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संत पॉल पब्लिक स्कूल तेघड़ा में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित
Anant kumar
संत पॉल पब्लिक स्कूल तेघड़ा में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित
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- 23/09/2026 : शाम्हो प्रखण्ड बेगूसराय में बाढ़ आपदा 2026 में धांधली को लेकर धरना प्रदर्शन | अनिल कुमार अंजान | Mobile Tv News1
- बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री ने बिहार सरकार को धन्यवाद और शुभकामना दी है। बेगूसराय को रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय के रूप में मिली बड़ी सौगात बेगूसराय को रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय के रूप में मिली बड़ी सौगात बेगूसराय। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर बेगूसराय को बड़ी शैक्षणिक सौगात मिली है। बिहार मंत्रिपरिषद ने बेगूसराय में ‘रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय’ की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय की स्थापना के क्रम में पदाधिकारी एवं कर्मियों के वेतनादि के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर बेगूसराय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह लगातार प्रयासरत रहे। 22 जून 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के दौरान उन्होंने यह मांग प्रमुखता से रखी। इसके बाद 19 जुलाई को बेगूसराय के आईओसीएल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष फिर यह विषय उठाया। उसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिनकर की जन्मभूमि पर उनके नाम से विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की थी। घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने प्रस्तावित स्थायी परिसर के लिए 15 एकड़ भूमि चिह्नित कर उच्च शिक्षा विभाग को प्रतिवेदन भेजा, जिससे प्रक्रिया को गति मिली। प्रस्तावित विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा, शोध, साहित्य और भारतीय चिंतन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा राष्ट्रकवि दिनकर की साहित्यिक एवं वैचारिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर मिलने के साथ बेगूसराय की शैक्षणिक पहचान को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है। दिनकर जयंती पर मिली यह स्वीकृति बेगूसराय के लिए विशेष महत्व रखती है। संकल्प से घोषणा, घोषणा से भूमि चिह्नांकन और अब कैबिनेट की मंजूरी,दिनकर विश्वविद्यालय का सपना साकार होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर चुका है।1
- संत पॉल पब्लिक स्कूल तेघड़ा में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित1
- बेगूसराय- चेरियाबरियारपुर थाना की पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत 01 वास्तविक धारक को किया मोबाइल सुपुर्द, SP ने दी जानकारी चेरियाबरियारपुर थाना की पुलिस में ऑपरेशन मुस्कान के तहत 01 वास्तविक धारक को मोबाइल सुपुर्द करने का काम किया है. इस बात की जानकारी मंगलवार की देर रात 10:00 बजे एसपी मनीष ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी. इस संबंध में SP ने बताया कि बेगूसराय पुलिस खोए हुए मोबाइल अथवा चोरी किए गए मोबाइल को ऑपरेशन मुस्कान के तहत बरामद करते हुए वास्तविक धारक को सुपुर्द करने का काम करती है. इस कार्य से आमलोगों में खुशी का वातावरण है.1
- मुखिया का शराब पीते वीडियो वायरल, क्षेत्र में चर्चा चेरिया बरियारपुर। प्रखंड क्षेत्र की बसी पंचायत के मुखिया निरंजन कुमार निराला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- #बाढ़ ममें आज गंगा नदी में कई डूबे, सब जगह मची है चीख पुकार...1
- 24 घंटे बाद मिला आदित्य का शव, मोकामा की रेस्क्यू व्यवस्था पर उठे सवाल 24 घंटे की तलाश के बाद मिला 12 वर्षीय आदित्य का शव, रेस्क्यू व्यवस्था पर उठे सवाल मोकामा। तपस्वी गंगा घाट पर गंगा स्नान के दौरान डूबे 12 वर्षीय आदित्य कुमार का शव करीब 24 घंटे की लगातार खोजबीन के बाद बरामद कर लिया गया। आदित्य सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे दो दोस्तों के साथ गंगा स्नान करने पहुंचा था। स्नान के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। सूचना मिलने के बाद स्थानीय गोताखोरों ने करीब 10 मिनट के अंदर गंगा में उतरकर उसकी तलाश शुरू कर दी। स्थानीय गोताखोरों के साथ मंगलवार सुबह से एसडीआरएफ की टीम भी खोजबीन में जुटी रही। लगातार प्रयास के बाद आदित्य का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद प्रशासन की टीम आगे की कार्रवाई में जुट गई। पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। आदित्य मोकामा के गौशाला रोड, गोला निवासी स्व. जुगनू दास का छोटा बेटा था। शव मिलने की सूचना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना ने मोकामा में डूबने की घटनाओं के दौरान रेस्क्यू व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में गंगा में डूबने की घटनाएं लगातार होती रहती हैं, इसके बावजूद मोकामा में एसडीआरएफ की स्थायी तैनाती नहीं है। आपात स्थिति में टीम को बुलाने के लिए प्रशासन को वाहन की व्यवस्था कर टीम को लाना पड़ता है। वहीं स्थानीय गोताखोर तत्काल मौके पर पहुंचकर अपनी जान जोखिम में डालते हैं। स्थानीय जानकारी के अनुसार, कई मामलों में उन्हें 500 रुपये से भी कम मानदेय मिलता है और भुगतान में कई-कई महीने लग जाते हैं। सवाल है कि जान जोखिम में डालकर बचाव कार्य करने वाले गोताखोरों को समय पर मानदेय क्यों नहीं मिलता? क्या उनके लिए प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण, बीमा और उचित मानदेय की स्थायी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए? आदित्य की घटना ने मोकामा में स्थायी रेस्क्यू व्यवस्था की जरूरत को फिर सामने ला दिया है.1
- बेगूसराय में पहुंचे युवा ने अपना अभियान पानी प्रदूषण दवाई फ्री करने का अभियान तेज कर दिया। बिहार के मधुबनी से यात्रा शुरू करते हुए आज बेगूसराय पहुंचे।3