महा-खुलासा: सूरत का 'मौत का मेडिकल' - ताज़ा तांडव! 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: सूरत के औद्योगिक बेल्ट कडोदरा, जोलवा और वरेली में भारी हड़कंप! महा-खुलासा: सूरत का 'मौत का मेडिकल' - ताज़ा तांडव! 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: सूरत के औद्योगिक बेल्ट कडोदरा, जोलवा और वरेली में भारी हड़कंप! पर्दाफाश: गर्भपात की दवाओं के काले साम्राज्य का नागरिकों ने किया लाइव खुलासा। बड़ी कार्रवाई: सजग नागरिकों ने 'ऑपरेशन डेथ ट्रैप' के तहत बिछाया स्टिंग का जाल। संगीन आरोप: ये मेडिकल स्टोर नहीं, बल्कि गरीबों के लिए 'मौत के कत्लखाने' बन चुके हैं। बेकाब चेहरे: नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 'मौत के सौदागर' कैमरे में हुए कैद। कानून का मखौल: MTP एक्ट की सरेआम धज्जियां उड़ाकर बेची जा रही हैं प्रतिबंधित दवाएं। जानलेवा लापरवाही: बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के धड़ल्ले से बिक रही हैं गोलियां। लूट का खेल: ₹100 की मामूली दवा, गरीब मजदूरों को ₹900 में बेचकर किया जा रहा है शोषण। मजबूरी का व्यापार: श्रमिक परिवारों की लाचारी का फायदा उठाकर मुनाफाखोर भर रहे अपनी तिजोरी। एक्सक्लूसिव फुटेज: कैमरे के सामने खुली 'मौत की दुकानों' की एक-एक काली करतूत। रडार पर नाम: जैश मेडिकल और चामुंडा मेडिकल के संचालकों में मचा हड़कंप। सबूतों के घेरे में: आशापुरा और मिलन मेडिकल के अवैध कारनामे वीडियो रिकॉर्डिंग में कैद। अवैध बिक्री: लेगसुन और मातेश्वरी मेडिकल पर भी लगे गंभीर अवैध व्यापार के आरोप। मौन संचालक: दिव्य, कृष्णा और प्रेसिडेंट मेडिकल के पास स्टिंग के बाद नहीं बचा कोई जवाब। बड़ा खुलासा: अधिकांश दुकानों से फार्मासिस्ट गायब, अनुभवहीन युवक दे रहे हैं दवा। फर्जीवाड़ा: डिग्री किसी और के नाम की और दुकान पर बैठा है कोई अनजान शख्स। तीखा सवाल: क्या प्रशासन ने इन माफियाओं को दे रखा है 'लूट और मौत का लाइसेंस'? जिंदगी से खिलवाड़: औद्योगिक क्षेत्रों में रहने वाले मासूम परिवारों की जान खतरे में। खतरनाक परिणाम: विशेषज्ञों के अनुसार, एक गलत गोली बुझा सकती है किसी के घर का चिराग। शर्मसार मानवता: जहरीली कमाई के लालच में नैतिकता और इंसानियत को बेचा गया। विभागीय सुस्ती: ड्रग्स विभाग (FDCA) की लंबी चुप्पी पर जनता उठा रही है बड़े सवाल। मिलीभगत की बू: क्या अधिकारियों के संरक्षण में ही फल-फूल रहा है यह पूरा रैकेट? सीधी चेतावनी: शिकायतकर्ताओं का कड़ा रुख—'यह धंधा नहीं, मानवता की लड़ाई है'। अल्टीमेटम: प्रशासन को दिया गया 24 घंटे का समय; या तो एक्शन होगा या फिर आंदोलन। कानूनी तैयारी: हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल करने का फैसला। तैयार डोजियर: HD फुटेज और पुख्ता दस्तावेजी सबूतों के साथ तैयार है पूरी फाइल। जनता की मांग: क्या अब जागेगा प्रशासन और टूटेगी कुंभकर्णी नींद? बड़ी मांग: क्या इन 'मौत के दलालों' की दुकानों पर सरकारी मुहर के साथ ताला लगेगा? व्यापक आक्रोश: सूरत के हर औद्योगिक गलियारे में इस खुलासे के बाद भारी गुस्सा। हमारा संकल्प: देखते रहिए, इस खतरनाक सिंडिकेट के खात्मे तक जारी रहेगी हमारी जंग! कडोदरा से दिलीप कुमार यादव सूरत गुजरात
