मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना के अंतर्गत चकसहजा ग्राम सभा में मऊ और आजमगढ़ जनपदों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने पर ग्रामीणों ने बारिश में भीगते हुए जोरदार प्रदर्शन किया है। लगभग 20 से 25 दिन पहले पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सुहवल बाजार से छतउर जाने वाली इस मुख्य सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन कार्यदाई संस्था ने बीच में लगभग 10 से 20 मीटर का हिस्सा अधूरा छोड़ दिया। अब बारिश के मौसम में इस अधूरे हिस्से पर बड़ा गड्ढा और जलजमाव होने की वजह से ग्रामीणों और राहगीरों के लिए भारी मुसीबत खड़ी हो गई है। ग्रामीण राकेश कुमार, शांति देवी और बृजलाल कोटेदार ने बताया कि इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है। सड़क निर्माण के दौरान आलोक सिंह के घर के सामने पुलिया लगाने के बाद पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों ने जल्द ही सड़क को पूरा करने का भरोसा दिया था, लेकिन वे काम अधूरा छोड़कर चले गए। चंदन भारती ने बताया कि सड़क के बीच बने बड़े गड्ढे में आए दिन स्कूली छात्र गिरकर घायल हो रहे हैं और कुछ बच्चों के पैर भी टूट चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि गांव तक न तो कोई एम्बुलेंस पहुंच पा रही है और न ही स्कूली बसें आ पा रही हैं। बड़े वाहनों के न आ पाने से सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में हो रही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग को चेतावनी दी है कि यदि इस सड़क का निर्माण कार्य जल्द पूरा नहीं कराया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से राकेश कुमार, राजेश, राजन, प्रमोद, बृजलाल कोटेदार, संदीप, अमित, हैप्पी, श्याम नारायण, प्रिंस, सुभावती देवी, सुशीला देवी, पुष्पा देवी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना के अंतर्गत चकसहजा ग्राम सभा में मऊ और आजमगढ़ जनपदों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने पर ग्रामीणों ने बारिश में भीगते हुए जोरदार प्रदर्शन किया है। लगभग 20 से 25 दिन पहले पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सुहवल बाजार से छतउर जाने वाली इस मुख्य सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन कार्यदाई संस्था ने बीच में लगभग 10 से 20 मीटर का हिस्सा अधूरा छोड़ दिया। अब बारिश के मौसम में इस अधूरे हिस्से पर बड़ा गड्ढा और जलजमाव होने की वजह से ग्रामीणों और राहगीरों के लिए भारी मुसीबत खड़ी हो गई है। ग्रामीण राकेश कुमार, शांति देवी और बृजलाल कोटेदार ने बताया कि इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है। सड़क निर्माण के दौरान आलोक सिंह के घर के सामने पुलिया लगाने के बाद पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों ने जल्द ही सड़क को पूरा करने का भरोसा दिया था, लेकिन वे काम अधूरा छोड़कर चले गए। चंदन भारती ने बताया कि सड़क के बीच बने बड़े गड्ढे में आए दिन स्कूली छात्र गिरकर घायल हो रहे हैं और कुछ बच्चों के पैर भी टूट चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि गांव तक न तो कोई एम्बुलेंस पहुंच पा रही है और न ही स्कूली बसें आ पा रही हैं। बड़े वाहनों के न आ पाने से सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में हो रही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग को चेतावनी दी है कि यदि इस सड़क का निर्माण कार्य जल्द पूरा नहीं कराया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से राकेश कुमार, राजेश, राजन, प्रमोद, बृजलाल कोटेदार, संदीप, अमित, हैप्पी, श्याम नारायण, प्रिंस, सुभावती देवी, सुशीला देवी, पुष्पा देवी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
- वार्ड नंबर 81
- आजमगढ़ के जहानागंज से दौलताबाद पीजीआई को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित भुजही गांव की मुख्य सड़क पिछले लगभग 10 दिनों से पूरी तरह जलमग्न है। लगातार हो रही बारिश और नालियों की सफाई न होने के कारण सड़क पर भारी जलभराव हो गया है। इस प्रमुख मार्ग से रोजाना हजारों लोगों का आवागमन होता है, जिसमें स्कूली बच्चे, राहगीर, दोपहिया वाहन चालक और स्थानीय दुकानदार शामिल हैं। सड़क पर पानी भरे होने के कारण लगातार हादसों की आशंका बनी हुई है और लोगों को फिसलन के बीच सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। गांव के निवासी संतोष, महेंद्र, कन्हैया लाल गुप्ता, शिवधनी और राजनाथ सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पांच सफाईकर्मी तैनात हैं। कुछ समय पहले लाखों रुपये की लागत से नालियों का निर्माण भी कराया गया था, लेकिन नियमित सफाई न होने के कारण ये नालियां पूरी तरह जाम हो चुकी हैं। इसी वजह से बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया है और कई दिनों से इसकी निकासी नहीं हो पा रही है। जलभराव के कारण स्थानीय दुकानदारों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है क्योंकि ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर जमा पानी की वजह से क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की निकासी नहीं की गई तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी से तत्काल जल निकासी, नालियों की सफाई और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है ताकि आमजन को इस समस्या से राहत मिल सके।1
