प्लॉट की रजिस्ट्री के बाद भी नहीं मिले रुपये, न्याय की गुहार लगाने वाले प्रदीप ने फांसी लगाकर दी जान जालौन। मोहल्ला सहावनाका निवासी करीब 45 वर्षीय प्रदीप पुत्र श्री राम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक अपने पीछे पांच बेटियां और दो बेटे छोड़ गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी शीला ने बताया कि प्रदीप ने इलाज के लिए राज बहादुर यादव से करीब ढाई लाख रुपये लिए थे। इसमें से लगभग डेढ़ लाख रुपये वापस कर दिए गए थे। शेष रुपये के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। पत्नी का आरोप है कि इसी लेनदेन के चलते राज बहादुर यादव ने प्रदीप के प्लॉट की रजिस्ट्री करा ली, लेकिन रजिस्ट्री के बाद भी प्रदीप को उसकी बताई गई शेष धनराशि नहीं दी गई। शीला के अनुसार, प्लॉट की रजिस्ट्री होने के बाद प्रदीप कई बार राज बहादुर यादव से अपने रुपये देने की गुहार लगाता रहा। पत्नी का दावा है कि प्रदीप के अनुसार करीब छह लाख रुपये की धनराशि लेना बाकी थी। रकम न मिलने के कारण वह काफी परेशान था और लगातार न्याय की मांग कर रहा था। न्याय की गुहार लगाते वीडियो भी सामने आए मामले में प्रदीप के कुछ कथित वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें वह रुपये के लेनदेन से जुड़ी अपनी परेशानी बताते हुए पुलिस अधीक्षक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाता दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह अपने साथ हुई कथित घटना और धनराशि के विवाद का जिक्र करता नजर आता है। हालांकि वायरल वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्लॉट की रजिस्ट्री, रुपये के लेनदेन तथा धमकी के आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। रात में रुपये को लेकर हुई थी नोकझोंक मृतक की पत्नी शीला ने बताया कि घटना से पहले रात में प्रदीप और राज बहादुर यादव के बीच रुपये के लेनदेन को लेकर नोकझोंक हुई थी। शीला का आरोप है कि इस दौरान प्रदीप को धमकी भी दी गई थी। अगले दिन सुबह प्रदीप को अपने पांच माह के बेटे धीरज को इलाज के लिए ग्वालियर लेकर जाना था। परिवार के अनुसार इलाज के लिए धनराशि की आवश्यकता थी। सात बच्चों को छोड़ गया प्रदीप प्रदीप अपने पीछे कविता, दीक्षा, ललिता, दीपांजलि, सुरभि, केशव और पांच माह के धीरज को छोड़ गया है। परिजनों के मुताबिक प्रदीप अपनी एक बेटी की शादी भी कर चुका था। घटना के बाद पत्नी शीला और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी मनीष तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस जांच में अब वायरल वीडियो, प्लॉट की रजिस्ट्री, रुपये के लेनदेन और परिजनों द्वारा लगाए गए धमकी के आरोपों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्लॉट की रजिस्ट्री के बाद भी नहीं मिले रुपये, न्याय की गुहार लगाने वाले प्रदीप ने फांसी लगाकर दी जान जालौन। मोहल्ला सहावनाका निवासी करीब 45 वर्षीय प्रदीप पुत्र श्री राम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक अपने पीछे पांच बेटियां और दो बेटे छोड़ गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी शीला ने बताया कि प्रदीप ने इलाज के लिए राज बहादुर यादव से करीब ढाई लाख रुपये लिए थे। इसमें से लगभग डेढ़ लाख रुपये वापस कर दिए गए थे। शेष रुपये के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। पत्नी का आरोप है कि इसी लेनदेन के चलते राज बहादुर यादव ने प्रदीप के प्लॉट की रजिस्ट्री करा ली, लेकिन रजिस्ट्री के बाद भी प्रदीप को उसकी बताई गई शेष धनराशि नहीं दी गई। शीला के अनुसार, प्लॉट की रजिस्ट्री होने के बाद प्रदीप कई बार राज बहादुर यादव से अपने रुपये देने की गुहार लगाता रहा। पत्नी का दावा है कि प्रदीप के अनुसार करीब छह लाख रुपये की धनराशि लेना बाकी थी। रकम न मिलने के कारण वह काफी परेशान था और लगातार न्याय की मांग कर रहा था। न्याय की गुहार लगाते वीडियो भी सामने आए मामले में प्रदीप के कुछ कथित वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें वह रुपये के लेनदेन से जुड़ी अपनी परेशानी बताते हुए पुलिस अधीक्षक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाता दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह अपने साथ हुई कथित घटना और धनराशि के विवाद का जिक्र