विकसित भारत- रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 (वीबी-ग्राम-जी) में मिलेगा श्रमिकों को रोजगार 🔳जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने पत्रकारवार्ता में ‘’विकसित भारत जी राम जी’’ अधिनियम, 2025 की दी जानकारी 🔳कृषि के चरम मौसम (बुआई एवं कटाई के सीजन) में एक वर्ष में 60 दिवस कार्य-विराम का प्रावधान 🔳कटनी – भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय विज़न विकसित भारत- 2047 के परिप्रेक्ष्य में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (वीबी-जी राम जी) लागू किया गया है। वीबी-जी राम जी अधिनियम-2025 के महत्वपूर्ण प्रावधानों एवं प्रदत्त कानूनी अधिकारों के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता के उद्देश्य से जिला पंचायत सभा कक्ष में पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया। पत्रकारवार्ता में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर ने वीबी जी राम जी अधिनियम-2025 की विशेषताओं की जानकारी से अवगत कराया। इस अवसर पर जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुराग मोदी और मनरेगा के परियोजना अधिकारी श्री ऋषिराज चढार उपस्थित रहें। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने बताया कि जिलें में 1 लाख 35 हजार 408 जॉबकार्डधारी परिवार हैं, जिनमें 2 लाख 39 हजाा 890 श्रमिक शामिल है। विकसित भारत-जी रामजी अधिनियम 2025 ग्रामीण परिवारों के लिए सालाना 100 की जगह 125 दिन का गारंटीकृत रोजगार, बेहतर बुनियादी ढांचा, समय पर मजदूरी और पारदर्शिता को मजबूत करता है। ग्राम सभाओं को योजना बनाने में सशक्त बनाया गया है, जिससे टिकाऊ ग्राम बुनियादी ढांचा विकसित होगा। अधिनियम में समय पर भुगतान की गारंटी और देरी होने पर मुआवजे का प्रावधान है। साथ ही रीयल-टाइम एमआईएस डैशबोर्ड, जीपीएस मॉनिटरिंग और सोशल ऑडिट के जरिए पारदर्शिता बढ़ेगी। इसमें जल सुरक्षा, आजीविका बुनियादी ढांचा, आपदा-सुरक्षा और ग्रामीण कनेक्टिविटी जैसे कार्यों पर भी जोर दिया गया है। सीईओ श्रीमती कौर द्वारा बताया गया कि अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिवस का रोजगार गारंटी प्रदान की गई है। कृषि के चरम मौसम (बुआई एवं कटाई के सीजन) में एक वर्ष में 60 दिवस कार्य-विराम का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषि श्रम उपलब्धता सुनिश्चित हो। दैनिक मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक अथवा अधिकतम पंद्रह दिवस के भीतर किया जाना अनिवार्य है। रोजगार सृजन को चार प्राथमिक क्षेत्रों से जोड़ा गया है। जल सुरक्षा संबंधी कार्य में नहरों का निर्माण, चेक डैम, तालाबों का पुनरुद्धार और वनीकरण कार्य किये जायेंगे। मूलभूत ग्रामीण अवसंरचना ग्रामीण सड़कें, ग्राम पंचायत भवन, आंगनवाड़ी केंद्र और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आजीविका संबंधी अवसंरचना ग्रामीण हाट, अनाज भंडारण, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए वर्कशेड और डेयरी इंफास्ट्रचर, चरम मौसम की घटनाओं से निपटने के लिए विशेष कार्य चकवात/बाढ़ आश्य स्थल, तटबंध और जंगल की आग प्रबंधन जैसे कार्य किये जायेंगे। सभी परिसंपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक में एकीकृत किया जाएगा। ग्राम स्तर पर विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से विकेन्द्रीकृत योजना निर्माण किया जाएगा। योजना को केंद्रीय क्षेत्र योजना से बदलकर केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में लागू किया गया है। यदि 15 दिवस में कार्य उपलब्ध न कराया जाए तो राज्य द्वारा बेरोजगारी भत्ता देय होगा। पंचायत राज संस्थाओं को योजना कियान्वयन में प्रमुख भूमिका, जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत कार्य लागत ग्राम पंचायतों द्वारा निष्पादित किया जायेगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं कार्यकम अधिकारी