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बाइक बोली—नंबर का टाइम निकल गया साहब, साइलेंसर ने भी फंसाया, PUC गायब और लाइसेंस भी नहीं! *बाइक बोली—नंबर का टाइम निकल गया साहब, साइलेंसर ने भी फंसाया, PUC गायब और लाइसेंस भी नहीं!* वाराणसी।पांडेयपुर पुलिस के हत्थे चढ़ी 2023 मॉडल की बाइक अब सड़क पर नहीं,थाने में आराम फरमाएगी।नंबर लगवाने का समय बीत चुका था,ऊपर से बाइक में मोडिफाई साइलेंसर,चालक बिना हेलमेट,बिना ड्राइविंग लाइसेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) भी नहीं था।यानी नियमों की पूरी किताब ही बाइक के साथ सड़क पर निकल पड़ी थी!पुलिस ने बाइक को सीज कर दिया।अब बाइक मालिक नहीं,कोर्ट तय करेगा कि यह बाइक थाने में कितने दिन “सरकारी मेहमान” बनकर रहेगी।
गजेन्द्र कुमार सिंह
बाइक बोली—नंबर का टाइम निकल गया साहब, साइलेंसर ने भी फंसाया, PUC गायब और लाइसेंस भी नहीं! *बाइक बोली—नंबर का टाइम निकल गया साहब, साइलेंसर ने भी फंसाया, PUC गायब और लाइसेंस भी नहीं!* वाराणसी।पांडेयपुर पुलिस के हत्थे चढ़ी 2023 मॉडल की बाइक अब सड़क पर नहीं,थाने में आराम फरमाएगी।नंबर लगवाने का समय बीत चुका था,ऊपर से बाइक में मोडिफाई साइलेंसर,चालक बिना हेलमेट,बिना ड्राइविंग लाइसेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) भी नहीं था।यानी नियमों की पूरी किताब ही बाइक के साथ सड़क पर निकल पड़ी थी!पुलिस ने बाइक को सीज कर दिया।अब बाइक मालिक नहीं,कोर्ट तय करेगा कि यह बाइक थाने में कितने दिन “सरकारी मेहमान” बनकर रहेगी।
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- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: पिकअप से टक्कर के बाद पुल के पिलर से भिड़ी रोडवेज बस, चालक समेत दो की मौत पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: पिकअप से टक्कर के बाद पुल के पिलर से भिड़ी रोडवेज बस, चालक समेत दो की मौत दो दर्जन से अधिक यात्री घायल, अहरौला सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर; 108 और 102 एंबुलेंस से चलाया गया राहत-बचाव अभियान आजमगढ़। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर गुरुवार की देर रात करीब 12:15 बजे पवई थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। चकिया के पास माइलस्टोन संख्या 191 पर लखनऊ से बलिया जा रही बेल्थरा रोड डिपो की रोडवेज बस की आगे चल रही एक पिकअप वाहन से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद अनियंत्रित बस गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के अंडरपास के नीचे बने बड़े और मोटे पिलर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि उसकी आवाज आसपास के ग्रामीणों तक सुनाई दी। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना में दो दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बस चालक रजनीकांत यादव उम्र 35 पुत्र सुरेश यादव, एक अज्ञात महिला यात्री की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस के साथ पवई, अहरौला, अतरौलिया, फूलपुर और कोयलसा समेत आसपास के क्षेत्रों में तैनात 102 और 108 एंबुलेंस को तत्काल दुर्घटनास्थल पर रवाना किया गया। एंबुलेंस चालक और ईएमटी की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहरौला पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। ये लोग हुए घायल घायलों में अंजू बरनवाल(54 वर्ष) ओमप्रकाश बरनवाल लखीमपुर खीरी,हर्ष बरनवाल 25 पुत्र विजय बरनवाल, शोबिका 18 पुत्री विजय बहादुर एंडिका, सुनीता 22 विजय राजभर, मऊ, नीतांजली यादव 16 सुरेश यादव मऊ रामबाग 38 पुत्र सुरेश यादव, बलिया आनंद 19संतोष बलिया, रूची 3 पुत्री राजा बलिया; रूदल 45 पुत्री लक्ष्मीधर बलिया, प्रिंस यादव मऊ, गुलशन 23 पुत्र फूलबदन बलिया,अनुष्का 18 पुत्री राम आसरे यादव मऊ, सुशील 41 पुत्र शिवरतन बलिया, श्वेता 22 पुत्री विजय बहादुर मऊ, कौशल किशोर दूबे 62 पुत्र जमुना प्रसाद दूबे लखनऊ,भगवती (38 वर्ष) पुत्री संग्राम मऊ,अंकिता 20पुत्री धर्मेंद्र, सृष्टि 21 पुत्री बृजेश कुमार मऊ, गोलू 15 पुत्र संग्राम मऊ, संजू 17 पुत्री धीरज मऊ, प्रियंका श्रीवास्तव 36 पुत्री पवन कुमार श्रीवास्तव बलिया स्वाती