उतरौला में भारी बारिश के बाद गहराए विद्युत संकट से नगर क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में 33 हजार हाइटेंशन लाइन ब्रेकडाउन हुई जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। जिसके चलते उतरौला नगर समेत आसपास का क्षेत्र घोर अंधकार में डूब गया विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी युद्ध स्तर पर लाइन दुरुस्त करने में लग गए जिसमें उतरौला विद्युत उपकेंद्र वा आईपीडीएस उपकेंद्र के अवर अभियंता वा लाइन मैंन द्वारा पेड़ो कि छटाई कर दिन भर लाइन दुरुस्त करने का प्रयास किया गया जिसके उपरांत कुछ देर विद्युत आपूर्ति चलने के बाद पुनः ब्रेक डाउन हो जाती विद्युत संकट गहराता देख जिले के विद्युत विभाग के आला अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए जिनके निर्देश पर लोकल अधिकारी कर्मचारी हरकत में आए और अंत में रात्रि ग्यारह बजे से पुनः मरम्मत कार्य आरम्भ किया गया जिसमें एस डी ओ उतरौला उपकेंद्र जे ई टाउन जे ई आईपीडीएस गंभीर स्थिति को देखते हुवे अधिशाषी अभियंता बलरामपुर भी स्पॉट पर उतरौला पहुँचे उतरौला नगर के दर्जनों समाजसेवी अपने वाहनों से मौके पर जुटे रहे बार बार प्रयास करने पर विद्युत आपूर्ति बहाली हो पाई और कई घंटों से चला आ विद्युत संकट खत्म हुआ । उतरौला में भारी बारिश के बाद गहराए विद्युत संकट से नगर क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में 33 हजार हाइटेंशन लाइन ब्रेकडाउन हुई जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। जिसके चलते उतरौला नगर समेत आसपास का क्षेत्र घोर अंधकार में डूब गया विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी युद्ध स्तर पर लाइन दुरुस्त करने में लग गए जिसमें उतरौला विद्युत उपकेंद्र वा आईपीडीएस उपकेंद्र के अवर अभियंता वा लाइन मैंन द्वारा पेड़ो कि छटाई कर दिन भर लाइन दुरुस्त करने का प्रयास किया गया जिसके उपरांत कुछ देर विद्युत आपूर्ति चलने के बाद पुनः ब्रेक डाउन हो जाती विद्युत संकट गहराता देख जिले के विद्युत विभाग के आला अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए जिनके निर्देश पर लोकल अधिकारी कर्मचारी हरकत में आए और अंत में रात्रि ग्यारह बजे से पुनः मरम्मत कार्य आरम्भ किया गया जिसमें एस डी ओ उतरौला उपकेंद्र जे ई टाउन जे ई आईपीडीएस गंभीर स्थिति को देखते हुवे अधिशाषी अभियंता बलरामपुर भी स्पॉट पर उतरौला पहुँचे उतरौला नगर के दर्जनों समाजसेवी अपने वाहनों से मौके पर जुटे रहे बार बार प्रयास करने पर विद्युत आपूर्ति बहाली हो पाई और कई घंटों से चला आ विद्युत संकट खत्म हुआ ।
उतरौला में भारी बारिश के बाद गहराए विद्युत संकट से नगर क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में 33 हजार हाइटेंशन लाइन ब्रेकडाउन हुई जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। जिसके चलते उतरौला नगर समेत आसपास का क्षेत्र घोर अंधकार में डूब गया विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी युद्ध स्तर पर लाइन दुरुस्त करने में लग गए जिसमें उतरौला विद्युत उपकेंद्र वा आईपीडीएस उपकेंद्र के अवर अभियंता वा लाइन मैंन द्वारा पेड़ो कि छटाई कर दिन भर लाइन दुरुस्त करने का प्रयास किया गया जिसके उपरांत कुछ देर विद्युत आपूर्ति चलने के बाद पुनः ब्रेक डाउन हो जाती विद्युत संकट गहराता देख जिले के विद्युत विभाग के आला अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए जिनके निर्देश पर लोकल अधिकारी कर्मचारी हरकत में आए और अंत में रात्रि ग्यारह बजे से पुनः मरम्मत कार्य आरम्भ किया गया जिसमें एस डी ओ उतरौला उपकेंद्र जे ई टाउन जे ई आईपीडीएस गंभीर स्थिति को देखते हुवे अधिशाषी अभियंता बलरामपुर भी स्पॉट पर उतरौला पहुँचे उतरौला नगर के दर्जनों समाजसेवी अपने वाहनों से मौके पर जुटे रहे बार बार प्रयास करने पर विद्युत आपूर्ति बहाली हो पाई और कई घंटों से चला आ विद्युत संकट खत्म हुआ । उतरौला में भारी बारिश के बाद गहराए विद्युत संकट से नगर क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में 33 हजार हाइटेंशन लाइन ब्रेकडाउन हुई जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। जिसके