आचार्य विद्यासागर संयम कीर्ति स्तम्भ का भूमिपूजन मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न “बिना पुरुषार्थ के लक्ष्य की प्राप्ति नहीं” — मुनि संस्कार सागर नगर का कोई भी धार्मिक स्थल सौंदर्यीकरण से अछूता न नही रहेगा -रायसिंह मेवाड़ा अलीपुर स्थित अरिहंतपुरम क्षेत्र में रविवार को परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज की स्मृति में प्रस्तावित संयम कीर्ति स्तम्भ का भूमिपूजन समारोह धार्मिक गरिमा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में परम पूज्य मुनि संस्कार सागर जी महाराज, क्षुल्लक कमल सागर जी महाराज ससंघ, ब्रह्मचारी श्रीपाल भैय्या एवं समाजजनों की विशेष उपस्थिति में आध्यात्मिक जैन भजन गायक शरद जैन ने संगीत के साथ आचार्य श्री की पूजन सम्पन्न करवाई। पूज्य मुनिश्री ने अक्षय तृतीया के पावन पर्व का महत्व बताया भगवान ऋषभदेव और राजा श्रेयांस से दान पर्व की शुरूआत हुई है । कार्यक्रम का शुभारंभ पाठशाला के बच्चों ने स्वागत गीत एवं आदिनाथ भगवान के अक्षय तृतीया दिवस पर इक्षु रस आहार प्रसंग के सुंदर चित्रण से किया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा आचार्य विद्यासागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन किया गया। साथ ही कोठरी में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय बेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के फ्लेक्स का भी विमोचन किया गया। पुरुषार्थ ही सफलता की कुंजी अपने आशीर्वचन में मुनिश्री संस्कार सागर महाराज ने कहा कि अक्षय तृतीया ऐसा पावन पर्व है, जो कभी क्षय नहीं होता। इसीदिन भगवान आदिनाथ का इक्षु रस से आहार हुआ था। जीवन में चाहे धन अर्जन करना हो या धर्म साधना, बिना पुरुषार्थ के किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है। आचार्य विद्यासागर जी महाराज का संयम, तप और साधना वर्तमान युग में प्रेरणास्रोत है। उनके संयम स्वर्ण अवसर पर संयम कीर्ति स्तम्भ का निर्माण समाज के लिए गौरव का विषय है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा उन्हें आचार्य विद्यासागर महाराज के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है। भले ही हमने भगवान को प्रत्यक्ष नहीं देखा, लेकिन दिगंबर जैन मुनियों की तपस्या में भगवान के स्वरूप का अनुभव होता है। उन्होंने मुनि भूतबली सागर महाराज का स्मरण करते हुए कहा उनके आशीर्वाद से ही वे इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उल्लेखनीय है कि मुनि भूतबली सागर महाराज का चातुर्मास एवं समाधि मरण आष्टा की पावन भूमि पर ही हुआ था।भूतबलि सागर जी महाराज ने अपने आशीर्वाद देते हुए मुझसे कहा था अपना धर्म संस्कृति नही छोड़ना, हम सबसे पहले हिन्दू है फिर हमारी अलग-अलग जाति है। गुरुजनों का हम पर बहुत बड़ा उपकार है, जो हम उनके बताए मार्ग के अनुसार अपना हर काम करते है। नगर पालिका परिषद के समस्त पार्षदगणों के सहयोग से नगर प्रवेश का मुख्य मार्ग अस्पताल चौराहा से बुधवारा मार्ग को हमने आचार्य विद्यासागर मार्ग नाम दिया है ओर इस वर्ष चातुर्मास हेतु मुनि संघ का मंगल नगर प्रवेश होगा हम उन्ही के कर कमलों से संयम कीर्ति स्तंभ का लोकार्पण करेंगे ।