पुलिस अधीक्षक डीग श्री शरण गोपीनाथ (आईपीएस) के निर्देश पर जिले में साइबर ठगों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन एण्टीवायरस' के तहत डीग पुलिस के थाना सीकरी ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत पुलिस ने चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है और तीन नाबालिगों को भी निरूद्ध किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से कुल छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन सिमकार्ड सहित और दो फर्जी सिमकार्ड जब्त किए हैं। ये साइबर ठग लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाते थे, जिसके लिए वे पुराने सिक्के, महंगे सूट कुर्ती को सस्ता बेचना, सस्ते मोबाइल फोन, सस्ती मोटरसाइकिल और भैंस बेचने जैसे फर्जी विज्ञापन डालते थे। गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों में भुरूबास थाना सीकरी, जिला डीग निवासी 20 वर्षीय वसीम पुत्र ईन्नस मेव; भुरू का बास थाना सीकरी, जिला डीग निवासी 38 वर्षीय आजाद पुत्र नन्नु मेव; बेला थाना सीकरी, जिला डीग निवासी 26 वर्षीय वजीर पुत्र सम्मी मेव; और गांव ककर निवासी 25 वर्षीय इन्नुस पुत्र इब्राहिम मेव शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक डीग श्री शरण गोपीनाथ (आईपीएस) के निर्देश पर जिले में साइबर ठगों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन एण्टीवायरस' के तहत डीग पुलिस के थाना सीकरी ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत पुलिस ने चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है और तीन नाबालिगों को भी निरूद्ध किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से कुल छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन सिमकार्ड सहित और दो फर्जी सिमकार्ड जब्त किए हैं। ये साइबर ठग लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाते थे, जिसके लिए वे पुराने सिक्के, महंगे सूट कुर्ती को सस्ता बेचना, सस्ते मोबाइल फोन, सस्ती मोटरसाइकिल और भैंस बेचने जैसे फर्जी विज्ञापन डालते थे। गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों में भुरूबास थाना सीकरी, जिला डीग निवासी 20 वर्षीय वसीम पुत्र ईन्नस मेव; भुरू का बास थाना सीकरी, जिला डीग निवासी 38 वर्षीय आजाद पुत्र नन्नु मेव; बेला थाना सीकरी, जिला डीग निवासी 26 वर्षीय वजीर पुत्र सम्मी मेव; और गांव ककर निवासी 25 वर्षीय इन्नुस पुत्र इब्राहिम मेव शामिल हैं।
- डीग शहर में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम रखने के उद्देश्य से रविवार शाम करीब 7 बजे डीग कोतवाली थाना पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों पर व्यापक फ्लैग मार्च निकाला। यह अभियान जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ कांबले के निर्देशों पर एक विशेष सायंकालीन गश्त के तहत आयोजित किया गया था। फ्लैग मार्च का नेतृत्व कोतवाली थाना प्रभारी रामनरेश मीणा ने किया। पुलिस बल के साथ यह मार्च शहर के मुख्य बाजार, घंटाघर, लोहा मंडी, नई सड़क, पुराना बस स्टैंड, गणेश मंदिर, पुरानी अनाज मंडी और लक्ष्मण मंदिर सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरा। इस दौरान पुलिस ने कानून व्यवस्था का जायजा लिया और लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। फ्लैग मार्च का समापन डीग कोतवाली थाना परिसर में हुआ। मार्च के दौरान, थाना प्रभारी रामनरेश मीणा ने मुख्य बाजार और सड़कों पर अस्थायी अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों व अन्य लोगों को मौके पर ही समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सड़कों पर अतिक्रमण से यातायात प्रभावित होता है और आमजन को परेशानी होती है। अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी गई कि वे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाकर नियमों का पालन करें, अन्यथा पुलिस और प्रशासन द्वारा उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के इस फ्लैग मार्च ने अपराधियों और असामाजिक तत्वों को भी यह स्पष्ट संदेश दिया कि डीग पुलिस पूरी तरह सतर्क है। पुलिस ने जोर देकर कहा कि जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। इस दौरान कोतवाली थाना पुलिस के अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे, जिसका शहरवासियों ने स्वागत करते हुए इसे सुरक्षा की दृष्टि से एक सकारात्मक कदम बताया।4
