नर्मदापुरम पुलिस अधीक्षक साईंकृष्णा एस. थोटा के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के नेतृत्व में नर्मदापुरम पुलिस द्वारा जिलेभर में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान एवं नशामुक्ति जन-जागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत सड़क सुरक्षा और साइबर अपराधों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में, नर्मदा वैली विद्यालय में छात्र-छात्राओं और विद्यालय प्रबंधन के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) संतोष मिश्रा ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के महत्व, यातायात नियमों के पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा सुरक्षित यातायात व्यवहार के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सड़क सुरक्षा को केवल नियमों का पालन करने तक सीमित न मानकर प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी बताया और विद्यार्थियों से स्वयं नियमों का पालन करने के साथ-साथ अपने माता-पिता व परिजनों को भी हेलमेट तथा सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की गोल्डन ऑवर में सहायता और सीपीआर की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया। श्री मिश्रा ने अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जहां अमेरिका में औसतन 53 सड़क दुर्घटनाओं पर एक मृत्यु होती है और जापान में लगभग 103 दुर्घटनाओं पर एक मृत्यु होती है, वहीं भारत में लगभग प्रत्येक 2.85 सड़क दुर्घटनाओं पर एक व्यक्ति अपनी जान गंवा देता है, जिसे उन्होंने एक चिंताजनक स्थिति बताया और सभी नागरिकों से अधिक जिम्मेदारी, अनुशासन तथा यातायात नियमों के पालन की अपेक्षा की। इस अवसर पर, विद्यालय प्रबंधन एवं स्कूल बस संचालकों को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित स्कूल बस सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई और उनके पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। उन्हें इमरजेंसी एग्जिट, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, सुरक्षा जाली और महिला सहायक सहित अन्य सुरक्षा प्रावधानों के बारे में बताया गया। इसके अतिरिक्त, बस चालकों से अपील की गई कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, वाहनों में ओवरलोडिंग न करें, बच्चों को सुरक्षित ढंग से चढ़ाएं व उतारें, यात्रा के दौरान किसी भी बच्चे का हाथ या शरीर का कोई भाग वाहन के बाहर न रहने दें, तथा वाहन के समस्त वैध दस्तावेज एवं ड्राइविंग लाइसेंस सदैव अपने साथ रखें। नर्मदापुरम पुलिस का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि जागरूकता के माध्यम से दुर्घटनाओं की रोकथाम करना, जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करना है। इसी व्यापक उद्देश्य के साथ, जिलेभर में इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर अधिक से अधिक लोगों के जीवन को सुरक्षित किया जा सके।
नर्मदापुरम पुलिस अधीक्षक साईंकृष्णा एस. थोटा के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के नेतृत्व में नर्मदापुरम पुलिस द्वारा जिलेभर में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान एवं नशामुक्ति जन-जागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत सड़क सुरक्षा और साइबर अपराधों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में, नर्मदा वैली विद्यालय में छात्र-छात्राओं और विद्यालय प्रबंधन के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) संतोष मिश्रा ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के महत्व, यातायात नियमों के पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा सुरक्षित यातायात व्यवहार के बारे
में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सड़क सुरक्षा को केवल नियमों का पालन करने तक सीमित न मानकर प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी बताया और विद्यार्थियों से स्वयं नियमों का पालन करने के साथ-साथ अपने माता-पिता व परिजनों को भी हेलमेट तथा सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की गोल्डन ऑवर में सहायता और सीपीआर की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया। श्री मिश्रा ने अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जहां अमेरिका में औसतन 53 सड़क दुर्घटनाओं पर एक मृत्यु होती है और जापान में लगभग 103 दुर्घटनाओं पर एक मृत्यु
होती है, वहीं भारत में लगभग प्रत्येक 2.85 सड़क दुर्घटनाओं पर एक व्यक्ति अपनी जान गंवा देता है, जिसे उन्होंने एक चिंताजनक स्थिति बताया और सभी नागरिकों से अधिक जिम्मेदारी, अनुशासन तथा यातायात नियमों के पालन की अपेक्षा की। इस अवसर पर, विद्यालय प्रबंधन एवं स्कूल बस संचालकों को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित स्कूल बस सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई और उनके पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। उन्हें इमरजेंसी एग्जिट, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, सुरक्षा जाली और महिला सहायक सहित अन्य सुरक्षा प्रावधानों के बारे में बताया गया। इसके अतिरिक्त, बस चालकों से अपील की गई कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन
करें, वाहनों में ओवरलोडिंग न करें, बच्चों को सुरक्षित ढंग से चढ़ाएं व उतारें, यात्रा के दौरान किसी भी बच्चे का हाथ या शरीर का कोई भाग वाहन के बाहर न रहने दें, तथा वाहन के समस्त वैध दस्तावेज एवं ड्राइविंग लाइसेंस सदैव अपने साथ रखें। नर्मदापुरम पुलिस का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि जागरूकता के माध्यम से दुर्घटनाओं की रोकथाम करना, जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करना है। इसी व्यापक उद्देश्य के साथ, जिलेभर में इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर अधिक से अधिक लोगों के जीवन को सुरक्षित किया जा सके।
- नर्मदापुरम पुलिस अधीक्षक साईंकृष्णा एस. थोटा के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के नेतृत्व में नर्मदापुरम पुलिस द्वारा जिलेभर में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान एवं नशामुक्ति जन-जागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत सड़क सुरक्षा और साइबर अपराधों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में, नर्मदा वैली विद्यालय में छात्र-छात्राओं और विद्यालय प्रबंधन के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) संतोष मिश्रा ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के महत्व, यातायात नियमों के पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा सुरक्षित यातायात व्यवहार के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सड़क सुरक्षा को केवल नियमों का पालन करने तक सीमित न मानकर प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी बताया और विद्यार्थियों से स्वयं नियमों का पालन करने के साथ-साथ अपने माता-पिता व परिजनों को भी हेलमेट तथा सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की गोल्डन ऑवर में सहायता और सीपीआर की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया। श्री मिश्रा ने अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जहां अमेरिका में औसतन 53 सड़क दुर्घटनाओं पर एक मृत्यु होती है और जापान में लगभग 103 दुर्घटनाओं पर एक मृत्यु होती है, वहीं भारत में लगभग प्रत्येक 2.85 सड़क दुर्घटनाओं पर एक व्यक्ति अपनी जान गंवा देता है, जिसे उन्होंने एक चिंताजनक स्थिति बताया और सभी नागरिकों से अधिक जिम्मेदारी, अनुशासन तथा यातायात नियमों के पालन की अपेक्षा की। इस अवसर पर, विद्यालय प्रबंधन एवं स्कूल बस संचालकों को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित स्कूल बस सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई और उनके पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। उन्हें इमरजेंसी एग्जिट, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, सुरक्षा जाली और महिला सहायक सहित अन्य सुरक्षा प्रावधानों के बारे में बताया गया। इसके अतिरिक्त, बस चालकों से अपील की गई कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, वाहनों में ओवरलोडिंग न करें, बच्चों को सुरक्षित ढंग से चढ़ाएं व उतारें, यात्रा के दौरान किसी भी बच्चे का हाथ या शरीर का कोई भाग वाहन के बाहर न रहने दें, तथा वाहन के समस्त वैध दस्तावेज एवं ड्राइविंग लाइसेंस सदैव अपने साथ रखें। नर्मदापुरम पुलिस का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि जागरूकता के माध्यम से दुर्घटनाओं की रोकथाम करना, जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करना है। इसी व्यापक उद्देश्य के साथ, जिलेभर में इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर अधिक से अधिक लोगों के जीवन को सुरक्षित किया जा सके।4
- आज के समय में रिश्ते-नाते अब बिसरी बातें हो गए हैं, ऐसा प्रतीत होता है कि लोग उसी थाली में छेद करने लगे हैं जिसमें वे खाते हैं। यह दुनिया स्वार्थी हो गई है, जहाँ कोई भी व्यक्ति बिना किसी मतलब के किसी दूसरे की सुध नहीं लेता और न ही कोई पूछताछ करता है।1
- भारतीय रेलवे के फर्स्ट एसी (1AC) केबिन को 'हनीमून सुइट' या 'सुहागरात की सेज' की तरह सजाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो को देखकर इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है, जहाँ एक तरफ लोग इसे एक बेहद अनोखा और रोमांटिक सरप्राइज मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा और रेलवे नियमों को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। वीडियो में दिखाया गया है कि ट्रेन के पूरे प्राइवेट कूपे को गुलाब की पंखुड़ियों, गुब्बारों और लाइट्स से सजाया गया है। दीवार पर "I Love You" भी लिखा गया है, जिससे कूपे को बिल्कुल किसी 5-स्टार होटल जैसा रूप दे दिया गया है। कुछ यूजर्स इस क्रिएटिविटी की तारीफ करते हुए कह रहे हैं कि कपल ने अपने सफर को यादगार बना दिया है। इसके विपरीत, बड़ी संख्या में लोग इस घटना से नाराज़ और चिंतित हैं। वे रेल मंत्रालय और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करके यह पूछ रहे हैं कि क्या चलती ट्रेन या रेलवे परिसर के भीतर किसी प्राइवेट डेकोरेटर को लाकर इस तरह की सजावट करने की अनुमति है।1
