कटिहार में श्री गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान’ की शुरुआत कटिहार में श्री गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई है। अभियान का उद्देश्य समाज में समानता, सामाजिक समरसता और सद्भाव को बढ़ावा देने के साथ-साथ वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बुधवार को समाहरणालय में प्रेस वार्ता कर अभियान की विस्तृत जानकारी दी। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के निर्देश पर पूरे राज्य के साथ कटिहार जिले में भी श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में समानता, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना है। साथ ही वंचित वर्गों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना अभियान की प्रमुख प्राथमिकता है। अभियान के तहत 18 से 20 अगस्त 2026 तक जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर कलश यात्राएं निकाली जा रही हैं। इन यात्राओं के जरिए संत रविदास जी के विचारों और सामाजिक समरसता का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा 27 अगस्त 2026 से 15 फरवरी 2027 तक प्रत्येक गुरुवार को ‘श्री संत रविदास विकास शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर अनुसूचित जाति बहुल टोलों में लगाए जाएंगे। इन शिविरों में राजस्व, पेंशन, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे और पात्र लोगों के आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निपटारा किया जाएगा। युवाओं को जोड़ने के लिए खेलकूद, साइकिल रैली, वाद-विवाद, निबंध और प्रश्नोत्तरी जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। अभियान के जरिए संत रविदास जी के संदेश ‘मनुष्य-मनुष्य एक समान’ को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में समानता एवं भाईचारे को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। कटिहार में शुरू हुआ यह अभियान सिर्फ सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि संत रविदास जी के समानता और सामाजिक समरसता के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
कटिहार में श्री गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान’ की शुरुआत कटिहार में श्री गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई है। अभियान का उद्देश्य समाज में समानता, सामाजिक समरसता और सद्भाव को बढ़ावा देने के साथ-साथ वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बुधवार को समाहरणालय में प्रेस वार्ता कर अभियान की विस्तृत जानकारी दी। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के निर्देश पर पूरे राज्य के साथ कटिहार जिले में भी श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में समानता, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना है। साथ ही वंचित वर्गों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना अभियान की प्रमुख प्राथमिकता है। अभियान के तहत 18 से 20 अगस्त 2026 तक जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर कलश यात्राएं निकाली जा रही हैं। इन यात्राओं के जरिए संत रविदास जी के विचारों और सामाजिक समरसता का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा 27 अगस्त 2026 से 15 फरवरी 2027 तक प्रत्येक गुरुवार को ‘श्री संत रविदास विकास शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर अनुसूचित जाति बहुल टोलों में लगाए जाएंगे। इन शिविरों में राजस्व, पेंशन, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे और पात्र लोगों के आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निपटारा किया जाएगा। युवाओं को जोड़ने के लिए खेलकूद, साइकिल रैली, वाद-विवाद, निबंध और प्रश्नोत्तरी जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। अभियान के जरिए संत रविदास जी के संदेश ‘मनुष्य-मनुष्य एक समान’ को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में समानता एवं भाईचारे को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। कटिहार में शुरू हुआ यह अभियान सिर्फ सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि संत रविदास जी के समानता और सामाजिक समरसता के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