महा-खुलासा: सूरत का 'मौत का मेडिकल' - ताज़ा तांडव! 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: सूरत के औद्योगिक बेल्ट कडोदरा, जोलवा और वरेली में भारी हड़कंप! महा-खुलासा: सूरत का 'मौत का मेडिकल' - ताज़ा तांडव! 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: सूरत के औद्योगिक बेल्ट कडोदरा, जोलवा और वरेली में भारी हड़कंप! पर्दाफाश: गर्भपात की दवाओं के काले साम्राज्य का नागरिकों ने किया लाइव खुलासा। बड़ी कार्रवाई: सजग नागरिकों ने 'ऑपरेशन डेथ ट्रैप' के तहत बिछाया स्टिंग का जाल। संगीन आरोप: ये मेडिकल स्टोर नहीं, बल्कि गरीबों के लिए 'मौत के कत्लखाने' बन चुके हैं। बेकाब चेहरे: नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 'मौत के सौदागर' कैमरे में हुए कैद। कानून का मखौल: MTP एक्ट की सरेआम धज्जियां उड़ाकर बेची जा रही हैं प्रतिबंधित दवाएं। जानलेवा लापरवाही: बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के धड़ल्ले से बिक रही हैं गोलियां। लूट का खेल: ₹100 की मामूली दवा, गरीब मजदूरों को ₹900 में बेचकर किया जा रहा है शोषण। मजबूरी का व्यापार: श्रमिक परिवारों की लाचारी का फायदा उठाकर मुनाफाखोर भर रहे अपनी तिजोरी। एक्सक्लूसिव फुटेज: कैमरे के सामने खुली 'मौत की दुकानों' की एक-एक काली करतूत। रडार पर नाम: जैश मेडिकल और चामुंडा मेडिकल के संचालकों में मचा हड़कंप। सबूतों के घेरे में: आशापुरा और मिलन मेडिकल के अवैध कारनामे वीडियो रिकॉर्डिंग में कैद। अवैध बिक्री: लेगसुन और मातेश्वरी मेडिकल पर भी लगे गंभीर अवैध व्यापार के आरोप। मौन संचालक: दिव्य, कृष्णा और प्रेसिडेंट मेडिकल के पास स्टिंग के बाद नहीं बचा कोई जवाब। बड़ा खुलासा: अधिकांश दुकानों से फार्मासिस्ट गायब, अनुभवहीन युवक दे रहे हैं दवा। फर्जीवाड़ा: डिग्री किसी और के नाम की और दुकान पर बैठा है कोई अनजान शख्स। तीखा सवाल: क्या प्रशासन ने इन माफियाओं को दे रखा है 'लूट और मौत का लाइसेंस'? जिंदगी से खिलवाड़: औद्योगिक क्षेत्रों में रहने वाले मासूम परिवारों की जान खतरे में। खतरनाक परिणाम: विशेषज्ञों के अनुसार, एक गलत गोली बुझा सकती है किसी के घर का चिराग। शर्मसार मानवता: जहरीली कमाई के लालच में नैतिकता और इंसानियत को बेचा गया। विभागीय सुस्ती: ड्रग्स विभाग (FDCA) की लंबी चुप्पी पर जनता उठा रही है बड़े सवाल। मिलीभगत की बू: क्या अधिकारियों के संरक्षण में ही फल-फूल रहा है यह पूरा रैकेट? सीधी चेतावनी: शिकायतकर्ताओं का कड़ा रुख—'यह धंधा नहीं, मानवता की लड़ाई है'। अल्टीमेटम: प्रशासन को दिया गया 24 घंटे का समय; या तो एक्शन होगा या फिर आंदोलन। कानूनी तैयारी: हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल करने का फैसला। तैयार डोजियर: HD फुटेज और पुख्ता दस्तावेजी सबूतों के साथ तैयार है पूरी फाइल। जनता की मांग: क्या अब जागेगा प्रशासन और टूटेगी कुंभकर्णी नींद? बड़ी मांग: क्या इन 'मौत के दलालों' की दुकानों पर सरकारी मुहर के साथ ताला लगेगा? व्यापक आक्रोश: सूरत के हर औद्योगिक गलियारे में इस खुलासे के बाद भारी गुस्सा। हमारा संकल्प: देखते रहिए, इस खतरनाक सिंडिकेट के खात्मे तक जारी रहेगी हमारी जंग! कडोदरा से दिलीप कुमार यादव सूरत गुजरात