करता नजर आता है। हालांकि वायरल वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्लॉट की रजिस्ट्री, रुपये के लेनदेन तथा धमकी के आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। रात में रुपये को लेकर हुई थी नोकझोंक मृतक की पत्नी शीला ने बताया कि घटना से पहले रात में प्रदीप और राज बहादुर यादव के बीच रुपये के लेनदेन को लेकर नोकझोंक हुई थी। शीला का आरोप है कि इस दौरान प्रदीप को धमकी भी दी गई थी। अगले दिन सुबह प्रदीप को अपने पांच माह के बेटे धीरज को इलाज के लिए ग्वालियर लेकर जाना था। परिवार के अनुसार इलाज के लिए धनराशि की आवश्यकता थी। सात बच्चों को छोड़ गया प्रदीप प्रदीप अपने पीछे कविता, दीक्षा, ललिता, दीपांजलि, सुरभि, केशव और पांच माह के धीरज को छोड़ गया है। परिजनों के मुताबिक प्रदीप अपनी एक बेटी की शादी भी कर चुका था। घटना के बाद पत्नी शीला और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी मनीष तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस जांच में अब वायरल वीडियो, प्लॉट की रजिस्ट्री, रुपये के लेनदेन और परिजनों द्वारा लगाए गए धमकी के आरोपों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- एट में वार्ड नंबर-1 में मारपीट का वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग एट/जालौन। एट कस्बे के वार्ड नंबर-1 में मारपीट का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो को लेकर एक व्यक्ति ने थाना एट में शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, 18 अगस्त की शाम करीब 8:30 बजे घर में घुसकर गाली-गलौज और मारपीट की गई। इस दौरान सिर पर डंडे से चोट लगने का भी दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने घटना के बाद धमकी दिए जाने की बात भी कही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। वीडियो में दिखाई दे रही घटना और शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो1
- सर्पदंश से अचेत बालक को वेंटिलेटर से मिला नया जीवन मेडिकल कॉलेज में 10 वर्षीय चिराग का सफल इलाज, स्वस्थ होने पर अस्पताल से मिली छुट्टी उरई । सर्पदंश के बाद गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज लाए गए 10 वर्षीय बालक की डॉक्टरों ने तत्परता से जान बचा ली। बाल रोग विभाग के चिकित्सकों ने अचेत अवस्था में पहुंचे बालक को तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट पर लेकर उपचार शुरू किया। करीब 24 घंटे के भीतर उसकी हालत में तेजी से सुधार हुआ और सोमवार को स्वस्थ होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। जालौन के कुआंखेड़ा गांव निवासी प्रभाकर 14 अगस्त की सुबह अपने 10 वर्षीय पुत्र चिराग को सांस लेने में परेशानी और बोलने में असमर्थता की हालत में मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। जांच में चिकित्सकों ने सर्पदंश के कारण शरीर में विष फैलने और न्यूरोटॉक्सिसिटी के गंभीर लक्षण पाए। बालक की हालत गंभीर होने पर बाल रोग विशेषज्ञों की टीम ने बिना समय गंवाए उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा और सघन उपचार शुरू किया। चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की निगरानी में उपचार के दौरान बच्चे की हालत में लगातार सुधार हुआ। उपचार के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया। 17 अगस्त को बालक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुत्र के स्वस्थ होकर घर लौटने पर पिता प्रभाकर ने मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का आभार जताया। उन्होंने समय पर मिले उपचार और डॉक्टरों की तत्परता की सराहना की।1
