मऊ में परदहा मिल के पास स्थित कांशीराम आवास में फैली गंदगी और जाम नालियों का मुद्दा मीडिया में प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। इस आवास परिसर में लंबे समय से कचरे का अंबार लगा हुआ था और नालियां पूरी तरह चोक थीं। इस बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था और क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ था। खबर प्रसारित होने के तुरंत बाद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तत्काल समस्या के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अपनी सीधी निगरानी में सफाई कर्मियों को लगाकर पूरे परिसर की सघन सफाई कराई। इसके साथ ही जाम पड़ी नालियों को पूरी तरह साफ कराकर जल निकासी को सुचारु बनाया गया और बीमारियों के संक्रमण को रोकने के लिए परिसर में दवा का छिड़काव भी कराया गया। नगर पालिका प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से कांशीराम आवास के स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। निवासियों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि आगे भी यहाँ नियमित रूप से सफाई व्यवस्था बनाए रखी जाएगी, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। इस तरह मीडिया में खबर दिखाए जाने का बेहद सकारात्मक और सीधा असर धरातल पर देखने को मिला है।
मऊ में परदहा मिल के पास स्थित कांशीराम आवास में फैली गंदगी और जाम नालियों का मुद्दा मीडिया में प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। इस आवास परिसर में लंबे समय से कचरे का अंबार लगा हुआ था और नालियां पूरी तरह चोक थीं। इस बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था और क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ था। खबर प्रसारित होने के तुरंत बाद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तत्काल समस्या के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अपनी सीधी निगरानी में सफाई कर्मियों को लगाकर पूरे परिसर की सघन सफाई कराई। इसके साथ ही जाम पड़ी नालियों को पूरी तरह साफ कराकर जल निकासी को सुचारु बनाया गया और बीमारियों के संक्रमण को रोकने के लिए परिसर में दवा का छिड़काव भी कराया गया। नगर पालिका प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से कांशीराम आवास के स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। निवासियों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि आगे भी यहाँ नियमित रूप से सफाई व्यवस्था बनाए रखी जाएगी, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। इस तरह मीडिया में खबर दिखाए जाने का बेहद सकारात्मक और सीधा असर धरातल पर देखने को मिला है।
- उत्तर प्रदेश के घोसी सांसद राजीव राय मानसून सत्र से पहले जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने वहाँ पेपर लीक के खिलाफ चल रहे अनशन को अपना समर्थन दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जखनियां में प्राइवेट नौकरी और गरीबी के बीच झूलती जिंदगी का दर्द सामने आया है। प्राइवेट क्षेत्र में काम करते हुए सोचते-सोचते ही पूरी जिंदगी कट जाती है और दोस्त, यही एक गरीब इंसान की जिंदगी की कड़वी सच्चाई है।1
- मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना के अंतर्गत चकसहजा ग्राम सभा में मऊ और आजमगढ़ जनपदों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने पर ग्रामीणों ने बारिश में भीगते हुए जोरदार प्रदर्शन किया है। लगभग 20 से 25 दिन पहले पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सुहवल बाजार से छतउर जाने वाली इस मुख्य सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन कार्यदाई संस्था ने बीच में लगभग 10 से 20 मीटर का हिस्सा अधूरा छोड़ दिया। अब बारिश के मौसम में इस अधूरे हिस्से पर बड़ा गड्ढा और जलजमाव होने की वजह से ग्रामीणों और राहगीरों के लिए भारी मुसीबत खड़ी हो गई है। ग्रामीण राकेश कुमार, शांति देवी और बृजलाल कोटेदार ने बताया कि इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है। सड़क निर्माण के दौरान आलोक सिंह के घर के सामने पुलिया लगाने के बाद पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों ने जल्द ही सड़क को पूरा करने का भरोसा दिया था, लेकिन वे काम अधूरा छोड़कर चले गए। चंदन भारती ने बताया कि सड़क के बीच बने बड़े गड्ढे में आए दिन स्कूली छात्र गिरकर घायल हो रहे हैं और कुछ बच्चों के पैर भी टूट चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि गांव तक न तो कोई एम्बुलेंस पहुंच पा रही है और न ही स्कूली बसें आ पा रही हैं। बड़े वाहनों के न आ पाने से सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में हो रही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग को चेतावनी दी है कि यदि इस सड़क का निर्माण कार्य जल्द पूरा नहीं कराया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से राकेश कुमार, राजेश, राजन, प्रमोद, बृजलाल कोटेदार, संदीप, अमित, हैप्पी, श्याम नारायण, प्रिंस, सुभावती देवी, सुशीला देवी, पुष्पा देवी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।1
- गाजीपुर के दुल्लहपुर-जलालाबाद स्थित ओम जी ग्रुप द्वारा संचालित श्री रामदास महाविद्यालय में मूसलाधार बारिश के बीच नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ उत्साहपूर्ण और धार्मिक माहौल में हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन एवं प्रसाद वितरण के साथ प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत की गई। लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं महाविद्यालय पहुंचे और पहले ही दिन प्रवेश लेकर शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने पुष्पवर्षा कर नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का स्वागत किया और पहले दिन प्रवेश लेने वाले करीब 300 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बताया कि 19 जुलाई से शुरू हुई यह साइकिल वितरण योजना 25 जुलाई तक जारी रहेगी। इस अवधि के दौरान प्रवेश लेने वाले सभी पात्र छात्र-छात्राओं को साइकिल प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकें। हवन-पूजन के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया और नए शैक्षणिक सत्र की सफलता के लिए मंगलकामना की गई। इस प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में रघुनंदन पीजी कॉलेज के प्रबंधक उमेश यादव, माता तेतरा देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज के प्रबंधक अटल कुमार सिंह, रमेश यादव, अजीत सिंह, काली सनशाइन स्कूल के प्रबंधक विपिन कुमार सिंह, आलोक यादव, अच्युतानंद पांडेय, शाश्वत सिंह, ओम जी, आदर्श सिंह और टिंकू वायु नंदन पांडेय सहित महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।4
