमगढ़ जिले में चल रहे पठा-माडूमर नहर संकट का समाधान अगले तीन दिनों के भीतर होने की घोषणा की गई है। इस आश्वासन के बाद क्षेत्र में जल समस्या के निवारण की उम्मीद जगी है।1
- टीकमगढ़ में 12 जून 2026 को कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने संबंधित अधिकारियों के साथ महेंद्र सागर तालाब को पठा तालाब से जोड़ने वाली आवक नहर पर चल रहे सुधार कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि यह सुधार कार्य अगले तीन दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने जानकारी दी कि आवक नहर ग्राम पंचायत माडूमर में नन्हे जी के खेत के वेस्टवेयर पास और अस्तौन पुलिया के पास क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। इसके अतिरिक्त, सिंचाई विभाग के कार्य क्षेत्र में यादव जी के खेत के पास भी एक पुलिया क्षतिग्रस्त थी। इन सभी क्षतिग्रस्त संरचनाओं का सुधार कार्य क्रमशः ग्राम पंचायत और सिंचाई विभाग द्वारा किया जा रहा है। कलेक्टर ने सम्पूर्ण चैनल का निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त पुलिया/वेस्टवेयर के निर्माण कार्य की प्रगति पर अपनी संतुष्टि जताई। इस निरीक्षण के अवसर पर तहसीलदार टीकमगढ़ श्री सत्येंद्र सिंह गुर्जर, जनपद सीईओ टीकमगढ़ श्री मनीष शेंडे और ईई सिंचाई विभाग श्री दीपेंद्र सिंह कुशवाह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।1
- टीकमगढ़ जिले में एक पिता ने अपनी बेटी की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। आवेदनकर्ता बृज किशोर अहिरवार, जो ग्राम हीरानगर बावरी, थाना टीकमगढ़ देहात के निवासी हैं, ने अपनी पुत्री हसीना उर्फ रजनी अहिरवार की ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी पुत्री का विवाह वर्ष 2023 में जतारा थाना क्षेत्र के ग्राम मुहारा निवासी मनीष अहिरवार के साथ हुआ था। पिता ने अपने आवेदन में दावा किया है कि विवाह के समय उन्होंने अपनी क्षमतानुसार करीब 15 से 18 लाख रुपये मूल्य का सामान, जिसमें नगद राशि, एक मोटरसाइकिल और सोने-चांदी के आभूषण शामिल थे, बेटी को दिया था। इसके बावजूद, शादी के बाद पुत्री को ससुराल पक्ष द्वारा दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया गया। आवेदन में पति मनीष अहिरवार, ससुर हरिराम अहिरवार, सास पुष्पा अहिरवार और 'अन्य लोगों' पर दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित पिता ने आरोप लगाया है कि पुत्री की मौत के संबंध में जतारा थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी अब तक कोई 'अपेक्षित कार्रवाई' नहीं की गई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस द्वारा की जाने वाली जांच के बाद ही इस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- महोबा जनपद के कोतवाली चरखारी क्षेत्र अंतर्गत सूपा गांव में भानवती पत्नी देवकी राजपूत ने अपने देवर प्रवेश पर घर में घुसकर मारपीट करने, जानलेवा हमला करने का प्रयास करने और नकदी-सामान लूटने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक महोबा को दिए शिकायती पत्र में बताया कि घटना के समय वह घर पर अकेली थी, तभी उसका देवर कुल्हाड़ी लेकर दरवाजे पर पहुँचा और उस पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की। आरोप है कि प्रवेश जबरन घर के अंदर घुस आया और उसके साथ मारपीट की, जिसके बाद वह घर में रखे ₹10 हजार नकद और अन्य कीमती सामान अपने साथ ले गया। पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद वह अत्यधिक भयभीत हो गई। उसने पहले सुख चौकी में प्रार्थना पत्र दिया, जहाँ से उसे कथित तौर पर पुलिस ने भगा दिया और आरोपित के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे निराश होकर, भानवती ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर अपने देवर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की है। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद इस मामले में जांच की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के उपरांत प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।3
