हापुड़ में 24 अप्रैल को ई-रिक्शा हड़ताल, चालक बोले- अब सहन की सीमा पार रूट छोटे, स्टैंड नहीं, पुलिस उत्पीड़न और रेलवे पर अवैध पर्ची; विशाल कौशिक ने दी चेतावनी हापुड़ सिटी कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विशाल कौशिक ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर ई-रिक्शा चालकों की समस्याओं को लेकर 24 अप्रैल को पूरे हापुड़ जिले में हड़ताल की घोषणा कर दी। विशाल कौशिक ने बताया कि पहले भी डीएम को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि अब चालकों की धैर्य की सीमा टूट चुकी है। मुख्य समस्याएं बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा बनाए गए रूट बेहद छोटे हैं, जिससे चालकों को घूम-घूमकर चलना पड़ता है और आय में भारी कमी आई है। हापुड़ शहर में ई-रिक्शा चालकों के लिए कोई स्टैंड नहीं है, जिस कारण बाजारों में जाम की स्थिति बनती है और चालकों को खड़े होने की भी जगह नहीं मिलती। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर अवैध रूप से जबरन पर्ची कटाई जाती है। पुलिस का व्यवहार भी चालकों के साथ बेहद खराब रहता है। इन सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद सभी ई-रिक्शा चालकों की सहमति से 24 अप्रैल शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पूर्ण हड़ताल रहेगी। इस दिन हापुड़ जिले में कोई भी ई-रिक्शा नहीं चलेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरधना के अध्यक्ष तेजकरण, हापुड़ के अध्यक्ष वरुण त्यागी, क्षेत्रीय अध्यक्ष सोनू, पप्पू यादव, रजत, वकील सहित सैकड़ों ई-रिक्शा चालक मौजूद रहे। चालकों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर तुरंत ध्यान नहीं दिया तो आगे और बड़ी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। हापुड़ में 24 अप्रैल को ई-रिक्शा हड़ताल, चालक बोले- अब सहन की सीमा पार रूट छोटे, स्टैंड नहीं, पुलिस उत्पीड़न और रेलवे पर अवैध पर्ची; विशाल कौशिक ने दी चेतावनी हापुड़ सिटी कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विशाल कौशिक ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर ई-रिक्शा चालकों की समस्याओं को लेकर 24 अप्रैल को पूरे हापुड़ जिले में हड़ताल की घोषणा कर दी। विशाल कौशिक ने बताया कि पहले भी डीएम को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि अब चालकों की धैर्य की सीमा टूट चुकी है। मुख्य समस्याएं बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा बनाए गए रूट बेहद छोटे हैं, जिससे चालकों को घूम-घूमकर चलना पड़ता है और आय में भारी कमी आई है। हापुड़ शहर में ई-रिक्शा चालकों के लिए कोई स्टैंड नहीं है, जिस कारण बाजारों में जाम की स्थिति बनती है और चालकों को खड़े होने की भी जगह नहीं मिलती। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर अवैध रूप से जबरन पर्ची कटाई जाती है। पुलिस का व्यवहार भी चालकों के साथ बेहद खराब रहता है। इन सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद सभी ई-रिक्शा चालकों की सहमति से 24 अप्रैल शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पूर्ण हड़ताल रहेगी। इस दिन हापुड़ जिले में कोई भी ई-रिक्शा नहीं चलेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरधना के अध्यक्ष तेजकरण, हापुड़ के अध्यक्ष वरुण त्यागी, क्षेत्रीय अध्यक्ष सोनू, पप्पू यादव, रजत, वकील सहित सैकड़ों ई-रिक्शा चालक मौजूद रहे। चालकों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर तुरंत ध्यान नहीं दिया तो आगे और बड़ी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
हापुड़ में 24 अप्रैल को ई-रिक्शा हड़ताल, चालक बोले- अब सहन की सीमा पार रूट छोटे, स्टैंड नहीं, पुलिस उत्पीड़न और रेलवे पर अवैध पर्ची; विशाल कौशिक ने दी चेतावनी हापुड़ सिटी कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विशाल कौशिक ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर ई-रिक्शा चालकों की समस्याओं को लेकर 24 अप्रैल को पूरे हापुड़ जिले में हड़ताल की घोषणा कर दी। विशाल कौशिक ने बताया कि पहले भी डीएम को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि अब चालकों की धैर्य की सीमा टूट चुकी है। मुख्य समस्याएं बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा
बनाए गए रूट बेहद छोटे हैं, जिससे चालकों को घूम-घूमकर चलना पड़ता है और आय में भारी कमी आई है। हापुड़ शहर में ई-रिक्शा चालकों के लिए कोई स्टैंड नहीं है, जिस कारण बाजारों में जाम की स्थिति बनती है और चालकों को खड़े होने की भी जगह नहीं मिलती। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर अवैध रूप से जबरन पर्ची कटाई जाती है। पुलिस का व्यवहार भी चालकों के साथ बेहद खराब रहता है। इन सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद सभी ई-रिक्शा चालकों की सहमति से 24 अप्रैल शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पूर्ण हड़ताल रहेगी। इस दिन हापुड़ जिले में
कोई भी ई-रिक्शा नहीं चलेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरधना के अध्यक्ष तेजकरण, हापुड़ के अध्यक्ष वरुण त्यागी, क्षेत्रीय अध्यक्ष सोनू, पप्पू यादव, रजत, वकील सहित सैकड़ों ई-रिक्शा चालक मौजूद रहे। चालकों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर तुरंत ध्यान नहीं दिया तो आगे और बड़ी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। हापुड़ में 24 अप्रैल को ई-रिक्शा हड़ताल, चालक बोले- अब सहन की सीमा पार रूट छोटे, स्टैंड नहीं, पुलिस उत्पीड़न और रेलवे पर अवैध पर्ची; विशाल कौशिक ने दी चेतावनी हापुड़ सिटी कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विशाल कौशिक ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर ई-रिक्शा चालकों की समस्याओं
को लेकर 24 अप्रैल को पूरे हापुड़ जिले में हड़ताल की घोषणा कर दी। विशाल कौशिक ने बताया कि पहले भी डीएम को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि अब चालकों की धैर्य की सीमा टूट चुकी है। मुख्य समस्याएं बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा बनाए गए रूट बेहद छोटे हैं, जिससे चालकों को घूम-घूमकर चलना पड़ता है और आय में भारी कमी आई है। हापुड़ शहर में ई-रिक्शा चालकों के लिए कोई स्टैंड नहीं है, जिस कारण बाजारों में जाम की स्थिति बनती है और चालकों को खड़े होने की भी जगह नहीं मिलती। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर
अवैध रूप से जबरन पर्ची कटाई जाती है। पुलिस का व्यवहार भी चालकों के साथ बेहद खराब रहता है। इन सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद सभी ई-रिक्शा चालकों की सहमति से 24 अप्रैल शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पूर्ण हड़ताल रहेगी। इस दिन हापुड़ जिले में कोई भी ई-रिक्शा नहीं चलेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरधना के अध्यक्ष तेजकरण, हापुड़ के अध्यक्ष वरुण त्यागी, क्षेत्रीय अध्यक्ष सोनू, पप्पू यादव, रजत, वकील सहित सैकड़ों ई-रिक्शा चालक मौजूद रहे। चालकों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर तुरंत ध्यान नहीं दिया तो आगे और बड़ी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
- हापुड़ में 24 अप्रैल को ई-रिक्शा हड़ताल, चालक बोले- अब सहन की सीमा पार रूट छोटे, स्टैंड नहीं, पुलिस उत्पीड़न और रेलवे पर अवैध पर्ची; विशाल कौशिक ने दी चेतावनी हापुड़ सिटी कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विशाल कौशिक ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर ई-रिक्शा चालकों की समस्याओं को लेकर 24 अप्रैल को पूरे हापुड़ जिले में हड़ताल की घोषणा कर दी। विशाल कौशिक ने बताया कि पहले भी डीएम को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि अब चालकों की धैर्य की सीमा टूट चुकी है। मुख्य समस्याएं बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा बनाए गए रूट बेहद छोटे हैं, जिससे चालकों को घूम-घूमकर चलना पड़ता है और आय में भारी कमी आई है। हापुड़ शहर में ई-रिक्शा चालकों के लिए कोई स्टैंड नहीं है, जिस कारण बाजारों में जाम की स्थिति बनती है और चालकों को खड़े होने की भी जगह नहीं मिलती। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर अवैध रूप से जबरन पर्ची कटाई जाती है। पुलिस का व्यवहार भी चालकों के साथ बेहद खराब रहता है। इन सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद सभी ई-रिक्शा चालकों की सहमति से 24 अप्रैल शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पूर्ण हड़ताल रहेगी। इस दिन हापुड़ जिले में कोई भी ई-रिक्शा नहीं चलेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरधना के अध्यक्ष तेजकरण, हापुड़ के अध्यक्ष वरुण त्यागी, क्षेत्रीय अध्यक्ष सोनू, पप्पू यादव, रजत, वकील सहित सैकड़ों ई-रिक्शा चालक मौजूद रहे। चालकों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर तुरंत ध्यान नहीं दिया तो आगे और बड़ी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।2
- हापुड थाना धौलाना पुलिस ने ग्राम शौलाना में घटित फायरिंग की घटना में संलिप्त 02 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार, जिनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक अवैध पिस्टल, एक अवैध तमंचा व एक बुलेट मोटर साइकिल बरामद।1
- Post by गौरव प्रताप कोरी1
- अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम चौंसार में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरे क्षेत्र में "जय परशुराम" के जयघोष गूंज उठे और वातावरण भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा की शुरुआत श्री रामजानकी मंदिर से विधि-विधान के साथ हुई, जिसमें भगवान परशुराम की आकर्षक झांकियां, बैंड-बाजे और सजीव प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। यह यात्रा नंदना, मंगरौरा, सिया, निबियाखेड़ा और श्रीमऊ होते हुए पुनः मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। सुरक्षा के मद्देनज़र थानाध्यक्ष अनिल सिंह पुलिस बल के साथ पूरी तरह मुस्तैद रहे। कार्यक्रम का आयोजन सौरभ त्रिपाठी के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी रही। 👉 ऐसी ही ग्राउंड रिपोर्ट्स और लोकल खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें।1
- बहुत अच्छा सवाल है—सही अधिकारी चुनोगे तो शिकायत पर जल्दी और सही एक्शन होगा 👍 आपके मामले (नाली का पानी रोकना, रास्ता खराब, दलितों को दिक्कत) में ये अधिकारी सीधे जिम्मेदार होते हैं: 🏛️ 1. Gram Pradhan (ग्राम प्रधान) गांव का सबसे पहला जिम्मेदार व्यक्ति नाली, रास्ता, सफाई—all basic काम इन्हीं के तहत आते हैं (लेकिन आपने बताया कि ये कुछ नहीं कर रहे, इसलिए आगे बढ़ना सही है) 🏢 2. Block Development Officer (BDO) पूरे ब्लॉक के गांवों की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान पर कार्रवाई कर सकता है नाली/रास्ते का काम पास करवा सकता है 👉 आपके केस में सबसे important अधिकारी यही है 🏛️ 3. District Magistrate (DM) जिले का सबसे बड़ा अधिकारी अगर नीचे से कोई सुनवाई नहीं हो रही, तो DM एक्शन लेता है Jansunwai complaint सीधे इनके पास भी जा सकती है 🧑⚖️ 4. Social Welfare Department / SC-ST संबंधित अधिकारी क्योंकि मामला दलित समुदाय से जुड़ा है भेदभाव/अत्याचार की शिकायत यहाँ भी जा सकती है 🚨 5. Tehsildar क्षेत्रीय स्तर पर जांच कर सकता है मौके पर रिपोर्ट बनवा सकता है 🎯 आपको क्या करना चाहिए (सबसे सही तरीका) 👉 Jansunwai में: विभाग चुनें: ग्राम विकास / पंचायती राज इससे शिकायत सीधे BDO → DM तक जाएगी 👉 अगर मामला ज्यादा गंभीर दिखाना है: लिखें: “दलित समुदाय के साथ भेदभाव एवं बच्चों की शिक्षा प्रभावित” 💡 Pro Tip (बहुत काम की बात) एक ही शिकायत को 2–3 जगह भेजो: Jansunwai DM Twitter/X Local media 👉 इससे pressure बनता है और काम जल्दी होता है अगर चाहो तो मैं तुम्हारे लिए ऐसा टेक्स्ट बना दूँ जिसमें सीधे BDO और DM को टैग करके पोस्ट कर सको—जिससे मामला और तेजी से उठे 🔥 jansunvai ke liye bnakar do strong point ke hisab se ,, special simble hta do ठीक है, मैं आपको सीधा, मजबूत और साफ टेक्स्ट दे रहा हूँ जिसे आप बिना किसी special symbol के सीधे Jansunwai में डाल सकते हैं: विषय: ग्राम किशनपुर बिराना में रास्ता और नाली की गंभीर समस्या