- मथुरा के विश्व विख्यात बिरला मंदिर के पास स्थित शराब के ठेके को बंद करने का मामला संज्ञान में आया है।1
- बिरला मंदिर के समीप एक शराब ठेके पर श्रद्धालुओं ने भारी विरोध व्यक्त किया, जिसके चलते वहाँ काफी बवाल और हंगामा देखने को मिला। इस दौरान शराब ठेके को लेकर श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा।1
- वृंदावन के स्वामी भक्ति वेदांत मार्ग स्थित वृंदावन चंद्रोदय मंदिर में गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय की गौरवशाली परंपरा के अंतर्गत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर पानीहाटी चिउड़ा-दही महामहोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्ति-भाव के साथ संपन्न हुआ। इस दिव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की, जहाँ दंड महोत्सव भी उत्साहपूर्वक मनाया गया। प्रातःकालीन मंगल आरती से शुरू हुए इस भव्य महोत्सव में भगवान श्री राधा-वृंदावन चंद्र की धूप आरती, नवीन श्रृंगार, छप्पन भोग और भव्य पालकी उत्सव का आयोजन किया गया। इसका विशेष आकर्षण आमों से निर्मित एक अत्यंत दुर्लभ एवं मनमोहक विशेष कुंज रहा, जिसने भक्तों का मन मोह लिया। सुगंधित आमों और प्राकृतिक सौंदर्य से सुसज्जित इस दिव्य कुंज की भव्यता श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी, जिसे भक्तों ने एक अलौकिक और अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभूति बताया। कार्यक्रमों की श्रृंखला में संध्या बेला के दौरान मंदिर के भक्तों ने नित्यानंद प्रभु एवं गौरांग महाप्रभु के श्रीविग्रह का अत्यंत भव्य पालकी उत्सव निकाला। हरिनाम संकीर्तन, मृदंग एवं करताल की मंगलमयी ध्वनि के बीच भक्तों ने पुष्पवर्षा कर पूरे मंदिर परिसर को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। इसके बाद नित्यानंद एवं गौरांग महाप्रभु के श्रीविग्रह को मंदिर प्रांगण स्थित कल्याणी पर विराजित किया गया, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ दिव्य पुष्प महाभिषेक संपन्न हुआ, जिसमें आकर्षक वस्त्रों और विशेष पुष्पमालाओं से सुसज्जित विग्रहों की छटा दर्शनीय थी। महोत्सव का सबसे मनोहारी दृश्य नित्यानंद एवं गौरांग महाप्रभु का दिव्य नौका विहार रहा। जलराशि के मध्य पुष्पों से सुसज्जित नौका जब मंद गति से आगे बढ़ी, तो हरिनाम संकीर्तन की मधुर तरंगों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। दीपों की झिलमिलाहट, पुष्पों की सुगंध और भक्तों की भावपूर्ण उपस्थिति ने ऐसा आध्यात्मिक दृश्य निर्मित किया, मानो स्वयं भक्ति और प्रेम की धारा कल्याणी के जल पर अवतरित हो गई हो। श्रद्धालु प्रभु के दर्शन कर भावविभोर हुए और पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महोत्सव के अंतिम चरण में नित्यानंद एवं गौरांग महाप्रभु की महाआरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसके बाद श्रद्धालुओं को विशेष रूप से निर्मित पवित्र दही-चिउड़ा प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर चंद्रोदय मंदिर के अध्यक्ष चंचलापति दास ने बताया कि पानीहाटी दही-चिउड़ा महोत्सव केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, समर्पण और सेवा भावना का जीवंत संदेश है। उन्होंने कहा कि ऐसे दिव्य आयोजन मानव जीवन को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ते हैं तथा भगवान के प्रति निष्काम भक्ति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने बताया कि आमों से निर्मित विशेष कुंज और नौका विहार के माध्यम से भक्तों को एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करने का प्रयास किया गया है। भारत के विभिन्न राज्यों और देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से इस भव्य उत्सव का आनंद लिया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के रंगों में सराबोर रहा।4
