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अधिक मास के पावन अवसर पर रावल स्थित राधा रानी मंदिर में देश-विदेश से पधारे श्रद्धालुओं और तीर्थ यात्रियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। राधा रानी मंदिर के महंत और वरिष्ठ समाजसेवी एडवोकेट राहुल अधिकारी कल्ला जी ने इस शुभ अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को अधिक मास की शुभकामनाएँ दीं। अपने संदेश में, राहुल अधिकारी कल्ला जी ने धर्म, सेवा, भक्ति और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों की सेवा और उनका स्वागत करना भारतीय संस्कृति की एक गौरवशाली परंपरा है। कल्ला जी ने राधा रानी से प्रार्थना की कि उनकी कृपा से सभी भक्तों का जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो। यह जानकारी संवाददाता राहुल शर्मा के साथ सुषमा ठाकुर ने 'प्रदेश खबर न्यूज़' के लिए दी। इस दौरान 'जय श्री राधे! जय राधा रानी!' के जयकारे भी लगाए गए।
Pradesh Khabar
अधिक मास के पावन अवसर पर रावल स्थित राधा रानी मंदिर में देश-विदेश से पधारे श्रद्धालुओं और तीर्थ यात्रियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। राधा रानी मंदिर के महंत और वरिष्ठ समाजसेवी एडवोकेट राहुल अधिकारी कल्ला जी ने इस शुभ अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को अधिक मास की शुभकामनाएँ दीं। अपने संदेश में, राहुल अधिकारी कल्ला जी ने धर्म, सेवा, भक्ति और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों की सेवा और उनका स्वागत करना भारतीय संस्कृति की एक गौरवशाली परंपरा है। कल्ला जी ने राधा रानी से प्रार्थना की कि उनकी कृपा से सभी भक्तों का जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो। यह जानकारी संवाददाता राहुल शर्मा के साथ सुषमा ठाकुर ने 'प्रदेश खबर न्यूज़' के लिए दी। इस दौरान 'जय श्री राधे! जय राधा रानी!' के जयकारे भी लगाए गए।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो ने एक बड़ा बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने अपनी गिरफ्तारी देने की घोषणा की है। विधायक टोप्पो ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राजस्व कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे खुद अपनी गिरफ्तारी देने जा रहे हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से भी अपील की है कि वे इस दौरान किसी भी प्रकार का जमावड़ा न लगाएं या घबराएं नहीं। विधायक टोप्पो का यह बयान राजस्व कर्मचारियों के संभावित हड़ताल के संदर्भ में आया है, जिसमें उन्होंने हड़ताल को रोकने के लिए अपनी ओर से यह कदम उठाने का संकेत दिया है।1
- आज कोरिया/पटना में लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। दिन के समय जब मौसम में बदलाव आ रहा था, तब तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा था। शाम करीब 4:30 बजे, क्षेत्र में अचानक तेज मूसलाधार बारिश हुई, जिसके परिणामस्वरूप गर्मी से छुटकारा मिला और मौसम सामान्य हो गया।1
- नगर पंचायत चुनाव के मद्देनजर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल का पलारी आगमन हुआ। उनके आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया, जहाँ बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान भूपेश बघेल ने पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर चुनावी तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने नगर पंचायत चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क करते हुए मतदाताओं से कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। भूपेश बघेल के इस दौरे से पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नगर पंचायत चुनाव को लेकर प्रचार-प्रसार तेज कर दिया गया है, ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री का यह पलारी दौरा कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- सीतापुर में विधायक और तहसीलदार के बीच चल रहे विवाद को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के साथ कथित मारपीट के मामले में इलाके में चर्चा तेज़ है, खासकर इसलिए कि सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो को गिरफ्तारी से पहले ही वापस कर दिया गया। यह घटना जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बढ़ते विवाद की ओर इशारा कर रही है। इस पूरे मामले पर जनता की ओर से कई तीखे प्रश्न पूछे जा रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि क्या इस विवाद की निष्पक्ष जांच की जाएगी। इसके साथ ही, यह सवाल भी उठ रहा है कि गिरफ्तारी की चर्चा के बाद आखिर कार्रवाई क्यों रुक गई, और क्या इस पर कोई राजनीतिक दबाव था। जनता का साफ कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच मर्यादा और कानून का सम्मान हर हाल में बना रहना चाहिए।2