- कटिहार में गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई कटिहार में गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। यहां करीब 200 साल पुराने पीर मजार के जीर्णोद्धार में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर योगदान दे रहे हैं। मजार की छत की ढलाई के दौरान दोनों समुदायों के लोगों ने साथ मिलकर काम किया और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। कटिहार के मनसाही प्रखंड के कजरा गांव में स्थित करीब 200 साल पुराने बाबा कालूशाह पीर मजार का इन दिनों जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। पुराने मजार को अब भव्य रूप देने की तैयारी है। इसी क्रम में मजार की छत की ढलाई का काम पूरा किया गया। खास बात यह रही कि छत की ढलाई में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कोई श्रमदान करता नजर आया तो कोई निर्माण कार्य के लिए आर्थिक सहयोग देता दिखा। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाबा कालूशाह की इस मजार से इलाके के लोगों की आस्था लंबे समय से जुड़ी हुई है। हिंदू हो या मुस्लिम, दोनों समुदाय के लोग यहां पहुंचकर मन्नत मांगते हैं। स्थानीय मुनीम खान, कुंदन झा उर्फ बाबा, अब्दुल सलाम और पंकज यादव का कहना है कि मजार उनके पूर्वजों के समय से ही आस्था का केंद्र रहा है। लोगों का मानना है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मुराद पूरी होती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि आज जब धर्म के नाम पर समाज में दूरियां पैदा करने की बातें सामने आती हैं, ऐसे समय में कजरा गांव के लोग मिल-जुलकर देश के सामने भाईचारे और एकता की मिसाल पेश कर रहे हैं।2
- पत्रकार और अधिकारियों में हो गई तीखी बहस अधिकारियों का मानना है कि पत्रकार का जो सवाल है मीटिंग के बाद देंगे1
- तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च को लेकर पटना की सड़कों पर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात1
- Katihar jila ghoshala gate ka over bridge reporter Sonu Kumar Katihar jila kaushlya gate ka pass phoolon ka1
- मानवाधिकार का टीम ने बिजली विभाग वाले से बिजली के बारे में की बातचीत सुनिए मानवाधिकार का टीम ने बिजली विभाग वाले से बिजली के बारे में की बातचीत सुनिए1
- तंजावुर मे CVK के सड़क जाम प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक में फंसे एक युवक की पुलिस करने से बहस हो गए रास्ता देने की मांग पर विवाद बढ़ा और युवक को थप्पड़ मार दिया युवक ने भी अधिकारी को थप्पड़ मारा इसके बाद कई पुलिस कर्मी ने युवक को पकड़ कर पुलिस वाहन में बैठा दिया घटना का वीडियो सोशल मीडिया में सामने आया1
- मण्डला - स्वत्रंता दिवस क़े दिन ग्राम सभा मे मारपीट का मामला विवादो से घिरते नजर आ रहा है .. पूर्व जनपद उपाध्यक्ष क़े साथ अभद्र व्यवहार औऱ मारपीट का मामला .. घुटास मे यादव समाज एक हुआ महापंचायत हुई औऱ एस डी एम को ज्ञापन सौंपा गया .. सख्त कार्यवाही की मांग तेज ..1
- कटिहार में श्री गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान’ की शुरुआत कटिहार में श्री गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई है। अभियान का उद्देश्य समाज में समानता, सामाजिक समरसता और सद्भाव को बढ़ावा देने के साथ-साथ वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बुधवार को समाहरणालय में प्रेस वार्ता कर अभियान की विस्तृत जानकारी दी। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के निर्देश पर पूरे राज्य के साथ कटिहार जिले में भी श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में समानता, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना है। साथ ही वंचित वर्गों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना अभियान की प्रमुख प्राथमिकता है। अभियान के तहत 18 से 20 अगस्त 2026 तक जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर कलश यात्राएं निकाली जा रही हैं। इन यात्राओं के जरिए संत रविदास जी के विचारों और सामाजिक समरसता का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा 27 अगस्त 2026 से 15 फरवरी 2027 तक प्रत्येक गुरुवार को ‘श्री संत रविदास विकास शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर अनुसूचित जाति बहुल टोलों में लगाए जाएंगे। इन शिविरों में राजस्व, पेंशन, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे और पात्र लोगों के आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निपटारा किया जाएगा। युवाओं को जोड़ने के लिए खेलकूद, साइकिल रैली, वाद-विवाद, निबंध और प्रश्नोत्तरी जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। अभियान के जरिए संत रविदास जी के संदेश ‘मनुष्य-मनुष्य एक समान’ को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में समानता एवं भाईचारे को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। कटिहार में शुरू हुआ यह अभियान सिर्फ सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि संत रविदास जी के समानता और सामाजिक समरसता के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।1