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भोजपुर में भरत तिवारी मुठभेड़ मामले की न्यायिक जांच शुरू हो गई है। इस जांच के लिए संबंधित टीम बिलोटी गांव पहुंच चुकी है।
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भोजपुर में भरत तिवारी मुठभेड़ मामले की न्यायिक जांच शुरू हो गई है। इस जांच के लिए संबंधित टीम बिलोटी गांव पहुंच चुकी है।
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- प्रस्तुत जानकारी में गुलचू के एक ऐतिहासिक गीत का उल्लेख किया गया है।1
- रानिपोखर में एटीएम कैश वैन को लूटने का प्रयास विफल हो गया। लुटेरों ने एटीएम कैश वैन से लूट की कोशिश की, लेकिन वे इसमें कामयाब नहीं हो पाए। इस नाकाम कोशिश के बाद लुटेरे को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- वेनेज़ुएला में एक भयानक भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसे पिछले 100 सालों का सबसे शक्तिशाली और खतरनाक भूकंप बताया गया है। इस विनाशकारी घटना ने, जो मात्र 39 सेकंड तक चली, 10,000 जिंदगियों को खत्म कर दिया। भूकंप के कारण पूरा वेनेज़ुएला तबाही के मलबे में तब्दील हो गया। हर तरफ चीख-पुकार मची थी, परिवार बिछड़ रहे थे और मौत का मंजर छाया हुआ था। इस भयावह त्रासदी के बाद यह सवाल उठता है कि क्या दुनिया इस घटना से कोई सबक लेगी।1
- बिहार के बिहटा में शाहपुर प्रखंड के बीलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को एक कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च राघोपुर स्थित स्वामी सहजानंद सरस्वती आश्रम से शुरू होकर बिहटा चौक तक पहुँचा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, युवाओं, महिलाओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लोगों का आरोप था कि भरत भूषण तिवारी ने जीवनभर गरीबों, वंचितों और शोषितों के हक की लड़ाई लड़ी तथा जनसरोकारों के विभिन्न मुद्दों को उठाया, लेकिन वे भ्रष्ट व्यवस्था और अफसरशाही के शिकार हो गए। मार्च के दौरान "भरत भूषण तिवारी अमर रहें", "न्याय दो" और "सत्य की जीत हो" जैसे नारे लगाए गए। समाजसेवी कुश कुमार ने स्पष्ट किया कि जब तक भरत भूषण तिवारी को न्याय नहीं मिल जाता और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने इस लड़ाई में समाज के सभी वर्गों की एकजुटता पर जोर दिया। बिहटा चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. ललित मोहन शर्मा ने कहा कि भरत भूषण तिवारी गरीबों की आवाज थे और जमानिया गांव के पुनर्स्थापन में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने मामले की जांच पूर्व डीजीपी अभयानंद की निगरानी में कराने की मांग की।1
- पडरौना स्थित किलकारी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल परख डायग्नोस्टिक सेंटर में एक डॉक्टर ने उस वक्त पिस्टल निकाल ली, जब मरीज अपनी बीमारी के बारे में पूछताछ कर रहे थे। मरीज अपना इलाज कराने के लिए हॉस्पिटल आए थे और अपनी बीमारी को लेकर जानकारी मांग रहे थे, जिसके जवाब में डॉक्टर ने कथित तौर पर पिस्टल निकालकर उन्हें दिखाया।1
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाए जाएँगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- गुलचू से संबंधित एक इतिहास गीत का उल्लेख किया गया है।1
- भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा ने उनके आवास पर पहुंचकर न्यायिक जांच शुरू कर दी है। यह जांच भरत तिवारी के एनकाउंटर से जुड़े मामले में की जा रही है।1
- राजधानी पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर के आसपास प्रतिदिन लगने वाले फूलों के बड़े बाजार के कारण गंदगी और कचरे की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। श्रद्धालु भगवान को अर्पित करने के लिए बड़ी मात्रा में फूल, माला और पूजा सामग्री खरीदते हैं, लेकिन बाजार समाप्त होने के बाद भारी मात्रा में फूल, पत्तियां, प्लास्टिक और अन्य कचरा सड़कों पर बिखरा रह जाता है। यह स्थिति महावीर मंदिर जैसे देश के प्रमुख धार्मिक स्थल, जहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक दर्शन के लिए आते हैं, के लिए चिंताजनक है। मंदिर के प्रवेश मार्ग पर कचरे का अंबार न केवल शहर की छवि को धूमिल करता है, बल्कि श्रद्धालुओं को भी असुविधा होती है। कई लोगों का कहना है कि दुर्गंध और गंदगी के कारण मंदिर के आसपास खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है, और आशंका है कि इस गर्मी में इससे बीमारियाँ फैल सकती हैं। स्थानीय लोग नगर निगम की सफाई व्यवस्था को अनियमित और अप्रभावी बताते हुए आरोप लगाते हैं कि उनकी तरफ से लापरवाही बरती जा रही है। इस समस्या के समाधान के लिए लोगों ने फूल बाजार समाप्त होने के तुरंत बाद विशेष सफाई अभियान चलाने, पूजा सामग्री और जैविक कचरे के लिए अलग डस्टबिन रखने तथा नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है। महावीर मंदिर, जो आस्था का केंद्र है, उसकी स्वच्छता सुनिश्चित करना केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि दुकानदारों, श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की भी साझा जिम्मेदारी है। यह आवश्यक है कि संबंधित विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले, जिससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुंदर और सम्मानजनक वातावरण में दर्शन का अवसर मिल सके और मंदिर परिसर की गरिमा बनी रहे।1