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दमोह के जिला कलेक्टर प्रताप नारायण यादव द्वारा कीटनाशक दवाइयों और दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसके तहत 17 दुकानों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के साथ ही जिला कलेक्टर ने जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि सभी दुकानदारों के पास दस्तावेज और लाइसेंस होना अनिवार्य है।
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दमोह के जिला कलेक्टर प्रताप नारायण यादव द्वारा कीटनाशक दवाइयों और दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसके तहत 17 दुकानों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के साथ ही जिला कलेक्टर ने जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि सभी दुकानदारों के पास दस्तावेज और लाइसेंस होना अनिवार्य है।
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- सीएम डॉ. मोहन ने अपनी बात साबित करते हुए जो कहा था, वो सच कर दिखाया है। विधानसभा में UCC विधेयक को सफलतापूर्वक पारित कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण कदम के बाद अब लोगों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि इससे आम लोगों का जीना कितना आसान और सुगम होने वाला है।1
- दमोह के जिला कलेक्टर प्रताप नारायण यादव द्वारा कीटनाशक दवाइयों और दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसके तहत 17 दुकानों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के साथ ही जिला कलेक्टर ने जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि सभी दुकानदारों के पास दस्तावेज और लाइसेंस होना अनिवार्य है।1
- दमोह की केशव नगर ग्राम पंचायत गार्डन बाग में सड़क और नाली का निर्माण व्यवस्थित तरीके से नहीं कराया जा रहा है। यहाँ के केशव नगर गार्डन बाग मोहल्ले में नाली और सड़क का कोई भी काम सही ढंग से और व्यवस्थित रूप से नहीं किया जा रहा है।2
- दमोह जिले के जबेरा विकासखंड के अर्थखेड़ा से जिला ब्यूरो चीफ अरविन्द सिंह लोधी की रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर होने के कारण 43 छात्र-छात्राएं यज्ञशाला में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्कूल भवन कभी भी गिर सकता है, जिससे मासूम बच्चों की जान को हर वक्त गंभीर खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय की मरम्मत के लिए 09 अप्रैल 2025 को गौण खनिज मद से ₹2.25 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी। उनका आरोप यह भी है कि इसमें से लगभग ₹1,11,800 की राशि बिलों के माध्यम से निकाली जा चुकी है, लेकिन अब तक धरातल पर मरम्मत का कोई भी कार्य नहीं कराया गया। दूसरी तरफ, बीआरसी का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय को पहले बिजोरा में संचालित करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन स्थानीय परिस्थितियों के चलते फिलहाल यज्ञशाला में कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इसके साथ ही बीआरसी ने इस मामले में पंचायत स्तर पर बड़ी लापरवाही होने की बात भी कही है। अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर यह गंभीर सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर इन 43 मासूमों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या समय रहते विद्यालय की मरम्मत कर बच्चों को सुरक्षित शिक्षा का अधिकार दिलाया जाएगा? ग्रामीणों द्वारा मरम्मत राशि के उपयोग को लेकर लगाए गए इन आरोपों की निष्पक्ष जांच संबंधित प्रशासन द्वारा किया जाना बेहद आवश्यक है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 27% ओबीसी आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर किए गए विधानसभा घेराव के दौरान एक युवा प्रदर्शनकारी ने कैमरे पर अपनी बात खुलकर रखी है। इस प्रदर्शन के दौरान युवक ने 13% आरक्षण पर लगी रोक को तुरंत हटाने की मांग की और सरकार के खिलाफ अपने तीखे सवाल व गंभीर आरोप सामने रखे हैं। कैमरे के सामने युवक ने 27% आरक्षण को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए सीधे सरकार को खुली चुनौती दे डाली है। इस ग्राउंड रिपोर्ट में सरकार के खिलाफ इस युवक का पूरा पक्ष और उसका आक्रोश सामने आया है।1
- मध्य प्रदेश के दमोह जिले के अंतर्गत आने वाले जबेरा विधानसभा क्षेत्र की मंडली पंचायत के ग्राम ककरेटा का उल्लेख किया गया है।1
- दमोह के हटा में कुम्हारी थाना प्रभारी ब्रजेश पांडे के नेतृत्व में पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई है।1
- दमोह के दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर अभाना की टेक के पास सोमवार सुबह करीब 11 बजे एक बड़ा हादसा टल गया। यहाँ एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में उतर गई, लेकिन चालक की सूझबूझ और समय पर ब्रेक लगाने से बस में सवार सभी 35 यात्री पूरी तरह सुरक्षित बच गए और किसी को कोई चोट नहीं आई। यह बस शिव शक्ति कंपनी की थी, जो दमोह से तारादेही की ओर जा रही थी। रास्ते में आगे चल रही एक बोलेरो गाड़ी के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे टक्कर से बचाने के लिए बस चालक ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को बाईं ओर मोड़ दिया और बस खाई में जा उतरी। बस के खाई की तरफ बढ़ते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन चालक ने वाहन पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अभिषेक पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कीचड़ में फंस जाने के कारण बस को बाहर नहीं निकाला जा सका, जिसके बाद सभी यात्रियों को दूसरी बस के जरिए सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।1