चलते उतरौला नगर समेत आसपास का क्षेत्र घोर अंधकार में डूब गया विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी युद्ध स्तर पर लाइन दुरुस्त करने में लग गए जिसमें उतरौला विद्युत उपकेंद्र वा आईपीडीएस उपकेंद्र के अवर अभियंता वा लाइन मैंन द्वारा पेड़ो कि छटाई कर दिन भर लाइन दुरुस्त करने का प्रयास किया गया जिसके उपरांत कुछ देर विद्युत आपूर्ति चलने के बाद पुनः ब्रेक डाउन हो जाती विद्युत संकट गहराता देख जिले के विद्युत विभाग के आला अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए जिनके निर्देश पर लोकल अधिकारी कर्मचारी हरकत में आए और अंत में रात्रि ग्यारह बजे से पुनः मरम्मत कार्य आरम्भ किया गया जिसमें एस डी ओ उतरौला उपकेंद्र जे ई टाउन जे ई आईपीडीएस गंभीर स्थिति को देखते हुवे अधिशाषी अभियंता बलरामपुर भी स्पॉट पर उतरौला पहुँचे उतरौला नगर के दर्जनों समाजसेवी अपने वाहनों से मौके पर जुटे रहे बार बार प्रयास करने पर विद्युत आपूर्ति बहाली हो पाई और कई घंटों से चला आ विद्युत संकट खत्म हुआ ।
- उतरौला में भारी बारिश के बाद गहराए विद्युत संकट से नगर क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में 33 हजार हाइटेंशन लाइन ब्रेकडाउन हुई जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। जिसके चलते उतरौला नगर समेत आसपास का क्षेत्र घोर अंधकार में डूब गया विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी युद्ध स्तर पर लाइन दुरुस्त करने में लग गए जिसमें उतरौला विद्युत उपकेंद्र वा आईपीडीएस उपकेंद्र के अवर अभियंता वा लाइन मैंन द्वारा पेड़ो कि छटाई कर दिन भर लाइन दुरुस्त करने का प्रयास किया गया जिसके उपरांत कुछ देर विद्युत आपूर्ति चलने के बाद पुनः ब्रेक डाउन हो जाती विद्युत संकट गहराता देख जिले के विद्युत विभाग के आला अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए जिनके निर्देश पर लोकल अधिकारी कर्मचारी हरकत में आए और अंत में रात्रि ग्यारह बजे से पुनः मरम्मत कार्य आरम्भ किया गया जिसमें एस डी ओ उतरौला उपकेंद्र जे ई टाउन जे ई आईपीडीएस गंभीर स्थिति को देखते हुवे अधिशाषी अभियंता बलरामपुर भी स्पॉट पर उतरौला पहुँचे उतरौला नगर के दर्जनों समाजसेवी अपने वाहनों से मौके पर जुटे रहे बार बार प्रयास करने पर विद्युत आपूर्ति बहाली हो पाई और कई घंटों से चला आ विद्युत संकट खत्म हुआ । उतरौला में भारी बारिश के बाद गहराए विद्युत संकट से नगर क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में 33 हजार हाइटेंशन लाइन ब्रेकडाउन हुई जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। जिसके चलते उतरौला नगर समेत आसपास का क्षेत्र घोर अंधकार में डूब गया विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी युद्ध स्तर पर लाइन दुरुस्त करने में लग गए जिसमें उतरौला विद्युत उपकेंद्र वा आईपीडीएस उपकेंद्र के अवर अभियंता वा लाइन मैंन द्वारा पेड़ो कि छटाई कर दिन भर लाइन दुरुस्त करने का प्रयास किया गया जिसके उपरांत कुछ देर विद्युत आपूर्ति चलने के बाद पुनः ब्रेक डाउन हो जाती विद्युत संकट गहराता देख जिले के विद्युत विभाग के आला अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए जिनके निर्देश पर लोकल अधिकारी कर्मचारी हरकत में आए और अंत में रात्रि ग्यारह बजे से पुनः मरम्मत कार्य आरम्भ किया गया जिसमें एस डी ओ उतरौला उपकेंद्र जे ई टाउन जे ई आईपीडीएस गंभीर स्थिति को देखते हुवे अधिशाषी अभियंता बलरामपुर भी स्पॉट पर उतरौला पहुँचे उतरौला नगर के दर्जनों समाजसेवी अपने वाहनों से मौके पर जुटे रहे बार बार प्रयास करने पर विद्युत आपूर्ति बहाली हो पाई और कई घंटों से चला आ विद्युत संकट खत्म हुआ ।