खरखरी बाजार में सोना-चांदी की दुकान से लाखों की चोरी, वेंटिलेटर तोड़कर घुसे चोर पोठिया प्रखंड अंतर्गत रायपुर पंचायत के खरखरी बाजार में सोमवार देर रात चोरों ने एक सोना-चांदी की दुकान को निशाना बनाकर लाखों रुपये के आभूषण और नकदी चोरी कर ली। घटना के बाद बाजार में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, खारुदाह पंचायत के भेरभेरी गांव वार्ड संख्या-8 निवासी दुकानदार दिनेश कर्मकार पिछले करीब 20 वर्षों से खरखरी बाजार में सोना-चांदी की दुकान चला रहे हैं। सोमवार शाम करीब सात बजे वह रोज की तरह दुकान बंद कर घर चले गए। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे जब दुकान खोलने पहुंचे तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। पीड़ित दुकानदार द्वारा अर्राबाड़ी थाना में दिए आवेदन के अनुसार, चोर दुकान में रखे करीब 47 ग्राम सोना, ढाई किलो चांदी और लगभग 75 हजार रुपये नकद ले गए। चोरों ने दुकान का ताला या शटर नहीं तोड़ा। बताया गया कि दुकान के ऊपर लगे वेंटिलेटर को तोड़कर चोर अंदर दाखिल हुए और चोरी के बाद उसी रास्ते से बाहर निकल गए। घटना की सूचना मिलते ही अर्राबाड़ी थानाध्यक्ष कनक लता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने एफएसएल टीम को जांच के लिए सूचना दी है। वहीं, आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। थानाध्यक्ष कनक लता ने बताया कि रात्रि गश्ती के दौरान पुलिस की गाड़ी गुजरने के बाद चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस ने आभूषण दुकानदारों से दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और दुकान के सामने पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखने की अपील की है। इधर, दुकानदार दिनेश कर्मकार ने बताया कि करीब 20 वर्षों में उनकी दुकान में इस तरह की पहली घटना हुई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर चोरी हुए आभूषण और नकदी बरामद कराने की मांग की है।
खरखरी बाजार में सोना-चांदी की दुकान से लाखों की चोरी, वेंटिलेटर तोड़कर घुसे चोर पोठिया प्रखंड अंतर्गत रायपुर पंचायत के खरखरी बाजार में सोमवार देर रात चोरों ने एक सोना-चांदी की दुकान को निशाना बनाकर लाखों रुपये के आभूषण और नकदी चोरी कर ली। घटना के बाद बाजार में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, खारुदाह पंचायत के भेरभेरी गांव वार्ड संख्या-8 निवासी दुकानदार दिनेश कर्मकार पिछले करीब 20 वर्षों से खरखरी बाजार में सोना-चांदी की दुकान चला रहे हैं। सोमवार शाम करीब सात बजे वह रोज की तरह दुकान बंद कर घर चले गए। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे जब दुकान खोलने पहुंचे तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। पीड़ित दुकानदार द्वारा अर्राबाड़ी थाना में दिए आवेदन के अनुसार, चोर दुकान में रखे करीब 47 ग्राम सोना, ढाई किलो चांदी और लगभग 75 हजार रुपये नकद ले गए। चोरों ने दुकान का ताला या शटर नहीं तोड़ा। बताया गया कि दुकान के ऊपर लगे वेंटिलेटर
को तोड़कर चोर अंदर दाखिल हुए और चोरी के बाद उसी रास्ते से बाहर निकल गए। घटना की सूचना मिलते ही अर्राबाड़ी थानाध्यक्ष कनक लता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने एफएसएल टीम को जांच के लिए सूचना दी है। वहीं, आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। थानाध्यक्ष कनक लता ने बताया कि रात्रि गश्ती के दौरान पुलिस की गाड़ी गुजरने के बाद चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस ने आभूषण दुकानदारों से दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और दुकान के सामने पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखने की अपील की है। इधर, दुकानदार दिनेश कर्मकार ने बताया कि करीब 20 वर्षों में उनकी दुकान में इस तरह की पहली घटना हुई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर चोरी हुए आभूषण और नकदी बरामद कराने की मांग की है।