श्रीवास्तव 14 पुत्री पवन कुमार श्रीवास्तव बलिया, बृजेश चौहान (20 वर्ष),रुदल चौहान मऊ, निशा यादव 30 पुत्री मुसाफिर यादव मऊ, उर्मिला 30 पुत्री कौशल मऊ, नित्यवती दूबे 45 कौशल किशोर लखनऊ, सतीश मौर्य 21 पुत्र राम प्रभाव मौर्य मऊ, अखिलेश तिवारी 28 पुत्र आनंद तिवारी कानपुर, प्रतिमा प्रजापति (18 वर्ष),पुत्री सरवन प्रजापति मऊ; श्रेया यादव(19 वर्ष), पुत्री बृजेश यादव बलिया और पवन श्रीवास्तव(50 वर्ष), पुत्र देव प्रकाश श्रीवास्तव बलिया शामिल हैं। बस चालक के अलावा एक महिला यात्री की मौत की सामने आई है। स्थानीय ग्रामीणों ने आशंका जताई कि पिकअप वाहन में पशु तस्करी से जुड़े लोग सवार थे, हालांकि इस संबंध में जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पशु से लदे पिकअप चालक की लापरवाही से हादसा हुआ है घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है मृतक परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। राहत-बचाव कार्य में एंबुलेंस टीम के उमेश कुमार, शिवेंद्र प्रताप सिंह, लल्लन राम, संघर्ष, हरिकेश, धीरज, हीरालाल, अशोक यादव, अहमद खां, संतोष, जयगुरुदेव और रामलाल समेत अन्य एंबुलेंस चालक एवं ईएमटी कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।3
- चंदन राजभर की ह,त्या के 40 दिन बाद भी नहीं दर्ज हुआ मुकदमा 6 बच्चों को लेकर कलेक्टर में धरना देने पहुंची पत्नी चंदन राजभर की ह,त्या के 40 दिन बाद भी नहीं दर्ज हुआ मुकदमा 6 बच्चों को लेकर कलेक्टर में धरना देने पहुंची पत्नी1
- जौनपुर में लगातार बारिश जिससे आप देख सकते हैं मक्का की खेती क्यों हो रहे गिरावट जौनपुर लगातार बारिश होने से मक्का खेतों में पानी लगने से मक्का के पेड़ की रहे नीचे जमीन पर1
- कलम की तेज धार से अयोध्या जिला अस्पताल में मानवता शर्मसार: मौत के बाद भी नहीं मिला शव वाहन, ठेले पर शव ले जाने को मजबूर हुए परिजन अयोध्या। कहते हैं सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं पर करोड़ों खर्च कर रही है, बड़े-बड़े दावे हैं। लेकिन अयोध्या जिला चिकित्सालय की हकीकत ने इन दावों की पोल खोल दी। यहां एक मरीज की मौत के बाद सिस्टम इतना लाचार निकला कि उसके परिजनों को शव को कंधा तो दूर, ठेले पर लादकर ले जाना पड़ा। घंटों तड़पते रहे परिजन, स्टाफ बोला - ड्राइवर का नंबर ही नहीं है! इमरजेंसी वार्ड में इलाज के दौरान मरीज ने दम तोड़ दिया। टूटे हुए परिजनों ने अस्पताल स्टाफ से हाथ जोड़कर एक शव वाहन की मांग की। आरोप है कि उन्हें घंटों इधर से उधर दौड़ाया गया। जब थक-हारकर वार्ड की महिला स्टाफ से पूछा तो गैर-जिम्मेदाराना जवाब मिला - "ड्राइवर का नंबर उपलब्ध नहीं है।" सोचिए, जिला अस्पताल जैसा बड़ा संस्थान, जहां हर रोज मौतें होती हैं, वहां शव वाहन के ड्राइवर का नंबर तक मौजूद नहीं! यह लापरवाही नहीं तो और क्या है? सवाल तो बनता है साहब... 1. प्राइवेट एंबुलेंस का धंधा परिजनों का सीधा आरोप है कि अस्पताल में शव वाहन होते हुए भी नहीं दिया जाता ताकि बाहर खड़ी प्राइवेट एंबुलेंस वालों का धंधा चलता रहे। क्या अस्पताल परिसर में शुल्क लेकर चल रही निजी एंबुलेंस सेवा और स्टाफ की मिलीभगत है? 2. कहां गई संवेदनशीलता? क्या जिला अस्पताल प्रशासन इतना संवेदनहीन हो गया है कि एक लाश को भी सम्मान नहीं दे सकता? 3. जांच कौन करेगा? अगर जिला अस्पताल में ही यह हाल है तो ग्रामीण क्षेत्रों की क्या दुर्दशा होगी? यह घटना सिर्फ एक परिवार की पीड़ा नहीं, पूरे स्वास्थ्य सिस्टम पर तमाचा है। जब शासन-प्रशासन बड़े-बड़े आयोजन और वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त है, तब आम आदमी को ठेले पर अपने अपनों की लाश ढोनी पड़ रही है। कलम की धार मांग करती है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो, दोषी स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई हो और शव वाहन की व्यवस्था को 24x7 सुनिश्चित किया जाए। वरना यह मान लिया जाए कि अयोध्या का जिला अस्पताल सिर्फ बिल्डिंग है, व्यवस्था नहीं।3