योजना प्रबंधन, भुगतान एवं सामाजिक अंकेक्षण के उत्तरदायी होंगे। सामाजिक अंकेक्षण प्रत्येक छह माह में अनिवार्य किया है। डिजिटल उपस्थिति, आधार-आधारित भुगतान, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी का प्रावधान किया गया है। यह अधिनियम ग्रामीण आय वृद्धि, जल संरक्षण, अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, जलवायु लचीलापन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन प्रदान करता है। यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को अवसंरचना-केंद्रित, पारदर्शी एवं उत्तरदायी ढाँचे के अंतर्गत पुनर्संगठित करता है तथा दीर्घकालीन सतत विकास और आजीविका सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विकसित भारत- रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 (वीबी-ग्राम-जी) में मिलेगा श्रमिकों को रोजगार 🔳जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने पत्रकारवार्ता में ‘’विकसित भारत जी राम जी’’ अधिनियम, 2025 की दी जानकारी 🔳कृषि के चरम मौसम (बुआई एवं कटाई के सीजन) में एक वर्ष में 60 दिवस कार्य-विराम का प्रावधान 🔳कटनी – भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय विज़न विकसित भारत- 2047 के परिप्रेक्ष्य में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (वीबी-जी राम जी) लागू किया गया है। वीबी-जी राम जी अधिनियम-2025 के महत्वपूर्ण प्रावधानों एवं प्रदत्त कानूनी अधिकारों के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता के उद्देश्य से जिला पंचायत सभा कक्ष में पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया। पत्रकारवार्ता में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर ने वीबी जी राम जी अधिनियम-2025 की विशेषताओं की जानकारी से अवगत कराया। इस अवसर पर जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुराग मोदी और मनरेगा के परियोजना अधिकारी श्री ऋषिराज चढार उपस्थित रहें। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने बताया कि जिलें में 1 लाख 35 हजार 408 जॉबकार्डधारी परिवार हैं, जिनमें 2 लाख 39 हजाा 890 श्रमिक शामिल है। विकसित भारत-जी रामजी अधिनियम 2025 ग्रामीण परिवारों के लिए सालाना 100 की जगह 125 दिन का गारंटीकृत रोजगार, बेहतर बुनियादी ढांचा, समय पर मजदूरी और पारदर्शिता को मजबूत करता है। ग्राम सभाओं को योजना बनाने में सशक्त बनाया गया है, जिससे टिकाऊ ग्राम बुनियादी ढांचा विकसित होगा। अधिनियम में समय पर भुगतान की गारंटी और देरी होने पर मुआवजे का प्रावधान है। साथ ही रीयल-टाइम एमआईएस डैशबोर्ड, जीपीएस मॉनिटरिंग और सोशल ऑडिट के जरिए पारदर्शिता बढ़ेगी। इसमें जल सुरक्षा, आजीविका बुनियादी ढांचा, आपदा-सुरक्षा और ग्रामीण कनेक्टिविटी जैसे कार्यों पर भी जोर दिया गया है। सीईओ श्रीमती कौर द्वारा बताया गया कि अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिवस का रोजगार गारंटी प्रदान की गई है। कृषि के चरम मौसम (बुआई एवं कटाई के सीजन) में एक वर्ष में 60 दिवस कार्य-विराम का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषि श्रम उपलब्धता सुनिश्चित हो। दैनिक मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक अथवा अधिकतम पंद्रह दिवस के भीतर किया जाना अनिवार्य है। रोजगार सृजन को चार प्राथमिक क्षेत्रों से जोड़ा गया है। जल सुरक्षा संबंधी कार्य में नहरों का निर्माण, चेक डैम, तालाबों का पुनरुद्धार और वनीकरण कार्य किये जायेंगे। मूलभूत ग्रामीण अवसंरचना ग्रामीण सड़कें, ग्राम पंचायत भवन, आंगनवाड़ी केंद्र और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आजीविका संबंधी अवसंरचना ग्रामीण हाट, अनाज भंडारण, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए वर्कशेड और डेयरी इंफास्ट्रचर, चरम मौसम की घटनाओं से निपटने के लिए विशेष कार्य चकवात/बाढ़ आश्य स्थल, तटबंध और जंगल की आग प्रबंधन जैसे कार्य किये