- बीआरसी जलालगढ़ में दिव्यांग शिविर, 67 बच्चों की जांच जलालगढ़ बीआरसी में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के निर्देश पर 6 से 18 वर्ष के दिव्यांग बच्चों के लिए शिविर आयोजित किया गया। शिविर में डॉक्टर रजक रोहन एवं डॉक्टर नंद चौपाल ने 67 बच्चों की जांच की। यूडीआईडी कार्ड व दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन भी लिए गए। ऑडियोमीटर की सुविधा नहीं होने के कारण छह श्रवण बाधित बच्चों को पूर्णिया सदर अस्पताल रेफर किया गया। शिविर में बीआरपी समावेशी राजेश मौर्या तोरिद हुसैन, संसाधन शिक्षक बबीता देवी, आदर्श मध्य विद्यालय एवं कस्तूरबा बालिका विद्यालय के वार्डन व कर्मियों ने सहयोग किया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एसके दास ने भी शिविर का निरीक्षण किया। बीआरसी जलालगढ़ में दिव्यांग शिविर, 67 बच्चों की जांच जलालगढ़ बीआरसी में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के निर्देश पर 6 से 18 वर्ष के दिव्यांग बच्चों के लिए शिविर आयोजित किया गया। शिविर में डॉक्टर रजक रोहन एवं डॉक्टर नंद चौपाल ने 67 बच्चों की जांच की। यूडीआईडी कार्ड व दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन भी लिए गए। ऑडियोमीटर की सुविधा नहीं होने के कारण छह श्रवण बाधित बच्चों को पूर्णिया सदर अस्पताल रेफर किया गया। शिविर में बीआरपी समावेशी राजेश मौर्या तोरिद हुसैन, संसाधन शिक्षक बबीता देवी, आदर्श मध्य विद्यालय एवं कस्तूरबा बालिका विद्यालय के वार्डन व कर्मियों ने सहयोग किया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एसके दास ने भी शिविर का निरीक्षण किया।1
- तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च को लेकर पटना की सड़कों पर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात1
- कटिहार में गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई कटिहार में गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। यहां करीब 200 साल पुराने पीर मजार के जीर्णोद्धार में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर योगदान दे रहे हैं। मजार की छत की ढलाई के दौरान दोनों समुदायों के लोगों ने साथ मिलकर काम किया और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। कटिहार के मनसाही प्रखंड के कजरा गांव में स्थित करीब 200 साल पुराने बाबा कालूशाह पीर मजार का इन दिनों जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। पुराने मजार को अब भव्य रूप देने की तैयारी है। इसी क्रम में मजार की छत की ढलाई का काम पूरा किया गया। खास बात यह रही कि छत की ढलाई में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कोई श्रमदान करता नजर आया तो कोई निर्माण कार्य के लिए आर्थिक सहयोग देता दिखा। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाबा कालूशाह की इस मजार से इलाके के लोगों की आस्था लंबे समय से जुड़ी हुई है। हिंदू हो या मुस्लिम, दोनों समुदाय के लोग यहां पहुंचकर मन्नत मांगते हैं। स्थानीय मुनीम खान, कुंदन झा उर्फ बाबा, अब्दुल सलाम और पंकज यादव का कहना है कि मजार उनके पूर्वजों के समय से ही आस्था का केंद्र रहा है। लोगों का मानना है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मुराद पूरी होती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि आज जब धर्म के नाम पर समाज में दूरियां पैदा करने की बातें सामने आती हैं, ऐसे समय में कजरा गांव के लोग मिल-जुलकर देश के सामने भाईचारे और एकता की मिसाल पेश कर रहे हैं।2
- पथराहा में SSB की बड़ी कार्रवाई, 79 बोरी यूरिया जब्त। महिंद्रा बोलेरो पिकअप के साथ 21 वर्षीय युवक गिरफ्तार, कृषि विभाग को सौंपा गया। रंजीत ठाकुर, नरपतगंज। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष गश्ती अभियान के दौरान SSB की फुलकाहा कंपनी के अंतर्गत पथराहा BOP की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। जवानों ने फुलकाहा आई समवाय प्रभारी सहायक सेना नायक राणा कुमार के निर्देशन में भवानीपुर गांव के समीप से 79 बोरी भारतीय यूरिया बरामद करते हुए एक महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहन जब्त किया। कार्रवाई के दौरान वाहन चालक एक 21 वर्षीय युवक को भी गिरफ्तार किया गया। SSB के अनुसार, 19 अगस्त 2026 को करीब 11:45 बजे विशेष गश्ती ड्यूटी के दौरान जवानों ने सीमा स्तंभ संख्या 190/7 से करीब तीन किलोमीटर अंदर भारतीय क्षेत्र में भवानीपुर गांव के समीप संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली। टीम का नेतृत्व ASI/GD वाई. चंद्र सिंह कर रहे थे। उनके साथ दो अन्य जवान भी शामिल थे। तलाशी के दौरान महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहन BR-11-GD-0382 से भारतीय यूरिया की 79 बोरियां बरामद हुईं। प्रत्येक बोरी में 45 किलोग्राम यूरिया था। इस प्रकार कुल 3,555 किलोग्राम यूरिया बरामद किया गया, जिसका सरकारी मूल्य 21,053 रुपये 50 पैसे बताया गया है। कार्रवाई के दौरान पकड़े गए युवक की पहचान 21 वर्षीय मोहम्मद इश्तेखार अहमद, निवासी घूरना बाजार, थाना घूरना, जिला अररिया के रूप में हुई है। SSB ने जब्त यूरिया, वाहन और युवक को आवश्यक कार्रवाई के लिए कृषि विभाग, नरपतगंज के हवाले कर दिया। नरपतगंज के कृषि पदाधिकारी सोनू कुमार ने बताया कि SSB जवानों द्वारा 79 बोरी भारतीय यूरिया जब्त कर विभाग को सुपुर्द किया गया है। मामले में आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने बताया कि SSB और वाहन चालक के बयान के आधार पर फुलकाहा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है। वहीं, वाहन चालक मोहम्मद इश्तेखार अहमद ने अपने बयान में बताया कि यूरिया खाद नरपतगंज के पिठोरा मार्ग स्थित क्षेत्र से लेकर अचरा होते हुए घूरना ले जाई जा रही थी। उसके अनुसार यह खाद घूरना वार्ड संख्या-3 निवासी मकसूद नामक व्यक्ति की बताई गई है। चालक ने यह भी बताया कि उक्त यूरिया खाद को नेपाल भेजा जाना था। मामले में फुलकाहा थाना पुलिस ने कृषि पदाधिकारी के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त यूरिया की खेप कहां से लाई गई थी और इसे नेपाल भेजने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।2
- पत्रकार और अधिकारियों में हो गई तीखी बहस अधिकारियों का मानना है कि पत्रकार का जो सवाल है मीटिंग के बाद देंगे1
- Katihar jila ghoshala gate ka over bridge reporter Sonu Kumar Katihar jila kaushlya gate ka pass phoolon ka1
- दादर घाट पुल के लंबित कार्य का अधिकारियों ने किया निरीक्षणभूमि अधिग्रहण व मुआवजे के पेच में करीब आठ माह से बंद है निर्माण कार्य। प्रखंड क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित दादर घाट पुल के लंबित निर्माण कार्य को लेकर मंगलवार को जिले के वरीय अधिकारियों की टीम ने स्थल निरीक्षण किया। भूमि विवाद के कारण उत्पन्न गतिरोध को दूर करने के उद्देश्य से अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जमीन की स्थिति और संबंधित दस्तावेजों की जांच की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बताया जाता है कि दादर घाट पुल के निर्माण कार्य का शिलान्यास जनवरी 2025 में किया गया था। निर्माण शुरू होने के बाद करीब आठ माह तक कार्य चला, लेकिन इसके बाद जमीन मालिकों ने पुल निर्माण क्षेत्र में खतियानी जमीन होने का दावा करते हुए उचित मुआवजे की मांग शुरू कर दी। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के पेच के कारण पुल निर्माण कार्य करीब आठ माह से बंद है। मामले की जांच और गतिरोध दूर करने को लेकर मंगलवार को अपर समाहर्ता मुकेश कुमार मुकुल, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ग्रामीण प्रवीण कुमार, अंचलाधिकारी सौरभ कुमार सिंह, कर्मचारी विमल कुमार, अमीन अरविंद कुमार सहित अन्य अधिकारियों की टीम दादर घाट पहुंची। टीम ने निर्माण स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर भूमि की स्थिति की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अंचलाधिकारी को भूमि संबंधी मामले की आवश्यक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और समस्या का समाधान निकालने का निर्देश दिया। मौके पर जमीन मालिक अखिलेश कुमार, राजेंद्र दास, राजदेव कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे। जमीन मालिकों ने अधिकारियों के समक्ष उचित मुआवजा देने की मांग रखी। दादर घाट पुल के लंबित कार्य का अधिकारियों ने किया निरीक्षणभूमि अधिग्रहण व मुआवजे