- करमचंदपुर गौशाला में बदइंतजामी का आरोप /गाय की मौत के बाद मचा हड़कंप* *अधिकारी आते ही होता है कायाकल्प जाते ही फिर बदहाल गौशाला /न हरा चारा /न साफ सफाई करमचंदपुर गौशाला में गौवंश की दुर्दशा* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *करमचंदपुर गौशाला में बदइंतजामी का आरोप /गाय की मौत के बाद मचा हड़कंप* *अधिकारी आते ही होता है कायाकल्प जाते ही फिर बदहाल गौशाला /न हरा चारा /न साफ सफाई करमचंदपुर गौशाला में गौवंश की दुर्दशा* जनपद जालौन/कालपी क्षेत्र स्थित करमचंदपुर गौशाला में गौवंश की बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं गौशाला का एक वीडियो सामने आने और एक गाय की मौत के बाद वहां की व्यवस्थाओं को लेकर हड़कंप मच गया आप को बता दें आरोप है कि गौशाला में गौवंश की देखरेख के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है और जिम्मेदारों की कथित लापरवाही के चलते गायों को मूलभूत सुविधाओं तक के लिए जूझना पड़ रहा है बताया जा रहा है कि गौशाला परिसर में मृत गाय काफी समय तक पड़ी रही जबकि आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है गौवंश को कीचड़ और गंदगी के बीच बैठने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है वही ऐसे हालात में गौशाला की साफ सफाई और पशुओं की नियमित देखभाल पर सवाल उठना स्वाभाविक है वहीं सूखे भूसे के सहारे गौवंश हरे चारे का अभाव स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि गौशाला में गायों को पर्याप्त हरा चारा नहीं मिल रहा है परिसर में हरा चारा महज दिखावे तक सीमित होने की बात कही जा रही है इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें जबकि गौवंश के हिस्से में सूखा भूसा ही आ रहा है इससे पशुओं के पोषण और स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है शिकायतों के बाद भी हालात जस के तस स्थानीय लोगों का कहना है कि गौवंश की दुर्दशा को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ आरोप है कि जब अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचते हैं तो कुछ समय के लिए व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दिया जाता है लेकिन अधिकारियों के लौटते ही कथित तौर पर फिर वही पुरानी स्थिति दिखाई देने लगती है वहीं इस पूरे मामले ने गौशाला की निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं वहीं आखिर बार बार शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं हो रहा और गौवंश की देखभाल में लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है यह बड़ा सवाल बना हुआ है वहीं वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चर्चा गौशाला से संबंधित वीडियो वायरल होने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। गाय की मौत की सूचना और गौशाला में मौजूद बदहाल परिस्थितियों ने लोगों को चिंता में डाल दिया है स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की जाए बता दें फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि करमचंदपुर गौशाला में गौवंश की ऐसी हालत के लिए जिम्मेदार कौन है? क्या प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर गौशाला की व्यवस्थाओं की जांच करेगा और मृत गाय समेत अन्य गौवंश की स्थिति का जायजा लेगा अब निगाहें जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं4
- जालौन में पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंचे सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा के पुत्र जालौन। जालौन कोतवाली क्षेत्र के जालौन नगर में ब्याज माफिया की कथित प्रताड़ना से तंग आकर एक व्यक्ति द्वारा अपनी जीवन लीला समाप्त किए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में आक्रोश का माहौल है और परिजनों द्वारा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा के पुत्र पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिजनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में वह परिवार के साथ खड़े हैं। विधायक पुत्र ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए कहा कि मामले में यदि किसी प्रकार की लापरवाही हुई है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों से बातचीत की जाएगी और मामले में उचित कार्रवाई सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि दो दिन के भीतर मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह पीड़ित परिवार के साथ धरने पर बैठने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनके इस बयान के बाद मामले को लेकर प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। वहीं, पीड़ित परिवार का आरोप है कि ब्याज पर लिए गए पैसों को लेकर कथित ब्याज माफिया द्वारा लगातार दबाव और प्रताड़ना की जा रही थी, जिससे परेशान होकर व्यक्ति ने यह कदम उठाया। घटना के बाद से परिवार न्याय की मांग कर रहा है। परिजनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और मृतक को कथित रूप से प्रताड़ित करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।1