जायेंगे। सभी परिसंपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक में एकीकृत किया जाएगा। ग्राम स्तर पर विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से विकेन्द्रीकृत योजना निर्माण किया जाएगा। योजना को केंद्रीय क्षेत्र योजना से बदलकर केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में लागू किया गया है। यदि 15 दिवस में कार्य उपलब्ध न कराया जाए तो राज्य द्वारा बेरोजगारी भत्ता देय होगा। पंचायत राज संस्थाओं को योजना कियान्वयन में प्रमुख भूमिका, जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत कार्य लागत ग्राम पंचायतों द्वारा निष्पादित किया जायेगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं कार्यकम अधिकारी योजना प्रबंधन, भुगतान एवं सामाजिक अंकेक्षण के उत्तरदायी होंगे। सामाजिक अंकेक्षण प्रत्येक छह माह में अनिवार्य किया है। डिजिटल उपस्थिति, आधार-आधारित भुगतान, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी का प्रावधान किया गया है। यह अधिनियम ग्रामीण आय वृद्धि, जल संरक्षण, अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, जलवायु लचीलापन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन प्रदान करता है। यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को अवसंरचना-केंद्रित, पारदर्शी एवं उत्तरदायी ढाँचे के अंतर्गत पुनर्संगठित करता है तथा दीर्घकालीन सतत विकास और आजीविका सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- 🔳जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने पत्रकारवार्ता में ‘’विकसित भारत जी राम जी’’ अधिनियम, 2025 की दी जानकारी 🔳कृषि के चरम मौसम (बुआई एवं कटाई के सीजन) में एक वर्ष में 60 दिवस कार्य-विराम का प्रावधान 🔳कटनी – भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय विज़न विकसित भारत- 2047 के परिप्रेक्ष्य में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (वीबी-जी राम जी) लागू किया गया है। वीबी-जी राम जी अधिनियम-2025 के महत्वपूर्ण प्रावधानों एवं प्रदत्त कानूनी अधिकारों के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता के उद्देश्य से जिला पंचायत सभा कक्ष में पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया। पत्रकारवार्ता में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर ने वीबी जी राम जी अधिनियम-2025 की विशेषताओं की जानकारी से अवगत कराया। इस अवसर पर जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुराग मोदी और मनरेगा के परियोजना अधिकारी श्री ऋषिराज चढार उपस्थित रहें। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कौर ने बताया कि जिलें में 1 लाख 35 हजार 408 जॉबकार्डधारी परिवार हैं, जिनमें 2 लाख 39 हजाा 890 श्रमिक शामिल है। विकसित भारत-जी रामजी अधिनियम 2025 ग्रामीण परिवारों के लिए सालाना 100 की जगह 125 दिन का गारंटीकृत रोजगार, बेहतर बुनियादी ढांचा, समय पर मजदूरी और पारदर्शिता को मजबूत करता है। ग्राम सभाओं को योजना बनाने में सशक्त बनाया गया है, जिससे टिकाऊ ग्राम बुनियादी ढांचा विकसित होगा। अधिनियम में समय पर भुगतान की गारंटी और देरी होने पर मुआवजे का प्रावधान है। साथ ही रीयल-टाइम एमआईएस डैशबोर्ड, जीपीएस मॉनिटरिंग और सोशल ऑडिट के जरिए पारदर्शिता बढ़ेगी। इसमें जल सुरक्षा, आजीविका बुनियादी ढांचा, आपदा-सुरक्षा और ग्रामीण कनेक्टिविटी जैसे कार्यों पर भी जोर दिया गया है। सीईओ श्रीमती कौर द्वारा बताया गया कि अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिवस का रोजगार गारंटी प्रदान की गई है। कृषि के चरम मौसम (बुआई एवं कटाई के सीजन) में एक वर्ष में 60 दिवस कार्य-विराम का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषि श्रम उपलब्धता सुनिश्चित हो। दैनिक मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक अथवा अधिकतम पंद्रह दिवस के भीतर किया जाना अनिवार्य है। रोजगार