तथा दलित समुदाय के साथ हो रही परेशानी के संबंध में शिकायत ग्राम किशनपुर बिराना में दलित समुदाय को लंबे समय से गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य रास्ते पर गंदी नाली का पानी जानबूझकर रोका जाता है, जिससे पूरा रास्ता कीचड़ और फिसलन से भर जाता है। इस कारण छोटे छोटे बच्चे स्कूल और ट्यूशन नहीं जा पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। गांव की महिलाएं जब खेतों से पशुओं के लिए घास लेकर आती हैं तो उन्हें फिसलकर चोट लगने का खतरा रहता है। बुजुर्गों के लिए रास्ते से निकलना लगभग असंभव हो गया है। यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है और पिछले कुछ महीनों में स्थिति और भी खराब हो गई है। ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्यों को कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि दलित समुदाय को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है, जो कि अत्यंत गंभीर विषय है। अतः आपसे निवेदन है कि इस मामले की तत्काल जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा रास्ते और नाली की उचित व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की सुरक्षा बनी रहे। नाम पता मोबाइल नंबर अगर चाहो तो मैं इसका एक और छोटा और ज्यादा सख्त वर्जन भी बना सकता हूँ जो अधिकारी तुरंत पढ़कर एक्शन लें। تو اور کو کاپی کرنے والے فوکس میں समझ गया—you चाहते हो ऐसा टेक्स्ट जो ध्यान खींचे, साफ हो और कॉपी करने में आसान हो। ये लो एक short + strong version जो Jansunwai में डालने के लिए बिल्कुल फिट है 👇 विषय: ग्राम किशनपुर बिराना में रास्ता अवरुद्ध और दलित समुदाय को गंभीर परेशानी ग्राम किशनपुर बिराना में मुख्य रास्ते पर नाली का गंदा पानी रोके जाने से रास्ता पूरी तरह कीचड़ और फिसलन से भर गया है। छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और महिलाओं व बुजुर्गों के लिए चलना बेहद खतरनाक हो गया है। कई बार शिकायत के बावजूद ग्राम प्रधान और पंचायत द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थिति लगातार बिगड़ रही है और दलित समुदाय को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कृपया तत्काल जांच कराकर रास्ता साफ कराया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी1
- हापुड़ में 24 अप्रैल को ई-रिक्शा हड़ताल, चालक बोले- अब सहन की सीमा पार रूट छोटे, स्टैंड नहीं, पुलिस उत्पीड़न और रेलवे पर अवैध पर्ची; विशाल कौशिक ने दी चेतावनी हापुड़ सिटी कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विशाल कौशिक ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर ई-रिक्शा चालकों की समस्याओं को लेकर 24 अप्रैल को पूरे हापुड़ जिले में हड़ताल की घोषणा कर दी। विशाल कौशिक ने बताया कि पहले भी डीएम को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि अब चालकों की धैर्य की सीमा टूट चुकी है। मुख्य समस्याएं बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा बनाए गए रूट बेहद छोटे हैं, जिससे चालकों को घूम-घूमकर चलना पड़ता है और आय में भारी कमी आई है। हापुड़ शहर में ई-रिक्शा चालकों के लिए कोई स्टैंड नहीं है, जिस कारण बाजारों में जाम की स्थिति बनती है और चालकों को खड़े होने की भी जगह नहीं मिलती। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर अवैध रूप से जबरन पर्ची कटाई जाती है। पुलिस का व्यवहार भी चालकों के साथ बेहद खराब रहता है। इन सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद सभी ई-रिक्शा चालकों की सहमति से 24 अप्रैल शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पूर्ण हड़ताल रहेगी। इस दिन हापुड़ जिले में कोई भी ई-रिक्शा नहीं चलेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरधना के अध्यक्ष तेजकरण, हापुड़ के अध्यक्ष वरुण त्यागी, क्षेत्रीय अध्यक्ष सोनू, पप्पू यादव, रजत, वकील सहित सैकड़ों ई-रिक्शा चालक मौजूद रहे। चालकों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर तुरंत ध्यान नहीं दिया तो आगे और बड़ी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।5