कानपुर देहात के झींझक स्थित अक्षयवट धाम में चल रही शिवमहापुराण कथा में वृंदावन से पधारे कथावाचक आचार्य रोहित कृष्णाचार्य ने श्रद्धालुओं को शिवपुराण के विस्तृत महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बल देकर कहा कि कलियुग में भगवान शिव का स्मरण और श्रद्धापूर्वक शिवपुराण का श्रवण ही जीवन को सुख, शांति और मोक्ष की ओर ले जाने का सबसे सीधा तथा सरल मार्ग है। आचार्य कृष्णाचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि शिवपुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह सदाचार, संयम, सेवा और भक्ति का संदेश देने वाला एक दिव्य ग्रंथ है। इसके नियमित श्रवण से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है, मानसिक तनाव दूर होता है और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। कथा के दौरान आचार्य ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं से सत्य, करुणा और धर्म के पथ पर चलने तथा निरंतर शिव नाम का स्मरण करने का आह्वान किया। इस भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने "हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ भक्ति रस का आनंद लिया। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालु इस कथा में शामिल हुए और भगवान शिव की आराधना में लीन रहे।
कानपुर देहात के झींझक स्थित अक्षयवट धाम में चल रही शिवमहापुराण कथा में वृंदावन से पधारे कथावाचक आचार्य रोहित कृष्णाचार्य ने श्रद्धालुओं को शिवपुराण के विस्तृत महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बल देकर कहा कि कलियुग में भगवान शिव का स्मरण और श्रद्धापूर्वक शिवपुराण का श्रवण ही जीवन को सुख, शांति और मोक्ष की ओर ले जाने का सबसे सीधा तथा सरल मार्ग है। आचार्य कृष्णाचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि शिवपुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह सदाचार, संयम, सेवा और भक्ति का संदेश देने वाला एक दिव्य ग्रंथ है। इसके नियमित श्रवण से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है, मानसिक तनाव दूर होता है और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। कथा के दौरान आचार्य ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं से सत्य, करुणा और धर्म के पथ पर चलने तथा निरंतर शिव नाम का स्मरण करने का आह्वान किया। इस भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने "हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ भक्ति रस का आनंद लिया। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालु इस कथा में शामिल हुए और भगवान शिव की आराधना में लीन रहे।
- कानपुर देहात के झींझक स्थित अक्षयवट धाम में चल रही शिवमहापुराण कथा में वृंदावन से पधारे कथावाचक आचार्य रोहित कृष्णाचार्य ने श्रद्धालुओं को शिवपुराण के विस्तृत महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बल देकर कहा कि कलियुग में भगवान शिव का स्मरण और श्रद्धापूर्वक शिवपुराण का श्रवण ही जीवन को सुख, शांति और मोक्ष की ओर ले जाने का सबसे सीधा तथा सरल मार्ग है। आचार्य कृष्णाचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि शिवपुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह सदाचार, संयम, सेवा और भक्ति का संदेश देने वाला एक दिव्य ग्रंथ है। इसके नियमित श्रवण से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है, मानसिक तनाव दूर होता है और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। कथा के दौरान आचार्य ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं से सत्य, करुणा और धर्म के पथ पर चलने तथा निरंतर शिव नाम का स्मरण करने का आह्वान किया। इस भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने "हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ भक्ति रस का आनंद लिया। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालु इस कथा में शामिल हुए और भगवान शिव की आराधना में लीन रहे।1
