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बिहार के वैशाली जिले से संबंध रखने वाले आयुष सिंह और प्रिंस कुमार ने साउथ एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर राज्य का मान बढ़ाया है। इन दोनों खिलाड़ियों ने टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करते हुए यह उपलब्धि हासिल की, जिससे पूरे बिहार को गौरवान्वित होने का अवसर मिला है।
Republic Vaishali
बिहार के वैशाली जिले से संबंध रखने वाले आयुष सिंह और प्रिंस कुमार ने साउथ एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर राज्य का मान बढ़ाया है। इन दोनों खिलाड़ियों ने टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करते हुए यह उपलब्धि हासिल की, जिससे पूरे बिहार को गौरवान्वित होने का अवसर मिला है।
More news from बिहार and nearby areas
- यह पोस्ट वैशाली, बिहार के लालगंज, करथहा, राजापाकर और हाजीपुर जैसे विभिन्न स्थानों से संबंधित 'ब्रेकिंग न्यूज़' और 'अपराध समाचार' को इंगित करने वाले हैशटैग का एक संग्रह है। इसमें 'वैशाली पुलिस' का भी उल्लेख किया गया है।1
- यह बात कही गई है कि पाप का फल एक न एक दिन अवश्य मिलता है। इस संदेश में इस बात पर जोर दिया गया है कि कोई भी गलत कार्य अनसुना नहीं रहता और उसका परिणाम निश्चित तौर पर भुगतना पड़ता है, भले ही इस प्रक्रिया में काफी लंबा समय लग जाए, यहाँ तक कि 34 साल का वक्त भी क्यों न लग जाए।1
- सीताराम नर्सरी, हाजीपुर, वैशाली ने 13 और 14 जून को पटना में होने वाले आम महोत्सव के लिए सभी लोगों को सादर आमंत्रित किया है। यह महोत्सव पटना के बधाई बैंक्वेट हॉल में आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों ने सभी से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल बनाएँ।1
- बिहार के वैशाली जिले में 33 साल पुराने एक जानलेवा हमले के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज तिवारी की अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। राघोपुर क्षेत्र के वनपुर गांव में एक दंपति पर फायरिंग कर किए गए इस हमले के मामले में एक ही परिवार के 5 लोगों को दोषी करार दिया गया है। यह मामला तीन दशक से भी अधिक समय से अदालत में लंबित था, जिसकी सुनवाई अब पूरी हो चुकी है। अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराया है, जबकि सजा का ऐलान अलग से किया जा सकता है। इस फैसले को इस बात का उदाहरण माना जा रहा है कि गंभीर अपराधों में कानूनी प्रक्रिया भले ही लंबी हो, लेकिन न्यायिक कार्रवाई जारी रहती है।1
- कुछ मुद्दों पर पूरे देश की एकजुटता और अन्य पर खामोशी के पीछे की वजह पर एक सीधी, तेज और बेबाक चर्चा शुरू हुई है। यह चर्चा इस सवाल के इर्द-गिर्द घूमती है कि 'तुम करो तो लीला… हम करें तो कैरेक्टर ढीला?' यानी, जब कुछ लोग कुछ करते हैं तो उसे सही माना जाता है, जबकि दूसरों के लिए वही काम चरित्र पर सवाल उठा देता है। इसमें कंट्रोवर्सी, संगठन और शिक्षा की ताकत के साथ-साथ सोशल मीडिया के खेल की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह गंभीर बहस इस विडंबना को उजागर करती है कि कुछ विवादों और मुद्दों पर पूरा देश एकजुट होकर प्रतिक्रिया देता है, वहीं अन्य समान महत्व के मामलों पर गहरा सन्नाटा क्यों छा जाता है। इस चर्चा के केंद्र में अंजना ओम कश्यप और खान सर जैसे नाम तथा बिहार के मोतिहारी जैसे स्थान भी हैं, जो संभवतः इन विषयों के उदाहरण के रूप में देखे जा रहे हैं। 'निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार' द्वारा आयोजित यह चर्चा इस दावे के साथ प्रस्तुत की गई है कि यहां सच बिकता नहीं, सीधा दिखता है।1
- यह वीडियो केवल मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है, जो बिहार के सारण जिले के परसा स्थित एक गाँव की सड़क की दयनीय स्थिति को दर्शाता है। वीडियो में विशेष रूप से पचालक रोड की पूरी तरह से खराब हालत को उजागर किया गया है, जो पचालक बाजार से सीधे गाँव के अंदर जाती है। वीडियो बनाने वाले ने दर्शकों से टिप्पणी और समर्थन माँगा है, यह जानने के लिए कि क्या यह स्थिति उनके "पहले गाँव" की सड़कों की वास्तविक हालत को दर्शाती है।1
- वैशाली जिले के करताहां थाना क्षेत्र के गुरमिया गांव में एक दामाद की मौत हो गई है। मृतक के परिजनों ने सीधे तौर पर यह गंभीर आरोप लगाया है कि उसे जहर देकर उसकी हत्या की गई है।1
- मुजफ्फरपुर के एक युवक का शव छत्तीसगढ़ में पाया गया है। इस घटना को लेकर मृतक युवक की मौत पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिससे पूरे मामले में न्याय की मांग उठ रही है।1