के पेच में करीब आठ माह से बंद है निर्माण कार्य। प्रखंड क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित दादर घाट पुल के लंबित निर्माण कार्य को लेकर मंगलवार को जिले के वरीय अधिकारियों की टीम ने स्थल निरीक्षण किया। भूमि विवाद के कारण उत्पन्न गतिरोध को दूर करने के उद्देश्य से अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जमीन की स्थिति और संबंधित दस्तावेजों की जांच की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बताया जाता है कि दादर घाट पुल के निर्माण कार्य का शिलान्यास जनवरी 2025 में किया गया था। निर्माण शुरू होने के बाद करीब आठ माह तक कार्य चला, लेकिन इसके बाद जमीन मालिकों ने पुल निर्माण क्षेत्र में खतियानी जमीन होने का दावा करते हुए उचित मुआवजे की मांग शुरू कर दी। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के पेच के कारण पुल निर्माण कार्य करीब आठ माह से बंद है। मामले की जांच और गतिरोध दूर करने को लेकर मंगलवार को अपर समाहर्ता मुकेश कुमार मुकुल, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ग्रामीण प्रवीण कुमार, अंचलाधिकारी सौरभ कुमार सिंह, कर्मचारी विमल कुमार, अमीन अरविंद कुमार सहित अन्य अधिकारियों की टीम दादर घाट पहुंची। टीम ने निर्माण स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर भूमि की स्थिति की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अंचलाधिकारी को भूमि संबंधी मामले की आवश्यक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और समस्या का समाधान निकालने का निर्देश दिया। मौके पर जमीन मालिक अखिलेश कुमार, राजेंद्र दास, राजदेव कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे। जमीन मालिकों ने अधिकारियों के समक्ष उचित मुआवजा देने की मांग रखी।1
- कटिहार में श्री गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान’ की शुरुआत कटिहार में श्री गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई है। अभियान का उद्देश्य समाज में समानता, सामाजिक समरसता और सद्भाव को बढ़ावा देने के साथ-साथ वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बुधवार को समाहरणालय में प्रेस वार्ता कर अभियान की विस्तृत जानकारी दी। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के निर्देश पर पूरे राज्य के साथ कटिहार जिले में भी श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में समानता, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना है। साथ ही वंचित वर्गों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना अभियान की प्रमुख प्राथमिकता है। अभियान के तहत 18 से 20 अगस्त 2026 तक जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर कलश यात्राएं निकाली जा रही हैं। इन यात्राओं के जरिए संत रविदास जी के विचारों और सामाजिक समरसता का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा 27 अगस्त 2026 से 15 फरवरी 2027 तक प्रत्येक गुरुवार को ‘श्री संत रविदास विकास शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर अनुसूचित जाति बहुल टोलों में लगाए जाएंगे। इन शिविरों में राजस्व, पेंशन, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे और पात्र लोगों के आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निपटारा किया जाएगा। युवाओं को जोड़ने के लिए खेलकूद, साइकिल रैली, वाद-विवाद, निबंध और प्रश्नोत्तरी जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। अभियान के जरिए संत रविदास जी के संदेश ‘मनुष्य-मनुष्य एक समान’ को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में समानता एवं भाईचारे को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। कटिहार में शुरू हुआ यह अभियान सिर्फ सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि संत रविदास जी के समानता और सामाजिक समरसता के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।1
- आजकल सोनाली बाजार टू पूर्णिया रोड पर जगह-जगह पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए जिसका मरमती कार्य नहीं हो रहा है देखिए खास रिपोर्ट1