- मथुरा जिला पंचायत के वार्ड नंबर 27 से संभावित प्रत्याशी चौधरी विश्वनाथ सिंह ने 84 कोस की परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं की सेवा की। उन्होंने यात्रियों को ठंडा जल, शरबत और फल वितरित कर जनसेवा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह पहल उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता से अधिक सेवा भावना को दर्शाती है, जैसा कि उन्होंने खुद बताया है कि वे राजनीति से ज्यादा सेवा में विश्वास रखते हैं। इस अवसर पर चौधरी विश्वनाथ सिंह ने कहा कि वे जनता के बीच नेता नहीं, बल्कि बेटा बनकर आए हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि यदि उन्हें जनता का आशीर्वाद मिलता है, तो वे वार्ड नंबर 27 के विकास के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करेंगे। उन्होंने स्वयं को जिला पंचायत सदस्य की बजाय एक कार्यकर्ता और वार्ड के चौकीदार के रूप में जनता की सेवा करने का इरादा व्यक्त किया। चौधरी विश्वनाथ सिंह जनसेवा, समर्पण और विकास के अपने संकल्प के साथ क्षेत्रवासियों के बीच लगातार सक्रिय हैं, जिसके चलते उन्हें क्षेत्र की जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की दमुज ग्राम पंचायत, जो सोनहत जनपद पंचायत के अंतर्गत आती है, में ग्रामीण और पशु-पक्षी भीषण गर्मी के कारण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। इसी बीच, सरपंच, बीएफटी दिलीप गुप्ता, मेट तिलक राम राजवाड़े और उमेश कुमार पर मिलीभगत से भ्रष्टाचार करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि ये सभी अपनी भ्रष्टाचारी गतिविधियों को छिपाने के लिए दुधनिया खुर्द गांव के बारहमासी तालाब को पंप लगाकर सुखा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में पानी का भारी संकट पैदा हो गया है। आरोप के अनुसार, इसी तरह हरिजन पारा तालाब और चोर पहाड़ी तालाब में भी फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। नरेगा कार्यस्थलों पर केवल फोटो खिंचवाकर फर्जी हाजिरी चलाई जा रही है, जिससे सरकारी राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है। इस फर्जीवाड़े में बृजेश कुमार तिवारी, अन्नपूर्णा तिवारी, राकेश तिवारी, वन विभाग के फायर वाचर अजय कुमार देवलाल, योजना प्रतिनिधि सुरेश कुमार, वन समिति अध्यक्ष देवलाल, विजय कुमार गुरुजी की पत्नी तारावती और सरपंच पति दिनेश कुमार जैसे कई लोग शामिल बताए गए हैं। इन सभी पर फर्जी हाजिरी भरकर सरकारी राशि का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार करने का आरोप है। इस गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण भीषण गर्मी में पशु-पक्षी पानी के लिए तरस रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में जल संकट और गहरा गया है।1
- बस्तर के सुदूर जनजातीय अंचलों में दशकों से निःस्वार्थ भाव से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले डॉ. रामचंद्र गोडबोले एवं डॉ. सुनीता गोडबोले को हाल ही में पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया गया है। इस प्रतिष्ठित सम्मान के बाद रायपुर स्थित उनके निवास पर उनका आत्मीय अभिनंदन किया गया। उनकी जनसेवा, समर्पण और मानवता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को पूरे समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया गया है।1
- बलरामपुर पुलिस ने केंद्रीय पुलिस बलों में भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ के फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह दूसरे राज्यों के युवाओं को सीआरपीएफ, एसएसबी और सीआईएसएफ जैसी केंद्रीय सुरक्षा बलों में भर्ती कराने के लिए छत्तीसगढ़ के फर्जी निवासी प्रमाण पत्र बनवा रहा था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब तहसीलदार ने 28 अप्रैल 2026 को थाना कोतवाली बलरामपुर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 204 कोबरा बटालियन सीआरपीएफ में तैनात कांस्टेबल सुमित ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अपना छत्तीसगढ़ निवासी प्रमाण पत्र बनवाया था। जांच में पता चला कि उसने किसी अन्य व्यक्ति के शैक्षणिक दस्तावेजों में छेड़छाड़ करके ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के ज़रिए आवेदन किया था। इसके बाद पुलिस ने 14 मई 2026 को राजस्थान के धौलपुर निवासी आरोपी सुमित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच आगे बढ़ने पर गिरोह के मुख्य आरोपी विवेक सिंह तोमर और उसके सहयोगी आकाश सिंह को रायपुर से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी विवेक सिंह तोमर ने खुद भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डोंगरगढ़ से छत्तीसगढ़ का निवासी प्रमाण पत्र बनवाया था। वहीं, सह-आरोपी आकाश सिंह ने अपना नाम बदलकर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करके बलरामपुर तहसील से निवासी प्रमाण पत्र प्राप्त किया था। जांच के दौरान, पुलिस ने ओमप्रकाश चंद्रवंशी को भी गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में बताया कि गिरोह ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर फर्जी सिटीजन आईडी बनाकर दस्तावेजों में हेरफेर करता था और ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र जारी करवाता था। पुलिस ने आरोपी के पास से कंप्यूटर सिस्टम भी जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह एक फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 3 से 4 लाख रुपये तक वसूलता था, जबकि दस्तावेज तैयार करने वालों को प्रति व्यक्ति 4 से 5 हजार रुपये दिए जाते थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि डोंगरगढ़ तहसील कार्यालय से लगभग 20 से 25 फर्जी निवासी प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इन प्रमाण पत्रों का उपयोग कर कई गैर-निवासी युवक केंद्रीय सुरक्षा बलों में या तो भर्ती हो चुके हैं या भर्ती की प्रक्रिया में हैं। अब पुलिस संबंधित केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।2