बोकारो के दामोदा कोलियरी में फीटर के पद पर कार्यरत कंगरु पोलाई की शुक्रवार देर रात दुर्गापुर के विवेकानंद अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। उनकी तबीयत 21 मई को जनरल पाली में काम करते समय खराब हुई थी, जिसके बाद उन्हें पहले धनबाद के सेंट्रल अस्पताल ले जाया गया। बेहतर इलाज के लिए उन्हें 24 मई को विवेकानंद अस्पताल दुर्गापुर रेफर किया गया था, जहां 29 मई को उनकी मौत हो गई। कर्मी की मृत्यु के बाद उनके परिजनों, सहकर्मियों और श्रमिक प्रतिनिधियों ने कोलियरी प्रबंधन से मृतक आश्रित को नियोजन दिए जाने की मांग की। इस मांग को लेकर कोलियरी के दामोदा पीओ कार्यालय में श्रमिक यूनियन प्रतिनिधियों और कोलियरी प्रबंधक के बीच समझौता वार्ता हुई। वार्ता के दौरान मृतक के आश्रित पुत्र विज्ञान पोलाई को तत्काल प्रोविजनल नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, जिसके बाद शव उठाया गया। इस वार्ता में दामोदा पीओ विजय कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक (क्रमिक) अभिराज शेखर, क्रमिक प्रबंधक सौरभ कुमार के साथ-साथ यूनियन की ओर से एटक के एच. एन. प्रसाद गांधी, मुकुटधारी गोराई, नर्मदेश्वर पांडेय, संत कुमार चौहान, बसंत महतो और सीटू के अनील बाउरी, सुर्यबली साव, भगवान पोलाई, पवन कुमार एवं मृतक के परिजन शामिल थे।
बोकारो के दामोदा कोलियरी में फीटर के पद पर कार्यरत कंगरु पोलाई की शुक्रवार देर रात दुर्गापुर के विवेकानंद अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। उनकी तबीयत 21 मई को जनरल पाली में काम करते समय खराब हुई थी, जिसके बाद उन्हें पहले धनबाद के सेंट्रल अस्पताल
ले जाया गया। बेहतर इलाज के लिए उन्हें 24 मई को विवेकानंद अस्पताल दुर्गापुर रेफर किया गया था, जहां 29 मई को उनकी मौत हो गई। कर्मी की मृत्यु के बाद उनके परिजनों, सहकर्मियों और श्रमिक प्रतिनिधियों ने कोलियरी प्रबंधन से मृतक आश्रित को नियोजन दिए जाने की मांग की।
इस मांग को लेकर कोलियरी के दामोदा पीओ कार्यालय में श्रमिक यूनियन प्रतिनिधियों और कोलियरी प्रबंधक के बीच समझौता वार्ता हुई। वार्ता के दौरान मृतक के आश्रित पुत्र विज्ञान पोलाई को तत्काल प्रोविजनल नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, जिसके बाद शव उठाया गया। इस वार्ता में दामोदा पीओ विजय कुमार
सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक (क्रमिक) अभिराज शेखर, क्रमिक प्रबंधक सौरभ कुमार के साथ-साथ यूनियन की ओर से एटक के एच. एन. प्रसाद गांधी, मुकुटधारी गोराई, नर्मदेश्वर पांडेय, संत कुमार चौहान, बसंत महतो और सीटू के अनील बाउरी, सुर्यबली साव, भगवान पोलाई, पवन कुमार एवं मृतक के परिजन शामिल थे।
- बीसीसीएल की दामोदा कोलियरी में फिटर के पद पर कार्यरत कंगरु पोलाई का शुक्रवार देर रात विवेकानंद अस्पताल दुर्गापुर में इलाज के दौरान निधन हो गया। कर्मी की मृत्यु के बाद उनके परिजनों और सहकर्मियों सहित श्रमिक प्रतिनिधियों ने कोलियरी प्रबंधन से मृतक आश्रित को नियोजन दिए जाने की मांग की, जिसके बाद दामोदा पीओ कार्यालय में श्रमिक यूनियन प्रतिनिधियों और कोलियरी प्रबंधक के बीच समझौता वार्ता हुई। यह घटना गत 21 मई को हुई, जब कंगरु पोलाई जनरल पाली में काम के दौरान बीमार पड़ गए थे। उन्हें सेंट्रल अस्पताल धनबाद ले जाया गया, जहाँ से बेहतर इलाज के लिए 24 मई को विवेकानंद अस्पताल दुर्गापुर रेफर किया गया। यहीं 29 मई की देर रात उनका निधन हो गया। समझौता वार्ता में मृतक के आश्रित पुत्र विज्ञान पोलाई को कोलियरी के पीओ विजय कुमार सिंह द्वारा तत्काल प्रोविजनल नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, जिसके बाद शव उठाया गया। इस वार्ता में दामोदा पीओ विजय कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक क्रमिक अभिराज शेखर, क्रमिक प्रबंधक सौरभ कुमार, यूनियन की ओर से एटक के एच एन प्रसाद गांधी, मुकुटधारी गोराई, नर्मदेश्वर पांडेय, संत कुमार चौहान, बसंत महतो, तथा सीटू के अनील बाउरी, सुर्यबली साव, भगवान पोलाई, पवन कुमार समेत मृतक के परिजन शामिल थे।3