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद बलरामपुर देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ बलरामपुर: हर्रैया सतघरवा के अंधरपुरवा में बाढ़ और बेमौसम बारिश का कहर, 70-80 फीसदी धान व गन्ने की फसल बर्बाद खेतों में सड़ रही खड़ी फसल, किसानों के सामने आर्थिक संकट; ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे और मुआवजे की मांग की बलरामपुर। जिले के विकासखंड हर्रैया सतघरवा क्षेत्र में इस वर्ष बाढ़ और बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विकासखंड के ग्राम सभा परसिया गोसाईं के मजरा अंधरपुरवा में किसानों के मुताबिक लगातार बारिश और खेतों में हुए जलभराव के कारण धान और गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का दावा है कि गांव में करीब 70 से 80 प्रतिशत किसानों की धान और गन्ने की फसल प्रभावित होकर बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। किसानों का कहना है कि बारिश और जलभराव के कारण खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहा। इससे खेतों में खड़ी धान की फसल खराब होने लगी और कई स्थानों पर फसल सड़ गई। वहीं गन्ने की फसल भी जलभराव और प्रतिकूल मौसम की वजह से प्रभावित हुई है। किसानों के अनुसार जिस समय फसल तैयार होने की ओर बढ़ रही थी, उसी दौरान मौसम की मार ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। कर्ज लेकर की थी खेती, अब लागत निकलना भी मुश्किल प्रभावित किसानों में वशिष्ठ तिवारी, तुलसी राम वर्मा, छबीले यादव और पेशकार विश्वकर्मा समेत गांव के कई किसान शामिल बताए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने खेती में अपनी जमा पूंजी लगाने के साथ-साथ कई जगहों से कर्ज लेकर बीज, खाद, दवा, सिंचाई और मजदूरी का खर्च उठाया था। किसानों को उम्मीद थी कि धान और गन्ने की अच्छी फसल होने पर उन्हें मेहनत का लाभ मिलेगा और कर्ज की भरपाई भी हो सकेगी। लेकिन लगातार बारिश और जलभराव के कारण फसल खराब होने से उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। किसानों का कहना है कि खेतों में खड़ी फसल अब उनके लिए आमदनी का साधन बनने के बजाय नुकसान का कारण बन गई है। फसल खराब होने से परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ आगामी खेती की तैयारी को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। खेतों में सड़ रही फसल, बढ़ी किसानों की चिंता ग्रामीणों के मुताबिक कई खेतों में पानी जमा होने के कारण फसल की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। किसानों का कहना है कि समय रहते यदि खेतों से पानी की निकासी नहीं हुई तो नुकसान और बढ़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व विभाग और कृषि विभाग की टीम भेजकर प्रत्येक किसान के खेत का वास्तविक सर्वे कराया जाए। उनका कहना है कि नुकसान का सही आकलन होने के बाद ही किसानों को उचित राहत मिल सकती है। किसानों का आरोप- अब तक नहीं हुआ नुकसान का सर्वे पीड़ित किसानों का आरोप है कि फसल बर्बाद होने के बावजूद अभी तक शासन-प्रशासन अथवा राजस्व विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर नुकसान का विस्तृत जायजा नहीं लिया है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द सर्वे नहीं कराया गया तो खेतों में खराब हो रही फसल के कारण वास्तविक नुकसान का आकलन करना भी मुश्किल हो सकता है। किसान वशिष्ठ तिवारी और तुलसी राम वर्मा ने जिला प्रशासन से तत्काल मौके पर टीम भेजकर फसल नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों ने बड़ी उम्मीद के साथ खेती की थी, लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण उनकी पूरी फसल प्रभावित हो गई है। ऐसे में प्रशासन को किसानों की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राहत दिलाने की दिशा में तत्काल कदम उठाना चाहिए। जिलाधिकारी से लगाई राहत की गुहार अंधरपुरवा के ग्रामीणों और किसान संगठनों ने जिलाधिकारी बलरामपुर से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। किसानों का कहना है कि प्रभावित गांव में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम भेजी जाए और खेत-खेत जाकर नुकसान का आकलन कराया जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि सर्वे के आधार पर पात्र किसानों को नियमानुसार फसल क्षति का मुआवजा और सरकारी राहत उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसान अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ अगली फसल की तैयारी कर सकें। किसानों का कहना है कि खेती ही उनके परिवार की आय का मुख्य साधन है। ऐसे में एक ही मौसम में बड़े पैमाने पर फसल खराब होने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द राहत पहुंचाने की उम्मीद जताई है। अब किसानों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। यदि प्रभावित खेतों का शीघ्र सर्वे कराकर नुकसान का आकलन किया जाता है और पात्र किसानों को नियमानुसार राहत मिलती है, तो प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे किसानों को कुछ राहत मिल सकती है।2