- रक्षाबंधन का त्योहार केवल रेशम के धागे और उपहारों का लेन-देन नहीं है। सनातन परंपरा में इसके पीछे गहरे वैज्ञानिक, रक्षाबंधन का त्योहार केवल रेशम के धागे और उपहारों का लेन-देन नहीं है। सनातन परंपरा में इसके पीछे गहरे वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक रहस्य छिपे हैं।जब हम इन पौराणिक कथाओं की परतों को खोलते हैं, तो हमें जीवन जीने के अनमोल सूत्र मिलते हैं।पौराणिक ग्रंथों (जैसे भविष्य पुराण, श्रीमद्भागवत पुराण और विष्णु पुराण) में रक्षाबंधन की शुरुआत से जुड़ी ऐसी कथाएं मिलती हैं, जो इस त्योहार को केवल इंसानों का नहीं, बल्कि देवताओं, दानवों और स्वयं त्रिमूर्ति (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का त्योहार बनाती हैं।उत्तर प्रदेश के सुराना, बेनीपुर चक और भीखमपुर जगत पुरवा गांवों में रक्षाबंधन न मनाने के पीछे सदियों पुरानी ऐतिहासिक और दर्दनाक कहानियां छिपी हैं। इन गांवों के लोग आज भी रक्षाबंधन को उत्सव के बजाय एक शोक या खौफनाक दिन के रूप में देखते हैं।1
- पंचकोसी मार्ग पर बने गड्ढे दे रहे हादसे को न्योता, राहगीर परेशान पंचकोसी मार्ग पर बने गड्ढे दे रहे हादसे को न्योता, राहगीर परेशान सेवापुरी। पंचकोसी परिक्रमा के तीसरे पड़ाव रामेश्वर बाजार स्थित पोस्ट ऑफिस के समीप पंचकोसी मार्ग की हालत इन दिनों बेहद खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, थोड़ी सी बारिश होते ही सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है। पानी भरने के कारण गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे बाइक सवार कई बार अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं और चोटिल होने का खतरा बना रहता है। रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग होने के कारण इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और अन्य राहगीर आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की बदहाल स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सड़क के गड्ढों को जल्द से जल्द भरवाकर मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सड़क की मरम्मत करा दी जाए तो संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।1
- जमीन पर मकान बनाने को लेकर विवाद, महिला से मारपीट का आरोप; तोड़फोड़ और ₹50 हजार चोरी की शिकायत जमीन पर मकान बनाने को लेकर विवाद, महिला से मारपीट का आरोप; तोड़फोड़ और ₹50 हजार चोरी की शिकायत वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र के पिण्डरा (मीराशाह) गांव में जमीन पर मकान बनाने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने रिश्तेदारों पर गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी, घर में तोड़फोड़ और ₹50 हजार चोरी करने का आरोप लगाते हुए फूलपुर थाने में शिकायत दी है। शिकायत के अनुसार, महिला अपनी जमीन पर मकान का निर्माण कराना चाह रही थी। इसी बात को लेकर उसके पट्टीदार फरमान, अतहर, स्व. मुर्तजा, स्व. आसाद और मुन्ना समेत अन्य लोग एक राय होकर उसके पास पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने महिला के साथ-साथ उसकी बहन शाहमा, शबीना और बेटी नरगिस समेत परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उसके और परिवार के लोगों के साथ मारपीट की। इस दौरान सभी को जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे परिवार के लोग भयभीत हो गए। शिकायत में आगे बताया गया है कि आरोपियों ने घर में रखे सामान को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद पेटी का ताला तोड़कर उसमें रखे ₹50 हजार नकद निकाल लिए। महिला के मुताबिक घटना 22 अगस्त 2026 की शाम करीब 3 बजे की है। पीड़िता ने फूलपुर थाना प्रभारी निरीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक फुलपुर इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पशिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जायेगी।4
- दरअसल, मंच पर गिफ्ट बांटने शुरू हुए तो मारामारी मच गई। गिफ्ट लेने की होड़ में महिलाएं एक दूसरे के ऊपर गिरने लगीं *बरेली में बीजेपी के मेयर उमेश गौतम ने राखी बांधने के लिए 20 हजार महिलाओं को बुला लिया।* कार्यक्रम में भगदड़ जैसे हालात बन गए। एक महिला मर गई। कई महिलाएं बेहोश हो गईं। दरअसल, मंच पर गिफ्ट बांटने शुरू हुए तो मारामारी मच गई। गिफ्ट लेने की होड़ में महिलाएं एक दूसरे के ऊपर गिरने लगीं।1