- बोकारो के दामोदा कोलियरी में फीटर के पद पर कार्यरत कंगरु पोलाई की शुक्रवार देर रात दुर्गापुर के विवेकानंद अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। उनकी तबीयत 21 मई को जनरल पाली में काम करते समय खराब हुई थी, जिसके बाद उन्हें पहले धनबाद के सेंट्रल अस्पताल ले जाया गया। बेहतर इलाज के लिए उन्हें 24 मई को विवेकानंद अस्पताल दुर्गापुर रेफर किया गया था, जहां 29 मई को उनकी मौत हो गई। कर्मी की मृत्यु के बाद उनके परिजनों, सहकर्मियों और श्रमिक प्रतिनिधियों ने कोलियरी प्रबंधन से मृतक आश्रित को नियोजन दिए जाने की मांग की। इस मांग को लेकर कोलियरी के दामोदा पीओ कार्यालय में श्रमिक यूनियन प्रतिनिधियों और कोलियरी प्रबंधक के बीच समझौता वार्ता हुई। वार्ता के दौरान मृतक के आश्रित पुत्र विज्ञान पोलाई को तत्काल प्रोविजनल नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया, जिसके बाद शव उठाया गया। इस वार्ता में दामोदा पीओ विजय कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक (क्रमिक) अभिराज शेखर, क्रमिक प्रबंधक सौरभ कुमार के साथ-साथ यूनियन की ओर से एटक के एच. एन. प्रसाद गांधी, मुकुटधारी गोराई, नर्मदेश्वर पांडेय, संत कुमार चौहान, बसंत महतो और सीटू के अनील बाउरी, सुर्यबली साव, भगवान पोलाई, पवन कुमार एवं मृतक के परिजन शामिल थे।4
- झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने धनबाद पहुँचकर राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस संगठन और भाषा विवाद जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। सर्किट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भाजपा पर राज्यसभा चुनाव में खरीद-फरोख्त की राजनीति करने का सीधा आरोप लगाया। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ किसी भी व्यक्तिगत विवाद से इनकार किया, स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके मतभेद केवल पार्टी की नीतियों से जुड़े हैं। इसके साथ ही, उन्होंने भाषा नियमावली में सभी भाषाओं को उचित सम्मान देने की भी मांग उठाई।1
- 'साक्षात्कार भाग 2' में ऐसे सवालों के जवाब पेश किए जाएंगे, जिन्हें अक्सर अन्य कोई भी नहीं दिखाता है।1
- एक कलाकार जो भक्ति गीत गाते हैं, उनके समर्थन में लोगों से अपील की गई है। बताया गया है कि यह कलाकार बहुत ही बेहतरीन गाना गाते हैं। अनुरोध किया गया है कि दर्शक इन कलाकार के गीतों को वायरल करने में सहयोग करें, ताकि उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिल सके।1
- झारखंड के धनबाद जिले में शनिवार को श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने एक दिवसीय दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेले का आयोजन किया। इस मेले में 20 से अधिक निजी कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए, जहाँ जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में युवाओं ने विभिन्न पदों के लिए आवेदन किया। कई अभ्यर्थियों का मौके पर ही चयन कर उन्हें ऑफर लेटर भी प्रदान किए गए। रोजगार मेले में तकनीकी, मार्केटिंग, सुरक्षा, सेवा और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों ने भाग लिया। कंपनी प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया। सहायक नियोजन पदाधिकारी पदमा कुमारी ने बताया कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, और चयनित अभ्यर्थियों को कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी पंकज कुमार ने मेले का निरीक्षण करते हुए अभ्यर्थियों और कंपनी प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने बदलते समय के साथ युवाओं को अपने कौशल को लगातार विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें। इस रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को नौकरी पाने का अवसर मिला, वहीं कंपनियों को भी योग्य और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने का मंच मिला। विभाग का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के रोजगार मेलों का आयोजन जारी रहेगा।1
- Post by राम पाण्डेय पत्रकार कतरास1