- आजमगढ़ जिले में मतदेय स्थलों की सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रविन्द्र कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार मतदेय स्थलों का निर्धारण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मतदेय स्थलों का विभाजन 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर किया जाएगा। राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को मतदेय स्थल विभाजन से संबंधित सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 21 जुलाई तक का अंतिम अवसर दिया गया है। सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्राप्त आपत्तियों का सत्यापन कर 22 जुलाई तक अंतिम सूची भेजना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि मुख्य गांव या बस्ती से अधिक दूरी पर स्थित मतदेय स्थलों को सुविधाजनक भवनों में स्थानांतरित किया जाए और मतदान केंद्र की दूरी लगभग दो किलोमीटर से अधिक न हो। साथ ही, मानकों के अनुरूप चल रहे केंद्रों में कोई अनावश्यक बदलाव न करने की हिदायत दी गई है। इस बैठक में सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, अतरौलिया विधायक संग्राम यादव, गोपालपुर विधायक नफीस अहमद, मुबारकपुर विधायक अखिलेश यादव, मेंहनगर विधायक पूजा सरोज, लालगंज विधायक बेचई सरोज और उप जिला निर्वाचन अधिकारी गम्भीर सिंह सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- मऊ के जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत संचालित निःशुल्क कोचिंग सेंटर का फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया। नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शुरू हुई इस कोचिंग में यूपीएससी, एसएससी और नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे चयनित विद्यार्थियों की नियमित कक्षाओं का संचालन आज से शुरू हो गया है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए इन विद्यार्थियों का चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर किया गया है, जिन्हें अनुभवी और विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा तैयारी कराई जाएगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के मंत्र दिए। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि निरंतर मेहनत, सकारात्मक सोच और सही मार्गदर्शन से ही लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को अनुशासित अध्ययन, समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास बनाए रखने के सुझाव दिए और कहा कि तैयारी के दौरान असफलता मिलने पर घबराने के बजाय निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। जिलाधिकारी ने कोचिंग सेंटर में स्थापित लाइब्रेरी, डिजिटल क्लासरूम, वाई-फाई सुविधा और ऑनलाइन अध्ययन व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली मेधावी छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी है, जो आर्थिक तंगी के कारण दिल्ली, लखनऊ और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों में जाकर पढ़ाई नहीं कर पाते। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोचिंग सेंटर के संपर्क मार्ग और भवन की स्थिति का भी जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को संपर्क मार्ग निर्माण हेतु तुरंत एस्टीमेट तैयार करने तथा भवन की आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इस कार्यक्रम के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीमती रश्मि मिश्रा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।3
- मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना के अंतर्गत चकसहजा ग्राम सभा में मऊ और आजमगढ़ जनपदों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने पर ग्रामीणों ने बारिश में भीगते हुए जोरदार प्रदर्शन किया है। लगभग 20 से 25 दिन पहले पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सुहवल बाजार से छतउर जाने वाली इस मुख्य सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन कार्यदाई संस्था ने बीच में लगभग 10 से 20 मीटर का हिस्सा अधूरा छोड़ दिया। अब बारिश के मौसम में इस अधूरे हिस्से पर बड़ा गड्ढा और जलजमाव होने की वजह से ग्रामीणों और राहगीरों के लिए भारी मुसीबत खड़ी हो गई है। ग्रामीण राकेश कुमार, शांति देवी और बृजलाल कोटेदार ने बताया कि इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है। सड़क निर्माण के दौरान आलोक सिंह के घर के सामने पुलिया लगाने के बाद पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों ने जल्द ही सड़क को पूरा करने का भरोसा दिया था, लेकिन वे काम अधूरा छोड़कर चले गए। चंदन भारती ने बताया कि सड़क के बीच बने बड़े गड्ढे में आए दिन स्कूली छात्र गिरकर घायल हो रहे हैं और कुछ बच्चों के पैर भी टूट चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि गांव तक न तो कोई एम्बुलेंस पहुंच पा रही है और न ही स्कूली बसें आ पा रही हैं। बड़े वाहनों के न आ पाने से सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में हो रही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग को चेतावनी दी है कि यदि इस सड़क का निर्माण कार्य जल्द पूरा नहीं कराया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से राकेश कुमार, राजेश, राजन, प्रमोद, बृजलाल कोटेदार, संदीप, अमित, हैप्पी, श्याम नारायण, प्रिंस, सुभावती देवी, सुशीला देवी, पुष्पा देवी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।1
- लखनऊ के रॉयल पदमा के ओनर द्वारा पिछड़ा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रामप्रवेश राजभर को सरेआम पीटने की धमकी देने का मामला सामने आया है। रामप्रवेश राजभर ने जब वहां जीएसटी बिल की मांग की, तो ओनर ने उन्हें 'मार कर लाल करने' की धमकी दे डाली। विवाद खड़ा होने के बाद मौके पर भारी पुलिस फोर्स पहुंच गई और इस पूरे हंगामे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1