- छतरपुर स्थित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में हिंदी माध्यम के छात्रों को अंग्रेजी माध्यम का प्रश्न पत्र दिए जाने के विरोध में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। इसी विरोध प्रदर्शन के दौरान आज 12 जून को दोपहर करीब 4:00 बजे छात्र नेता सतेंद्र शर्मा अचानक बेहोश हो गए, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। सतेंद्र शर्मा की हालत गंभीर होने के बाद, उन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से छतरपुर जिला अस्पताल ले जाया गया। वहाँ उन्हें पुरुष मेडिकल वार्ड में भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है। इस घटना के बाद, छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से इस पूरे मामले में उचित कार्रवाई करने और छात्रों के लिए भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने हेतु समुचित व्यवस्था प्रदान करने की मांग की है।1
- टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है, जिसमें सोना बस शामिल थी। इस हादसे में एक व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद, पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और अब इस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है।1
- झांसी जनपद की गरौठा तहसील के ककरबई कस्बे और थाना क्षेत्र में सरकारी शराब ठेका बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में एकत्र होकर ग्रामीणों ने शराब ठेके के विरोध में जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से इसे तत्काल बंद कराने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में संचालित यह शराब ठेका सामाजिक वातावरण को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है और आए दिन विभिन्न समस्याओं को जन्म दे रहा है, इसी कारण उन्होंने अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। घटना की सूचना मिलने पर ककरबई थाना अध्यक्ष अपने हमराही पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा। इस आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हो गई। फिलहाल, गांव में शांति व्यवस्था बनी हुई है और प्रशासन पूरे मामले पर लगातार अपनी नजर बनाए हुए है।2
- छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में एक गंभीर अपराध के आरोपी तुलाराम अहिरवार को गिरफ्तार करने पहुँची पुलिस को आरोपी के परिजनों के भारी दबाव और घेराव का सामना करना पड़ा। यह मामला तीन महीने पुराने एक गंभीर मारपीट के अपराध से जुड़ा है, जो 6 मार्च 2026 को ऊजरा गांव में घटित हुआ था। इस घटना में आरोपियों ने एक घर में घुसकर परिवार को बुरी तरह से पीटा था, जिसमें महिलाएं और लड़कियाँ तक लहूलुहान हो गई थीं और उनके सिर फट गए थे। इस हमले में कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। गढ़ीमलहरा थाना में अपराध क्रमांक 128/26 के तहत तुलाराम अहिरवार सहित कुल आठ आरोपियों – सियाराम अहिरवार, बृजेंद्र कुमार अहिरवार, प्रदीप अहिरवार, अजय अहिरवार, विजय अहिरवार, रंजीत अहिरवार और रवि अहिरवार – के खिलाफ विभिन्न धाराओं, जिनमें 296(b), 115(2), 351(2), 324(4), 333 और इजाफा धारा 117(2), 331(7), 190, 191(2), 191(3) BNS शामिल हैं, के तहत मामला दर्ज किया गया था। ये सभी आरोपी मलका गांव, थाना गढ़ीमलहरा के निवासी हैं। चूँकि यह एक सेशन ट्रायल मामला है, पुलिस ने आरोपियों को थाने में उपस्थित होने के लिए लगातार सूचनाएँ भेजी थीं। शुरुआत में आरोपियों ने 15 दिन का समय मांगा, जिसके बाद परिवार में एक सदस्य की मृत्यु पर 13वीं तक का समय भी माँगा गया। पुलिस ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए यह समय भी दिया। हालाँकि, 13वीं की रस्म पूरी होने के बाद सभी आरोपी दिल्ली भाग गए थे। आज जब पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी तुलाराम अहिरवार अपने घर पर मौजूद है, तो पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुँची। इस दौरान आरोपी के परिजनों ने पुलिस को रोकने का प्रयास किया और गिरफ्तारी के समय एक अनावश्यक माहौल बनाया। अन्य परिजनों को हाथों में लाठियाँ लेकर पुलिस को घेरते हुए भी देखा गया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को अपनी आत्मरक्षा को देखते हुए थोड़ी सख्ती दिखानी पड़ी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए परिजनों द्वारा पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाकर वायरल भी किया गया। इस पूरी घटना की जानकारी पुलिसकर्मियों ने थाने में वापसी रोजनामचे में दर्ज कराई है। इस बीच, इस मामले के बाकी सात आरोपी अभी भी फरार हैं।1