कानपुर देहात के झींझक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में गुरुवार को नगर पालिका स्थित सीएचसी में जलजनित और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में हुए इस आयोजन में झींझक ब्लॉक की कुल 121 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को संचारी रोग नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित विभिन्न मौसमी बीमारियों की पहचान, रोकथाम और बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने उनसे गांवों में जाकर लोगों को जलभराव रोकने, नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, स्वच्छ वातावरण अपनाने, पूरी बांह के कपड़े पहनने और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करने सहित मच्छरों से बचाव के अन्य तरीकों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। प्रशिक्षकों ने इस बात पर जोर दिया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां ग्रामीण परिवारों के सीधे संपर्क में रहती हैं, जिससे वे स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और जन जागरूकता संदेशों को प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य उन्हें व्यावहारिक जानकारी देकर गांव-गांव में संचारी रोग नियंत्रण अभियान को और अधिक मजबूत बनाना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आरबीएसके के डॉ. दीपक, डॉ. निडा, नेत्र परीक्षण अधिकारी डॉ. बी.के. गोस्वामी, एएनएम सरोज द्विवेदी, जिला समन्वयक रमन द्विवेदी और झींझक ब्लॉक समन्वयक शिवभान ने प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम का समन्वय खंड सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक दिविजय सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान गुरुवार को 3 बजे डॉ. बी.के. गोस्वामी ने कहा कि संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरूकता ही सबसे कारगर माध्यम है और इसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
कानपुर देहात के झींझक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में गुरुवार को नगर पालिका स्थित सीएचसी में जलजनित और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में हुए इस आयोजन में झींझक ब्लॉक की कुल 121 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को संचारी रोग नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित विभिन्न मौसमी बीमारियों की पहचान, रोकथाम और बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने उनसे गांवों में जाकर लोगों को जलभराव रोकने, नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, स्वच्छ वातावरण अपनाने, पूरी बांह के कपड़े पहनने और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करने सहित मच्छरों से बचाव के अन्य तरीकों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। प्रशिक्षकों ने इस बात पर जोर दिया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां ग्रामीण परिवारों के सीधे संपर्क में रहती हैं, जिससे वे स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और जन जागरूकता संदेशों को प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य उन्हें व्यावहारिक जानकारी देकर गांव-गांव में संचारी रोग नियंत्रण अभियान को और अधिक मजबूत बनाना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आरबीएसके के डॉ. दीपक, डॉ. निडा, नेत्र परीक्षण अधिकारी डॉ. बी.के. गोस्वामी, एएनएम सरोज द्विवेदी, जिला समन्वयक रमन द्विवेदी और झींझक ब्लॉक समन्वयक शिवभान ने प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम का समन्वय खंड सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक दिविजय सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान गुरुवार को 3 बजे डॉ. बी.के. गोस्वामी ने कहा कि संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरूकता ही सबसे कारगर माध्यम है और इसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
- औरैया के समरथपुर स्थित गल्ला मंडी गेट के सामने विष्णु मंदिर के पास सड़क की बदहाली और जलभराव से स्थानीय लोग गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस समस्या से जूझ रहे स्थानीय बच्चों ने खुद सड़क पर उतरकर जिलाधिकारी से मदद की भावुक अपील की है, जिसकी खबरें ब्रेकिंग न्यूज़ के रूप में भी सामने आई हैं। लगातार बरसात के चलते सड़क पर गंदा पानी भर जाने से आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में उचित नाली व्यवस्था न होने के कारण पानी की निकासी बिल्कुल नहीं हो पा रही है, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई है। बच्चों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि इस कीचड़ और गंदगी से बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और आम राहगीरों को रोजाना इन मुश्किल हालात से गुजरना पड़ रहा है। इन बच्चों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क और नाली का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है। अब देखना यह होगा कि बच्चों की इस मार्मिक गुहार पर जिला प्रशासन कब तक कार्रवाई करता है।1