मुनि जनो के आशीर्वाद और प्रेरणा से विगत कई दिनों से हम कीर्ति स्तम्भ निर्माण हेतु नगर में उचित जगह की तलाश कर रहे थे ताकि आचार्य श्री की गौरव गाथा का यह कीर्ति स्तम्भ युगों-युगों तक उनकी गौरव गाथा गाता रहे और धर्म का प्रचार होता रहे। इस लिए हमने रेस्ट हाउस के पास मेन रोड पर दिगंबर जैन समाज के आग्रह पर जगह आवंटित की है, जिसका आज हम भूमि पूजन शिलान्यास करने जा रहे है। साथ ही नदी के घाट का भी सौंदर्यीकरण कार्य प्रगति पर है। प्राचीन धरोहर पांडुकशिला को भी हम लाल पत्थर से सुरक्षित कर सुंदर बनायेगे,जिससे नगर को नया स्वरूप मिलेगा। संयम कीर्ति स्तम्भ के मुख्य लाभार्थी मुकेश बड़जात्या ने बताया वे इस स्तम्भ का निर्माण अपनी माता स्व. गुलाब बाई बड़जात्या की स्मृति में करवा रहे हैं। समाज के पदाधिकारियों की सहमति से यह कार्य प्रारंभ किया गया है और भविष्य में भी उनका परिवार धार्मिक कार्यों में सहयोग करता रहेगा। इक्षु रस वितरण एवं व्यापक सहभागिता कार्यक्रम के उपरांत मूलचंदजी जैन जादूगर परिवार ने श्रद्धालुओं को इक्षु रस (गन्ने का रस) एवं फल वितरित किए। भूमिपूजन में विधायक गोपालसिंह इंजीनियर, जनपद उपाध्यक्ष गजराजसिंह मेवाड़ा, नपाध्यक्ष हेमकुंवर मेवाड़ा,रायसिंह मेवाड़ा, नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष राजकुमार मालवीय, लोकेंद्र बनवट, ललित नागोरी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे और शिला स्थापित कर पूजन में सहभागिता की। उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देशानुसार नगर पालिका परिषद द्वारा रेस्ट हाउस चौराहा, अलीपुर स्थित अरिहंतपुरम क्षेत्र में इस कीर्ति स्तम्भ के निर्माण हेतु भूमि आवंटित की गई है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में संयम, तप और पुरुषार्थ के मूल्यों को पुनर्स्थापित करने का प्रेरक अवसर भी सिद्ध हुआ।
आचार्य विद्यासागर संयम कीर्ति स्तम्भ का भूमिपूजन मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न “बिना पुरुषार्थ के लक्ष्य की प्राप्ति नहीं” — मुनि संस्कार सागर नगर का कोई भी धार्मिक स्थल सौंदर्यीकरण से अछूता न नही रहेगा -रायसिंह मेवाड़ा अलीपुर स्थित अरिहंतपुरम क्षेत्र में रविवार को परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज की स्मृति में प्रस्तावित संयम कीर्ति स्तम्भ का भूमिपूजन समारोह धार्मिक गरिमा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में परम पूज्य मुनि संस्कार सागर जी महाराज, क्षुल्लक कमल सागर जी महाराज ससंघ, ब्रह्मचारी श्रीपाल भैय्या एवं समाजजनों की विशेष उपस्थिति में आध्यात्मिक जैन भजन गायक शरद जैन ने संगीत के साथ आचार्य श्री की पूजन सम्पन्न करवाई। पूज्य मुनिश्री ने अक्षय तृतीया के पावन पर्व का महत्व बताया भगवान ऋषभदेव और राजा श्रेयांस से दान पर्व की शुरूआत हुई है । कार्यक्रम का शुभारंभ पाठशाला के बच्चों ने स्वागत गीत एवं आदिनाथ भगवान के अक्षय तृतीया दिवस पर इक्षु रस आहार प्रसंग के सुंदर चित्रण से किया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा आचार्य विद्यासागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन किया गया। साथ ही कोठरी में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय बेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के फ्लेक्स का भी विमोचन किया गया। पुरुषार्थ ही सफलता की कुंजी अपने आशीर्वचन में मुनिश्री संस्कार सागर महाराज ने कहा कि अक्षय तृतीया ऐसा पावन पर्व है, जो कभी क्षय नहीं होता। इसीदिन भगवान आदिनाथ का इक्षु रस से आहार हुआ था। जीवन में चाहे धन अर्जन करना हो या धर्म साधना, बिना पुरुषार्थ के किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है। आचार्य विद्यासागर जी महाराज का संयम, तप और साधना वर्तमान युग में प्रेरणास्रोत है। उनके संयम स्वर्ण अवसर पर संयम कीर्ति स्तम्भ का निर्माण समाज के लिए गौरव का विषय है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा उन्हें आचार्य विद्यासागर महाराज के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है। भले ही हमने भगवान को प्रत्यक्ष नहीं देखा, लेकिन दिगंबर जैन मुनियों की तपस्या में भगवान के स्वरूप का अनुभव होता है। उन्होंने मुनि भूतबली सागर महाराज का स्मरण करते हुए कहा उनके आशीर्वाद से ही वे इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उल्लेखनीय है कि मुनि भूतबली सागर महाराज का चातुर्मास एवं समाधि मरण आष्टा की पावन भूमि पर ही हुआ था।