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लखीमपुर खीरी विकासखंड नकहा ब्लॉक प्रमुख श्री पवन गुप्ता जी के द्वारा द्वारा कराए गए विकास कार्यों का एजेंडा रखा गया और नकहा ब्लॉक की सबसे बड़ी समस्या बाढ़ की ........
Lakhimpur Kheri दस्तक
लखीमपुर खीरी विकासखंड नकहा ब्लॉक प्रमुख श्री पवन गुप्ता जी के द्वारा द्वारा कराए गए विकास कार्यों का एजेंडा रखा गया और नकहा ब्लॉक की सबसे बड़ी समस्या बाढ़ की ........
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- द्वारा कराए गए विकास कार्यों का एजेंडा रखा गया और नकहा ब्लॉक की सबसे बड़ी समस्या बाढ़ की ........1
- Post by Krisna Chauhan4
- डग्गामार वाहन बन रहे वाहनों के टकराने का कारण। मोतीपुर बहराइच। मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र अंतर्गत परवानी गौढ़ी बैरियर बैरियर हादसे का अड्डा बनता जा रहा है। जिसका मेन कारण नानपारा लखीमपुर मार्ग पर चल रहे डग्गामार वाहन चालक हैं। ज्ञात होगी परवानी गौढ़ी बैरियर पर लखीमपुर जाने वाले यात्रियों का मुख्य अड्डा है। यहां रोडवेज बसें रूकती है। और लखीमपुर जाने वाले यात्रियों को बैठाने के बाद रवाना हो जाती हैं। इसी बीच डग्गामार वाहन आकर उन्हीं सवारियों को रोडवेज बस आने से पहले उन्हें कम किराए पर लखीमपुर छोड़ने की बात कह कर बैठाकर रफू चक्कर हो जाते हैं। आज वही मामला सामने आया कि एक तरफ डग्गामार वाहन चालक सवारियों को बैठा रहा है। दूसरी तरफ पीछे से आ रही रोडवेज सामने से आ रही ट्रक से टकरा गई।जिसके कारण रोडवेज बस में बैठे यात्रियों को हल्की-फुल्की चोट खानी पड़ी। रोडवेज बस के बाए साइड का शीशा भी टूट गया।1
- जिला सीतापुर के जिलाधिकारी डा राजा गणपति आर अचानक लहरपुर तहसील में निरीक्षण करने पहुंचे1
- लखीमपुर खीरी के ओयल कस्बे में स्थित मेंढक मंदिर अपनी अनोखी बनावट और रहस्यमयी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। यह प्राचीन शिव मंदिर एक विशाल मेंढक की आकृति पर बना है, जिसका निर्माण 19वीं सदी में ओयल रियासत के राजा ने तांत्रिक सलाह पर कराया था। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है। मंदिर परिसर में बना कुआं पास की झील से जुड़ा बताया जाता है, जिसे लोग रहस्य मानते हैं। सावन और महाशिवरात्रि पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।1
- लखीमपुर खीरी में पढ़ुआ थाना क्षेत्र के मोहना पुर गांव के पास तेज रफ्तार बाइक मोड पर अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई,हादसे में बाइक पर सवार दो लोगों की मौत हो गई,जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक सिंगाही थाना क्षेत्र के मटहिया गांव का रहने वाला छोटे लाल अपनी रिश्तेदारी के गांव गद्दी पूर्वा से होकर वापस घर लौट रहा था,बाइक पर आगे 07 साल की बच्ची सहित कुल 04 लोग सवार थे,तभी मोहना पुर गांव के पास मोड़ पर बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा कर खाई में गिर गई,हादसे में मटहिया गांव निवासी छोटे लाल उम्र करीब 40 वर्ष और सोना उम्र 07 साल की मौके पर ही मौत हो गई,वहीं दो लोग घायल हो गए, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस बुलाकर रमिया बेहड सीएचसी भिजवाया, जाकर डॉक्टर ने दो लोगों को मृतक घोषित कर दिया, और घायल दो लोगों को प्राथमिक उपचार करने के बाद जिला अस्पताल रेफर किया है।1
- पलिया क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक किसानों की फसलें रौंदी, वन विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश 05/02/2026 पलियाकलां-खीरी। पलिया क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे किसानों की मुश्किलें दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही हैं। क्षेत्र की ग्राम पंचायत पटिहन के अंतर्गत आने वाले ग्राम खुशीपुर में जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाते हुए कई किसानों की गन्ना व गेहूं की फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। इस घटना से क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों के झुंड ने बीती रात खेतों में घुसकर कन्हैया, संजय कुमार, जस्सा सिंह एवं रामसहारे सहित कई किसानों की एकड़ों फसल रौंद डाली। सुबह खेतों में पहुंचने पर जब किसानों ने अपनी मेहनत पर पानी फिरता देखा तो उनके होश उड़ गए। खेतों में हर तरफ गिरी पड़ी फसल और टूटे पौधे हाथियों की तबाही की गवाही दे रहे थे। किसानों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे कई बार वन विभाग से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हाथियों की लगातार बढ़ती गतिविधियों के बावजूद न तो निगरानी बढ़ाई गई और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बता दें कि पूर्व में हाथियों के हमलों से क्षेत्र के कई लोगों की जानें भी जा चुकी हैं।, इसके बावजूद वन विभाग की ओर से केवल आश्वासन ही दिए जाते रहे हैं। किसानों का आरोप है कि यदि जंगली जानवर उनकी फसलें बर्बाद कर दें तो कोई सुनवाई नहीं होती, लेकिन अगर गलती से भी किसी जानवर को नुकसान पहुंच जाए तो वन विभाग तत्काल मुकदमा दर्ज करा देता है। इस दोहरे रवैये से किसानों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग तत्काल प्रभाव से हाथियों को आबादी और खेती वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए ठोस कदम उठाए, मुआवजा व्यवस्था को सरल बनाए और स्थायी समाधान निकाले। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। क्षेत्र में बढ़ते हाथियों के आतंक से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ रहा है, बल्कि ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती जा रही है। अब देखना होगा कि वन विभाग इस गंभीर समस्या को लेकर कब तक ठोस कदम उठाता है।1
- जिला अधिकारी महोदया एक नजर विकासखंड बांकेगंज की ग्रंट नंबर 11 पर भी डालिए बुजुर्ग महिला से पत्रकार के सवाल पूछते ही फूट फूट कर रोने लगी बुजुर्ग महिला देखिए ऐसा क्या हुआ उस महिला के साथ..….1