सृजन को चार प्राथमिक क्षेत्रों से जोड़ा गया है। जल सुरक्षा संबंधी कार्य में नहरों का निर्माण, चेक डैम, तालाबों का पुनरुद्धार और वनीकरण कार्य किये जायेंगे। मूलभूत ग्रामीण अवसंरचना ग्रामीण सड़कें, ग्राम पंचायत भवन, आंगनवाड़ी केंद्र और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आजीविका संबंधी अवसंरचना ग्रामीण हाट, अनाज भंडारण, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए वर्कशेड और डेयरी इंफास्ट्रचर, चरम मौसम की घटनाओं से निपटने के लिए विशेष कार्य चकवात/बाढ़ आश्य स्थल, तटबंध और जंगल की आग प्रबंधन जैसे कार्य किये जायेंगे। सभी परिसंपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक में एकीकृत किया जाएगा। ग्राम स्तर पर विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से विकेन्द्रीकृत योजना निर्माण किया जाएगा। योजना को केंद्रीय क्षेत्र योजना से बदलकर केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में लागू किया गया है। यदि 15 दिवस में कार्य उपलब्ध न कराया जाए तो राज्य द्वारा बेरोजगारी भत्ता देय होगा। पंचायत राज संस्थाओं को योजना कियान्वयन में प्रमुख भूमिका, जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत कार्य लागत ग्राम पंचायतों द्वारा निष्पादित किया जायेगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं कार्यकम अधिकारी योजना प्रबंधन, भुगतान एवं सामाजिक अंकेक्षण के उत्तरदायी होंगे। सामाजिक अंकेक्षण प्रत्येक छह माह में अनिवार्य किया है। डिजिटल उपस्थिति, आधार-आधारित भुगतान, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी का प्रावधान किया गया है। यह अधिनियम ग्रामीण आय वृद्धि, जल संरक्षण, अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, जलवायु लचीलापन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन प्रदान करता है। यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को अवसंरचना-केंद्रित, पारदर्शी एवं उत्तरदायी ढाँचे के अंतर्गत पुनर्संगठित करता है तथा दीर्घकालीन सतत विकास और आजीविका सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।1
- अभिनय विश्वकर्मा का रीठी थाने पर औचक धावा: ब्लैक स्पॉट पर कड़े निर्देश, फरियादियों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं कटनी | जिले की पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा शुक्रवार को अचानक रीठी थाने पहुँचे। एसपी के औचक निरीक्षण से महकमे में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनता की शिकायतों में लापरवाही अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। 🔍 थाने की व्यवस्था का गहन परीक्षण एसपी ने रिकॉर्ड रूम, हवालात, मालखाना और परिसर की साफ-सफाई का बारीकी से निरीक्षण किया। सीसीटीवी कैमरों को हर समय सक्रिय रखने के निर्देश बंदियों के मानवाधिकारों का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर जोर उन्होंने स्टाफ से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं भी जानीं और समाधान का आश्वासन दिया। 🚦 डांग चौराहा और जमुनिया मोड़ बने फोकस क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसों को गंभीरता से लेते हुए एसपी स्वयं डांग चौराहा और जमुनिया मोड़ जैसे चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर पहुँचे। निरीक्षण के बाद सुरक्षा बढ़ाने के सख्त निर्देश जारी किए। ✔ सुरक्षा के लिए दिए गए प्रमुख निर्देश: रंबल स्ट्रिप/स्पीड ब्रेकर लगाकर वाहनों की रफ्तार नियंत्रित की जाए चेतावनी एवं सूचनात्मक बोर्ड तत्काल लगाए जाएं स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ⚖ जनता के प्रति संवेदनशीलता, अपराधियों पर सख्ती एसपी विश्वकर्मा ने स्पष्ट कहा, “थाने में आने वाले हर फरियादी की शिकायत प्राथमिकता से दर्ज और निराकृत हो। पारदर्शिता और संवेदनशीलता पुलिस की पहचान होनी चाहिए।” उन्होंने दो टूक कहा कि पुलिस का व्यवहार जनता के प्रति विनम्र और अपराधियों के प्रति सख्त होना चाहिए। 📌 संदेश साफ है रीठी थाने के औचक निरीक्षण ने यह संकेत दे दिया है कि जिले में अब ड्यूटी में ढिलाई नहीं चलेगी और सड़क सुरक्षा से लेकर फरियादियों की सुनवाई तक हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी।1
