उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा किया है। डीजीपी उत्तर प्रदेश के निर्देश पर राज्यभर में ऑनलाइन ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान के तहत प्रयागराज साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस ने कुल 182 शिकायतों का विश्लेषण किया, जिसके बाद देश के 16 राज्यों में फैले साइबर ठगी के इस नेटवर्क का पता चला। इस जांच के दौरान पुलिस ने 124 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की है। शुरुआती जांच में सामने आया कि कई लोग कमीशन के लालच में आकर अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को दे रहे थे, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने और अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने ऐसे 18 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की है, जिनमें प्रारंभिक तौर पर करीब 110 करोड़ रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है। इस मामले में प्रयागराज के मुट्ठीगंज, पुरामुफ्ती, धूमनगंज, कोरांव, कीडगंज, सिविल लाइंस और साइबर क्राइम थाना सहित विभिन्न थानों में कुल 18 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अभी शुरुआती दौर में है और अपराधियों के बैकवर्ड तथा फॉरवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं ताकि इस पूरे नेटवर्क के मुख्य मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या मोबाइल नंबर किसी दूसरे को न दें, अन्यथा ऐसा करने वाले भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के लिए तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या NCRP पोर्टल पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा किया है। डीजीपी उत्तर प्रदेश के निर्देश पर राज्यभर में ऑनलाइन ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान के तहत प्रयागराज साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस ने कुल 182 शिकायतों का विश्लेषण किया, जिसके बाद देश के 16 राज्यों में फैले साइबर ठगी के इस नेटवर्क का पता चला। इस जांच के दौरान पुलिस ने 124 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की है। शुरुआती जांच में सामने आया कि कई लोग कमीशन के लालच में आकर अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को दे रहे थे, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने और अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने ऐसे 18 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की है, जिनमें प्रारंभिक तौर पर करीब 110 करोड़ रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है। इस मामले में प्रयागराज के मुट्ठीगंज, पुरामुफ्ती, धूमनगंज, कोरांव, कीडगंज, सिविल लाइंस और साइबर क्राइम थाना सहित विभिन्न थानों में कुल 18 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अभी शुरुआती दौर में है और अपराधियों के बैकवर्ड तथा फॉरवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं ताकि इस पूरे नेटवर्क के मुख्य मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या मोबाइल नंबर किसी दूसरे को न दें, अन्यथा ऐसा करने वाले भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के लिए तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या NCRP पोर्टल पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
- प्रयागराज के कीडगंज से गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाएगी। क्राइम एक्सपर्ट न्यूज़ के प्रधान संपादक रंजीत कुमार सोनकर के अनुसार, मंदिर से शुरू होकर यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए गुजरेगी, जिसमें श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए भगवान का रथ खींचेंगे। इसके अलावा, शहर के अन्य क्षेत्रों में भी अलग-अलग स्थानों से रथ यात्राएं निकाली जाएंगी। इस बड़े आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा किया है। डीजीपी उत्तर प्रदेश के निर्देश पर राज्यभर में ऑनलाइन ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान के तहत प्रयागराज साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस ने कुल 182 शिकायतों का विश्लेषण किया, जिसके बाद देश के 16 राज्यों में फैले साइबर ठगी के इस नेटवर्क का पता चला। इस जांच के दौरान पुलिस ने 124 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की है। शुरुआती जांच में सामने आया कि कई लोग कमीशन के लालच में आकर अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को दे रहे थे, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने और अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने ऐसे 18 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की है, जिनमें प्रारंभिक तौर पर करीब 110 करोड़ रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है। इस मामले में प्रयागराज के मुट्ठीगंज, पुरामुफ्ती, धूमनगंज, कोरांव, कीडगंज, सिविल