- नर्मदापुरम जिले के बागरा तवा में स्थित विश्व प्रसिद्ध गौरी शाह बादशाह की पवित्र मजार पर हाल ही में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा तोड़फोड़ की गई है। इस घटना में कुरान शरीफ सहित अन्य पवित्र पुस्तकों को भी नुकसान पहुँचाया गया, जिससे मुस्लिम समुदाय में तीव्र आक्रोश व्याप्त है। यह पवित्र मजार धर्म और आस्था का प्रतीक है, जहाँ देश-विदेश से सभी वर्ग के लोग आकर शीश नवाते हैं; इस घटना की चारों तरफ निंदा की जा रही है। इस घटना के विरोध में और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर, मुस्लिम समुदाय सहित सभी वर्गों के सैकड़ों लोग माखन नगर खेल मैदान पर एकत्र हुए। उन्होंने नायक तहसीलदार और माखन नगर थाना प्रभारी को प्रशासन के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें घटना में शामिल सभी व्यक्तियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की गई है। पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में बताया है कि मामले की विवेचना युद्ध स्तर पर जारी है और शीघ्र ही इसका खुलासा किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि अपराधी कोई भी हो, वह कानून की पकड़ में आएगा, और पुलिस हर पहलू की बिंदुवार जाँच कर रही है।1
- सिवनी मालवा के शासकीय कुसुम महाविद्यालय में बुधवार शाम करीब 4 बजे, छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने प्रभारी प्राचार्य ए.के. यादव को अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। इन ज्ञापनों के माध्यम से महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई। दोनों छात्र संगठनों ने महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर पर सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की। उनका तर्क था कि हर वर्ष बड़ी संख्या में योग्य विद्यार्थी सीमित सीटों के कारण प्रवेश से वंचित रह जाते हैं, इसलिए छात्र हित में सीटों में वृद्धि आवश्यक है। इसके अलावा, लंबे समय से बंद पड़े महाविद्यालय के मुख्य जनरेटर को शीघ्र चालू कराने की भी मांग की गई। छात्र संगठनों ने बताया कि जनरेटर बंद होने से बिजली कटौती होने पर कक्षाओं का संचालन, कंप्यूटर लैब और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती है। ज्ञापन में परिसर में आने वाले अभिभावकों के लिए एक व्यवस्थित प्रतीक्षालय (वेटिंग एरिया) बनाने की भी मांग की गई। उनका कहना था कि वर्तमान में अभिभावकों के बैठने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है। साथ ही, महाविद्यालय परिसर के बाहरी हिस्से में शौचालय की व्यवस्था किए जाने की मांग भी रखी गई, जिससे बाहरी आगंतुकों को सुविधा मिल सके और मुख्य भवन के अंदर अनावश्यक भीड़ कम हो। दोनों छात्र संगठनों ने प्रभारी प्राचार्य से अपील की कि वे इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करें और महाविद्यालय में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएं, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को बेहतर वातावरण एवं सुविधाएं मिल सकें।1
- इटारसी के शीतला माता चौराहा पर आज एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई, जहाँ कुछ अज्ञात लोगों ने एक बुजुर्ग ई-रिक्शा चालक को एक घंटे तक परेशान किया। इन शरारती तत्वों ने मोबाइल ऐप का उपयोग करके ई-रिक्शा को लॉक कर दिया, जिससे बुजुर्ग चालक अपनी आजीविका कमाने से वंचित हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर, समाजसेवी राहिल सोनकर और अनु चौकसे जी तुरंत मौके पर पहुँचे और तकनीकी सहायता की मदद से रिक्शा को फिर से चालू करवाया। इस हरकत की कड़ी निंदा की गई है, क्योंकि यह रिक्शा किसी गरीब परिवार की रोज़ी-रोटी का एकमात्र साधन है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे जिम्मेदार नागरिक बनें और दूसरों की आजीविका का सम्मान करें, ऐसी निंदनीय गतिविधियों को बंद करें जो केवल 'मजे लेने' के लिए किसी गरीब के पेट पर लात मारती हैं।1
- इटारसी के ग्राम मोतिया और बाम्हन गांव के बीच एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें जसलपुर निवासी युवक दुर्गेश चौरे का असामयिक निधन हो गया। इस भीषण दुर्घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। घटना की सूचना मिलते ही इटारसी थाना प्रभारी श्री सौरभ पांडेय ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया और पीड़ित को तुरंत सरकारी अस्पताल भिजवाया। हालांकि, डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद दुर्गेश चौरे को मृत घोषित कर दिया। इस दुखद खबर से जसलपुर गांव समेत पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है। 'इटारसी अपडेट' परिवार ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।1