भूतबलि सागर जी महाराज ने अपने आशीर्वाद देते हुए मुझसे कहा था अपना धर्म संस्कृति नही छोड़ना, हम सबसे पहले हिन्दू है फिर हमारी अलग-अलग जाति है। गुरुजनों का हम पर बहुत बड़ा उपकार है, जो हम उनके बताए मार्ग के अनुसार अपना हर काम करते है। नगर पालिका परिषद के समस्त पार्षदगणों के सहयोग से नगर प्रवेश का मुख्य मार्ग अस्पताल चौराहा से बुधवारा मार्ग को हमने आचार्य विद्यासागर मार्ग नाम दिया है ओर इस वर्ष चातुर्मास हेतु मुनि संघ का मंगल नगर प्रवेश होगा हम उन्ही के कर कमलों से संयम कीर्ति स्तंभ का लोकार्पण करेंगे ।मुनि जनो के आशीर्वाद और प्रेरणा से विगत कई दिनों से हम कीर्ति स्तम्भ निर्माण हेतु नगर में उचित जगह की तलाश कर रहे थे ताकि आचार्य श्री की गौरव गाथा का यह कीर्ति स्तम्भ युगों-युगों तक उनकी गौरव गाथा गाता रहे और धर्म का प्रचार होता रहे। इस लिए हमने रेस्ट हाउस के पास मेन रोड पर दिगंबर जैन समाज के आग्रह पर जगह आवंटित की है, जिसका आज हम भूमि पूजन शिलान्यास करने जा रहे है। साथ ही नदी के घाट का भी सौंदर्यीकरण कार्य प्रगति पर है। प्राचीन धरोहर पांडुकशिला को भी हम लाल पत्थर से सुरक्षित कर सुंदर बनायेगे,जिससे नगर को नया स्वरूप मिलेगा। संयम कीर्ति स्तम्भ के मुख्य लाभार्थी मुकेश बड़जात्या ने बताया वे इस स्तम्भ का निर्माण अपनी माता स्व. गुलाब बाई बड़जात्या की स्मृति में करवा रहे हैं। समाज के पदाधिकारियों की सहमति से यह कार्य प्रारंभ किया गया है और भविष्य में भी उनका परिवार धार्मिक कार्यों में सहयोग करता रहेगा। इक्षु रस वितरण एवं व्यापक सहभागिता कार्यक्रम के उपरांत मूलचंदजी जैन जादूगर परिवार ने श्रद्धालुओं को इक्षु रस (गन्ने का रस) एवं फल वितरित किए। भूमिपूजन में विधायक गोपालसिंह इंजीनियर, जनपद उपाध्यक्ष गजराजसिंह मेवाड़ा, नपाध्यक्ष हेमकुंवर मेवाड़ा,रायसिंह मेवाड़ा, नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष राजकुमार मालवीय, लोकेंद्र बनवट, ललित नागोरी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे और शिला स्थापित कर पूजन में सहभागिता की। उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देशानुसार नगर पालिका परिषद द्वारा रेस्ट हाउस चौराहा, अलीपुर स्थित अरिहंतपुरम क्षेत्र में इस कीर्ति स्तम्भ के निर्माण हेतु भूमि आवंटित की गई है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में संयम, तप और पुरुषार्थ के मूल्यों को पुनर्स्थापित करने का प्रेरक अवसर भी सिद्ध हुआ।
- नगर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए नगर निरीक्षक श्री गिरीश दुबे से नगर के प्रमुख जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने चर्चा की। इस बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा, मुकेश नामदेव, हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष नारायण भुरू मुकाती एवं राष्ट्रीय बजरंग दल प्रमुख दीपक राठौड़ आदि उपस्थित रहे। चर्चा के दौरान नगर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र बड़ा बाजार एवं बुधवारा मार्ग पर विवाह समारोहों के चलते बढ़ते ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्था पर प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि चार पहिया वाहनों के बाजार क्षेत्र में प्रवेश करने से आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए T I श्री गिरीश दुबे ने तत्काल यातायात अधिकारी को निर्देश दिए कि सुबह 8:00 बजे से रात 9:00 बजे तक बड़ा बाजार एवं बुधवारा रोड पर चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए। साथ ही, इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए । मिलने वाले प्रतिनिधि मंडल में क्षैत्र के व्यापारिक प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाता तो पानी की गाड़ी, गैस सिलेंडर की गाड़ी, नपा की प्रधानमंत्री मोदी जी के स्वच्छता अभियान की कचरा लेने वाली गाड़ी आदि को प्रातः 10.00बजे तक अपने वाहन बाजार में अपने कार्य को अंजाम दें। बाजार क्षेत्र में यातायात सुचारू बनाएं रखने के लिए माता पूजन में बैंड बाजों के साथ चलने वाला वाहन अधिक जाम लगा रहे हैं। निश्चय ही नगर निरीक्षक श्री दुबे ने एक अच्छी पहल की, बेरिकेडिंग के पास यातायात पुलिस कर्मी चार पहिया वाहन चालकों को बैरीकेट हटाने से रोक सकते है। बैठक में शादी-विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में ध्वनि यंत्र के उपयोग को लेकर हुई चर्चा में ध्वनि यंत्रों का उपयोग सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही किया जाए, ताकि ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रहे और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस पर सभी ने सहमति व्यक्त करते हुए नियमों के पालन की अपील की।2
- राजगढ़ से कालापीपल में आई हेलीकॉप्टर से बारात!! मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ग्राम निपानिया गढ़ी के सरपंच के बेटे अनमोल की बारात जब हेलीकॉप्टर से कालापीपल के ग्राम कोहड़ी पहुँची, तो पूरे इलाके में हलचल मच गई। दूल्हे की इस शाही एंट्री और अनमोल-अर्पिता के विवाह के इस अनोखे अंदाज को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। आसमान से जमीन पर उतरी इस बारात ने शादी के जश्न को ऐतिहासिक बना दिया, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है। इस भव्य आयोजन ने न सिर्फ खुशियां बिखेरीं, बल्कि यह शादी क्षेत्र की सबसे चर्चित शादियों में शुमार हो गई है। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से रिपोर्टर जितेन्द्र कुमार पाटीदार की विशेष रिपोर्ट,📌📍1
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- जिला स्तरीय कराटे चैंपियनशिप इंदौर के बड़ा नेहरू स्टेडियम में रखी गई वही दस्तक पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 4 स्वर्ण पदक,(गोल्ड मेडल) एवं 2 रजत पदक (सिल्वर मेडल)1 कांस्य पदक ( ब्रॉन्ज मैडम( हासिल किए। विद्यालय की 9 वर्षीय अनाबिया खान एवं 12 वर्षीय शबनूर खान ने शानदार खेल का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) हासिल किया इसके साथ ही अक्सा ज़िन्दरान ने रजत पदक (Silver Medal) प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। वहीं महम खान, शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक दस्तक पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर श्री अबरार सर ने एवं विद्यालय के प्रिंसिपल श्री मजीद शेख़ ने सभी विजेताओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। प्रतियोगिता का शुभारंभ फ़ुनाकोशी शोतोकान कराटे एकेडमी के चीफ सिहान अशोक सेन , एवं श्री मोना लीसा, सीनियर रश्मि ,जी दीपक कर्दम,दस्तक पब्लिक स्कूल की ओर से सीनियर कोच फारुख शेख शाउपस्थित रहे।4
- Post by Naved khan1