- कानपुर देहात के डेरापुर विकासखंड स्थित गलुवापुर ग्राम पंचायत में विवेकानंद विद्या मंदिर तिराहे के पास महीनों से नालियों की सफाई न होने के कारण गंभीर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गंदा पानी सड़कों पर जमा होने से ग्रामीणों और विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सफाईकर्मी केवल तिराहे के आसपास कभी-कभार सफाई करते हैं, जबकि गांव के अंदर कई स्थानों पर लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं हुई है। इससे नालियां पूरी तरह से चोक हो गई हैं और गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। इस जलभराव के कारण न केवल भयंकर दुर्गंध फैल रही है, बल्कि मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई मोहल्लों में नियमित सफाई का अभाव है। प्रशांत, महेंद्र प्रजापति, गुड्डू शुक्ला, वीर सिंह, ज्ञानी दिवाकर और सोनू प्रजापति सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जलभराव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक कठिनाई उठानी पड़ रही है। उन्होंने ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों से पूरे गांव की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, बंद नालियों को तत्काल साफ कराने और जलनिकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। इस मामले पर, ए डी ओ पंचायत अश्वनी कुमार ने जानकारी दी है कि उन्हें समस्या के बारे में पता चला है और जल्द ही सफाई कराई जाएगी।1
- कानपुर देहात के इंजुआरामपुर गाँव की आम जनता रास्ते की बदहाली और जलभराव से अत्यधिक परेशान है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के समय निकलने का कोई रास्ता नहीं बचता, और उन्हें जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रधान जी कोई कार्य नहीं करा रहे हैं; यहाँ न तो कोई खड़ंजा है और न ही पानी निकलने के लिए नली की कोई व्यवस्था है। आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के मद्देनजर, ग्रामीणों ने प्रभारी से निवेदन किया है कि वे नली और खड़ंजे की जांच कर रास्ते की उचित व्यवस्था कराने की कृपा करें।1
- भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने झींझक विद्युत उपखंड में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) रंगलाल पाल को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। आरोपी जेई के खिलाफ अकबरपुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दरअसल, एक बिजली ठेकेदार ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि जेई रंगलाल पाल लाइन मरम्मत कार्य का बिल पास करने के एवज में उनसे छह प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे हैं। शिकायत के सत्यापन के बाद आरोप सही पाए गए, जिसके बाद एंटी करप्शन टीम ने जेई को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। योजना के तहत शिकायतकर्ता ठेकेदार को ₹20,000 लेकर जेई के पास भेजा गया, और जैसे ही जेई ने रिश्वत की रकम अपने कब्जे में ली, मौके पर मौजूद टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली। गिरफ्तारी के बाद आरोपी जेई को अकबरपुर थाने लाया गया। शिकायतकर्ता ठेकेदार पुनीत ने बताया कि उन्होंने विद्युत विभाग के लिए लाइन मरम्मत का काम किया था, जिसके बिल पास होने थे, लेकिन जेई रंगलाल पाल बिल पास करने के लिए छह प्रतिशत रिश्वत मांग रहे थे। पुनीत ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए पहले बिल पास करने और बाद में पैसे देने की बात कही, पर जेई नहीं माने, जिसके बाद उन्होंने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। ठेकेदार ने यह भी बताया कि उनके अन्य बिल भी लंबित हैं, जिन पर भी छह प्रतिशत कमीशन मांगा जा रहा था। पुलिस और एंटी करप्शन टीम मामले की वैधानिक जांच में जुटी है। एंटी करप्शन विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही, इस बात की भी जांच की जा रही है कि आरोपी जेई पहले भी इस तरह की अवैध वसूली में शामिल रहा है या नहीं। मामले की जांच जारी है।1
- कानपुर देहात के झींझक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में गुरुवार को नगर पालिका स्थित सीएचसी में जलजनित और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में हुए इस आयोजन में झींझक ब्लॉक की कुल 121 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को संचारी रोग नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित विभिन्न मौसमी बीमारियों की पहचान, रोकथाम और बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने उनसे गांवों में जाकर लोगों को जलभराव रोकने, नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, स्वच्छ वातावरण अपनाने, पूरी बांह के कपड़े पहनने और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करने सहित मच्छरों से बचाव के अन्य तरीकों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। प्रशिक्षकों ने इस बात पर जोर दिया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां ग्रामीण परिवारों के सीधे संपर्क में रहती हैं, जिससे वे स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और जन जागरूकता संदेशों को प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य उन्हें व्यावहारिक जानकारी देकर गांव-गांव में संचारी रोग नियंत्रण अभियान को और अधिक मजबूत बनाना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आरबीएसके के डॉ. दीपक, डॉ. निडा, नेत्र परीक्षण अधिकारी डॉ. बी.