उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन वोटों के नेतृत्व को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और आजाद समाज पार्टी के बीच खींचतान तेज हो गई है। हाल ही में एक रैली के दौरान बसपा नेता आकाश आनंद ने युवाओं को संबोधित करते हुए एक विपक्षी नेता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए आरोप लगाया कि कुछ लोग केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए दलित और पिछड़े वर्ग के युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। आकाश आनंद ने कहा कि एक आदमी ऐसा है जो युवाओं को भड़काता है, उन्हें सड़कों पर उतारता है और खुद पीछे हट जाता है। इसका नतीजा यह होता है कि सीधे-साधे युवाओं पर पुलिस मुकदमे लग जाते हैं और उनका भविष्य बर्बाद हो जाता है, जबकि वह आदमी खुद को बड़ा नेता साबित करने में जुट जाता है। उन्होंने युवाओं को ऐसे लोगों से सावधान रहने की सलाह दी जो उन्हें फंसाने का काम करते हैं। इस बयान को सीधे तौर पर आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद की राजनीति पर प्रहार माना जा रहा है, जो अक्सर धरना-प्रदर्शनों और आंदोलनों के जरिए युवाओं को लामबंद करते हैं। इस सियासी जंग के पीछे दो मुख्य कारण देखे जा रहे हैं। पहला कारण नगीना लोकसभा सीट से चंद्रशेखर आजाद की जीत के बाद बसपा खेमे में बढ़ी बेचैनी है, जिससे बसपा को अपना पारंपरिक दलित युवा वोटर छिटकने का डर सता रहा है। दूसरा कारण मायावती के बाद बहुजन समाज के नेतृत्व की होड़ है, जिसमें आकाश आनंद खुद को कानून के दायरे में काम करने वाले पढ़े-लिखे नेता के रूप में पेश कर रहे हैं, जबकि चंद्रशेखर को अस्थिर और आंदोलनकारी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। जहां बसपा चंद्रशेखर की आक्रामक शैली को युवाओं के लिए 'खतरनाक' बता रही है, वहीं आजाद समाज पार्टी के समर्थक इसे बसपा की 'हताशा' कह रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान उन दलित परिवारों को प्रभावित कर सकता है जो बच्चों पर कोर्ट-कचहरी और मुकदमों से डरते हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन वोटों के नेतृत्व को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और आजाद समाज पार्टी के बीच खींचतान तेज हो गई है। हाल ही में एक रैली के दौरान बसपा नेता आकाश आनंद ने युवाओं को संबोधित करते हुए एक विपक्षी नेता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए आरोप लगाया कि कुछ लोग केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए दलित और पिछड़े वर्ग के युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। आकाश आनंद ने कहा कि एक आदमी ऐसा है जो युवाओं को भड़काता है, उन्हें सड़कों पर उतारता है और खुद पीछे हट जाता है। इसका नतीजा यह होता है कि सीधे-साधे युवाओं पर पुलिस मुकदमे लग जाते हैं और उनका भविष्य बर्बाद हो जाता है, जबकि वह आदमी खुद को बड़ा नेता साबित करने में जुट जाता है। उन्होंने युवाओं को ऐसे लोगों से सावधान रहने की सलाह दी जो उन्हें फंसाने का काम करते हैं। इस बयान को सीधे तौर पर आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद की राजनीति पर प्रहार माना जा रहा है, जो अक्सर धरना-प्रदर्शनों और आंदोलनों के जरिए युवाओं को लामबंद करते हैं। इस सियासी जंग के पीछे दो मुख्य कारण देखे जा रहे हैं। पहला कारण नगीना लोकसभा सीट से चंद्रशेखर आजाद की जीत के बाद बसपा खेमे में बढ़ी बेचैनी है, जिससे बसपा को अपना पारंपरिक दलित युवा वोटर छिटकने का डर सता रहा है। दूसरा कारण मायावती के बाद बहुजन समाज के नेतृत्व की होड़ है, जिसमें आकाश आनंद खुद को कानून के दायरे में काम करने वाले पढ़े-लिखे नेता के रूप में पेश कर रहे हैं, जबकि चंद्रशेखर को अस्थिर और आंदोलनकारी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। जहां बसपा चंद्रशेखर की आक्रामक शैली को युवाओं के लिए 'खतरनाक' बता रही है, वहीं आजाद समाज पार्टी के समर्थक इसे बसपा की 'हताशा' कह रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान उन दलित परिवारों को प्रभावित कर सकता है जो बच्चों पर कोर्ट-कचहरी और मुकदमों से डरते हैं।
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अतिक्रमण हटाने को लेकर भारतीय किसान यूनियन द्वारा धरना दिया जा रहा है। इस संबंध में किसान यूनियन के पदाधिकारी ने अपनी मांग भी उठाई है।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में फुटपाथ पर अपने माता-पिता के साथ सो रही डेढ़ साल की बच्ची को चोरी करने के मामले का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपियों द्वारा इस मासूम बच्ची का ₹2.5 लाख में सौदा करने की तैयारी की जा रही थी, जिसे पुलिस ने ऐन वक्त पर नाकाम कर दिया। यह वारदात बीते 13 जुलाई की रात को अंजाम दी गई थी। इस मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 150 सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली और सर्विलांस की मदद ली। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने एक डॉक्टर समेत पांच आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान ऋषभ कश्यप, रोहित पासी, मो. सुल्तान, मो. इरशाद और श्याम जी यादव के रूप में की गई है। गिरफ्त में आए आरोपियों ने बच्ची का ₹2.5 लाख में सौदा करने की बात कबूल कर ली है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आरती पाल ने पूर्व विधायक पूजा पाल और उनके परिवार पर जमीन कब्जा करने और अवैध संपत्ति रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरती पाल का दावा है कि उन्होंने पूजा पाल के परिवार का "इतिहास" खोलकर रख दिया है। इन आरोपों के मुताबिक, प्रयागराज में सरकारी और निजी जमीनों पर अवैध कब्जा किया गया और कई बेनामी सौदों के जरिए इन जमीनों को अपने नाम कराया गया। इसके अलावा, आरती पाल ने आरोप लगाया है कि पूजा पाल के परिवार के विभिन्न बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा हैं, जिसकी जांच उन्होंने ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और आयकर विभाग से कराने की मांग की है। यह नया विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पूजा पाल पहले से ही राजू पाल हत्याकांड की वजह से सुर्खियों में रही हैं, जिस मामले में मार्च 2024 में सीबीआई कोर्ट ने सजा भी सुनाई थी। आरती पाल ने सोशल मीडिया और स्थानीय मंचों पर इन आरोपों से संबंधित दस्तावेज दिखाने की बात भी कही है। हालांकि, अभी तक इस मामले में पूजा पाल की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही प्रशासन या किसी जांच एजेंसी ने इन आरोपों की पुष्टि की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रयागराज में साल 2024 के बाद से बदले सियासी समीकरणों के बीच ये आरोप चुनावी माहौल को और गर्मा सकते हैं। अब जनता और कार्यकर्ताओं को इस बात का इंतजार है कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा किया है। डीजीपी उत्तर प्रदेश के निर्देश पर राज्यभर में ऑनलाइन ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान के तहत प्रयागराज साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस ने कुल 182 शिकायतों का विश्लेषण किया, जिसके बाद देश के 16 राज्यों में फैले साइबर ठगी के इस नेटवर्क का पता चला। इस जांच के दौरान पुलिस ने 124 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की है। शुरुआती जांच में सामने आया कि कई लोग कमीशन के लालच में आकर अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को दे रहे थे, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने और अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने ऐसे 18 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की है, जिनमें प्रारंभिक तौर पर करीब 110 करोड़ रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है। इस मामले में प्रयागराज के मुट्ठीगंज, पुरामुफ्ती, धूमनगंज, कोरांव, कीडगंज, सिविल लाइंस और साइबर क्राइम थाना सहित विभिन्न थानों में कुल 18 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अभी शुरुआती दौर में है और अपराधियों के बैकवर्ड तथा फॉरवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं ताकि इस पूरे नेटवर्क के मुख्य मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या मोबाइल नंबर किसी दूसरे को न दें, अन्यथा ऐसा करने वाले भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के लिए तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या NCRP पोर्टल पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।1
- प्रयागराज के सिविल लाइंस नवाब युसूफ रोड स्थित बस अड्डे मस्जिद में इमाम हुसैन की याद में आयोजित खिचड़े के लंगर में शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन बाजपेई शरीक हुए। मस्जिद पहुंचने पर विधायक का जोरदार स्वागत किया गया, जहां बड़ी संख्या में उनके चाहने वाले और मानने वाले पहुंचे। इस दौरान विधायक ने लोगों से अपना प्यार इसी तरह बनाए रखने की अपील की। इस अवसर पर विधायक हर्षवर्धन बाजपेई ने कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इमाम हुसैन का लंगर है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में हर कोई शरीक नहीं हो सकता; जिसे मौला इमाम हुसैन बुलाते हैं, वही आ सकता है और यह बड़े नसीब की बात होती है। वहीं, मस्जिद के इमाम हाफिज जुल्फेकार ने आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए कहा कि इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि इस लंगर को हर धर्म के लोग खा सकें। इस कार्यक्रम को कमेटी के लोगों की देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। इस मौके पर आसिफ चौहान, मोहम्मद मुजीब, शाहनवाज अहमद, हाफिज मोहम्मद जाकिर, नायब अत्तारी, रिजवान अत्तारी, 14 पीर के सुल्तान बाबा, डॉ. फिरोज अहमद और मोहम्मद अरशद सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।1
- बेंगलुरु की विमैग लैब्स ने पूरी तरह से स्वदेशी मैग्नेट-फ्री इलेक्ट्रिक मोटर के लिए पांचवां पेटेंट हासिल किया है। इस मोटर में मैग्नेट की कोई जरूरत नहीं होती है।1
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जीएसटी उपायुक्त अंबिका को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।1