- कानपुर देहात के झींझक स्थित अक्षयवट धाम में चल रही शिवमहापुराण कथा में वृंदावन से पधारे कथावाचक आचार्य रोहित कृष्णाचार्य ने श्रद्धालुओं को शिवपुराण के विस्तृत महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बल देकर कहा कि कलियुग में भगवान शिव का स्मरण और श्रद्धापूर्वक शिवपुराण का श्रवण ही जीवन को सुख, शांति और मोक्ष की ओर ले जाने का सबसे सीधा तथा सरल मार्ग है। आचार्य कृष्णाचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि शिवपुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह सदाचार, संयम, सेवा और भक्ति का संदेश देने वाला एक दिव्य ग्रंथ है। इसके नियमित श्रवण से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है, मानसिक तनाव दूर होता है और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। कथा के दौरान आचार्य ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं से सत्य, करुणा और धर्म के पथ पर चलने तथा निरंतर शिव नाम का स्मरण करने का आह्वान किया। इस भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने "हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ भक्ति रस का आनंद लिया। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालु इस कथा में शामिल हुए और भगवान शिव की आराधना में लीन रहे।1
- औरैया जनपद में गल्ला मंडी गेट के सामने स्थित मोहल्ला समरथपुर विष्णु मंदिर के पास जलभराव और बदहाल सड़क की गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय बच्चे सामने आए हैं। एक वीडियो में ये बच्चे गंदे पानी से लबालब सड़क पर खड़े होकर जिलाधिकारी से अनुरोध कर रहे हैं। उनकी मुख्य शिकायत है कि इस क्षेत्र में न तो उचित नाली का प्रबंध है और न ही सड़क की हालत ठीक है, जिसके कारण बरसात का पानी लगातार जमा रहता है और लोगों को आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों ने बताया कि पानी के निकास की व्यवस्था न होने से हर तरफ कीचड़ और गंदगी फैली हुई है, जिससे बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क और नाली का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है। बच्चों ने सीधे शब्दों में जिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि "सड़क और नाली बनवाई जाए"। अब यह देखना होगा कि बच्चों की इस भावुक अपील पर जिलाधिकारी क्या एक्शन लेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में विक्रमपुर ब्लॉक के अंतर्गत औरैयागांव में विक्रमपुर सड़क पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है।1
- कानपुर देहात के डेरापुर विकासखंड स्थित गलुवापुर ग्राम पंचायत में विवेकानंद विद्या मंदिर तिराहे के पास महीनों से नालियों की सफाई न होने के कारण गंभीर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गंदा पानी सड़कों पर जमा होने से ग्रामीणों और विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सफाईकर्मी केवल तिराहे के आसपास कभी-कभार सफाई करते हैं, जबकि गांव के अंदर कई स्थानों पर लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं हुई है। इससे नालियां पूरी तरह से चोक हो गई हैं और गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। इस जलभराव के कारण न केवल भयंकर दुर्गंध फैल रही है, बल्कि मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई मोहल्लों में नियमित सफाई का अभाव है। प्रशांत, महेंद्र प्रजापति, गुड्डू शुक्ला, वीर सिंह, ज्ञानी दिवाकर और सोनू प्रजापति सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जलभराव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक कठिनाई उठानी पड़ रही है। उन्होंने ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों से पूरे गांव की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, बंद नालियों को तत्काल साफ कराने और जलनिकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। इस मामले पर, ए डी ओ पंचायत अश्वनी कुमार ने जानकारी दी है कि उन्हें समस्या के बारे में पता चला है और जल्द ही सफाई कराई जाएगी।1
