छबड़ा के निकट भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र और गोशाला खाटूश्याम पहाड़ी पर शनिवार, 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के अवसर पर धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का आयोजन हुआ। बाबा श्याम के दरबार में पूजन, अर्चन, भजन, कीर्तन, आरती और वंदन के बाद श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर देवशयनी एकादशी मनाई। इस दौरान स्थानीय भक्तों ने मंदिर में नृत्य कर आनंद उठाया और खाटूश्याम की परिक्रमा कर देश में सुख, शांति, समृद्धि तथा हरियाली की कामना की। योग केंद्र के तत्वावधान में भगवान लक्ष्मीनारायण के प्रतीक स्वरूप केले के पौधों का विधिवत पूजन कर पौधरोपण किया गया। बाबा खाटूश्याम मंदिर से परिक्रमा मार्ग तक 108 हजारे के पौधे रोपे गए, जिनके पुष्प भविष्य में बाबा खाटूश्याम के चरणों में अर्पित किए जाएंगे। वहीं खाटूश्याम गोशाला की पहाड़ी पर अलडू, सागवान एवं देशी नीम के बीजों की सीड बॉल बनाकर गड्ढों में डाली गई। ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र के संचालक स्वामी ध्यान गगन ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक रविवार, ग्यारस एवं विशेष पर्वों पर दर्शन के लिए आने वाले श्याम भक्त प्रसाद स्वरूप एक पौधा अवश्य साथ लाएं और उसे पहाड़ी या परिक्रमा मार्ग पर रोपित कर इस हरित अभियान में सहभागी बनें। उन्होंने "एक पौधा स्वयं के लिए और एक पौधा धरती माता के नाम" लगाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम दो पौधे लगाकर उनका संरक्षण करे, तो हरियाले राजस्थान का सपना साकार हो सकता है। इस अवसर पर रामदयाल मीना और हेमराज नागर सहित उपस्थित अन्य श्रद्धालुओं ने पौधों के संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
छबड़ा के निकट भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र और गोशाला खाटूश्याम पहाड़ी पर शनिवार, 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के अवसर पर धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का आयोजन हुआ। बाबा श्याम के दरबार में पूजन, अर्चन, भजन, कीर्तन, आरती और वंदन के बाद श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर देवशयनी एकादशी मनाई। इस दौरान स्थानीय भक्तों ने मंदिर में नृत्य कर आनंद उठाया और खाटूश्याम की परिक्रमा
कर देश में सुख, शांति, समृद्धि तथा हरियाली की कामना की। योग केंद्र के तत्वावधान में भगवान लक्ष्मीनारायण के प्रतीक स्वरूप केले के पौधों का विधिवत पूजन कर पौधरोपण किया गया। बाबा खाटूश्याम मंदिर से परिक्रमा मार्ग तक 108 हजारे के पौधे रोपे गए, जिनके पुष्प भविष्य में बाबा खाटूश्याम के चरणों में अर्पित किए जाएंगे। वहीं खाटूश्याम गोशाला की पहाड़ी पर अलडू, सागवान एवं देशी नीम के बीजों
की सीड बॉल बनाकर गड्ढों में डाली गई। ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र के संचालक स्वामी ध्यान गगन ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक रविवार, ग्यारस एवं विशेष पर्वों पर दर्शन के लिए आने वाले श्याम भक्त प्रसाद स्वरूप एक पौधा अवश्य साथ लाएं और उसे पहाड़ी या परिक्रमा मार्ग पर रोपित कर इस हरित अभियान में सहभागी बनें। उन्होंने "एक पौधा स्वयं के लिए और
एक पौधा धरती माता के नाम" लगाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम दो पौधे लगाकर उनका संरक्षण करे, तो हरियाले राजस्थान का सपना साकार हो सकता है। इस अवसर पर रामदयाल मीना और हेमराज नागर सहित उपस्थित अन्य श्रद्धालुओं ने पौधों के संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
- छबड़ा के निकट भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र और गोशाला खाटूश्याम पहाड़ी पर शनिवार, 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के अवसर पर धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का आयोजन हुआ। बाबा श्याम के दरबार में पूजन, अर्चन, भजन, कीर्तन, आरती और वंदन के बाद श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर देवशयनी एकादशी मनाई। इस दौरान स्थानीय भक्तों ने मंदिर में नृत्य कर आनंद उठाया और खाटूश्याम की परिक्रमा कर देश में सुख, शांति, समृद्धि तथा हरियाली की कामना की। योग केंद्र के तत्वावधान में भगवान लक्ष्मीनारायण के प्रतीक स्वरूप केले के पौधों का विधिवत पूजन कर पौधरोपण किया गया। बाबा खाटूश्याम मंदिर से परिक्रमा मार्ग तक 108 हजारे के पौधे रोपे गए, जिनके पुष्प भविष्य में बाबा खाटूश्याम के चरणों में अर्पित किए जाएंगे। वहीं खाटूश्याम गोशाला की पहाड़ी पर अलडू, सागवान एवं देशी नीम के बीजों की सीड बॉल बनाकर गड्ढों में डाली गई। ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र के संचालक स्वामी ध्यान गगन ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक रविवार, ग्यारस एवं विशेष पर्वों पर दर्शन के लिए आने वाले श्याम भक्त प्रसाद स्वरूप एक पौधा अवश्य साथ लाएं और उसे पहाड़ी या परिक्रमा मार्ग पर रोपित कर इस हरित अभियान में सहभागी बनें। उन्होंने "एक पौधा स्वयं के लिए और एक पौधा धरती माता के नाम" लगाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम दो पौधे लगाकर उनका संरक्षण करे, तो हरियाले राजस्थान का सपना साकार हो सकता है। इस अवसर पर रामदयाल मीना और हेमराज नागर सहित उपस्थित अन्य श्रद्धालुओं ने पौधों के संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।4
- मध्य प्रदेश के गुना में मृगवास स्थित महाकाल स्टूडियो द्वारा शादी-विवाह, एंगेजमेंट, प्री-वेडिंग शूट, सिनेमैटिक वीडियो, जन्मदिन, एल्बम डिजाइन और ड्रोन शूट जैसी फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी सेवाओं के लिए बुकिंग की जा रही है। स्टूडियो बेहतरीन क्वालिटी, उचित कीमत और समय पर डिलीवरी की सुविधा प्रदान कर रहा है। इच्छुक लोग अपने हर पल को यादगार बनाने और अधिक जानकारी के लिए तेजकरण लोढ़ा से मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर 8305478856 पर संपर्क कर सकते हैं। यह सेवा केवल गुना लोकेशन के लिए उपलब्ध है।1
- पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परीक्षा का पेपर लीक होना देश के छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बेहद पीड़ादायक है।1
- मध्य प्रदेश के गुना जिले के कुंभराज स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में आज भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मंदिर परिसर के ऊपर आसमान में एक साथ दो इंद्रधनुष निकले हैं। 24/07/2026 को खाटू श्याम के मंदिर में बहुत सारे लोग मौजूद हैं और मंदिर के ऊपर एक साथ दो इंद्रधनुष दिखाई दे रहे हैं।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन और छात्रों की एकजुटता की जीत करार दिया है। उन्होंने कहा, "झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।" दीपके का कहना है कि लगातार 36 दिनों तक चले शांतिपूर्ण धरने ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में जनआवाज़ को अनदेखा नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल किसी एक मंत्री के इस्तीफे का मामला नहीं, बल्कि NEET-UG पेपर लीक प्रकरण के बाद निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे लाखों छात्रों के विश्वास की लड़ाई थी। अभिजीत दीपके ने आंदोलन में शामिल छात्रों, अभिभावकों और देशभर से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी पार्टी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और परीक्षा सुधार की मांग आगे भी उठाती रहेगी। हालांकि, सरकार की ओर से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को इस आंदोलन से जोड़ते हुए कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद, अभिजीत दीपके का संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और आंदोलन के समर्थक इसे अपनी जीत का प्रतीक बता रहे हैं।1
- बारां जिले के छीपाबड़ौद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उपचार के लिए आए दो युवकों पर कंप्यूटर ऑपरेटरों के साथ अभद्रता करने और अस्पताल में तोड़फोड़ मचाने का आरोप लगा है। शनिवार को हुई इस घटना को लेकर छीपाबड़ौद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोम सालवी अपने एक साथी के चोट लगने के बाद इलाज के लिए सीएचसी पहुंचा था। इसी दौरान वह और उसका साथी कंप्यूटर कक्ष में घुस गए और वहां ड्यूटी पर मौजूद संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर सोनू मेघवाल तथा हरीश कुशवाहा के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगे। दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवकों ने ऑपरेटरों के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा उन्होंने कंप्यूटर और प्रिंटर सहित अन्य सामान में तोड़फोड़ की और कुछ सरकारी दस्तावेज भी फाड़ दिए। पीड़ित हरीश कुशवाहा की रिपोर्ट पर छीपाबड़ौद थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। आसूचना प्रभारी कंवरपाल सिंह ने जानकारी दी कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपितों को पाबंद कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।2