- लास्ट 7 साले से 2 अपराध में वांछित गिरफ्तार उधना और पूणा पुलिस थाना के 62,72,667 रुपये कलम 70 के वॉरन्ट के वांछित आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार करती उधना पुलिस1
- महा-खुलासा: सूरत का 'मौत का मेडिकल' - ताज़ा तांडव! 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: सूरत के औद्योगिक बेल्ट कडोदरा, जोलवा और वरेली में भारी हड़कंप! पर्दाफाश: गर्भपात की दवाओं के काले साम्राज्य का नागरिकों ने किया लाइव खुलासा। बड़ी कार्रवाई: सजग नागरिकों ने 'ऑपरेशन डेथ ट्रैप' के तहत बिछाया स्टिंग का जाल। संगीन आरोप: ये मेडिकल स्टोर नहीं, बल्कि गरीबों के लिए 'मौत के कत्लखाने' बन चुके हैं। बेकाब चेहरे: नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 'मौत के सौदागर' कैमरे में हुए कैद। कानून का मखौल: MTP एक्ट की सरेआम धज्जियां उड़ाकर बेची जा रही हैं प्रतिबंधित दवाएं। जानलेवा लापरवाही: बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के धड़ल्ले से बिक रही हैं गोलियां। लूट का खेल: ₹100 की मामूली दवा, गरीब मजदूरों को ₹900 में बेचकर किया जा रहा है शोषण। मजबूरी का व्यापार: श्रमिक परिवारों की लाचारी का फायदा उठाकर मुनाफाखोर भर रहे अपनी तिजोरी। एक्सक्लूसिव फुटेज: कैमरे के सामने खुली 'मौत की दुकानों' की एक-एक काली करतूत। रडार पर नाम: जैश मेडिकल और चामुंडा मेडिकल के संचालकों में मचा हड़कंप। सबूतों के घेरे में: आशापुरा और मिलन मेडिकल के अवैध कारनामे वीडियो रिकॉर्डिंग में कैद। अवैध बिक्री: लेगसुन और मातेश्वरी मेडिकल पर भी लगे गंभीर अवैध व्यापार के आरोप। मौन संचालक: दिव्य, कृष्णा और प्रेसिडेंट मेडिकल के पास स्टिंग के बाद नहीं बचा कोई जवाब। बड़ा खुलासा: अधिकांश दुकानों से फार्मासिस्ट गायब, अनुभवहीन युवक दे रहे हैं दवा। फर्जीवाड़ा: डिग्री किसी और के नाम की और दुकान पर बैठा है कोई अनजान शख्स। तीखा सवाल: क्या प्रशासन ने इन माफियाओं को दे रखा है 'लूट और मौत का लाइसेंस'? जिंदगी से खिलवाड़: औद्योगिक क्षेत्रों में रहने वाले मासूम परिवारों की जान खतरे में। खतरनाक परिणाम: विशेषज्ञों के अनुसार, एक गलत गोली बुझा सकती है किसी के घर का चिराग। शर्मसार मानवता: जहरीली कमाई के लालच में नैतिकता और इंसानियत को बेचा गया। विभागीय सुस्ती: ड्रग्स विभाग (FDCA) की लंबी चुप्पी पर जनता उठा रही है बड़े सवाल। मिलीभगत की बू: क्या अधिकारियों के संरक्षण में ही फल-फूल रहा है यह पूरा रैकेट? सीधी चेतावनी: शिकायतकर्ताओं का कड़ा रुख—'यह धंधा नहीं, मानवता की लड़ाई है'। अल्टीमेटम: प्रशासन को दिया गया 24 घंटे का समय; या तो एक्शन होगा या फिर आंदोलन। कानूनी तैयारी: हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल करने का फैसला। तैयार डोजियर: HD फुटेज और पुख्ता दस्तावेजी सबूतों के साथ तैयार है पूरी फाइल। जनता की मांग: क्या अब जागेगा प्रशासन और टूटेगी कुंभकर्णी नींद? बड़ी मांग: क्या इन 'मौत के दलालों' की दुकानों पर सरकारी मुहर के साथ ताला लगेगा? व्यापक आक्रोश: सूरत के हर औद्योगिक गलियारे में इस खुलासे के बाद भारी गुस्सा। हमारा संकल्प: देखते रहिए, इस खतरनाक सिंडिकेट के खात्मे तक जारी रहेगी हमारी जंग! कडोदरा से दिलीप कुमार यादव सूरत गुजरात1
