Shuru
Apke Nagar Ki App…
हटा/राम गोपाल जी वार्ड घुराघाट में सीसी रोड और नाली निर्माण का काम 2 महीने से रुका हुआ है, जिससे वार्ड वासी परेशान हैं। नालियों में बच्चे गिर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों को कोई खबर नहीं है। इस समस्या के बारे नगर पालिका सीएमओ से बात की तो उन्होंने बताया कि अभी नगर पालिका में पैसा नहीं है
Pushpendra hatta Press reporter
हटा/राम गोपाल जी वार्ड घुराघाट में सीसी रोड और नाली निर्माण का काम 2 महीने से रुका हुआ है, जिससे वार्ड वासी परेशान हैं। नालियों में बच्चे गिर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों को कोई खबर नहीं है। इस समस्या के बारे नगर पालिका सीएमओ से बात की तो उन्होंने बताया कि अभी नगर पालिका में पैसा नहीं है
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- दमोह जिले के गैसाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत एक नाबालिक छात्रा ने छेड़छाड़ से आहत होकर शुक्रवार शाम घर में कीटनाशक का सेवन कर लिया। जिसे उल्टियां होने पर परिजन तत्काल इलाज के लिए हटा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे।1
- कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ट्रांसफार्मर (DP) पर चढ़े एक व्यक्ति को समझाइश देकर सुरक्षित नीचे उतारा गया। उक्त व्यक्ति व्यक्तिगत समस्या के समाधान हेतु मिलना चाहते थे, किंतु नशे की स्थिति के कारण मुलाकात नहीं हो पाई। प्रशासन द्वारा उनसे संवाद कर उनका आवेदन प्राप्त किया गया एवं आवश्यक सहायता प्रदान की गई। नियम अनुसार प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- हटा थाना क्षेत्र के कांटी बस स्टैंड पर दिनदहाड़े बस ऑपरेटर और उसके साथियों द्वारा युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री श्रुतकीर्ति सोमवंशी और टीआई सुधीर कुमार बेगी के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी कर यह सफलता हासिल की।1
- बच्चे चोर गिरोह सक्रिय हुआ पटेरा परिजनो का आरोप की बच्चा चोर ग्राम कुढ़ई आए थे और बच्चों को पकड़ कर ले जा रहे थे अचानक किसी की टू व्हीलर गाड़ी निकलने के पश्चात बच्चों को छोड़ दिया गया बच्चा सुरक्षित अपने घर दौड़कर वापस आ गए परिजन थाना पटेरा पहुंचे बच्चों को लेकर, अज्ञात लोगो पर मामला पंजीबद्ध किया गया |1
- परिजनों ने अज्ञात लोगों पर बच्चों के अपहरण का लगाया आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच दमोह जिले के पटेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुडई गांव में दो नाबालिक बच्चों के अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया है। परिजनों ने अज्ञात लोगों पर आरोप लगाया है दोनों बच्चे सुरक्षित है परिजनों को जैसे ही जानकारी लगी उन्होंने तत्काल थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी और एक आवेदन पुलिस को दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है जल्द ही तथ्यों का खुलासा हो जाएगा। इस घटना में दो नाबालिक बच्चों के अपहरण की बात परिजनों के द्वारा कही जा रही है। एक बच्चे के परिजन राम मिलन अहिरवार ने बताया की उनका बच्चा गांव के निजी स्कूल में पढ़ाई करता है। बच्चा सुबह स्कूल जा रहा था उसके साथ एक और बच्चा साथ में था। तभी रास्ते में दो अज्ञात व्यक्ति बच्चों को मिले और उन्हें पड़कर करेरा नाले के पास ले गए। उन्होंने किसी को फोन लगाकर गाड़ी बुलवाई और आगे चलकर वह दोनों लोग बाथरूम के लिए रुके तभी उनके बच्चे किसी तरह जान बचाकर भागे और घर आकर घटना की जानकारी दी। परिजन ग्रामीणों के साथ पटेरा थाने पहुंचे जहां पुलिस को उन्होंने एक शिकायत आवेदन दिया है। पटेरा थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुर्जर का कहना है की परिजनों के द्वारा बच्चों के अपहरण की बात कही गई है उन्होंने आवेदन दिया है। मामले में जांच की जा रही है जहां का घटनास्थल बताया जा रहा है वहां के सीसीटीवी फुटेज भी देखे जाएंगे इसके बाद ही घटना की सही जानकारी पता चलेगी।2
- छत्रसाल चौराहा पर हिंदूवादी युवाओं ने दामोदर यादव का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने 1 मार्च को प्रस्तावित दामोदर यादव की सभा का कड़ा विरोध जताया। युवाओं का कहना है कि वे उक्त सभा का विरोध जारी रखेंगे। मौके पर कुछ देर के लिए माहौल गरमाया रहा, हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही। पुलिस प्रशासन भी एहतियातन मौजूद रहा।1
