धनबाद में अवैध खनन के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। शुक्रवार को बहियारडीह बस्ती के समीप हो रहे अवैध खनन के खिलाफ मुखिया गिरजा देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने गोविंदपुर क्षेत्रीय कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना दिया। भारी बारिश के बावजूद महिलाओं ने सीधे कार्यालय पहुंचकर धरना शुरू किया और बीसीसीएल प्रबंधन तथा सोनारडीह पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाथों में तख्तियां लिए महिलाओं ने 'कोयला चोरी बंद करो', 'कोयला चोरी की सीबीआई जांच कराओ', और 'ग्रामीणों को सुरक्षित रखो' जैसे नारे लगाए, जिसमें उनकी उग्रता साफ झलक रही थी। ग्रामीणों ने सोनारडीह के टांडाबाड़ी जैसी स्थिति यहां न होने देने की चेतावनी देते हुए कोयला चोरी पर अंकुश लगाने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिनों पहले अवैध खनन को रोकने के बावजूद सोनारडीह पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि बीसीसीएल, सीआईएसएफ और पुलिस के कथित सहयोग से अवैध खनन का यह धंधा फल-फूल रहा है। करीब दो घंटे बाद क्षेत्र के जीएम सत्यकाम आनंद और प्रशासनिक अधिकारी अंकित श्रीवास्तव धरना स्थल पर पहुँचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की। वार्ता के दौरान जीएम ने आश्वासन दिया कि हर हाल में अवैध खनन पर रोक लगाई जाएगी और कुछ ही दिनों में सीआईएसएफ बल के साथ अवैध खनन मुहानों की भराई कराकर निगरानी भी की जाएगी। इस आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन पर तुरंत रोक नहीं लगी, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस विरोध प्रदर्शन में मुखिया गिरजा देवी के साथ चंपा देवी, गुड़िया देवी, हालदार महतो, जादू महतो, नरेश महतो, दुखन महतो, लिखवा देवी सहित कई अन्य महिलाएं शामिल थीं।
धनबाद में अवैध खनन के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। शुक्रवार को बहियारडीह बस्ती के समीप हो रहे अवैध खनन के खिलाफ मुखिया गिरजा देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने गोविंदपुर क्षेत्रीय कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना दिया। भारी बारिश के बावजूद महिलाओं ने सीधे कार्यालय पहुंचकर धरना शुरू किया और बीसीसीएल प्रबंधन तथा सोनारडीह पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाथों में तख्तियां लिए महिलाओं ने 'कोयला चोरी बंद करो', 'कोयला चोरी की सीबीआई जांच कराओ', और 'ग्रामीणों को सुरक्षित रखो' जैसे नारे लगाए, जिसमें उनकी उग्रता साफ झलक रही थी। ग्रामीणों ने सोनारडीह के टांडाबाड़ी जैसी स्थिति यहां न होने देने की चेतावनी देते हुए कोयला चोरी पर अंकुश लगाने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिनों पहले अवैध खनन को रोकने के बावजूद सोनारडीह पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि बीसीसीएल, सीआईएसएफ और पुलिस के कथित सहयोग से अवैध खनन का यह धंधा फल-फूल रहा है। करीब दो घंटे बाद क्षेत्र के जीएम सत्यकाम आनंद और प्रशासनिक अधिकारी अंकित श्रीवास्तव धरना स्थल पर पहुँचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की। वार्ता के दौरान जीएम ने आश्वासन दिया कि हर हाल में अवैध खनन पर रोक लगाई जाएगी और कुछ ही दिनों में सीआईएसएफ बल के साथ अवैध खनन मुहानों की भराई कराकर निगरानी भी की जाएगी। इस आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन पर तुरंत रोक नहीं लगी, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस विरोध प्रदर्शन में मुखिया गिरजा देवी के साथ चंपा देवी, गुड़िया देवी, हालदार महतो, जादू महतो, नरेश महतो, दुखन महतो, लिखवा देवी सहित कई अन्य महिलाएं शामिल थीं।
- झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने धनबाद पहुँचकर राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस संगठन और भाषा विवाद जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। सर्किट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भाजपा पर राज्यसभा चुनाव में खरीद-फरोख्त की राजनीति करने का सीधा आरोप लगाया। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ किसी भी व्यक्तिगत विवाद से इनकार किया, स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके मतभेद केवल पार्टी की नीतियों से जुड़े हैं। इसके साथ ही, उन्होंने भाषा नियमावली में सभी भाषाओं को उचित सम्मान देने की भी मांग उठाई।1
