मंडला में विकास की नई परिभाषा! मंडला में अब फैक्ट्रियाँ लगाने की ज़रूरत ही क्या है! नर्मदा पुल पर ही एक चलता-फिरता उद्योग धंधा खड़ा है। नाम है – ट्रेक्टर… और काम है – ऐसा धुआँ छोड़ना कि लगे प्रदूषण खुद आत्मनिर्भर बन गया हो। धुआँ इतना घना कि अगर आसमान में बादल कम पड़ जाएँ, तो मौसम विभाग को यहीं से सप्लाई मिल जाए। लोग पूछ रहे हैं – सीमेंट फैक्ट्री लगी है क्या? अरे नहीं साहब, ये तो बिना नंबर प्लेट वाला “सुपर ट्रेक्टर” है। इस ट्रेक्टर की खासियतें भी कमाल की हैं – न नंबर प्लेट, न रजिस्ट्रेशन, न लाइसेंस, न PUC, न फिटनेस, न परमिट… यानि नियमों से आज़ाद, बिल्कुल खुले विचारों वाला वाहन! 😎 स्पीड ऐसी कि बुलेट ट्रेन भी देख कर कहे – “भाई, थोड़ा धीरे… इज़्ज़त का सवाल है।” और दूसरी तरफ़… यातायात पुलिस और परिवहन विभाग पूरी निष्ठा से डटे हैं – बीच शहर में खड़े होकर हेलमेट और सीट बेल्ट का महान अभियान चला रहे हैं। ट्रेक्टर पुल पर फैक्ट्री चला रहा है, और विभाग शहर में रिबन काटने में व्यस्त है। मंडला में नियम बड़े सरल हैं – जो दिखे, वही पकड़े। जो धुआँ उड़ाए, जो जान जोखिम में डाले, वो तो विकास का प्रतीक है! कुल मिलाकर, मंडला में अब ट्रेक्टर सिर्फ खेती का साधन नहीं रहा, ये प्रशासन के लिए चलती-फिरती खुली चुनौती बन चुका है।
मंडला में विकास की नई परिभाषा! मंडला में अब फैक्ट्रियाँ लगाने की ज़रूरत ही क्या है! नर्मदा पुल पर ही एक चलता-फिरता उद्योग धंधा खड़ा है। नाम है – ट्रेक्टर… और काम है – ऐसा धुआँ छोड़ना कि लगे प्रदूषण खुद आत्मनिर्भर बन गया हो। धुआँ इतना घना कि अगर आसमान में बादल कम पड़ जाएँ, तो मौसम विभाग को यहीं से सप्लाई मिल जाए। लोग पूछ रहे हैं – सीमेंट फैक्ट्री लगी है क्या? अरे नहीं साहब, ये तो बिना नंबर प्लेट वाला “सुपर ट्रेक्टर” है। इस ट्रेक्टर की खासियतें भी कमाल की हैं – न नंबर प्लेट, न रजिस्ट्रेशन, न लाइसेंस, न PUC, न फिटनेस, न परमिट… यानि नियमों से आज़ाद, बिल्कुल खुले विचारों वाला वाहन! 😎 स्पीड ऐसी कि बुलेट ट्रेन भी देख कर कहे – “भाई, थोड़ा धीरे… इज़्ज़त का सवाल है।” और दूसरी तरफ़… यातायात पुलिस और परिवहन विभाग पूरी निष्ठा से डटे हैं – बीच शहर में खड़े होकर हेलमेट और सीट बेल्ट का महान अभियान चला रहे हैं। ट्रेक्टर पुल पर फैक्ट्री चला रहा है, और विभाग शहर में रिबन काटने में व्यस्त है। मंडला में नियम बड़े सरल हैं – जो दिखे, वही पकड़े। जो धुआँ उड़ाए, जो जान जोखिम में डाले, वो तो विकास का प्रतीक है! कुल मिलाकर, मंडला में अब ट्रेक्टर सिर्फ खेती का साधन नहीं रहा, ये प्रशासन के लिए चलती-फिरती खुली चुनौती बन चुका है।
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- मंडला में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय परिसर में रोजगार मेले का हुआ आयोजन, आयोजन के संबंध में कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने दी जानकारी मंडला में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय परिसर में रोजगार मेले का आयोजन हुआ मंगलवार को दोपहर 2:30 बजे कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने बताया कि यह जिला मंडला का अब तक का सबसे ऐतिहासिक रोजगार मेला है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से कंपनियां यहां आकर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं। इससे जिले के युवाओं को सीधा लाभ मिल रहा है और यह पहला अवसर है जब इतनी बड़ी संख्या में कंपनियों ने एक साथ भागीदारी की है।1
- मंडला - जबलपुर में सड़क किनारे 13 मजदूरों को रौंदती चली थी बेलगाम कार, अब तक 5 की मौत...भड़का जनआक्रोश, शव रखकर NH 30 पर 4 घंटे किया चक्काजाम, भड़के पूर्व विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले..1