- *प्रेस नोट...* *ईको फ्रेंडली संपन्न हुआ राठौर समाज का सामूहिक विवाह एवं परिचय सम्मेलन* -पर्यावरण के अनुकूल सम्मेलन का आयोजन -प्लास्टिक मुक्त संपन्न पूरा सम्मेलन -तांबे, स्टील के लोटे से पानी पीने की व्यवस्था -कागज से बने डिस्पोजल का होगा इस्तेमाल -प्लास्टिक से बने डिस्पोजल पर प्रतिबंध रहा -कागज की बचत करते हुए डिजिटल निमंत्रण -कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा -दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा को लेकर जागरूकता -ईरान युद्ध के चलते लकड़ी भट्टी को किया उपयोग ---------------------- राठौर संघ भोपाल ने सामूहिक विवाह एवं परिचय सम्मेलन पर्यावरण के अनुकूल तरीकों से आयोजित किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य सिर्फ सामाजिक या सांस्कृतिक तक सीमित नहीं होता, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना भी होता है। सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए पर्यावरण के तहत कई मुख्य बातों को ध्यान रखा गया। यह आयोजन 20 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया) को पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थान, दशहरा मैदान, कलियासोत डेम, नेहरू नगर, भोपाल में संपन्न हुआ। राठौर संघ भोपाल ने समाज के लोगों से मिली सहायता और दान राशि से सामूहिक विवाह एवं परिचय सम्मेलन का आयोजन किया। इस दौरान समाज की एक पत्रिका का प्रकाशन भी किया गया। राठौर संघ के अनुसार परिचय सम्मेलन में लगभग 250 युवक, युवतियां अपना परिचय दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8:00 बजे दीप प्रज्वलन एवं श्री गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके बाद सुबह 9:00 बजे से 12:00 बजे तक परिचय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। परिचय सम्मेलन के बाद वैदिक रीति-रिवाजों से सामूहिक विवाह संस्कार संपन्न हुआ। इस अवसर पर नव दंपतियों को आशीर्वाद, अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन और विदाई समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान स्वल्पाहार और भोजन की भी व्यवस्था भी की गई थी। साथ ही इस सम्मेलन में दहेज जैसी कुप्रथा को लेकर समाज को जागरूक भी किया गया। *ईरान युद्ध के चलते लकड़ी भट्टी का फैसला...* ईरान युद्ध के बाद घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल को लेकर बनी स्थिति के मद्देनजर राठौर समाज ने लकड़ी भट्टी का फैसला लिया। सम्मेलन में बनने वाला भोजन अधिकांश लकड़ी की भट्टियों पर बनाया गया। *ईको फ्रेंडली संपन्न हुआ सम्मेलन...* राठौर संघ भोपाल ने सामूहिक विवाह एवं परिचय सम्मेलन को पूरी तरह पर्यावरण को समर्पित किया। पर्यावरण के अनुकूलता के अनुसार आयोजन किया। आयोजन को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त करने की कोशिश की गई। सम्मेलन में प्लास्टिक डिस्पोजल का नहीं, बल्कि कागज से बने डिस्पोजल का इस्तेमाल किया गया। इतना ही नहीं पानी पीने के लिए प्लास्टिक के ग्लास नहीं, बल्कि स्टील और तांबे के लोटे का उपयोग किया गया। *स्वच्छता का रखा पूरा ध्यान...* समारोह के दौरान स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा गया। कार्यक्रम स्थल पर गंदगी और कचरा ना फैले। इसके लिए राठौर समाज की एक टीम ने साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा। कार्यक्रम स्थल पर होने वाले कचरे को तत्काल हटाया गया। इतना ही नहीं कार्यक्रम के बाद भी कार्यक्रम स्थल को क्लीन भी किया गया। *निवेदन...* राज कुमार राठौर (राजू), अध्यक्ष, राठौर संघ भोपाल संतोष राठौर (वसंत), उपाध्यक्ष मदनलाल राठौर, कार्यक्रम अध्यक्ष गणेश राठौर, कोषाध्यक्ष जीएल राठौर महामंत्री समस्त राठौर समाज टीम *1
- शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाना प्रभारी ने सीएम हेल्पलाइन की 51 में से 49 शिकायतों को संतुष्टि के साथ बंद कराया1
- कालापीपल : कालापीपल शुजालपुर रोड पर कार्य प्रगति पर हे!! और जिस से आम लोगों को जो आने जाने मे परेशानी होती थी उस से अब लोगों को आने जाने मे सुविधा ho जाएगी!! मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से रिपोर्टर जितेन्द्र कुमार पाटीदार की विशेष रिपोर्ट,📌📍1