मैनपुरी से पत्रकार मोहित गुप्ता की खास रिपोर्ट इंसान की मृत्यु के बाद रिश्ते भी किस तरह मर जाते हैं उसकी एक आंखें नम कर देने वाली कहानी* कहते हैं पिता के सबसे करीब बेटियां होती हैं लेकिन तीन कलयुगी बेटियों ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया! टाइम का फेर देखिए-मुंबई के मशहूर कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता की सोनीपत के वृद्धाश्रम में हुई मौत-3 बेटियों ने 5100 रुपये गूगल पे किए और बोली संस्कार की सारी वीडियो भेज देना! महाराष्ट्र के मुंबई के रहने वाले मशहूर कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता (74) की हरियाणा के सोनीपत में वृद्ध आश्रम में मौत हो गई,तीन साल से वे इस आश्रम में रह रहे थे,दो साल पहले इसी आश्रम में उनकी पत्नी ने अंतिम सांसें ली थीं,मंगलवार को आश्रम स्टाफ ने उनकी मौत की जानकारी उनकी तीन टीचर बेटियों को दी,मगर तीनों ने दूरी और समय का बहाना बनाकर अंतिम संस्कार में आने से मना कर दिया! यही नहीं,5100 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर अंतिम संस्कार सोनीपत में ही करने के लिए कहा,मुगाग्नि की बात आई तो तीनों ने कहा कि वीडियो कॉल पर दिखा देना! आश्रम संचालक आनंद कुमार के मुताबिक,एक पिता के प्रति उसकी संतानों की इस तरह की बेरुखी हमने आज तक नहीं देखी,बताया कि मोबाइल की स्क्रीन पर जब बेजान पिता का चेहरा दिखा,तो बेटी के मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला-"पापा..."! जब कहा गया कि 20 तारीख से पहले आकर पिता की अस्थियां ले जाना तो मुंबई में रहने वाली सबसे छोटी बेटी का बेरुखी भरा जवाब आया “20 तारीख से पहले देखते हैं...”! हद तो तब हो गई जब चिता को अग्नि दी जा रही थी और फोन पर बेटी पूछ रही थी “अभी और कितना टाइम लगेगा?” बताया कि अग्नि दे दी गई है,10-15 मिनट में प्रक्रिया पूरी हो जाएगी,इस पर बेटी ने कहा “सारा काम अच्छे से हो गया ना,मुझे सारी वीडियो भेज देना! महाराष्ट्र की गलियों में कभी शिवचरण रामरत्न गुप्ता का नाम कपड़ों के बड़े व्यापारियों में गिना जाता था,जीवन में खुशहाली थी और घर में गूंजती थीं तीन बेटियों की खिलखिलाहटें—नीता,निशा और प्रिया! शिवचरण और उनकी पत्नी ने अपनी बेटियों को कभी बेटे से कम नहीं समझा,उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा बेटियों की पढ़ाई पर लगा दिया,उन्हें ग्रेजुएशन करवाई और फिर धूमधाम से विदा किया! आश्रम के संचालक आनंद कुमार के मुताबिक,जैसे ही शिवचरण की मृत्यु की पुष्टि हुई,उन्होंने तुरंत सबसे छोटी बेटी प्रिया को फोन मिलाया,संचालक को लगा कि खबर सुनते ही बेटियां रो पड़ेंगीं और पहली फ्लाइट या ट्रेन पकड़कर दौड़ी चली आएंगी,मगर फोन के उस पार से जो जवाब मिला,उसने इंसानियत को सन्न कर दिया,तीनों बेटियों में से किसी ने भी आने की इच्छा तक नहीं जताई! बड़ी बेटी नीता इन दिनों नेपाल में रहती है,उसने कॉल पर कहा “बहुत दूर हूं,आना संभव नहीं”! यूपी के आजमगढ़ में रहने वाली मंझली बेटी निशा ने कहा “मैं नहीं पहुंच सकती”! मुंबई में रहने वाली छोटी बेटी प्रिया ने सबसे शॉकिंग जवाब दिया,बोलीं-“हम इतनी जल्दी नहीं आ सकते,आप फोन पर ही अंतिम संस्कार दिखा दीजिए”! जब शिवचरण की छोटी बेटी प्रिया से फोन पर बात की,तो उसके जवाब में पछतावे की जगह एक अजीब सी ठंडक थी! प्रिया ने कहा,"आज दुख का दिन है कि पापा नहीं रहे,2 साल पहले मां भी चली गई थीं,पापा का बिजनेस डूब गया था,हम बहुत गरीब हो गए थे! सवाल पूछा कि क्या आप अस्थियां चुनकर गंगा में प्रवाहित करने तो आएंगी ना? इस पर प्रिया ने कहा-"अब तो पिताजी दुनिया में ही नहीं रहे,तो अब आकर क्या करेंगे!