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- • संस्कारधानी (जबलपुर): संस्कारधानी में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब दिनदहाड़े हत्या जैसी वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। मंगलवार सुबह रांझी थाना क्षेत्र के इंदिरा आवास में एक युवक की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या के तरीके और उसके बाद हुए हंगामे ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। • भरोसे की आड़ में कत्ल का खौफनाक खेल घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। मृतक रितेश पटेल (25) अपने घर पर था, तभी आरोपी लड्डू बावरिया अपने साथी राजू सोनकर के साथ एक्टिवा से वहाँ पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी घर के सामने आकर गाली-गलौज करने लगा। शोर सुनकर जब रितेश बाहर निकला और उसने विरोध किया, तो आरोपी ने एक शातिर चाल चली। • आरोपी लड्डू बावरिया ने पहले रितेश को धोखे से गले लगाया और उसी पल अचानक चाकू निकालकर उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। रितेश को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। • आरोपी के घर जमकर तांडव और तोड़फोड़ रितेश की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत की खबर मिलते ही उसके साथी और परिजन आक्रोशित हो गए। गुस्साए लोगों ने आरोपी लड्डू बावरिया के घर पर धावा बोल दिया। भीड़ ने आरोपी के घर के बाहर खड़ी कार, बाइक और एक्टिवा को पूरी तरह चकनाचूर कर दिया। घर के दरवाजों और खिड़कियों पर भी जमकर पथराव किया गया। • पुलिस की कार्रवाई और रंजिश का एंगल रांझी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी लड्डू बावरिया को हिरासत में ले लिया है, जबकि उसका साथी राजू सोनकर अभी फरार है। पुलिस के मुताबिक: * दोनों आरोपी अवैध शराब के कारोबार से जुड़े हुए हैं। * उनके खिलाफ पहले भी आबकारी एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। * प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह अवैध कारोबार से जुड़ी पुरानी रंजिश मानी जा रही है। • प्रशासन पर उठते गंभीर सवाल महज गाली देने से मना करने पर सरेराह हत्या की इस घटना ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं: * क्या शहर में अब आपसी विवाद का अंत सिर्फ हत्या से होगा? * क्या आदतन अपराधियों में पुलिस का डर खत्म हो चुका है? * आवासीय इलाकों में अवैध कारोबारियों की सक्रियता पर अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा? • 'सच तक पत्रिका न्यूज़' की अपील: हम अपने पाठकों से अपील करते हैं कि किसी भी विवाद में कानून अपने हाथ में न लें और क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। • रिपोर्ट: दीपक विश्वकर्मा, संवाददाता - जबलपुर1
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- परीक्षा केंद्र बदले जाने के विरोध में स्कूली बच्चों ने किया नेशनल हाईवेN H 30 को किया जाम । आपको बता दें कि शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बम्हनी भवाल में लगातार 10साल तक बोर्ड परीक्षा का केंद्र बनता था पर इस वर्ष उस परीक्षा केंद्र को बदल कर मंगल गंज कर दिया गया है इसी समस्या का समाधान कराने के लिए कुछ दिन पहले बच्चे और पालक साथ में जनपद पंचायत नारायणगंज के अध्यक्ष मंडला कलेक्टर, के पास गए थे उन्होंने बच्चों को आश्वाशन दिया था दो चार दिनों में आपका परीक्षा केंद्र पुनः बम्हनी स्कूल कर दिया जाएगा । पर चार दिनों के बाद भी परीक्षा केंद्र नहीं बदला गया तो स्कूल के छात्र-छात्राओं का गुस्सा फुट गया और उन्होंने नेशनल हाईवे NH 30 में जाम लगा दिया । लगातार 4 घंटों से लगा जाम रोड के दोनों तरफ दो दो किलोमीटर का। लगा जाम । आम राहगीरों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा । जनपद पंचायत नारायणगंज के अध्यक्ष उपाध्यक्ष और शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी मौके पर थे पर बच्चे किसी की भी बात नहीं सुन रहे थे उनका कहना था कि हम तब जाम हटाएंगे जब तक हमारा परीक्षा केंद्र बदल नहीं जाता । बाद में मंडला कलेक्टर के लिखित आदेश के बाद बच्चे माने ओर जाम को हटाया ।4
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