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Mukesh Kumar
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- Post by Mukesh Kumar1
- उदयपुर। अपना घर आश्रम में सीटेट और एमपीयुएटी के छात्रों ने होली पर्व बड़े ही हर्षोल्लास एवं भावनात्मक वातावरण में मनाया। इस अवसर पर सीटेट और एमपीयुएटी के 30 विद्यार्थियों के ग्रुप ने आश्रम का अवलोकन किया तथा प्रभुजी के साथ रंगों से होली खेलकर खुशियाँ साझा की। विद्यार्थियों द्वारा होली के पारंपरिक गीतों को गाकर रंगो की होली मनाई और प्रभुजी संग नृत्य कर उत्सव को यादगार बना दिया। ग्रुप लीडर वृत्तिका दाधीच एवं प्रियंका चौधरी ने बताया कि प्रभुजी के साथ होली खेलने का अनुभव अत्यंत भावुक एवं आनंददायक रहा और यहां आकर सेवा का वास्तविक अर्थ समझ में आया जिससे आत्मिक संतोष की अनुभूति हुई। कार्यक्रम के प्रारंभ में आश्रम अध्यक्ष गोपाल कनेरिया द्वारा विद्यार्थियों को आश्रम की गतिविधियों, कार्य प्रणाली एवं सेवाभाव की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही भरतपुर स्थित अपना घर आश्रम की डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाकर संस्था के कार्यों से अवगत कराया। इस अवसर पर आश्रम संरक्षक सुरेश विजयवर्गीय, उपाध्यक्ष राजेश गर्ग, सह सचिव सुनील चौहान, वित्त सचिव प्रकाश जोशी, सदस्य अल्पना गर्ग, प्रभारी सुल्तान सिंह, प्रखर कपूर, निखिल अरोड़ा , तनिष्का गोयल, बुलबुल मालव, प्रियंका कुलहरी,वीरेंद्र सिंह तंवर, रूपम शर्मा आदि विद्यार्थी और सेवा साथी उपस्थित थे। सभी ने विद्यार्थियों के इस सेवा भाव की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।3
- दो हजार से ज्यादा बम गिराया1
- नई ग्राम पंचायत जगलावदा का गांव कोटड़ा में मीटिंग का आयोजन रखा गया महादेव जी स्थान पर जिसमें निर्णय लिया गया आदर्श पंचायत बनाने के लिए ग्राम वासियों द्वारा सभी ने समर्थन किया गया वर्तमान सरपंच मनोहर लाल मीणा द्वारा आदिवासी समाज सुधार करना आवश्यक है इस पर विशेष वार्ता की गई होली के पावन त्योहार पर भी हमें सावधानी रखने की चर्चा की गई1
- सरादीत गांव की सामाजिक आमसभा में महंगाई पर कड़े फैसले, शादी-समारोह और सामाजिक कार्यों के लिए नए नियम लागू1
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के श्रीयादे मंदिर दरौली में मेवलिया प्रजापति समाज मेवाड़ चौखला द्वारा लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित हुआ। जानकारी के अनुसार मंदिर परिसर में हुए निर्माण कार्यों का लोकार्पण मुख्य अतिथि वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष भंवर सिंह पंवार ने की। इस दौरान मेवाड़ चौखला अध्यक्ष गणेशलाल प्रजापत घासा ने डबोक से भटेवर नेशनल हाइवे रोड पर भक्त शिरोमणि श्रीयादे माताजी का पैनोरमा स्थापित करने की मांग की। कार्यक्रम में विधायक द्वारा मंदिर परिसर में पुस्तकालय व वाचनालय हॉल निर्माण हेतु 10 लाख की घोषणा की गई। उन्होंने प्रजापति समाज को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष भंवर सिंह पंवार द्वारा पूर्व की घोषणा के अनुसार डॉम व बड़ी लाइट कार्य को पूर्ण करने का विश्वास दिया। साथ ही राज्य सरकार द्वारा सहयोग दिलाने का भरोसा दिलाया। मेवाड़ चौखला महामंत्री डीसी प्रजापत विठौली ने बताया की कार्यक्रम के पश्चात 24 मार्च को आयोजित होने वाले श्रीयादे ध्वजा कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई। इस लोकार्पण कार्यक्रम में स्नेहभोज प्रसादी भामाशाह उमाशंकर प्रजापत सराय द्वारा रखा गया। सह सचिव कालूलाल सराय ने बताया की गणेश लाल को सिरोही जिला के ओबीसी मोर्चा के जिला प्रभारी नियुक्त होने पर विधायक डांगी व पंवार द्वारा पगड़ी व उपरणा पहनाकर स्वागत किया। इस लोकार्पण कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि भाजपा मंडल अध्यक्ष बाबूलाल डांगी, जिला मीडिया प्रभारी भरत भानु सिंह देवड़ा, पूर्व प.