- झारखंड के धनबाद जिले में शनिवार को श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने एक दिवसीय दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेले का आयोजन किया। इस मेले में 20 से अधिक निजी कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए, जहाँ जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में युवाओं ने विभिन्न पदों के लिए आवेदन किया। कई अभ्यर्थियों का मौके पर ही चयन कर उन्हें ऑफर लेटर भी प्रदान किए गए। रोजगार मेले में तकनीकी, मार्केटिंग, सुरक्षा, सेवा और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों ने भाग लिया। कंपनी प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया। सहायक नियोजन पदाधिकारी पदमा कुमारी ने बताया कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, और चयनित अभ्यर्थियों को कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी पंकज कुमार ने मेले का निरीक्षण करते हुए अभ्यर्थियों और कंपनी प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने बदलते समय के साथ युवाओं को अपने कौशल को लगातार विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें। इस रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को नौकरी पाने का अवसर मिला, वहीं कंपनियों को भी योग्य और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने का मंच मिला। विभाग का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के रोजगार मेलों का आयोजन जारी रहेगा।1
- बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों के लिए एक बड़ी घोषणा की है, जिसके तहत लाखों रुपए का क्रेडिट उपलब्ध कराया जाएगा। यह निर्णय भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के तहत लिया गया है, जिसमें बैंक ऑफ इंडिया न्यूनतम ब्याज दर पर 20% तक क्रेडिट देने की पेशकश कर रहा है। यह महत्वपूर्ण कदम आज जोनल कार्यालय में हुई एक बैठक के बाद उठाया गया है, जिसका स्पष्ट उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को गतिमान रखना और व्यवसायियों व उद्योगपतियों को आर्थिक समस्याओं से जूझने से बचाना है। यह रिपोर्ट सहयोगी संदीप दत्ता के साथ पंकज सिंहा ने धनबाद से प्रस्तुत की है।1
- बोकारो के दामोदा कोलियरी में फीटर के पद पर कार्यरत कंगरु पोलाई की शुक्रवार देर रात दुर्गापुर के विवेकानंद अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। उनकी तबीयत 21 मई को जनरल पाली में काम करते समय खराब हुई थी, जिसके बाद उन्हें पहले धनबाद के सेंट्रल अस्पताल ले जाया गया। बेहतर इलाज के लिए उन्हें 24 मई को विवेकानंद अस्पताल दुर्गापुर रेफर किया गया था, जहां 29 मई को उनकी मौत हो गई। कर्मी की मृत्यु के बाद उनके परिजनों, सहकर्मियों और श्रमिक प्रतिनिधियों ने कोलियरी प्रबंधन से मृतक आश्रित को नियोजन दिए जाने की मांग की। इस मांग को लेकर कोलियरी के दामोदा पीओ कार्यालय में श्रमिक यूनियन प्रतिनिधियों और कोलियरी प्रबंधक के बीच समझौता वार्ता हुई। वार्ता के दौरान मृतक के आश्रित पुत्र विज्ञान पोलाई को तत्काल प्रोविजनल नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, जिसके बाद शव उठाया गया। इस वार्ता में दामोदा पीओ विजय कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक (क्रमिक) अभिराज शेखर, क्रमिक प्रबंधक सौरभ कुमार के साथ-साथ यूनियन की ओर से एटक के एच. एन. प्रसाद गांधी, मुकुटधारी गोराई, नर्मदेश्वर पांडेय, संत कुमार चौहान, बसंत महतो और सीटू के अनील बाउरी, सुर्यबली साव, भगवान पोलाई, पवन कुमार एवं मृतक के परिजन शामिल थे।4
- बड़की बोआ अंडरपास के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय जनता को जलभराव की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा है। खर्च की गई बड़ी राशि के बाद भी अंडरपास में पानी भर जाने से लोग लगातार परेशान हैं।1
- धनबाद के तोंपचाची क्षेत्र अंतर्गत ब्रह्मांडीहा-नेपोडीह में माइंस संबंधी गतिविधियों को लेकर जोरदार बवाल सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने नियमों की अनदेखी और मनमानी का गंभीर आरोप लगाते हुए तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों और प्रबंधन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।1