- मूसलाधार बारिश में भी नहीं डिगी आस्था, भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ सौरभ कौशल मूसलाधार बारिश में भी नहीं डिगी आस्था, भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ सौरभ कौशल तुलसीपुर, संवाददाता। लगातार हो रही भीषण बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सकी। तीन दिवसीय गणेश चतुर्दशी पर्व के तहत स्थापित गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह और भक्ति देखते ही बना। विसर्जन से एक दिन पूर्व शुरू हुई बारिश विसर्जन के दिन भी लगातार जारी रही, लेकिन श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ पूजा-अर्चना और भंडारे में जुटे रहे। श्री गणेश पूजा समिति, किला बाजार तथा देवीपाटन क्षेत्र में स्थापित गणेश प्रतिमाओं के पंडालों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। लगातार बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं ने भंडारे का आयोजन कर लोगों को प्रसाद वितरित किया। इस दौरान गणपति बप्पा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। पूजा-अर्चना एवं भंडारे के बाद गणेश प्रतिमाओं को श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ विसर्जन के लिए ले जाया गया। देवीपाटन स्थित सिरिया नदी विसर्जन स्थल पर शासन-प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं ने 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारे लगाए। गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से लेकर विसर्जन तक पंडालों की व्यवस्था एवं निगरानी में राहुल गुप्ता, शिवम गुप्ता, रवि कौशल, जमुना चौरसिया, मनोज पटवा, राजन पटवा, सुधीर मोदनवाल, अशोक पटवा, रवि पटवा और आशीष पंडित सहित समिति से जुड़े लोग सक्रिय रहे। लगातार बारिश के बीच भी सभी पदाधिकारी एवं श्रद्धालु व्यवस्थाओं को लेकर उत्साहित नजर आए। श्रद्धालुओं का कहना था कि मौसम चाहे जैसा हो, भगवान गणेश के प्रति उनकी आस्था और श्रद्धा अटूट है। बारिश के बीच भी पूजा, भंडारे और विसर्जन में लोगों की सहभागिता ने धार्मिक आस्था और उत्साह की मिसाल पेश की।2
- पुलों की सुरक्षा और सड़क हादसों पर रोक की मांग पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट के नेतृत्व में ADM संदीप केला को सौंपा गया ज्ञापन। राप्ती नदी व नहर के पुलों पर ऊंची बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाल और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग। बलरामपुर-बहराइच और बलरामपुर-तुलसीपुर हाईवे के कई चौराहों व मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर/रिपीटेड बार लगाने की मांग। झारखंडी ओवरब्रिज निर्माण के दौरान जाम से बचाव के लिए रूट डायवर्जन और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की भी मांग। पुलों की सुरक्षा और सड़क हादसों पर रोक की मांग पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट के नेतृत्व में ADM संदीप केला को सौंपा गया ज्ञापन। राप्ती नदी व नहर के पुलों पर ऊंची बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाल और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग। बलरामपुर-बहराइच और बलरामपुर-तुलसीपुर हाईवे के कई चौराहों व मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर/रिपीटेड बार लगाने की मांग। झारखंडी ओवरब्रिज निर्माण के दौरान जाम से बचाव के लिए रूट डायवर्जन और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की भी मांग।1
- स्मार्ट सिटी में शेर के शर्माने की असल वजह🫡 #Gonda#SDM @Gonda @YogiAdityanath @KirtiVardhanSingh @GondaSDM @GondaNagarPalika #CMYogi1