के. गोस्वामी, एएनएम सरोज द्विवेदी, जिला समन्वयक रमन द्विवेदी और झींझक ब्लॉक समन्वयक शिवभान ने प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम का समन्वय खंड सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक दिविजय सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान गुरुवार को 3 बजे डॉ. बी.के. गोस्वामी ने कहा कि संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरूकता ही सबसे कारगर माध्यम है और इसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।1
- सिकंदरा तहसील क्षेत्र में बुधवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली, जिसके बाद सुबह से शाम करीब 4 बजे तक रुक-रुक कर रिमझिम बारिश जारी रही। इस लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। खेतों को पर्याप्त नमी मिलने के बाद किसानों ने तत्काल धान की रोपाई का काम शुरू कर दिया है। किसानों के अनुसार, समय पर हुई यह वर्षा धान की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रही है और उनकी सिंचाई संबंधी चिंताएँ भी काफी हद तक कम हो गई हैं। वहीं, लगातार पड़ रही उमस भरी गर्मी से भी आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया, जिससे क्षेत्र के निवासियों ने सुकून महसूस किया।1
- कानपुर देहात के डेरापुर स्थित तहसील परिसर के अधिवक्ता सभागार में बुधवार को अधिवक्ता परिषद की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान परिषद के आय-व्यय को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया, जिसके चलते वित्तीय पारदर्शिता और विस्तृत ब्यौरा पेश करने की मांग पर करीब दो घंटे तक जोरदार हंगामा हुआ। यह बैठक उपाध्यक्ष चंद्र प्रताप यादव की अध्यक्षता में हुई थी। कई अधिवक्ताओं ने परिषद के सभी वित्तीय लेन-देन का विस्तृत ब्यौरा सदन के समक्ष प्रस्तुत करने पर जोर दिया। उनकी मांग थी कि संगठन के कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने और प्रत्येक सदस्य को आय-व्यय की सही जानकारी सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक है कि वित्तीय जानकारी समय-समय पर सदस्यों के साथ साझा की जाए। इस मुद्दे पर अधिवक्ताओं के बीच लगभग दो घंटे तक चली लंबी चर्चा और हंगामा देखने को मिला। उपस्थित अधिवक्ताओं ने परिषद के पदाधिकारियों से जल्द से जल्द आय-व्यय का यह विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने का अनुरोध किया। बैठक में संगठन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में परिषद अध्यक्ष सुरेश चंद्र द्विवेदी, महामंत्री हरिशंकर संखवार के साथ संतोष कुमार यादव, प्रशांत दीक्षित, सुधींद्र मिश्रा उर्फ बिल्लू, अमित तिवारी, रामकुमार यादव, राजकुमार तिवारी, शैलेंद्र यादव, गिरेंद्र सिंह गौर, देवेंद्र पाल, अरुण गुप्ता, प्रदीप महेश्वरी, संजय पाल सहित अन्य अधिवक्तागण मौजूद रहे।1
- कानपुर देहात जनपद के रूरा थाना क्षेत्र में फल खरीदने के दौरान मोलभाव को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि फल विक्रेताओं ने एक महिला और उसके परिजनों के साथ बीच सड़क पर मारपीट की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। बताया जा रहा है कि महिला फल खरीदने के दौरान कीमत को लेकर मोलभाव कर रही थी, जिस पर कहासुनी शुरू हो गई और वह देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि दबंग दुकानदारों ने महिला और उसके परिजनों के साथ जमकर मारपीट की। इस घटना के दौरान महिला मदद के लिए चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन मौके पर मौजूद लोग बीच-बचाव करने के बजाय घटना का वीडियो बनाते रहे। वीडियो वायरल होने और मामले की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और प्राप्त शिकायतों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1