अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को कांग्रेस ने श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात करार दिया है। पार्टी नेताओं ने इस घटना के लिए सीधे देश के प्रधानमंत्री को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया है, साथ ही आरोप लगाया है कि यह घृणित कृत्य आमजनों की आस्था से खिलवाड़ है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, राम प्रमोद सिंह, धर्मेन्द्र कुमार निराला, सुनील कुमार पासवान, टिंकू गिरी, प्रद्युम्न दुबे, रूपेश चौधरी और मुन्ना मांझी सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इस चोरी की घटना का स्वतः संज्ञान लें। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने की बात कही है, ताकि इस खिलवाड़ के दोषियों को उजागर किया जा सके। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव जी ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर हेतु रामलला ट्रस्ट का गठन किया था, जिसमें गुरु ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद जी को अध्यक्ष बनाया गया था और सभी पीठ के शंकराचार्य सदस्य थे। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री मोदी जी ने जानबूझकर मंदिर निर्माण का कार्य रामलला ट्रस्ट को देने के बजाय एक नए ट्रस्ट का गठन किया, जिसके कारण नेताओं ने श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की पूरी जवाबदेही PM मोदी जी की बताई है। नेताओं ने यह भी मांग की है कि वर्तमान में गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तुरंत भंग किया जाए और उसमें से राजनीतिक लोगों को बाहर निकालकर इसकी कमान साधु-संतों और धार्मिक क्षेत्र के सम्मानित लोगों को सौंपी जाए। कांग्रेस ने देश के प्रधानमंत्री की चुप्पी पर आश्चर्य व्यक्त किया और सवाल उठाया कि जिस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा उन्होंने खुद अपने हाथों से की हो, वहां हजारों करोड़ रुपये के चढ़ावे की लूट पर वे चुप क्यों हैं, जबकि उन्हें तुरंत हस्तक्षेप कर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। नेताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार पर छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या बड़े अधिकारियों या ट्रस्ट के रसूखदार लोगों की मिलीभगत के बिना, और सीसीटीवी कैमरे बंद करके इतनी बड़ी चोरी संभव है? कांग्रेस पार्टी ने इस अति संवेदनशील और गंभीर मामले को सड़क से संसद तक उठाने का संकल्प लिया है, और कहा है कि वे दोषियों को बेनकाब करने तथा उन पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने तक अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को कांग्रेस ने श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात करार दिया है। पार्टी नेताओं ने इस घटना के लिए सीधे देश के प्रधानमंत्री को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया है, साथ ही आरोप लगाया है कि यह घृणित कृत्य आमजनों की आस्था से खिलवाड़ है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, राम प्रमोद सिंह, धर्मेन्द्र कुमार निराला, सुनील कुमार पासवान, टिंकू गिरी, प्रद्युम्न दुबे, रूपेश चौधरी और मुन्ना मांझी सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इस चोरी की घटना का स्वतः संज्ञान लें। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने की बात कही है, ताकि इस खिलवाड़ के दोषियों को उजागर किया जा सके। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव जी ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर हेतु रामलला ट्रस्ट का गठन किया था, जिसमें गुरु ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद जी को अध्यक्ष बनाया गया था और सभी पीठ के शंकराचार्य सदस्य थे। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री मोदी जी ने जानबूझकर मंदिर निर्माण का कार्य रामलला ट्रस्ट को देने के बजाय एक नए ट्रस्ट का गठन किया, जिसके कारण नेताओं ने श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की पूरी जवाबदेही PM मोदी जी की बताई है। नेताओं ने यह भी मांग की है कि वर्तमान में गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तुरंत भंग किया जाए और उसमें से राजनीतिक लोगों को बाहर निकालकर इसकी कमान साधु-संतों और धार्मिक क्षेत्र के सम्मानित लोगों को सौंपी जाए। कांग्रेस ने देश के प्रधानमंत्री की चुप्पी पर आश्चर्य व्यक्त किया और सवाल उठाया कि जिस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा उन्होंने खुद अपने हाथों से की हो, वहां हजारों करोड़ रुपये के चढ़ावे की लूट पर वे चुप क्यों हैं, जबकि उन्हें तुरंत हस्तक्षेप कर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। नेताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार पर छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या बड़े अधिकारियों या ट्रस्ट के रसूखदार लोगों की मिलीभगत के बिना, और सीसीटीवी कैमरे बंद करके इतनी बड़ी चोरी संभव है? कांग्रेस पार्टी ने इस अति संवेदनशील और गंभीर मामले को सड़क से संसद तक उठाने का संकल्प लिया है, और कहा है कि वे दोषियों को बेनकाब करने तथा उन पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने तक अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
- अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को कांग्रेस ने श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात करार दिया है। पार्टी नेताओं ने इस घटना के लिए सीधे देश के प्रधानमंत्री को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया है, साथ ही आरोप लगाया है कि यह घृणित कृत्य आमजनों की आस्था से खिलवाड़ है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, राम प्रमोद सिंह, धर्मेन्द्र कुमार निराला, सुनील कुमार पासवान, टिंकू गिरी, प्रद्युम्न दुबे, रूपेश चौधरी और मुन्ना मांझी सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इस चोरी की घटना का स्वतः संज्ञान लें। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने की बात कही है, ताकि इस खिलवाड़ के दोषियों को उजागर किया जा सके। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव जी ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर हेतु रामलला ट्रस्ट का गठन किया था, जिसमें गुरु ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद जी को अध्यक्ष बनाया गया था और सभी पीठ के शंकराचार्य सदस्य थे। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री मोदी जी ने जानबूझकर मंदिर निर्माण का कार्य रामलला ट्रस्ट को देने के बजाय एक नए ट्रस्ट का गठन किया, जिसके कारण नेताओं ने श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की पूरी जवाबदेही PM मोदी जी की बताई है। नेताओं ने यह भी मांग की है कि वर्तमान में गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तुरंत भंग किया जाए और उसमें से राजनीतिक लोगों को बाहर निकालकर इसकी कमान साधु-संतों और धार्मिक क्षेत्र के सम्मानित लोगों को सौंपी जाए। कांग्रेस ने देश के प्रधानमंत्री की चुप्पी पर आश्चर्य व्यक्त किया और सवाल उठाया कि जिस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा उन्होंने खुद अपने हाथों से की हो, वहां हजारों करोड़ रुपये के चढ़ावे की लूट पर वे चुप क्यों हैं, जबकि उन्हें तुरंत हस्तक्षेप कर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। नेताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार पर छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या बड़े अधिकारियों या ट्रस्ट के रसूखदार लोगों की मिलीभगत के बिना, और सीसीटीवी कैमरे बंद करके इतनी बड़ी चोरी संभव है? कांग्रेस पार्टी ने इस अति संवेदनशील और गंभीर मामले को सड़क से संसद तक उठाने का संकल्प लिया है, और कहा है कि वे दोषियों को बेनकाब करने तथा उन पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने तक अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।1
- शेरघाटी कोर्ट में मुंशी के रूप में कार्यरत एलएलबी छात्रा दिव्या पासवान की कथित तौर पर हत्या कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, दिव्या का शादीशुदा राहुल यादव के साथ कुछ सालों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इस संबंध में अनबन होने के बाद, राहुल यादव उसे कुलेश्वरी मंदिर के पास जंगलों में स्थित एक माइंस वाले गड्ढे में ले गया। वहाँ उसने दिव्या की हत्या कर दी और उसके शव को गड्ढे में फेंक दिया, जिसकी लाश बाद में मिली। दिव्या पासवान डोभी थाना क्षेत्र के अछमा गांव की रहने वाली थी, जबकि आरोपी राहुल यादव शेरघाटी क्षेत्र के कुबरी गांव का निवासी बताया गया है।1
- पंचायत विकास दिवस के कार्यक्रम के दौरान गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने अपना संबोधन दिया।1
- आज 28 जून 2026 को गया जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने नगर प्रखंड के उच्च विद्यालय, चाकंद में आयोजित “पंचायत विकास दिवस” कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री शैलेश कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, प्रखण्ड प्रमुख, जिला पंचायत राज पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी और जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित रहे। “पंचायत विकास दिवस” का मुख्य उद्देश्य पंचायत में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा करना, ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को सुनना तथा जनभागीदारी के माध्यम से पंचायत के सर्वांगीण विकास को गति प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान ग्राम सभा के सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, और पंचायत की वर्तमान तथा आगामी विकास योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), हर घर नल का जल योजना, स्वच्छ भारत मिशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई, साथ ही स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) की चयनित थीमों पर भी विचार-विमर्श हुआ। विशेष रूप से LSDG थीम-9 – “महिला हितैषी पंचायत” पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें महिलाओं एवं बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण, निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट पंचायतों द्वारा किए गए विकास कार्यों का वीडियो प्रदर्शन भी किया गया। इसके अतिरिक्त, माननीय प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के सीधे प्रसारण की व्यवस्था भी की गई थी, जिसे उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सुना।1
- Available for Sale Locality : Got Koch Khabaspur Gaun Area (dimensions) : 40 Bigha 18 lakh ka bigha hai.2
- गया शहर के अक्षयवट वेदी गेट के पास वाटर सप्लाई पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। इस लीकेज के चलते आम लोगों को आने-जाने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- सामाजिक कार्यकर्ता अमर आजाद पासवान ने दलित नेताओं के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दलित नेताओं को 'सोचना चाहिए था'।1
- धर्मेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर अग्रवाल समाज से 4 करोड़ 61 लाख रुपये की बकाया राशि के भुगतान के लिए भावुक अपील की है। कोयला व्यापार से संबंधित इस मामले में, धर्मेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह पिछले 13 दिनों से संतोष अग्रवाल के आने और बकाया राशि का तगादा करने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन संतोष अग्रवाल अब तक नहीं आए हैं।1