उत्तर प्रदेश के एटा जनपद मुख्यालय स्थित विकास भवन में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश की सत्तारूढ़ योगी आदित्यनाथ सरकार जहां 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देकर महिला सशक्तिकरण पर जोर दे रही है, वहीं सरकारी कार्यालयों तक में महिला कर्मचारी सुरक्षित नहीं हैं। विकास भवन के जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में तैनात एक महिला कर्मचारी ने अपने ही कार्यालय के लिपिक पर पिछले दो महीने से लगातार छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है। मूल रूप से कासगंज जनपद की रहने वाली पीड़िता का आरोप है कि डीपीआरओ कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक अरविंद सिंह उस पर गंदी नजर रखता है और 4 मई 2026 से लगातार उसके साथ अश्लील हरकतें कर रहा है। पीड़िता द्वारा कई बार टोकने के बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। बीती 10 जुलाई 2026 को शाम लगभग 4 बजे आरोपी ने पीड़िता को जरूरी काम के बहाने अपने पास बुलाया और अपनी सीट पर अपना गुप्तांग खोलकर दिखाने लगा। जब पीड़िता ने इस पर आपत्ति जताई, तो आरोपी अरविंद ने उसके स्तनों पर हाथ डालकर छेड़छाड़ की। पीड़िता का आरोप है कि इस घटना की शिकायत उन्होंने अपने अधिकारी डीपीआरओ एटा से की थी, लेकिन उन्होंने शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं लिया और न ही आरोपी के विरुद्ध कोई विभागीय कार्रवाई की। विभागीय स्तर पर कोई सुनवाई न होने के बाद पीड़िता ने एसएसपी एटा डॉ. इलामांरन जी को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने एसएसपी से प्रार्थना पत्र में अंकित बिंदुओं के आधार पर आरोपी कनिष्ठ सहायक अरविंद कुमार के विरुद्ध प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली नगर को रिपोर्ट दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश के एटा जनपद मुख्यालय स्थित विकास भवन में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश की सत्तारूढ़ योगी आदित्यनाथ सरकार जहां 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देकर महिला सशक्तिकरण पर जोर दे रही है, वहीं सरकारी कार्यालयों तक में महिला कर्मचारी सुरक्षित नहीं हैं। विकास भवन के जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में तैनात एक महिला कर्मचारी ने अपने ही कार्यालय के लिपिक पर पिछले दो महीने से लगातार छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है। मूल रूप से कासगंज जनपद की रहने वाली पीड़िता का आरोप है कि डीपीआरओ कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक अरविंद सिंह उस पर गंदी नजर रखता है और 4 मई 2026 से लगातार उसके साथ अश्लील हरकतें कर रहा है। पीड़िता द्वारा कई बार टोकने के बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। बीती
10 जुलाई 2026 को शाम लगभग 4 बजे आरोपी ने पीड़िता को जरूरी काम के बहाने अपने पास बुलाया और अपनी सीट पर अपना गुप्तांग खोलकर दिखाने लगा। जब पीड़िता ने इस पर आपत्ति जताई, तो आरोपी अरविंद ने उसके स्तनों पर हाथ डालकर छेड़छाड़ की। पीड़िता का आरोप है कि इस घटना की शिकायत उन्होंने अपने अधिकारी डीपीआरओ एटा से की थी, लेकिन उन्होंने शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं लिया और न ही आरोपी के विरुद्ध कोई विभागीय कार्रवाई की। विभागीय स्तर पर कोई सुनवाई न होने के बाद पीड़िता ने एसएसपी एटा डॉ. इलामांरन जी को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने एसएसपी से प्रार्थना पत्र में अंकित बिंदुओं के आधार पर आरोपी कनिष्ठ सहायक अरविंद कुमार के विरुद्ध प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली नगर को रिपोर्ट दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित करने की मांग की है।
- उत्तर प्रदेश के एटा जनपद मुख्यालय स्थित विकास भवन में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश की सत्तारूढ़ योगी आदित्यनाथ सरकार जहां 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देकर महिला सशक्तिकरण पर जोर दे रही है, वहीं सरकारी कार्यालयों तक में महिला कर्मचारी सुरक्षित नहीं हैं। विकास भवन के जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में तैनात एक महिला कर्मचारी ने अपने ही कार्यालय के लिपिक पर पिछले दो महीने से लगातार छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है। मूल रूप से कासगंज जनपद की रहने वाली पीड़िता का आरोप है कि डीपीआरओ कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक अरविंद सिंह उस पर गंदी नजर रखता है और 4 मई 2026 से लगातार उसके साथ अश्लील हरकतें कर रहा है। पीड़िता द्वारा कई बार टोकने के बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। बीती 10 जुलाई 2026 को शाम लगभग 4 बजे आरोपी ने पीड़िता को जरूरी काम के बहाने अपने पास बुलाया और अपनी सीट पर अपना गुप्तांग खोलकर दिखाने लगा। जब पीड़िता ने इस पर आपत्ति जताई, तो आरोपी अरविंद ने उसके स्तनों पर हाथ डालकर छेड़छाड़ की। पीड़िता का आरोप है कि इस घटना की शिकायत उन्होंने अपने अधिकारी डीपीआरओ एटा से की थी, लेकिन उन्होंने शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं लिया और न ही आरोपी के विरुद्ध कोई विभागीय कार्रवाई की। विभागीय स्तर पर कोई सुनवाई न होने के बाद पीड़िता ने एसएसपी एटा डॉ. इलामांरन जी को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने एसएसपी से प्रार्थना पत्र में अंकित बिंदुओं के आधार पर आरोपी कनिष्ठ सहायक अरविंद कुमार के विरुद्ध प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली नगर को रिपोर्ट दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित करने की मांग की है।2
