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Raju Yadav
More news from Prayagraj and nearby areas
- Post by Raju Yadav1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के नैनी क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक पीड़ित महिला ने स्थानीय पुलिस के एक उच्च अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह रो-रोकर अपने साथ हुई आपबीती और संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ अपना बयान देती हुई दिखाई दे रही है।1
- प्रयागराज जिले में अगले 24 घंटों के भीतर तेज बारिश होने की संभावनाएं जताई गई हैं। इसके साथ ही, इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।1
- लखनऊ के पारा थाने में एक महिला सब-इंस्पेक्टर ने अपने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित महिला, जो स्वयं प्रयागराज में तैनात एक दरोगा है, ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया है कि वे इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हंस खेड़ा निवासी पीड़ित महिला दरोगा ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से पारा पुलिस से फरियाद कर रही थी, लेकिन पुलिस ने उनके मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। मुकदमा दर्ज न किए जाने पर वह अपने परिजनों के साथ थाने पहुंचीं। उन्होंने अपनी सास, ससुर, पति और नंनद पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला दरोगा ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि जब वह स्वयं एक दरोगा होकर और प्रयागराज में तैनात होने के बावजूद अपना मुकदमा दर्ज नहीं करवा पा रही हैं, तो आम लोगों का क्या होता होगा। उनका यह बयान पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।1
- सूरत के सचिन GIDC में, जहाँ पुलिस का डर होना चाहिए, वहाँ अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। आरोप है कि पुलिस स्वयं 'मूकदर्शक' बनी हुई है और कानून बूटलेगरों के पैरों तले पड़ा है। पार्थ पब्लिक स्कूल से मात्र 20 कदम की दूरी पर और सचिन GIDC पुलिस चौकी के ठीक सामने, बिना किसी डर के शराब और नशे का 'साम्राज्य' फल-फूल रहा है। इस इलाके में चर्चा है कि आम जनता भले ही परेशान हो, लेकिन पुलिस चौकी के कथित प्रशासक घनश्यामभाई के लिए यहाँ 'सब सलामत है' जैसा माहौल है। एक्साइज एक्ट के अनुसार, किसी भी स्कूल के 100 मीटर के दायरे में नशीली वस्तुएं नहीं होनी चाहिए, फिर भी यह 'मौत का कुआँ' 20 मीटर की दूरी पर कैसे खोदने दिया गया, यह एक बड़ा सवाल है। सैकड़ों मासूम बच्चे रोज़ यहाँ से गुज़रते हैं और छोटे-छोटे लड़के शराब और गांजे के नशे में बर्बाद हो रहे हैं, जिसके 'पाप का भागीदार' कौन है, इस पर भी गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। सचिन GIDC की गलियों में फिलहाल एक ही नाम की चर्चा है - नरेशभाई! लोगों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, इस क्षेत्र में कोई भी अवैध धंधा या शराब का अड्डा शुरू करने के लिए पुलिस स्टेशन नहीं, बल्कि 'नरेशभाई के कार्यालय' पर लाइन लगानी पड़ती है। कहा जाता है कि अड्डा चलाने वाला मुकेशभाई है, लेकिन उसे 'अभयदान' नरेशभाई ने ही दिया है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या सचिन पुलिस स्टेशन में शराब के सभी लेनदेन और परमिशन की फाइलें 'नरेशभाई की टेबल' से ही पास होती हैं, और इस 'नरेशब्रांड' सेटिंग के पीछे कौन से 'बड़े माथे' हैं। स्थानीय निवासियों, महिलाओं और अभिभावकों का गुस्सा अब हद से बाहर निकल गया है। उन्होंने स्पष्ट और खुली चेतावनी दी है कि यदि इस अड्डे को तुरंत खत्म नहीं किया गया, तो वे कानून को अपने हाथ में लेने पर मजबूर होंगे। उन्होंने घोषणा की है कि अपनी आने वाली पीढ़ी को बर्बाद होते देखने के बजाय, वे उग्र आंदोलन करके सड़कों पर उतरेंगे। न्यूज़ चैनलों के कैमरे और अखबारों की स्याही अब सचिन GIDC पुलिस स्टेशन और उच्च अधिकारियों की ओर मुड़ गई है। अब देखना यह होगा कि सूरत के जांबाज पुलिस कमिश्नर इस 'नरेश-मुकेश-घनश्याम' तिकड़ी की कथित मिलीभगत का भंडाफोड़ करते हैं या फिर शिक्षा के मंदिर पर शराब के 'काले दाग' यूँ ही लगे रहेंगे।4
- फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के कोहना मोहल्ले में गुरुवार देर रात एक युवक ने ग्राइंडर मशीन से अपना गला काटकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 30 वर्षीय शाहरुख उर्फ अतीक के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह पारिवारिक विवाद के चलते मानसिक तनाव में था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह जानकारी शुक्रवार दोपहर करीब 01 बजे सामने आई।1