- पुलिस अधीक्षक डीग श्री शरण गोपीनाथ (आईपीएस) के निर्देश पर जिले में साइबर ठगों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन एण्टीवायरस' के तहत डीग पुलिस के थाना सीकरी ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत पुलिस ने चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है और तीन नाबालिगों को भी निरूद्ध किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से कुल छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन सिमकार्ड सहित और दो फर्जी सिमकार्ड जब्त किए हैं। ये साइबर ठग लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाते थे, जिसके लिए वे पुराने सिक्के, महंगे सूट कुर्ती को सस्ता बेचना, सस्ते मोबाइल फोन, सस्ती मोटरसाइकिल और भैंस बेचने जैसे फर्जी विज्ञापन डालते थे। गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों में भुरूबास थाना सीकरी, जिला डीग निवासी 20 वर्षीय वसीम पुत्र ईन्नस मेव; भुरू का बास थाना सीकरी, जिला डीग निवासी 38 वर्षीय आजाद पुत्र नन्नु मेव; बेला थाना सीकरी, जिला डीग निवासी 26 वर्षीय वजीर पुत्र सम्मी मेव; और गांव ककर निवासी 25 वर्षीय इन्नुस पुत्र इब्राहिम मेव शामिल हैं।1
- मथुरा के थाना सदर क्षेत्र स्थित लक्ष्मी नगर यमुना पुल से यमुना नदी में कूदने वाले 35 वर्षीय मंदबुद्धि युवक मनीष का शव शनिवार सुबह बरामद कर लिया गया। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मनीष थाना गोविंद नगर क्षेत्र के महाविद्या पानी की टंकी के पास के निवासी थे। परिजनों के अनुसार, मनीष मानसिक रूप से अस्वस्थ (मंदबुद्धि) थे और अक्सर अपनी माँ से शादी करवाने के लिए कहते थे। शुक्रवार 26 जून 2026 को दोपहर करीब 2 बजे मनीष घर से निकले और लक्ष्मी नगर पुल पहुँचे। उन्होंने यमुना में छलांग लगा दी, जिसके बाद प्रत्यक्षदर्शी निषादों (नाविकों) ने उन्हें बचाकर बाहर निकाला और काफी समझाने के बाद वहाँ से भेज दिया। हालाँकि, कुछ देर बाद युवक दोबारा यमुना में कूद गया, जहाँ दलदल में फँसने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शनिवार सुबह जब परिजन मनीष की तलाश में यमुना पुल पहुँचे और निषादों से जानकारी ली, तब उन्हें पता चला कि यही युवक शुक्रवार को यमुना में कूदा था और उसका शव अब बरामद हो चुका है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। थाना सदर पुलिस मौके पर पहुँची, शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करवाई और बाद में शव परिजनों को सौंप दिया।2
- मथुरा के नौहझील थाना क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब शराब के नशे में धुत एक बस ड्राइवर ने नौहझील से मथुरा जा रही बस को सड़क किनारे खड़े एक पेड़ में जोरदार टक्कर मार दी। यह घटना रविवार सुबह करीब 10 बजे हुई थी, जब बस संख्या UP 85AT 2535 सवारियों को लेकर नौहझील से मथुरा की ओर निकली ही थी कि ड्राइवर मौके से फरार हो गया। ड्राइवर के शराब के नशे में होने के कारण बस अनियंत्रित हो गई और नौहझील से कुछ दूरी पर स्थित सैय्यद के पास सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। इस टक्कर के बाद बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, जिसमें आधा दर्जन से अधिक सवारियों को गंभीर चोटें आईं; घायलों में कई महिलाएं भी शामिल हैं। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने किसी तरह घायलों को अन्य वाहनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौहझील पहुंचाया और स्थानीय पुलिस को भी सूचना दी। सूचना पाकर इलाका पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गंभीर रूप से घायल यात्रियों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य घायलों का इलाज स्वास्थ्य केंद्र पर जारी है। गोवर्धन क्षेत्र के रहने वाले राधाचरण नामक एक व्यक्ति ने बताया कि ड्राइवर ने शराब का सेवन किया हुआ था और वह नशे की हालत में था, जिसकी वजह से यह सड़क दुर्घटना हुई। फिलहाल, घायल सवारियों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।1