Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के इस्लामनगर कस्बे के मछली बाजार में एक युवक और बाइक सवार के बीच हुई कहासुनी ने गंभीर रूप ले लिया। यह कहासुनी दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट में बदल गई। इस दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि छतों से भी ईंट-पत्थर चले, जिससे कई लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल पहुँचा। भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में भी लिया है। मारपीट और पत्थरबाजी की इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो गया है, और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
Mubarak Ali
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के इस्लामनगर कस्बे के मछली बाजार में एक युवक और बाइक सवार के बीच हुई कहासुनी ने गंभीर रूप ले लिया। यह कहासुनी दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट में बदल गई। इस दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि छतों से भी ईंट-पत्थर चले, जिससे कई लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल पहुँचा। भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में भी लिया है। मारपीट और पत्थरबाजी की इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो गया है, और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- सहारनपुर की सुनीता अरोड़ा ने 180 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया और जंतर-मंतर पर मोहम्मद जुनैद से मिलने पहुँचीं। इस दौरान, उन्होंने वहाँ मौजूद लोगों को भाईचारे और इंसानियत का पैगाम दिया, जो सद्भाव का संदेश फैलाता है।1
- अमरोहा जनपद के गजरौला थाना क्षेत्र में पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है, जिसके तहत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर सभी आरोपियों को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। क्षेत्राधिकारी धनौरा अंजली कटारिया और प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार के नेतृत्व में गजरौला पुलिस टीम ने औद्योगिक क्षेत्र स्थित यूएस फूड्स फैक्ट्री के पास मोहल्ला नाईपुरा में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने कथित रूप से संचालित किए जा रहे अनैतिक देह व्यापार का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में बिट्टू पुत्र पान सिंह निवासी संभल, कैलाश पुत्र नारायण सिंह निवासी गजस्थल थाना नौगावां सादात अमरोहा, मोनू पुत्र कैलाश निवासी बड़पुरा थाना बछरायूं अमरोहा, और पूजा पत्नी कैलाश निवासी गजस्थल थाना नौगावां सादात अमरोहा शामिल हैं। पुलिस ने क्षेत्राधिकारी धनौरा की तहरीर पर इन आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस पूरी कार्रवाई में क्षेत्राधिकारी धनौरा, प्रभारी निरीक्षक गजरौला सहित थाना गजरौला की पुलिस टीम और महिला पुलिसकर्मियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।1
- अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक को बांधकर लाठी-डंडों से मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह मामला 27 जून का है जब ग्राम सादुल्लापुर निवासी छत्रपाल पुत्र स्वर्गीय दीवान सिंह ने गजरौला थाने में तहरीर दी थी। छत्रपाल ने बताया था कि ग्राम सुल्तानठेर के प्रसादी पुत्र सुखराम, नेकपाल पुत्र सुखराम और दीपक पुत्र शीशपाल ने उनके बेटे सिकंदर को बांधकर गाली-गलौज की, लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा और जान से मारने की धमकी भी दी। इस शिकायत के आधार पर गजरौला थाने में तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अमरोहा श्री लखन सिंह यादव ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा है कि यदि उन्हें किसी व्यक्ति पर कोई संदेह हो या कोई संदिग्ध व्यक्ति पकड़ा जाए, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या डायल-112 पर दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने, किसी को बंधक बनाने, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने या मारपीट करने का कोई अधिकार नहीं है। पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी कि ऐसा करने वालों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।2
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एंकरिंग का एक नया और दमदार अंदाज़ दिखाया गया है। इस अंदाज़ को देखकर लोग हैरान हैं और इसकी तुलना अंजना ओम कश्यप के एंकरिंग से भी आगे की जा रही है, जो कई लोगों के लिए एक नया और प्रभावशाली अनुभव है। यह वीडियो इतनी आग की तरह फैल रहा है कि हर कोई यह कह रहा है कि यह 'पत्रकारिता की परिभाषा ही बदल देंगे।' इस नए तरीक़े को 'सनसनीखेज़ी का नया चेहरा' बताया जा रहा है, जिससे लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि यह पत्रकारिता है या फिर किसी चुनौती का नया खेल। पोस्ट के अनुसार, यह सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि पत्रकारिता की नई दिशा पर उठते सवालों का आईना है, और लोगों से पूछा जा रहा है कि वे इस पत्रकारिता को क्या कहेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के इस्लामनगर कस्बे के मछली बाजार में एक युवक और बाइक सवार के बीच हुई कहासुनी ने गंभीर रूप ले लिया। यह कहासुनी दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट में बदल गई। इस दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि छतों से भी ईंट-पत्थर चले, जिससे कई लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल पहुँचा। भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में भी लिया है। मारपीट और पत्थरबाजी की इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो गया है, और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- मुरादाबाद के थाना मझोला क्षेत्रान्तर्गत एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान ₹25,000 के इनामी अभियुक्त को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। यह अपराधी मझोला थाना क्षेत्र में हुई एक फायरिंग की घटना में वांछित था। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।1
- महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के CIDCO N-1 इलाके में स्थित 'फर्स्टक्राई इंटेलीटॉट्स प्रीस्कूल' में एक परेशान करने वाली घटना ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। खबरों के अनुसार, लगभग 23 महीने के एक मासूम बच्चे पर दूसरे बच्चे ने करीब 10 मिनट तक लगातार हमला किया। CCTV फुटेज में यह साफ दिख रहा है कि इस दौरान कोई भी केयरटेकर बच्चे को रोकने के लिए मौजूद नहीं था। जब तक स्टाफ का ध्यान इस घटना पर गया, तब तक पीड़ित बच्चे के शरीर पर कई जगह काटने के निशान और चोटें आ चुकी थीं। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में भारी गुस्सा देखा गया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रीस्कूल के CEO समेत छह लोगों के खिलाफ कथित लापरवाही के आरोप में मामला दर्ज किया है। इस पूरे प्रकरण ने प्रीस्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और उनकी देखरेख के मानकों को लेकर एक बार फिर गहन चिंताएँ बढ़ा दी हैं।1