मैनपुरी से पत्रकार मोहित गुप्ता की खास रिपोर्ट इंसान की मृत्यु के बाद रिश्ते भी किस तरह मर जाते हैं उसकी एक आंखें नम कर देने वाली कहानी* कहते हैं पिता के सबसे करीब बेटियां होती हैं लेकिन तीन कलयुगी बेटियों ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया! टाइम का फेर देखिए-मुंबई के मशहूर कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता की सोनीपत के वृद्धाश्रम में हुई मौत-3 बेटियों ने 5100 रुपये गूगल पे किए और बोली संस्कार की सारी वीडियो भेज देना! महाराष्ट्र के मुंबई के रहने वाले मशहूर कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता (74) की हरियाणा के सोनीपत में वृद्ध आश्रम में मौत हो गई,तीन साल से वे इस आश्रम में रह रहे थे,दो साल पहले इसी आश्रम में उनकी पत्नी ने अंतिम सांसें ली थीं,मंगलवार को आश्रम स्टाफ ने उनकी मौत की जानकारी उनकी तीन टीचर बेटियों को दी,मगर तीनों ने दूरी और समय का बहाना बनाकर अंतिम संस्कार में आने से मना कर दिया! यही नहीं,5100 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर अंतिम संस्कार सोनीपत में ही करने के लिए कहा,मुगाग्नि की बात आई तो तीनों ने कहा कि वीडियो कॉल पर दिखा देना! आश्रम संचालक आनंद कुमार के मुताबिक,एक पिता के प्रति उसकी संतानों की इस तरह की बेरुखी हमने आज तक नहीं देखी,बताया कि मोबाइल की स्क्रीन पर जब बेजान पिता का चेहरा दिखा,तो बेटी के मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला-"पापा..."! जब कहा गया कि 20 तारीख से पहले आकर पिता की अस्थियां ले जाना तो मुंबई में रहने वाली सबसे छोटी बेटी का बेरुखी भरा जवाब आया “20 तारीख से पहले देखते हैं...”! हद तो तब हो गई जब चिता को अग्नि दी जा रही थी और फोन पर बेटी पूछ रही थी “अभी और कितना टाइम लगेगा?” बताया कि अग्नि दे दी गई है,10-15 मिनट में प्रक्रिया पूरी हो जाएगी,इस पर बेटी ने कहा “सारा काम अच्छे से हो गया ना,मुझे सारी वीडियो भेज देना! महाराष्ट्र की गलियों में कभी शिवचरण रामरत्न गुप्ता का नाम कपड़ों के बड़े व्यापारियों में गिना जाता था,जीवन में खुशहाली थी और घर में गूंजती थीं तीन बेटियों की खिलखिलाहटें—नीता,निशा और प्रिया! शिवचरण और उनकी पत्नी ने अपनी बेटियों को कभी बेटे से कम नहीं समझा,उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा बेटियों की पढ़ाई पर लगा दिया,उन्हें ग्रेजुएशन करवाई और फिर धूमधाम से विदा किया! आश्रम के संचालक आनंद कुमार के मुताबिक,जैसे ही शिवचरण की मृत्यु की पुष्टि हुई,उन्होंने तुरंत सबसे छोटी बेटी प्रिया को फोन मिलाया,संचालक को लगा कि खबर सुनते ही बेटियां रो पड़ेंगीं और पहली फ्लाइट या ट्रेन पकड़कर दौड़ी चली आएंगी,मगर फोन के उस पार से जो जवाब मिला,उसने इंसानियत को सन्न कर दिया,तीनों बेटियों में से किसी ने भी आने की इच्छा तक नहीं जताई! बड़ी बेटी नीता इन दिनों नेपाल में रहती है,उसने कॉल पर कहा “बहुत दूर हूं,आना संभव नहीं”! यूपी के आजमगढ़ में रहने वाली मंझली बेटी निशा ने कहा “मैं नहीं पहुंच सकती”! मुंबई में रहने वाली छोटी बेटी प्रिया ने सबसे शॉकिंग जवाब दिया,बोलीं-“हम इतनी जल्दी नहीं आ सकते,आप फोन पर ही अंतिम संस्कार दिखा दीजिए”! जब शिवचरण की छोटी बेटी प्रिया से फोन पर बात की,तो उसके जवाब में पछतावे की जगह एक अजीब सी ठंडक थी! प्रिया ने कहा,"आज दुख का दिन है कि पापा नहीं रहे,2 साल पहले मां भी चली गई थीं,पापा का बिजनेस डूब गया था,हम बहुत गरीब हो गए थे! सवाल पूछा कि क्या आप अस्थियां चुनकर गंगा में प्रवाहित करने तो आएंगी ना? इस पर प्रिया ने कहा-"अब तो पिताजी दुनिया में ही नहीं रहे,तो अब आकर क्या करेंगे!