- औरैया जिले के ककोर मुख्यालय पर संस्कृति विभाग द्वारा प्रस्तावित ₹14.10 करोड़ की लागत से बनने वाले नवीन प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) का भूमि पूजन कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग, विधायक गुड़िया कठेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष कमल सिंह दोहरे, जिलाधिकारी श्री बृजेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी तथा राज्य सभा सांसद प्रतिनिधि ने अपने कर कमलों से भूमि पूजन किया। कार्यक्रम के दौरान, विधायक गुड़िया कठेरिया ने इस बात पर जोर दिया कि औरैया जिले में सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए वर्षों से कोई उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं था। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भदौरिया का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि यह प्रेक्षागृह जून 2027 तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। विधायक ने स्पष्ट किया कि इसका उपयोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कलाकारों, साहित्यकारों और सरकारी आयोजनों के लिए किया जाएगा, जिससे जिले की सांस्कृतिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिलेगी। इस महत्वपूर्ण आयोजन में पर्यटन अधिकारी एवं संस्कृति परिषद सचिव मोहित मनोहर सिंह सहित समस्त प्रशासनिक अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।1
- औरैया जनपद के अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के आजाद नगर में अज्ञात चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों के जेवरात, नगदी और घरेलू सामान चोरी कर लिया। यह घटना तब हुई जब मकान मालिक दंपति इलाज के लिए दिल्ली गए हुए थे। दिल्ली से वापस लौटने के बाद जब उन्होंने अपने घर का दरवाजा खोला तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। घर के सभी कमरों के ताले टूटे हुए थे, अलमारी का लॉक उखड़ा पड़ा था, और पूरा सामान बिखरा हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग तुरंत मौके पर एकत्र हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस चोरी को अंजाम देने वाले अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी हुई है।1
- औरैया जनपद में पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के निर्देशानुसार, जिले भर में वांछित और वारंटी अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए एक विशेष 24 घंटे का अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान के दौरान, सभी थानों में अलग-अलग टीमें गठित की गईं, जिन्होंने प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 11 वांछित और वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में कोतवाली औरैया पुलिस द्वारा खानपुर चौराहा स्थित सैनिक कॉलोनी से अनिल राजपूत शामिल हैं। थाना दिबियापुर पुलिस ने मोहल्ला दयालपुर निवासी हनी उर्फ ताहर सिद्दिकी और गुलरिया निवासी छोटा सविता उर्फ छोटू उर्फ राजकिशोर को दबोचा। वहीं, थाना सहायल पुलिस ने ग्राम बनपुर्वा के आलोक कुमार को गिरफ्तार किया, जबकि कोतवाली अजीतमल पुलिस ने जगन्नाथपुर गांव से दो वारंटी अभियुक्तों – शुकुसददीन और फकीर उर्फ वसीर खान – को सलाखों के पीछे भेजा। थाना फफूंद पुलिस टीम ने इस अभियान में सर्वाधिक तीन वारंटी अभियुक्तों को पकड़ा, जिनमें अधासी निवासी विवेक मिश्रा, दौलतपुर निवासी सीपू और रानीपुर निवासी लोलैया उर्फ लल्ला शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कोतवाली बिधूना पुलिस ने ग्राम भाईपुर निवासी वारंटी अभियुक्त ब्रजेश सिंह को गिरफ्तार किया, जबकि थाना ऐरवाकटरा पुलिस ने उमरैन क्षेत्र में दुर्गा मंदिर के पास रहने वाले वारंटी अभियुक्त प्रदीप गुप्ता को पकड़कर आगे की विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फरार और वांछित अपराधियों पर लगाम कसने के लिए इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित थानों में अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- कानपुर देहात के इंजुआरामपुर गाँव की आम जनता रास्ते की बदहाली और जलभराव से अत्यधिक परेशान है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के समय निकलने का कोई रास्ता नहीं बचता, और उन्हें जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रधान जी कोई कार्य नहीं करा रहे हैं; यहाँ न तो कोई खड़ंजा है और न ही पानी निकलने के लिए नली की कोई व्यवस्था है। आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के मद्देनजर, ग्रामीणों ने प्रभारी से निवेदन किया है कि वे नली और खड़ंजे की जांच कर रास्ते की उचित व्यवस्था कराने की कृपा करें।1