- 🔳जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने पत्रकारवार्ता में ‘’विकसित भारत जी राम जी’’ अधिनियम, 2025 की दी जानकारी 🔳कृषि के चरम मौसम (बुआई एवं कटाई के सीजन) में एक वर्ष में 60 दिवस कार्य-विराम का प्रावधान 🔳कटनी – भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय विज़न विकसित भारत- 2047 के परिप्रेक्ष्य में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (वीबी-जी राम जी) लागू किया गया है। वीबी-जी राम जी अधिनियम-2025 के महत्वपूर्ण प्रावधानों एवं प्रदत्त कानूनी अधिकारों के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता के उद्देश्य से जिला पंचायत सभा कक्ष में पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया। पत्रकारवार्ता में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर ने वीबी जी राम जी अधिनियम-2025 की विशेषताओं की जानकारी से अवगत कराया। इस अवसर पर जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुराग मोदी और मनरेगा के परियोजना अधिकारी श्री ऋषिराज चढार उपस्थित रहें। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने बताया कि जिलें में 1 लाख 35 हजार 408 जॉबकार्डधारी परिवार हैं, जिनमें 2 लाख 39 हजाा 890 श्रमिक शामिल है। विकसित भारत-जी रामजी अधिनियम 2025 ग्रामीण परिवारों के लिए सालाना 100 की जगह 125 दिन का गारंटीकृत रोजगार, बेहतर बुनियादी ढांचा, समय पर मजदूरी और पारदर्शिता को मजबूत करता है। ग्राम सभाओं को योजना बनाने में सशक्त बनाया गया है, जिससे टिकाऊ ग्राम बुनियादी ढांचा विकसित होगा। अधिनियम में समय पर भुगतान की गारंटी और देरी होने पर मुआवजे का प्रावधान है। साथ ही रीयल-टाइम एमआईएस डैशबोर्ड, जीपीएस मॉनिटरिंग और सोशल ऑडिट के जरिए पारदर्शिता बढ़ेगी। इसमें जल सुरक्षा, आजीविका बुनियादी ढांचा, आपदा-सुरक्षा और ग्रामीण कनेक्टिविटी जैसे कार्यों पर भी जोर दिया गया है। सीईओ श्रीमती कौर द्वारा बताया गया कि अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिवस का रोजगार गारंटी प्रदान की गई है। कृषि के चरम मौसम (बुआई एवं कटाई के सीजन) में एक वर्ष में 60 दिवस कार्य-विराम का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषि श्रम उपलब्धता सुनिश्चित हो। दैनिक मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक अथवा अधिकतम पंद्रह दिवस के भीतर किया जाना अनिवार्य है। रोजगार सृजन को चार प्राथमिक क्षेत्रों से जोड़ा गया है। जल सुरक्षा संबंधी कार्य में नहरों का निर्माण, चेक डैम, तालाबों का पुनरुद्धार और वनीकरण कार्य किये जायेंगे। मूलभूत ग्रामीण अवसंरचना ग्रामीण सड़कें, ग्राम पंचायत भवन, आंगनवाड़ी केंद्र और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आजीविका संबंधी अवसंरचना ग्रामीण हाट, अनाज भंडारण, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए वर्कशेड और डेयरी इंफास्ट्रचर, चरम मौसम की घटनाओं से निपटने के लिए विशेष कार्य चकवात/बाढ़ आश्य स्थल, तटबंध और जंगल की आग प्रबंधन जैसे कार्य किये जायेंगे। सभी परिसंपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक में एकीकृत किया जाएगा। ग्राम स्तर पर विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से विकेन्द्रीकृत योजना निर्माण किया जाएगा। योजना को केंद्रीय क्षेत्र योजना से बदलकर केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में लागू किया गया है। यदि 15 दिवस में कार्य उपलब्ध न कराया जाए तो राज्य द्वारा बेरोजगारी भत्ता देय होगा। पंचायत राज संस्थाओं को योजना कियान्वयन में प्रमुख भूमिका, जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत कार्य लागत ग्राम पंचायतों द्वारा निष्पादित किया जायेगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं कार्यकम अधिकारी योजना प्रबंधन, भुगतान एवं सामाजिक अंकेक्षण के उत्तरदायी होंगे। सामाजिक अंकेक्षण प्रत्येक छह माह में अनिवार्य किया है। डिजिटल उपस्थिति, आधार-आधारित भुगतान, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी का प्रावधान किया गया है। यह अधिनियम ग्रामीण आय वृद्धि, जल संरक्षण, अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, जलवायु लचीलापन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन प्रदान करता है। यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को अवसंरचना-केंद्रित, पारदर्शी एवं उत्तरदायी ढाँचे के अंतर्गत पुनर्संगठित करता है तथा दीर्घकालीन सतत विकास और आजीविका सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।1
- कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ट्रांसफार्मर (DP) पर चढ़े एक व्यक्ति को समझाइश देकर सुरक्षित नीचे उतारा गया। प्रशासन द्वारा उनसे संवाद कर उनका आवेदन प्राप्त किया गया एवं आवश्यक सहायता प्रदान की गई। नियम अनुसार प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1