- “साहब चले गए… PA का रो-रोकर बुरा हाल!” “साहब के जाने का सदमा… रो पड़ा PA!” 💔 उमाशंकर सिंह के निधन पर PA का रो-रोकर बुरा हाल, हर आंख हुई नम उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक रहे उमाशंकर सिंह के निधन से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर है। विधायक उमाशंकर सिंह के निधन की खबर से उनके करीबियों का दर्द सामने आ रहा है। उनका PA अपने भावनाओं पर काबू नहीं रख सका और रो-रोकर उनका बुरा हाल हो गया। इस भावुक पल को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। उमाशंकर सिंह को उनके समर्थक एक जनप्रिय नेता और पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में याद कर रहे हैं। उनके निधन से बसपा ने अपना एक महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि खो दिया है। 🕯️ ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति दें। 🙏 भावपूर्ण श्रद्धांजलि। #UmashankarSingh #UmasankarSingh #BSP #Mayawati #BahujanSamajParty #उमाशंकरसिंह #बसपा #मायावती #श्रद्धांजलि #HindNews2471
- मैनपुरी शहर के आशा हॉस्पिटल पर गलत ऑपरेशन करने का लगाया गयाआरोप ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर किया विरोध प्रदर्शन मैनपुरी शहर के आशा हॉस्पिटल पर गलत ऑपरेशन करने का लगाया गयाआरोप ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर किया विरोध प्रदर्शन1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सरकारी स्कूल में बच्चों को पानी वाली सब्जी खिलाने पर हेडमास्टर कल्पना वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सरकारी स्कूल में बच्चों को पानी वाली सब्जी खिलाने पर हेडमास्टर कल्पना वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है1
- *एडीजीपी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने नीलकंठ महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक, कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं का लिया जायजा* उत्तर प्रदेश की एडीजीपी श्रीमती अनुपम कुलश्रेष्ठ ने गुरुवार को इटावा पुलिस की समीक्षा बैठक से पूर्व शहर के प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने भी भगवान शिव का पूजन किया। पूजा-अर्चना के उपरांत एडीजीपी ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और मंदिर समिति को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सीढ़ियों पर मजबूत रेलिंग की व्यवस्था कराई जाए, जिससे सावन माह में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि सावन माह एवं कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। कांवड़ मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे तथा यातायात, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। एडीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शांति व्यवस्था भंग करने वाले अराजक तत्वों तथा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर सीओ सिटी अवनीश कुमार, शहर कोतवाल यशवंत सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस बल मंदिर परिसर में मौजूद रहा। रजत यादव पत्रकार Janniti24 मो.74171970644
- कुंज बिहारी श्री हरिदास आज के दरसन jay jay राधे jay jay shiyam jay श्री virandaban धाम3
- जसवंतनगर जल टंकी पर करंट का खतरा: रिसाव से स्टार्टर के पास पानी, कर्मचारी जान जोखिम में जसवंतनगर जल टंकी पर करंट का खतरा: रिसाव से स्टार्टर के पास पानी, कर्मचारी जान जोखिम में जसवंतनगर में पेयजल आपूर्ति करने वाली लुधपुरा जल टंकी पर करंट लगने का खतरा बना हुआ है। बरसात के दौरान टंकी पर लगे समर (पंप) के ऑन-ऑफ स्टार्टर के पास पानी का लगातार रिसाव हो रहा है, जिससे वहां सीलन और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इससे बिजली आपूर्ति होने पर करंट फैलने की आशंका है। यह टंकी रेल मंडी, रुद्रपुर और मोहन की मढ़ैया सहित आसपास के क्षेत्रों को पानी देती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के दिनों में स्टार्टर के आसपास पानी जमा हो जाता है और ऊपर से लगातार पानी टपकता रहता है। इससे टंकी पर तैनात कर्मचारियों को पंप चालू और बंद करने में डर लगता है। उन्हें हर समय करंट लगने का खतरा महसूस होता है। मौके पर बनाए गए वीडियो में भी बिजली के तारों और स्टार्टर के पास पानी भरा हुआ स्पष्ट दिख रहा है। क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल जल टंकी के रिसाव को बंद कराने की मांग की है। उन्होंने स्टार्टर के आसपास सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है। निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक विद्युत सुरक्षा उपाय भी किए जाने चाहिए। इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी श्याम वचन सरोज ने जानकारी दी है कि मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या का अति शीघ्र समाधान कर दिया जाएगा।1
- एटा: डिलीवरी के बाद प्रसूता की मौत, परिजनों ने निजी अस्पताल और आशा कार्यकत्री पर लगाए गंभीर आरोप, काटा हंगामा जैथरा थाना क्षेत्र के गांव सर्रा निवासी क्रांति पत्नी अजय पाल को दो दिन पूर्व डिलीवरी के लिए जीटी रोड स्थित ॐ हॉस्पिटल में कराया गया था भर्ती डिलीवरी के दौरान हुआ बेटे का जन्म, परिजनों का आरोप—बिना सूचना दिए प्रसूता को एंबुलेंस से आगरा भेजा गया, जबकि नवजात को अस्पताल में ही रखा गया भर्ती आगरा में 50 हजार रुपये जमा कराने के बाद परिजनों को सौंपा गया महिला का शव, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप आशा कार्यकत्री मीना द्वारा अस्पताल में भर्ती कराने का आरोप, परिजनों ने कथित लालच के चलते प्रसूताओं की जान से खिलवाड़ करने का लगाया आरोप #Etah #viral #trending #breakingnews #hospital1