- कांग्रेस पार्टी की बाइक रैली नवागांव डिंडोली रोड सूरत तारा राजेश मौर्या1
- कडोदरा में 4 बजे थमा चुनाव प्रचार, पोस्टर-बैनर हटाए गए1
- चुनाव आयोग के सख्त नियमों के तहत 24 तारीख शाम 4 बजे प्रचार पूरी तरह बंद हो गया। इसके साथ ही साफ कर दिया गया कि तय समय के बाद कोई भी पार्टी प्रचार नहीं कर सकती। इसी निर्देश को ध्यान में रखते हुए कडोदरा नगर पालिका में कार्रवाई शुरू की गई। चीफ ऑफिसर की मौजूदगी में अरिहंत पार्क सोसायटी और आसपास के इलाकों में अभियान चलाया गया। प्रचार में लगे पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स को हटाया गया। प्रशासन की टीम ने पूरी सख्ती के साथ नियमों का पालन करवाया। इस दौरान अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि कहीं भी आचार संहिता का उल्लंघन न हो। चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया।1
- सूरत: अलथाण में छेड़छाड़ के बाद बवाल, पुलिस स्टेशन का घेराव और भारी ... #viralrbharatexpressnews #suratgujarat1
- BJP candidates of Ward No. 21 This support #vrajeshunadkat #surat ##bjp4surat1
- कडोदरा में 4 बजे थमा चुनाव प्रचार, पोस्टर-बैनर हटाए गए1
- સુરત બ્રેકીંગ... સુરતના અલઠાણ માં વિધર્મી દ્વારા સગીરાની છેડતી મામલો સમજાવટ છતાં ટોળું બેકાબુ બનતા પોલીસનો બળ પ્રયોગ અંદાજીત 300 થી વધુના ટોળાએ પોલીસ સ્ટેશનનો ઘેરાવ કર્યો હતો સગીરાની છેડતી ની જાણ પરિવારને થઈ હતી જે બાદ સમાજ અને પરિવારજનોનું ટોળું પોલીસ સ્ટેશન ઘસી આવ્યું હતું સાંજના આઠ વાગ્યા ના સમયે બનેલી ઘટના બાદ પોલીસે છેડતીખોર વિધર્મી ની અટકાયત કરી હતી લોકોએ pcr વાનમાં જ વિધર્મી ને મેથીપાક ચખાડ્યો હતો એકબાદ એક લોકોએ ટપલી દાવ પણ કર્યો હતો જ્યાં મામલો વધુ ગરમાતા પોલીસના મોટા કાફલાની મદદ લેવામાં આવી હતી પોલીસ સ્ટેશનો ઘેરાવ કરી ભારે સુત્રોચ્ચાર કરતા પોલીસે બળ પ્રયોગ કર્યો હતો જ્યાં બળ પ્રયોગ કરી ટોળાને વિખેર્યો હતો *ઘટના અંગે ડીસીપી નિધિ ઠાકુર નું નિવેદન* સાંજના આઠ વાગ્યાના સમયે ઘટના બની 16 થી 17 વર્ષીય સગીરા કોચિંગ ક્લાસથી ઘરે આવી રહી હતી જે દરમ્યાન સગીરાની છેડતી નો પ્રયાસ કરાયો દરમ્યાન કોચિંગ ક્લાસના શિક્ષક સહિત સ્થાનિક લોકો તાત્કાલિક ત્યાં દોડી આવ્યા , પોલીસને જાણ કરી આરોપીને પોલીસ pcr વાનની મદદથી પોલીસ સ્ટેશને લઈ જવામાં આવ્યોઃ જ્યાં સગીરાના પરિવાર અને કોચિંગ ક્લાસના શિક્ષકની હાજરીમાં ફરિયાદ લેવાની તજવીજ હાથ ધરી, આરોપી હાલ પોલીસ પકડમાં છે જેની ઉમર 35 થી 40 વર્ષની છે, આરોપી સ્થાનિક લોકલ છે અને તેનું નામ સૈફ હોવાનું જાણવા મળ્યું છે ભારે ટોળું પોલીસ સ્ટેશન ઘસી આવ્યું હતું જેઓની માંગણી ગેરવાજબી હતી પોલીસ તરફથી સમજાવવાના ભારે પ્રયાસ કરવામાં આવ્યા, પરિસ્થિતિ વધુ વણસે તે પહેલાં પોલીસે બળ પ્રયોગ કરી ટોળાને વિખેર્યો હતો, જ્યાં હાલ પરિસ્થિતિ નિયંત્રણ છે *બાઈટ ;નિધિ ઠાકુર (ડીસીપી સુરત પોલીસ)*4