- ⚠️ आकस्मिक बाढ़ (Flash Flood) की चेतावनी 26 सितंबर को 33 जिलों के कुछ वाटरशेड में आकस्मिक बाढ़ की संभावना, प्रशासन ने जारी की सतर्क रहने की अपील 26 सितंबर को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी एवं चित्रकूट के कुछ वाटरशेड में आकस्मिक बाढ़ की संभावना है। जनहित में अपील है कि सतर्क रहें, नदी-नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। #FlashFlood #आकस्मिकबाढ़ #FloodAlert #UPWeather #WeatherAlert #RahatUP #UPSDMA #DisasterManagement #StayAlert #StaySafe @CMOfficeUP @ChiefSecyUP @Revenue_UPGov @NDRFHQ @Dgpacup @InfoDeptUP @rahat_up @dmazamgarh @dmballia @AdminGhazipur @DMMau1 @DmMaharajganj @dm_kushinagar @dmdeoria @Dm_Gorakhpur @DM_Sknagar @dmsid1 @dmbas_ @DMBalrampur @AmbedkarnagarDM @dmpratapgarh @SultanpurDm @dmayodhya @dmgonda2 @dmshravasti @dm_sitapur @DMKheri @DMBahraich @dmhardoi @AdminLKO @dmunnao @dmraebareli @DM_Barabanki @DmAmethi @dmfatehpur @DMKanpur @DM_Banda1 @deo__kaushambi @ChitrakootDm1
- तानाशाही और वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाना अगर अपराध है, तो यह अपराध बार-बार होगा! लखनऊ की सड़कों पर लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुंकार भर रहे प्रभारी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष - अनुसूचित जाति विभाग, AICC श्री राजेंद्र पाल गौतम जी (Rajendra Gautam MLA) को भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर ईको गार्डेन ले जाया गया है। जनता के जनादेश पर डाका डालने वाली भाजपा सुन ले.. गिरफ्तारी की सलाखें लोकतंत्र की आवाज को दबा नहीं सकतीं। वोटों की हेराफेरी करने वाले डकैतों और उनके आकाओं को बेनकाब करके ही यह संग्राम थमेगा। लोकतंत्र के हत्यारों को बेनकाब करेंगे, अंतिम सांस तक लड़ेंगे! तानाशाही और वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाना अगर अपराध है, तो यह अपराध बार-बार होगा! लखनऊ की सड़कों पर लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुंकार भर रहे प्रभारी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष - अनुसूचित जाति विभाग, AICC श्री राजेंद्र पाल गौतम जी (Rajendra Gautam MLA) को भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर ईको गार्डेन ले जाया गया है। जनता के जनादेश पर डाका डालने वाली भाजपा सुन ले.. गिरफ्तारी की सलाखें लोकतंत्र की आवाज को दबा नहीं सकतीं। वोटों की हेराफेरी करने वाले डकैतों और उनके आकाओं को बेनकाब करके ही यह संग्राम थमेगा। लोकतंत्र के हत्यारों को बेनकाब करेंगे, अंतिम सांस तक लड़ेंगे!1
- पत्रकार के साथ मारपीट,हालत गंभीर गोंडा मुख्यालय के कचहरी में एक चाय दुकान के सामने सरे आम दोपहर दो बजे के आस पास तीन-चार गुंडों द्वारा एक पत्रकार के ऊपर हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया जिन्हें आनन फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां स्थिति गंभीर बनी हुई है।बताया गया है कि इंटरनेट की आवाज के पत्रकार सत्यम मिश्रा चाय की दुकान के पास अपने एक अन्य साथी के साथ बैठे हुए थे तभी पुराने विवाद को लेकर एक फोटो स्टेट के मालिक अपने अन्य साथियों के साथ सत्यम के ऊपर लोहे के राड, लोहे की कुर्सी आदि से हमला कर दिया, जिससे सत्यम के सिर पर गंभीर रूप से चोट आई है जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां सर में दर्जनों टांके लगाए गए हैं।फिलहाल सिटी स्कैन मंडल मुख्यालय के मेडिकल कालेज में न होने के कारण इन्हें लखनऊ रेफर किया जा रहा है। घटना की सूचना पाकर पुलिस क्षेत्राधिकार योगेंद्र सिंह व भारी संख्या में अन्य पुलिसकर्मी जिला अस्पताल पहुंच गए हैं। काफी संख्या में पत्रकार भी पहुंच गए हैं सत्यम के साथ रहने वाले प्रत्यक्षदर्शी पत्रकार नदीम सिद्दीकी ने बताया कि हम लोग चाय की दुकान के पास थे तभी अचानक कई लोगों ने कुर्सी लोहे के राड से हमला कर दिया,जिन्हें अस्पताल लाकर इलाज कराया जा रहा है।पुलिस क्षेत्राधिकार योगेंद्र सिंह ने बताया की पुराने विवाद को लेकर सत्यम नाम के पत्रकार के ऊपर हमला किया गया जिनके सिर में चोट आई है इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।1