पटना की सबसे व्यस्त सड़क बेली रोड की एक लेन को मेट्रो स्टेशन निर्माण के कारण तीन साल के लिए बंद किया जाएगा। इसके लिए बैरिकेडिंग का काम शुरू हो चुका है, जिसके चलते चिड़ियाघर के गेट नंबर 1 से इनकम टैक्स गोलंबर तक ऑटो, ई-रिक्शा और बसों का परिचालन तीन साल तक प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध पहले चरण में चिड़ियाघर के गेट नंबर एक से विकास भवन तक लागू होगा। दो-तीन महीने बाद, दूसरे चरण में इसे विकास भवन से इनकम टैक्स गोलंबर तक बढ़ाया जाएगा। इस यातायात परिवर्तन के लिए 27 जून को एक ट्रायल किया जाएगा। यह ट्रायल पहले 21 और 22 जून को होना था, लेकिन नीट परीक्षा के कारण स्थगित कर दिया गया था, क्योंकि इस मार्ग पर कई परीक्षा केंद्र स्थित थे। निजी गाड़ियों के लिए पटेल भवन से विकास भवन तक 'वन वे' व्यवस्था रहेगी, जबकि यात्री वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों का निर्धारण किया जा रहा है। यह मार्ग रोजाना करीब 1.50 लाख से 2 लाख गाड़ियों का आवागमन देखता है, जिसमें 5 हजार से अधिक ऑटो, 1 हजार ई-रिक्शा और 60 बसें शामिल हैं।
पटना की सबसे व्यस्त सड़क बेली रोड की एक लेन को मेट्रो स्टेशन निर्माण के कारण तीन साल के लिए बंद किया जाएगा। इसके लिए बैरिकेडिंग का काम शुरू हो चुका है, जिसके चलते चिड़ियाघर के गेट नंबर 1 से इनकम टैक्स गोलंबर तक ऑटो, ई-रिक्शा और बसों का परिचालन तीन साल तक प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध पहले चरण में चिड़ियाघर के गेट नंबर एक से विकास भवन तक लागू होगा। दो-तीन महीने बाद, दूसरे चरण में इसे विकास भवन से इनकम टैक्स गोलंबर तक बढ़ाया जाएगा। इस यातायात परिवर्तन के लिए 27 जून को एक ट्रायल किया जाएगा। यह ट्रायल पहले 21 और 22 जून को होना था, लेकिन नीट परीक्षा के कारण स्थगित कर दिया गया था, क्योंकि इस मार्ग पर कई परीक्षा केंद्र स्थित थे। निजी गाड़ियों के लिए पटेल भवन से विकास भवन तक 'वन वे' व्यवस्था रहेगी, जबकि यात्री वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों का निर्धारण किया जा रहा है। यह मार्ग रोजाना करीब 1.50 लाख से 2 लाख गाड़ियों का आवागमन देखता है, जिसमें 5 हजार से अधिक ऑटो, 1 हजार ई-रिक्शा और 60 बसें शामिल हैं।
- वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने मुजफ्फरपुर के अतिथि भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया।1
- हाजीपुर के नूंगोला क्षेत्र में मुहर्रम का जुलूस पूरी अकीदत और शांति के साथ निकाला गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि इसे क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी माना जाता है।1
- Post by Abdulkaisar1
- नौबतपुर प्रखंड में मुहर्रम के अवसर पर विभिन्न अखाड़ों और इमामबाड़ों से भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। "या हुसैन" की सदाओं के बीच अकीदतमंद मातम करते हुए आगे बढ़ते रहे, वहीं युवाओं ने पारंपरिक लाठी से युद्ध कलाओं का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। इस नजारे को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था की सघन निगरानी की गई, जिसके चलते शांतिपूर्ण माहौल में ताजिया जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए आगे बढ़ा। नौबतपुर प्रखंड के शहर रामपुर गांव में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह जुलूस निकला। इस मौके पर शहर रामपुर इमामबाड़ा के अध्यक्ष मोहमद शहाबुद्दीन आजाद उर्फ पप्पू आजाद ने एक-दूसरे की भावनाओं का ख्याल रखते हुए भागीदारी और सहयोग की भावना बनाए रखने का आह्वान किया। मुहर्रम का यह पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाया गया, जिसमें प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।1
- फतुहा में मद्य निषेध विभाग और फतुहा पुलिस ने एक संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस और मद्य निषेध विभाग की टीम ने बीस लाख रुपये से अधिक मूल्य की शराब बरामद की है।1
- गुलचू भगवान आरती......................................1
- भोजपुर में भरत तिवारी मुठभेड़ मामले की न्यायिक जांच शुरू हो गई है। इस जांच के लिए संबंधित टीम बिलोटी गांव पहुंच चुकी है।1
- बिहार के मधुबनी में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक ऐसा वाकया सामने आया है, जो इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस जुलूस में कुछ लोग भरत भूषण की तस्वीर वाला 'सिफल' लेकर निकले, जिससे यह पूरी घटना सुर्ख़ियों में आ गई है।1
- पटना के बेलदारचक मुख्य मार्ग पर एक विशालकाय गड्ढा बन गया है, जो अब 'तालाब' का रूप ले चुका है। यह गड्ढा लंबे समय से मौजूद है और इसके कारण सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों तथा पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग भारी यातायात और भीड़भाड़ वाले बाज़ार क्षेत्र में स्थित है। इस गड्ढे के कारण दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है, जहाँ वाहन पलटने की संभावना 80% तक पहुँच गई है। बताया गया है कि 1-2 बार छोटी गाड़ियाँ पलट भी चुकी हैं, जिसे पुलिस प्रशासन ने देखा भी है लेकिन फिर भी अनदेखी की है। सड़क किनारे मछली बेचकर गुज़ारा करने वाले लोग भी इस गड्ढे की वजह से सबसे ज़्यादा ख़तरे में हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है ताकि यहाँ के लोगों को राहत मिल सके और जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।4