स. लक्ष्मीलाल डांगी, प्रशासक रोड़ीलाल डांगी, चेयरमैन सहकारी समिति दरौली सुखलाल डांगी, भजाराम डांगी, धूलचंद, ललित सेन, हेमराज डांगी, धनराज डांगी, मेवाड़ चौखला के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेमलाल मालकी टूस, दलाजी इंटाली, देवीलाल सराय, शंकरलाल खेड़ी, अंबालाल नवानिया, कोषाध्यक्ष रामलाल दरौली, शंकरलाल, रामलाल बागथल, दीपलाल घासा, धनराज, गोपाल, सराय, मांगीलाल सांगवा, मदनलाल, भगवान लाल साकरोदा, उदयलाल नौवा, हीरा लाल मोडी, गोवर्धनलाल शीशवी, डालचंद, मांगीलाल, नाथूलाल, चंपालाल खेड़ी, कन्हैयालाल, गमेरलाल, नानालाल, जगदीश, कैलाश, उमेश, नारायणलाल सहित कई समाजजन मौजूद थे।1
- Post by Rajendra Tabiyar1
- वांकल नदी–अरावली पर्वतमाला के आंचल में बसे प्राकृतिक खजाने को संवारने की मांग, फुलवारी की नाल वन्यजीव अभयारण्य से जुड़ा अपवाह क्षेत्र बना आकर्षण का केंद्र दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी बहुल क्षेत्र में बहने वाली वांकल नदी अपने स्वच्छ जल, हरित तटों और रमणीय पहाड़ी भू-आकृतियों के कारण क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती है। प्राचीन अरावली पर्वतमाला की गोद से निकलकर यह नदी आसपास के गांवों, खेतों और वन क्षेत्रों को सिंचित करते हुए पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखती है। वर्षा ऋतु में इसका प्रवाह और आसपास का प्राकृतिक दृश्य विशेष रूप से मनमोहक हो उठता है। वांकल नदी का अपवाह क्षेत्र फुलवारी की नाल वन्यजीव अभयारण्य से जुड़ा हुआ है, जो जैव विविधता, दुर्लभ वनस्पतियों, औषधीय पौधों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। यहां की घनी हरियाली, झरने, पथरीली पहाड़ियां और शांत वातावरण पर्यटकों, प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। पर्यावरण प्रेमी धनराज गरासिया ने बताया कि क्षेत्र में टीलेश्वर मुक्तिधाम आश्रम, भोलेश्वर महादेव मंदिर, राम कुंडा, लंगोटिया, खांचण पुल, कूकड़ी माता जी, नगाधिराज बावजी, रीछ पहाड़ियां, कटावली झरना और भांडेर बावजी झरना जैसे धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थल मौजूद हैं। यदि इन स्थलों का योजनाबद्ध और पर्यावरण अनुकूल विकास किया जाए तो यहां सतत पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। उन्होंने जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी से आग्रह किया कि वन विभाग और जनजाति विभाग के माध्यम से विकास प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति दी जाए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि प्राकृतिक संतुलन भी बना रहे और क्षेत्र का समग्र विकास भी सुनिश्चित हो सके। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और पारिस्थितिक विरासत के रूप में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण और संतुलित विकास की मांग लगातार उठ रही है, जिससे आने वाली पीढ़ियां भी इस अद्भुत प्राकृतिक संपदा का लाभ उठा सकें।1