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उत्तर प्रदेश के निधौली कला क्षेत्र में 'हमारे बाबा साहब' का अपमान किए जाने की बात सामने आई है। इस घटना को लेकर सवाल उठाया गया है कि 'हमारे बाबा साहब' का ऐसा अपमान कैसे किया जा सकता है।
Shan Mohammad
उत्तर प्रदेश के निधौली कला क्षेत्र में 'हमारे बाबा साहब' का अपमान किए जाने की बात सामने आई है। इस घटना को लेकर सवाल उठाया गया है कि 'हमारे बाबा साहब' का ऐसा अपमान कैसे किया जा सकता है।
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- मैनपुरी के थाना भोगांव क्षेत्र में एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ गिहार कॉलोनी की रहने वाली नेहा गिहार और उनकी बहनें अपने इकलौते छोटे भाई की सुरक्षा को लेकर खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। न्याय की गुहार लगाते हुए ये पीड़ित महिलाएं आज पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचीं और दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, साथ ही पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। यह पूरा मामला पुरानी रंजिश और सरेराह गुंडागर्दी से जुड़ा है। नेहा ने बताया कि 15-16 जून को जब वे छुट्टियाँ बिताने आई थीं, तब उनका भाई बाजार में लस्सी पीने गया था। उसी दौरान गिहार कॉलोनी के अभिमन्यु, विशाल, समीर, अरुण, करन और गौरव सहित कई अन्य युवकों ने 6-7 मोटरसाइकिलों से आकर उसे चारों तरफ से घेर लिया और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ितों का आरोप है कि ये दबंग उनके भाई को अकेला पाकर अक्सर घेर लेते हैं; कुछ दिन पहले तो आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की और खुलेआम फायरिंग भी की। नेहा के अनुसार, इन आरोपियों का इलाके में काफी दबदबा है, ये लोग लूटपाट और जेब काटने जैसे गलत कामों में शामिल हैं, और इनके पास अवैध हथियार भी हैं, जिसका वीडियो भी पीड़ितों के पास मौजूद है। पीड़ित महिलाओं ने स्थानीय थाना पुलिस (कोतवाली भोगांव) पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। नेहा का कहना है कि फायरिंग और झगड़े के दौरान वह खुद पुलिस को मौके पर लेकर आई थीं, लेकिन पुलिस उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थी और उलटा उनके बच्चों को ही गलत ठहरा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 27 जून की रात दबंगों ने घर में घुसकर उनके भाई को दोबारा पीटा, और पुलिस सामने खड़ी रही लेकिन कोई मदद नहीं की। पीड़ितों ने बताया कि वे इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक से भी दो बार मिल चुकी हैं, लेकिन अब तक उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। भाई की जान पर मंडराते खतरे को देखते हुए, बहनों ने एसपी से गुहार लगाई है कि आरोपियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। अब देखना यह होगा कि इस मामले के सामने आने के बाद मैनपुरी पुलिस प्रशासन इन बेबस बहनों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।1
- गोंडा में 60 वर्षीय सपेरा राम लखन की कोबरा के डसने से दुखद मौत हो गई। बताया गया है कि वह पिछले 40 वर्षों से सांपों को रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ते आ रहे थे। अपने इस कार्यकाल में उन्होंने 500 से अधिक जहरीले सांपों को पकड़ा था और अनगिनत लोगों की जान बचाई थी, जिससे उनका कार्य बेहद सराहनीय रहा। यह घटना तब हुई जब धानेपुर बाजार में एक दुकान के पास कोबरा दिखने पर लोगों ने राम लखन को बुलाया। रेस्क्यू अभियान के दौरान कोबरा ने उनके दाहिने हाथ पर डस लिया, जिससे जहर उनके शरीर में तेजी से फैलने लगा। जहर फैलने के बावजूद, राम लखन ने हिम्मत नहीं हारी और सबसे पहले उन्होंने कोबरा को पकड़कर बोरे में बंद किया, यह सुनिश्चित करते हुए कि उसकी वजह से किसी और की जान खतरे में न पड़े। इसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। इस बहादुर सपेरे की यह कहानी सिर्फ साहस ही नहीं, बल्कि दूसरों की सुरक्षा के लिए अंतिम सांस तक समर्पण की एक मिसाल बन गई है। पोस्ट में दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की गई है।1
- अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में अयोध्या बार एसोसिएशन ने अब हस्तक्षेप किया है। बार एसोसिएशन ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय को तीन दिनों के भीतर अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम जारी किया है। बार एसोसिएशन के सदस्यों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि यह मांग पूरी नहीं होती है, तो पूरी अयोध्या को जाम कर दिया जाएगा और किसी को भी शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।1
- मैनपुरी में किशनी थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए 62 किलो अवैध गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इटावा-बेवर मार्ग पर खिदरपुर बॉर्डर के पास एक ट्रक की गुप्त केबिन से यह गांजा बरामद किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गांजा ओडिशा से एटा लेकर जा रहा था। इसके बाद, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। बरामद किए गए गांजे की अनुमानित कीमत करीब 16 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। इस मामले में एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है। मैनपुरी के एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- जनपद मैनपुरी से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ किशनी थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई में 62 किलोग्राम अवैध गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई इटावा-बेवर मार्ग पर खिदरपुर बॉर्डर के पास की गई, जहाँ पुलिस ने एक ट्रक की गुप्त केबिन से इस भारी मात्रा में गांजे को बरामद किया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने बताया कि वह इस अवैध गांजे को ओडिशा से एटा ले जा रहा था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और बरामद ट्रक को भी अपने कब्जे में ले लिया है। इस जब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत करीब ₹16.50 लाख बताई जा रही है। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश अभी जारी है।1
- QS वर्ल्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स 2026 में भारत की रैंकिंग को लेकर देश में सियासत तेज हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्कफोर्स की तैयारी के मामले में भारत 74वें स्थान पर है, जबकि ह्यूमन कैपिटल के मामले में यह 73वें स्थान पर रहा है। इन्हीं रैंकिंग्स को आधार बनाकर शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा निशाना साधा है। प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि भारत में कौशल की कमी (स्किल गैप) एक बहुत बड़ी समस्या है। उन्होंने आगे कहा कि देश के पास AI-आधारित भविष्य का लाभ उठाने का शानदार अवसर मौजूद है, लेकिन नौकरी के लिए तैयार टैलेंट विकसित करने में हम लगातार पीछे छूट रहे हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री को 'अक्षम' बताते हुए यह भी कहा कि स्किल डेवलपमेंट को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। इन आरोपों के बीच, यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या भारत को शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट की दिशा में बड़े और बुनियादी सुधारों की सख्त जरूरत है?1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। भोगांव थाना क्षेत्र के एक स्कूल में ऑन-ड्यूटी तैनात एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री के साथ स्थानीय दबंगों द्वारा सरेआम मारपीट और बदसलूकी की गई। इस पूरी घटना का एक वीडियो अब सबूत के तौर पर सामने आया है, जो इस बर्बरता को उजागर करता है। पीड़िता ने सरकारी काम में बाधा डालने वाले इन दबंगों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है कि आखिर क्यों वे अपनी ड्यूटी के दौरान खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं।1