- सूने मकान को निशाना बनाकर अज्ञात बदमाशों ने की चोरी जिले में चोरों के हौसले बुलंद कालपी (जालौन)। स्थानीय नगर के मोहल्ला गणेशगंज में एक सूने मकान को अज्ञात बदमाशों ने निशाना बनाकर चोरी की घटना को अंजाम दे दिया। परिवार रोजगार के सिलसिले में खागा, फतेहपुर गया हुआ था। इसी दौरान चोर मकान में घुसे और सामान चोरी कर ले गए। घटना की सूचना मिलते ही सीओ राजेश कमल, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी तथा रामगंज चौकी प्रभारी विशाल भड़ाना पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। बताया गया कि परिवार के घर पर मौजूद न होने का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। परिजनों के वापस लौटने के बाद ही चोरी गए सामान और उसकी अनुमानित कीमत का पता चल सकेगा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बदमाशों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा सकती है। वहीं घटना के बाद मोहल्ले में लोगों के बीच चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।1
- “बाजपेई ने लगाओ हाथ, चौरसिया ने दओ साथ… पुरानी नझाई मा जमो भंडारो, जालौन भर से उमड़ो भोले भक्तन को सैलाब” 🔱 सबन खौं हरो-हरो राम-राम, जय भोले बाबा! 🔱 सावन के तीजे सोमवार अउ नागपंचमी के पावन परब पे जालौन की पुरानी नझाई मा भंडारो लगो, जालौन भर से भोले के भक्त प्रसादी पावै पहुंचिन। मंदिर को बढ़िया सिंगार रहो, अउ चारों ओर हर-हर महादेव के जयकारे गूंजत रहे। थारी मा आलू की स्वादिष्ट सब्जी, कद्दू की सब्जी, बूंदी, खट्टा-मीठो रायतो अउ हरी मिर्च को चटपटो अचार रहो। पूरियन नरम-मुलायम रहीं, सो भक्तन ने खूब प्रेम से प्रसादी पाई। बाजपेई ने लगाओ हाथ, चौरसिया ने दओ साथ, तब चल पाओ ये पत्तन बालो पात! मोनू गुड़ वाले भी सेवा मा जुटे रहिन, अउ मोहल्ला के छोटे-छोटे मोड़ा-मोड़ी भी बढ़-चढ़ के हाथ बंटावत रहिन। सफाई की व्यवस्था मा नगर पालिका की अगुवाई रही। पत्तल-ठिलिया फेंकन काजे जगह-जगह रोपाय दई गइन। रामू पान वाले बुलाबा लगावत रहिन— “आज पूरियन को डोल है, आइ जाओ भैया!” पुनीत मित्तल जी ने सबई से सफाई बनाए रखै अउ जयकारे लगावत रहै की अपील करी। भक्ति, सेवा अउ बुंदेली अपनापन से सराबोर रहो पुरानी नझाई को ये भंडारो। हर-हर महादेव! बम-बम भोले! 🔱 खबर लिवाए—अखिलेश सोनी अउ किशन सोनी।3
- चुनाव नजदीक आते ही जागा जनसरोकार? प्रदीप के घर पहुंचे नितेश वर्मा, गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी जालौन। मृतक प्रदीप कुमार के घर पहुंचे विधायक पुत्र एवं सीए नितेश वर्मा ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर दो दिन के भीतर आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने की बात कही। हालांकि, नितेश वर्मा के इस कदम के बीच सियासी सवाल भी उठने लगे हैं। चुनाव नजदीक आते ही क्या अब जनता के दुख-दर्द और न्याय के मुद्दे याद आने लगे हैं? लोगों का सवाल है कि जब कथित सूदखोरी और उससे जुड़े मामलों को लेकर आवाज उठाने की जरूरत थी, तब यह सक्रियता नजर क्यों नहीं आई? अब अचानक मृतक के घर पहुंचकर आंदोलन की चेतावनी दिए जाने को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सवाल यह भी है कि क्या यह पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की वास्तविक पहल है या चुनावी मौसम में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश? बहरहाल, नितेश वर्मा ने दो दिन में गिरफ्तारी न होने पर सड़क पर उतरने की बात कही है। अब देखना होगा कि प्रशासन कार्रवाई करता है या यह मामला भी सियासी बयानबाजी तक सीमित रह जाता है।2
- कालपी क्षेत्र में गुढ़ा खास में सड़क के किनारे राहगीरों को महिला घायल अवस्था में मिली। पुलिस ने महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालपी में भर्ती कराया। जहां उसका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, लगभग 30 वर्षीय रेनू पत्नी रामप्रकाश को सोमवार सुबह दो युवक सड़क किनारे पीट रहे थे। देवकली निवासी परमसुख पुत्र सरजूप्रसाद ने जंगल जाते समय दूर से यह घटना देखी। कुछ देर बाद दोनों युवक महिला को जलधनिया लगे खेत में फेंककर फरार हो गए।1