- बलिया के बेल्थरारोड के ग्रामीण इलाकों में हुई छम-छम बारिश के बाद जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई है। बहोरवा रोड सहित कई स्थानों पर बारिश का पानी जमा होने के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बहोरवा रोड और ग्रामीण इलाकों में पानी की निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे हर बारिश के बाद सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं। लगभग तीन वर्ष पहले ही बहोरवा रोड का निर्माण कराया गया था, लेकिन आज भी सड़क पर भारी जलभराव और गड्ढों के कारण लोग जोखिम उठाकर यात्रा करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि एक ओर जनप्रतिनिधि विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास के जरिए विकास के दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जल निकासी जैसी बुनियादी समस्या पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस लापरवाही का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दैनिक यात्रियों पर पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण इलाकों में स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित कर इस समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।2
- गाजीपुर में बंटवारे को लेकर परेशान कक्षा 8 में पढ़ने वाला एक बच्चा अचानक अकेले ही डीएम कार्यालय पहुंच गया। बच्चे के इस तरह अकेले कार्यालय पहुंचने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वहां मौजूद लोगों ने इतनी छोटी उम्र में बच्चे के इस कदम और साहस को देखा और उसके हौसले को सलाम किया।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में जातिसूचक टिप्पणी को लेकर सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री विजय राजभर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समाजवादी पार्टी के सांसद प्रतिनिधि के खिलाफ मोर्चा खोला है और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि दलित और वंचित समाज का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार या बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान विजय राजभर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस आपत्तिजनक टिप्पणी से समाज के एक बहुत बड़े वर्ग की भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं। उन्होंने कानून के अनुसार सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति दोबारा ऐसी जातिसूचक भाषा का इस्तेमाल करने का दुस्साहस न कर सके। उन्होंने कहा कि भाजपा सामाजिक समरसता और हर वर्ग के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।1
- आजमगढ़ के जहानागंज से दौलताबाद पीजीआई को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित भुजही गांव की मुख्य सड़क पिछले लगभग 10 दिनों से पूरी तरह जलमग्न है। लगातार हो रही बारिश और नालियों की सफाई न होने के कारण सड़क पर भारी जलभराव हो गया है। इस प्रमुख मार्ग से रोजाना हजारों लोगों का आवागमन होता है, जिसमें स्कूली बच्चे, राहगीर, दोपहिया वाहन चालक और स्थानीय दुकानदार शामिल हैं। सड़क पर पानी भरे होने के कारण लगातार हादसों की आशंका बनी हुई है और लोगों को फिसलन के बीच सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। गांव के निवासी संतोष, महेंद्र, कन्हैया लाल गुप्ता, शिवधनी और राजनाथ सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पांच सफाईकर्मी तैनात हैं। कुछ समय पहले लाखों रुपये की लागत से नालियों का निर्माण भी कराया गया था, लेकिन नियमित सफाई न होने के कारण ये नालियां पूरी तरह जाम हो चुकी हैं। इसी वजह से बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया है और कई दिनों से इसकी निकासी नहीं हो पा रही है। जलभराव के कारण स्थानीय दुकानदारों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है क्योंकि ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर जमा पानी की वजह से क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की निकासी नहीं की गई तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी से तत्काल जल निकासी, नालियों की सफाई और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है ताकि आमजन को इस समस्या से राहत मिल सके।1
- उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में पुलिस और एक कथित गौ तस्कर के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें जवाबी कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में गोली लग गई। गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र में रविवार को हुई इस मुठभेड़ के बाद घायल आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आजमगढ़ निवासी जावेद आलम के रूप में की गई है, जिसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरदह भेजा गया है। यह घटना अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान हुई, जब पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक संदिग्ध ट्रक को रोकने की कोशिश की। चालक ट्रक छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिसके बाद तलाशी लेने पर ट्रक से 30 गौवंश बरामद हुए, जिनमें से 17 जीवित थे और 13 मृत पाए गए। पुलिस ने जब फरार आरोपी की तलाश शुरू की, तो रायपुर-बाघपुर अंडरपास के पास उसका सामना संदिग्ध से हुआ। पुलिस के अनुसार, खुद को घिरता देख आरोपी ने टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की गोली उसके बाएं पैर में लगी और उसे पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक .315 बोर का देशी तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी जावेद आलम पर गाजीपुर, गोरखपुर और जौनपुर में गोवध और गैंगस्टर एक्ट समेत कई आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं।1