- उत्तर प्रदेश के एटा जिले के सकीट विकास खंड में बुधवार को ब्लॉक स्तरीय 'स्कूल चलो अभियान' के तहत एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली को खंड शिक्षाधिकारी नेत्रपाल सिंह ने ब्लॉक संसाधन केंद्र सकीट से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया। रैली में प्राथमिक विद्यालय सकीट और प्राथमिक विद्यालय पीपल टोला सहित कई विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपने हाथों में जागरूकता तख्तियां लेकर लोगों को शिक्षा के महत्व का संदेश दिया। यह रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां विद्यार्थियों ने आमजन से अपने बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराने और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस अवसर पर खंड शिक्षाधिकारी नेत्रपाल सिंह ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का समय पर स्कूल में प्रवेश कराएं और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें, ताकि वे बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें। इस मौके पर एआरपी विक्रांत कुमार, डॉ. रमा दुबे, शिव कुमार, दुर्विजय सिंह, भारतवीर, नोडल संकुल शिक्षक मोहम्मद माजिद, जनेन्द्र कुमार, राकेश गिरी, दुर्योधन, सोमेश, प्रदीप कुमार, अजय कुमार, सुमन बाबू, मनीष दुबे, सोमेंद्र, संजय शर्मा, देवेश कुमार, रेनू, नीता, मोनिका, प्रमिला जैन, नरेश वाणीय, ललित कुमार, आनंद कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं, शिक्षामित्र एवं शिक्षा विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।3
- एटा के मारहरा पालिका में समस्याओं को लेकर भाकियू भानू ने हल्ला बोल किया है। इस दौरान संगठन ने पालिका के EO को अपनी समस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपा है।1
- उत्तर प्रदेश के नौजवानों के लिए यूपी में ही काम पाना पहले केवल एक कल्पना माना जाता था, लेकिन अब यह कल्पना साकार हो रही है। राज्य के युवाओं को अपने ही प्रदेश में काम मिलने की जो बात पहले महज एक कल्पना थी, वह अब सच साबित हो रही है।1
- हाथरस में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विद्यालय वाहनों में डैश कैम लगाना अनिवार्य कर दिया है। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बैठक के दौरान डीएम अतुल वत्स ने निर्देश दिए कि सभी स्कूली वाहनों में डैश कैम के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस ट्रैकर, मेडिकल किट, फायर सेफ्टी उपकरण और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने तहसील स्तर पर भी नियमित बैठकें आयोजित कर स्कूली वाहनों की सघन जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, सभी विद्यालय प्रबंधकों को स्कूल स्तर पर परिवहन सुरक्षा समिति गठित करने, चालकों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने और वाहनों की नियमित फिटनेस जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को नहीं बैठाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूल आने वाले बच्चों को विद्यालय परिसर के अंदर ही वाहन से उतारा जाए और छुट्टी के बाद परिसर के अंदर से ही बैठाया जाए, ताकि सड़क पर दुर्घटना की कोई आशंका न रहे। इसके अलावा, ई-रिक्शा से बच्चों का स्कूल आना प्रतिबंधित करने और विद्यालय प्रबंधन द्वारा इस संबंध में अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूली वाहनों का पंजीकरण निरस्त करने की चेतावनी देते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई की जानकारी दी। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), सभी उप जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य एवं वाहन संचालक उपस्थित रहे।1
- हाथरस जिले के मुरसान ब्लॉक क्षेत्र के गांव महामोनी के सैकड़ों ग्रामीण बुधवार को राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन डीलर मनमाने तरीके से काम करता है। इसकी शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई थी, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतों के बाद राशन की दुकान का आवंटन तो निरस्त कर दिया गया, लेकिन आज तक डीलर ने ई-पॉस मशीन विभाग में जमा नहीं की है। इसके चलते गांव के पात्र लाभार्थियों को राशन नहीं मिल पा रहा है और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि डीलर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए ई-पॉस मशीन तत्काल जमा कराई जाए, ताकि गांव के लोगों को नियमित रूप से राशन मिल सके। इसके साथ ही प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- एटा के मारहरा पालिका में विभिन्न समस्याओं को लेकर भाकियू भानू ने हल्ला बोल प्रदर्शन किया है। इस दौरान संगठन की ओर से अधिशासी अधिकारी (EO) को समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा गया।1
- उत्तर प्रदेश में आगरा के कमला नगर थाना क्षेत्र के राजवाड़ा, बल्केश्वर में दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ कुछ दबंगों ने घर के बाहर एक मामा और उनकी भांजी पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर उन्हें बेरहमी से पीट दिया। यह वारदात उस समय हुई जब पीड़ित युवती छेड़छाड़ का विरोध कर रही थी और बीच-बचाव करने के लिए उसके मामा आगे आए थे। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपियों ने कुछ दिन पहले भी उनके साथ मारपीट की वारदात को अंजाम दिया था। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने घर पर ताला लगाकर फरार बताए जा रहे हैं।1