लाइंस और साइबर क्राइम थाना सहित विभिन्न थानों में कुल 18 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अभी शुरुआती दौर में है और अपराधियों के बैकवर्ड तथा फॉरवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं ताकि इस पूरे नेटवर्क के मुख्य मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या मोबाइल नंबर किसी दूसरे को न दें, अन्यथा ऐसा करने वाले भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के लिए तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या NCRP पोर्टल पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में राज्य आयुक्त दिव्यांगजन की मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया, जहां मौके पर ही दिव्यांगजनों की शिकायतों को सुना गया। इस दौरान मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में सिराथू विधानसभा सीट से विधायक पल्लवी पटेल ने एक कार्यक्रम में जाते समय अपनी गाड़ी रुकवाकर खेत में धान की रोपाई की। उन्होंने सिराथू की बड़ी ग्रामसभा कोखराज गांव में धान की रोपाई कर रही महिलाओं के पास जाकर फसल को लेकर चर्चा की। पल्लवी पटेल खुद कीचड़ भरे खेत में उतरीं और धान लगाते हुए महिलाओं व किसानों की विभिन्न समस्याओं को जाना। किसानों के समर्थन में बात करते हुए विधायक पल्लवी पटेल ने कहा कि इस देश की असली पहचान हमारे किसान हैं। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि किसान दिन-रात कड़ी मेहनत करके फसल उगाता है, लेकिन उसे उसकी मेहनत की सही कीमत नहीं मिल पाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक लोगों को किसानों की इस कड़ी मेहनत का अहसास नहीं होगा, तब तक उन्हें उनकी फसल का सही दाम मिलना मुश्किल है।1
- प्रयागराज साइबर क्राइम पुलिस ने 16 राज्यों से जुड़े साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क को खंगालते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की जांच टीम ने कुल 182 NCRP शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए 124 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की है। इस जांच में साइबर फ्रॉड के 18 संदिग्ध बैंक खातों का पता चला है, जिनमें प्राथमिक तौर पर करीब 110 करोड़ रुपये के भारी-भरकम लेनदेन की बात सामने आई है। पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि हिरासत में लिए गए लोग महज कमीशन के लालच में साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी से कमाए गए करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन के लिए किया जाता था। बैंक खातों की सत्यता की पुष्टि होने के बाद प्रयागराज के विभिन्न थानों जैसे मुट्ठी गंज, पुरामुफ़्ती, धूमनगंज, कोरांव, कीटगंज, सिविल लाइन्स और विशेष साइबर थाने में कुल 18 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब इस मामले के मुख्य अपराधियों तक पहुंचने के लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की गहराई से जांच कर रही है।1
- प्रयागराज के हंडिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत बनारस-कानपुर हाईवे पर समय रहते ड्राइवर की तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। यहाँ 40,000 लीटर से ज्यादा इथेनॉल लेकर जा रहे एक टैंकर में अचानक रिसाव शुरू हो गया था। टैंकर में लीकेज होते ही ड्राइवर ने तत्परता दिखाई और तुरंत एक खाली जगह देखकर गाड़ी को वहाँ खड़ा कर दिया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने चार गाड़ियों की मदद से इथेनॉल के रिसाव पर काबू पा लिया।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नैनी क्षेत्र के महेवा स्थित टीसीआई चौराहे पर बुधवार सुबह प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण अभियान के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चले बुलडोजर ने कई दुकानों और मकानों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए खान चौराहे से राजपूत ढाबे तक कुछ समय के लिए यातायात भी रोक दिया गया था। ध्वस्तीकरण की इस प्रक्रिया में कई व्यापारियों का सामान भी मलबे में दब गया। प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित व्यापारियों को सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य के लिए काफी पहले ही नोटिस जारी कर दिए गए थे और यह पूरी कार्रवाई नियमानुसार की गई है। वहीं, कार्रवाई समाप्त होने के बाद प्रभावित व्यापारी अपने टूटे हुए मकानों और दुकानों के मलबे से घरेलू सामान, आवश्यक दस्तावेज और अन्य जरूरी सामग्री निकालते दिखाई दिए। इस दौरान कई व्यापारियों ने अपनी आजीविका छिनने और हुए नुकसान को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित जॉर्ज टाउन में अधिवक्ताओं के विरुद्ध दर्ज किए गए फर्जी मुकदमा अपराध संख्या 112/26 को स्पंज कर दिया गया है। इसके साथ ही, अधिवक्ताओं की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और मामले में कार्रवाई करते हुए एसएचओ को लाइन हाजिर कर दिया गया है।1