- Post by Sourabh Shrivastava1
- 💥💥💥💥💥चलिये चले जगत जननी आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी 💫💫💫💫💫💫के साथ होली खेलने🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी माँ विंध्यवासनी के दरवार में 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔दिनांक 02/03/2026 दिन सोमवार को रात्रि 07:00 बजे माँ विंध्यवासनी के दरवार मैं होली महोत्सव एवम दिव्य महाआरती 💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥का आयोजन किया जाता है आप सभी भक्तवृन्द 🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚माँ विंध्यवासनी की इस महाआरती में सम्मिलित होकर🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 माँ विंध्यवासनी के साथ होली खेलकर महाआरती का पुण्यलाभ प्राप्त 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿कर माँ विंध्यवासनी के दिव्यस्वरूप का दर्शन कर माँ विंध्यवासनी का शुभाशीष 🙌🙌🙌🙌🙌🙌🙌🙌🙌🙌🙌🙌प्राप्त करें🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर निमिहा मोहल्ला कटनी मध्यप्रदेश🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹इस बार स्नान दान पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण लगने के कारण महाआरती व्रत पूर्णिमा को ही होगी2
- बच्चे चोर गिरोह सक्रिय हुआ पटेरा परिजनो का आरोप की बच्चा चोर ग्राम कुढ़ई आए थे और बच्चों को पकड़ कर ले जा रहे थे अचानक किसी की टू व्हीलर गाड़ी निकलने के पश्चात बच्चों को छोड़ दिया गया बच्चा सुरक्षित अपने घर दौड़कर वापस आ गए परिजन थाना पटेरा पहुंचे बच्चों को लेकर, अज्ञात लोगो पर मामला पंजीबद्ध किया गया |1
- Zindagi ajeeb hai… samajhne jao to aur confuse ho jaati hai! 🤦♂️ . . #ZindagiAjeebHai #ComedyVideo #Relatable #FunnyReels #DesiComedy #LifeComedy1
- परिजनों ने अज्ञात लोगों पर बच्चों के अपहरण का लगाया आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच दमोह जिले के पटेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुडई गांव में दो नाबालिक बच्चों के अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया है। परिजनों ने अज्ञात लोगों पर आरोप लगाया है दोनों बच्चे सुरक्षित है परिजनों को जैसे ही जानकारी लगी उन्होंने तत्काल थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी और एक आवेदन पुलिस को दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है जल्द ही तथ्यों का खुलासा हो जाएगा। इस घटना में दो नाबालिक बच्चों के अपहरण की बात परिजनों के द्वारा कही जा रही है। एक बच्चे के परिजन राम मिलन अहिरवार ने बताया की उनका बच्चा गांव के निजी स्कूल में पढ़ाई करता है। बच्चा सुबह स्कूल जा रहा था उसके साथ एक और बच्चा साथ में था। तभी रास्ते में दो अज्ञात व्यक्ति बच्चों को मिले और उन्हें पड़कर करेरा नाले के पास ले गए। उन्होंने किसी को फोन लगाकर गाड़ी बुलवाई और आगे चलकर वह दोनों लोग बाथरूम के लिए रुके तभी उनके बच्चे किसी तरह जान बचाकर भागे और घर आकर घटना की जानकारी दी। परिजन ग्रामीणों के साथ पटेरा थाने पहुंचे जहां पुलिस को उन्होंने एक शिकायत आवेदन दिया है। पटेरा थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुर्जर का कहना है की परिजनों के द्वारा बच्चों के अपहरण की बात कही गई है उन्होंने आवेदन दिया है। मामले में जांच की जा रही है जहां का घटनास्थल बताया जा रहा है वहां के सीसीटीवी फुटेज भी देखे जाएंगे इसके बाद ही घटना की सही जानकारी पता चलेगी।2
- कटनी जिला पंचायत में रिश्वत कांड: बहाली के नाम पर वीवो मोबाइल की मांग, ₹5 हजार लेते बाबू गिरफ्तार1